झालावाड़ जिले की ग्राम पंचायत दहीखेड़ा में बीवी जी रामजी योजना के तहत विभिन्न कार्यों का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर विधिवत भूमि पूजन और शिलान्यास संपन्न हुआ, जिसके साथ ही क्षेत्र में हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक व्यापक वृक्षारोपण अभियान भी शुरू किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रशासक अंतिमा नागर और ग्राम विकास अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से भूमि पूजन किया। अपने संबोधन में, अधिकारियों ने कहा कि बीवी जी रामजी योजना ग्राम पंचायत के कायाकल्प में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और इसके माध्यम से स्थानीय स्तर पर आधारभूत सुविधाओं का विकास सुनिश्चित किया जाएगा। विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए, अतिथियों ने परिसर में पौधे रोपे और ग्रामीणों को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित किया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में सरपंच प्रतिनिधि जेपी नागर सहित पंचायत के समस्त वार्ड पंचों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। वहीं, विभागीय कार्यों को गति देने के लिए सहायक अभियंता प्रदीप सामरिया, चौथमल पोटर, बलराम गुर्जर, कविता मेहरा, चित्रा सुमन, सीमा गुर्जर और जगदीश मेरोठा सहित अन्य कर्मचारी व ग्रामीण भी मौजूद रहे। योजना के क्रियान्वयन में जुटे बीवी जी रामजी कर्मी भी इस दौरान विशेष रूप से सक्रिय दिखे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने ग्राम के सामूहिक विकास में अपना पूर्ण सहयोग देने का संकल्प लिया।
झालावाड़ जिले की ग्राम पंचायत दहीखेड़ा में बीवी जी रामजी योजना के तहत विभिन्न कार्यों का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर विधिवत भूमि पूजन और शिलान्यास संपन्न हुआ, जिसके साथ ही क्षेत्र में हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक व्यापक वृक्षारोपण अभियान भी शुरू किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रशासक अंतिमा नागर और ग्राम विकास अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से भूमि पूजन किया। अपने संबोधन में, अधिकारियों ने कहा कि बीवी जी रामजी योजना ग्राम पंचायत के कायाकल्प में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और इसके माध्यम से स्थानीय स्तर पर आधारभूत सुविधाओं का विकास सुनिश्चित किया जाएगा। विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए, अतिथियों ने परिसर में पौधे रोपे और ग्रामीणों को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित किया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में सरपंच प्रतिनिधि जेपी नागर सहित पंचायत के समस्त वार्ड पंचों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। वहीं, विभागीय कार्यों को गति देने के लिए सहायक अभियंता प्रदीप सामरिया, चौथमल पोटर, बलराम गुर्जर, कविता मेहरा, चित्रा सुमन, सीमा गुर्जर और जगदीश मेरोठा सहित अन्य कर्मचारी व ग्रामीण भी मौजूद रहे। योजना के क्रियान्वयन में जुटे बीवी जी रामजी कर्मी भी इस दौरान विशेष रूप से सक्रिय दिखे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने ग्राम के सामूहिक विकास में अपना पूर्ण सहयोग देने का संकल्प लिया।
- कोटा ग्रामीण पुलिस ने अपने “ऑपरेशन रूट क्लियरेंस” अभियान के तहत चेचट थाना क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान पुलिस ने ₹13.73 लाख मूल्य की हरियाणा ब्रांड की कुल 382 बोतलें अंग्रेजी शराब जब्त की। इसके साथ ही, अवैध तस्करी में इस्तेमाल की जा रही दो कारों को भी जब्त किया गया है, और इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह अवैध शराब मध्य प्रदेश के रास्ते गुजरात ले जाई जा रही थी। पुलिस ने इस संबंध में एक्साइज एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।4
- कोटा के सांगोद क्षेत्र की ग्राम पंचायत बोरीना कलां के अंतर्गत आने वाले बोरीना खुर्द गांव में मुख्य रास्ते पर लंबे समय से चले आ रहे गंभीर जलभराव की समस्या का 3 जुलाई को स्थायी समाधान कर दिया गया है। यह कार्रवाई ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के कड़े निर्देशों के बाद स्थानीय प्रशासन द्वारा युद्धस्तर पर सुनिश्चित की गई। प्रशासन ने गांव के मुख्य मार्ग पर फैले अतिक्रमण को पूरी तरह हटाते हुए जल निकासी के लिए एक नए नाले का निर्माण करवाया, जिससे ग्रामीणों को कई फीट भरे गंदे पानी और कीचड़ की समस्या से हमेशा के लिए मुक्ति मिल गई है। दरअसल, बोरीना खुर्द गांव के मुख्य रास्ते पर कई फीट तक गंदा और बरसाती पानी जमा होने के कारण स्थानीय निवासियों की स्थिति अत्यंत नारकीय बनी हुई थी। इस जलभराव से पूरी सड़क क्षतिग्रस्त हो चुकी थी और उसमें गहरे व खतरनाक गड्ढे बन गए थे, जिसके कारण आए दिन दुपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल होते थे और ग्रामीणों का पैदल चलना भी दूभर हो चुका था। लंबे समय से जमा इस पानी के कारण क्षेत्र में मच्छरों का भयंकर प्रकोप बढ़ रहा था, जिससे गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा