मैनपुरी जनपद के थाना भोगांव क्षेत्र के ग्राम बांकीपुर में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। खेत की जुताई के दौरान, 55 वर्षीय किसान पेशकार सिंह शाक्य रोटावेटर की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पेशकार सिंह शाक्य अपने खेत में ट्रैक्टर से जुताई का कार्य कर रहे थे, जब अचानक वे रोटावेटर की चपेट में आ गए। हादसा इतना भीषण था कि उनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना मिलने पर पुलिस और फॉरेंसिक की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। ग्रामीणों के अनुसार, मृतक अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, और इस घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मैनपुरी जनपद के थाना भोगांव क्षेत्र के ग्राम बांकीपुर में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। खेत की जुताई के दौरान, 55 वर्षीय किसान पेशकार सिंह शाक्य रोटावेटर की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पेशकार सिंह शाक्य अपने खेत में ट्रैक्टर से जुताई का कार्य कर रहे थे, जब अचानक वे रोटावेटर की चपेट में आ गए। हादसा इतना भीषण था कि उनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना मिलने पर पुलिस और फॉरेंसिक की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। ग्रामीणों के अनुसार, मृतक अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, और इस घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
- मैनपुरी जनपद के थाना भोगांव क्षेत्र के ग्राम बांकीपुर में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। खेत की जुताई के दौरान, 55 वर्षीय किसान पेशकार सिंह शाक्य रोटावेटर की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पेशकार सिंह शाक्य अपने खेत में ट्रैक्टर से जुताई का कार्य कर रहे थे, जब अचानक वे रोटावेटर की चपेट में आ गए। हादसा इतना भीषण था कि उनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना मिलने पर पुलिस और फॉरेंसिक की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। ग्रामीणों के अनुसार, मृतक अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, और इस घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।1
- मैनपुरी से एक बेहद दिल छू लेने वाली और सराहनीय खबर सामने आई है, जहाँ प्रिंस मिक्सिंग कलर लैब ने समाज में एक बहुत ही सकारात्मक संदेश देने वाली पहल शुरू की है। इस पहल के तहत, आर्थिक रूप से कमजोर और अनाथ बेटियों की शादी में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी जैसी सेवाएं बिल्कुल मुफ्त में दी जा रही हैं। यह सेवा इन बेटियों के जीवन के इस सबसे बड़े दिन की यादों को हमेशा के लिए सुरक्षित करने में मदद करती है। अक्सर लोग शादियों में खान-पान या अन्य व्यवस्थाओं में मदद करते हैं, लेकिन विवाह की यादों को संजोने के बारे में इस तरह सोचना और इसे "एक भाई का फर्ज" निभाना सचमुच इंसानियत की एक बेहतरीन मिसाल है। पत्रकार अनिल कुमार जी ने भी इस नेक पहल को शब्दों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाकर बहुत अच्छा काम किया है। यह महत्वपूर्ण जानकारी मैनपुरी या आसपास के क्षेत्रों में किसी भी जरूरतमंद परिवार तक अवश्य पहुँचनी चाहिए, ताकि वे इस सेवा का लाभ उठा सकें। इच्छुक परिवार 9456612113 पर संपर्क कर सकते हैं।1
- भारतीय किसान यूनियन महिला मोर्चा और किसानों ने सोमवार को भोगांव में उपजिलाधिकारी नीरज द्विवेदी को प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक 10-सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। इस ज्ञापन में नेताओं की संपत्तियों की जांच से लेकर ईवीएम हटाने तक कई महत्वपूर्ण मांगें शामिल हैं। मुख्य मांगों में ग्राम प्रधान से लेकर सांसद-विधायक तक सभी नेताओं की संपत्तियों की विस्तृत जांच कराने और उनकी पेंशन बंद करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इसके अतिरिक्त, ज्ञापन में गरीबों और महिलाओं के लिए प्रतिमाह 11,900 रुपये पेंशन सुनिश्चित करने, किसानों के कर्ज और बकाया बिजली बिल माफ करने, तथा सिंचाई, बीज और खाद मुफ्त उपलब्ध कराने की मांग की गई। उत्तर प्रदेश में मुफ्त बिजली देने, प्रीपेड मीटर हटाने, यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) कानून लागू करने, तथा आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को 18,000 रुपये मानदेय के साथ राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग भी इसमें शामिल थी। चुनाव बैलेट पेपर से कराने और ईवीएम मशीनों को हटाने की भी जोरदार वकालत की गई। इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन महिला मोर्चा के ओमप्रकाश, अतुल यादव, अखिलेश यादव, ओमप्रकाश यादव, अशोक कुमार, रहीस सिंह, अजब सिंह, संदीप कुमार, हरीशंकर शर्मा, संदीप यादव सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और किसान मौजूद रहे।2
- मैनपुरी कलेक्ट्रेट परिसर में आज पीड़ित परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने के विरोध में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। यह प्रदर्शन बीते दिनों मिट्टी डालने के विवाद को लेकर हुई एक हिंसक झड़प से जुड़ा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि अंशुल यादव, शैलेंद्र यादव और भोला यादव ने उनके बेटे को घर से बुलाया और बेरहमी से उसकी पिटाई की। इतना ही नहीं, दबंगों ने पीड़ित के ऊपर ट्रैक्टर भी चढ़ा दिया। इस पूरी वारदात का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। पीड़ित परिजनों का कहना है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने इस मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है और न ही आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इसी सुस्ती और कार्यप्रणाली से नाराज होकर पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया, न्याय की मांग करते हुए अपनी आवाज बुलंद की।1
- उत्तर प्रदेश की सड़कों की खराब हालत पर चिंता व्यक्त की गई है, जहाँ लोग इन मामलों पर तुरंत सुनवाई और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1
- मैनपुरी के थाना बिछवां क्षेत्र से एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहाँ एक झोलाछाप डॉक्टर के गलत इलाज के कारण एक महिला की कथित तौर पर मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, ग्राम जसराऊ निवासी प्रेमवती की अचानक तबीयत खराब होने पर परिजन उन्हें उपचार के लिए पास के ग्राम अंजनी स्थित एक निजी चिकित्सक श्यामवीर के पास लेकर पहुँचे। आरोप है कि उपचार के दौरान चिकित्सक ने महिला को गलत बोतल चढ़ा दी, जिससे उनकी हालत और गंभीर हो गई। परिजनों का कहना है कि स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टर ने मरीज को घर ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन महिला को तत्काल मैनपुरी के जिला अस्पताल लेकर पहुँचे, जहाँ चिकित्सकों ने जाँच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतका के परिजनों ने इस मौत के लिए झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है और तत्काल कार्रवाई की मांग की है। इस घटना को लेकर परिजनों में भारी आक्रोश है। यह घटना स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है कि आखिर उनकी निगरानी में ऐसे कथित झोलाछाप डॉक्टर कैसे फल-फूल रहे हैं और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कब होगी। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाते हैं।1