पैदा हो गया था। ग्रामीणों ने इस समस्या से ऊर्जा मंत्री को अवगत कराया था। जब इस गंभीर जनसमस्या की जानकारी ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर को मिली, तो उन्होंने अत्यंत संवेदनशीलता दिखाते हुए इसे तुरंत संज्ञान में लिया। मंत्री नागर ने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से मौके पर पहुंचने तथा समस्या का त्वरित निस्तारण करने के सख्त निर्देश जारी किए। मंत्री के आदेश मिलते ही पूरा प्रशासनिक अमला भारी मशीनरी और जेसीबी के साथ मौके पर पहुंचा। मार्ग को अवरुद्ध करने वाली मिट्टी और अतिक्रमण को पूरी तरह से ध्वस्त किया गया तथा त्वरित रूप से एक गहरे नाले की खुदाई की गई। नाला बनते ही सड़क पर जमा सारा पानी सुगमता से बाहर निकल गया। इस त्वरित और प्रभावी प्रशासनिक कार्रवाई से बोरीना खुर्द सहित आस-पास के ग्रामीणों में भारी हर्ष का माहौल है। वर्षों से लंबित इस बड़ी समस्या का चंद घंटों में समाधान होने पर पूरे गांव ने राहत की सांस ली है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने आमजन की पीड़ा को समझने और त्वरित राहत प्रदान करने के लिए लोकप्रिय ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर एवं जिला प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त किया है।1
- आकाश इंस्टीट्यूट कोटा को NEET, JEE मेन और एडवांस्ड परीक्षाओं की तैयारी के लिए सर्वश्रेष्ठ संस्थान बताया गया है।1
- एसीबी की कोटा इकाई ने जयपुर नगर-निगम के मैरिज रजिस्ट्रार और एक अन्य कर्मचारी को ₹12,500 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कोटा एसीबी के एडिशनल एसपी विजय स्वर्णकार के निर्देशन में की गई।1
- शामगढ़ स्टेशन के पास अतिक्रमण हटाने के विवाद से नाराज एक युवक रेलवे के बिजली टावर पर चढ़ गया और वहां से कूदने की धमकी देने लगा। युवक ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि उसने आरोप लगाया कि उसके घर के बाहर बने चबूतरे और नाली को तोड़ दिया गया था, और उसकी शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई, जिससे वह बेहद आक्रोशित था। इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, आरपीएफ और जीआरपी तुरंत मौके पर पहुंची। करीब ढाई घंटे तक चले इस तनावपूर्ण घटनाक्रम के बाद, अधिकारियों ने युवक को कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद उसे सुरक्षित टावर से नीचे उतारा गया।1
- हाल ही में एक योगा सत्र के संपन्न होने के उपरांत, स्वस्थ रूप से उम्र बढ़ने के लिए एक महत्वपूर्ण मंत्र बताया गया।1
- पूर्व विधायक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रह्लाद गुंजल का जन्मदिन 30 जुलाई को रक्तदान दिवस के रूप में मनाया गया, जिसमें कुल 3764 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ। गुंजल ने इस अवसर पर कहा कि उनके लिए इससे बड़ा कोई सौभाग्य नहीं हो सकता कि उनके कार्यकर्ता उनके जन्मदिन को रक्तदान दिवस के रूप में मनाते हैं। यह संग्रह अपने आप में एक रिकॉर्ड है और यह हाड़ौती के अलग-अलग शहरों तथा कस्बों में हुए अन्य रक्तदान से अतिरिक्त है। इस विशेष अवसर पर कांग्रेस के सभी बड़े नेताओं ने प्रह्लाद गुंजल को जन्मदिन की बधाई भेजी। बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा के पिछले दिनों दिए गए बयान के अनुसार, यदि आने वाले समय में सब कुछ ठीक रहा, तो प्रह्लाद गुंजल पूरे हाड़ौती क्षेत्र में कांग्रेस की तरफ से एक प्रमुख नेता के तौर पर उभर सकते हैं। संभावना जताई जा रही है कि उन्हें संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका मिल सकती है और यदि भविष्य में कांग्रेस की सरकार बनती है, तो उन्हें एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।1
- कोटा में शुक्रवार, 3 जुलाई को जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभागीय योजनाओं और कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की, जिसमें संयुक्त निदेशक सविता कृष्णिया ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, उनकी प्रगति और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में कलक्टर ने पालनहार योजना, अनुप्रति योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, घुमंतू एवं अर्धघुमंतू जनजातियों के कल्याणार्थ संचालित योजनाओं, विभागीय छात्रावासों की व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों के प्रवेश तथा नवजीवन सहित अन्य योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। जिला कलक्टर ने घुमंतू एवं अर्धघुमंतू जनजातियों के कल्याण पर विशेष जोर देते हुए निर्देशित किया कि समुदाय के प्रतिनिधियों से नियमित समन्वय स्थापित कर पात्र परिवारों के आवश्यक दस्तावेज शीघ्र पूरे करवाए जाएं, ताकि उन्हें आवास सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने पात्र व्यक्तियों को नियमानुसार जाति प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया को भी प्राथमिकता से पूरा करने को कहा। दिव्यांगजनों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, कलक्टर ने कार्यालय परिसर में दिव्यांग पेंशन से संबंधित कार्यों के लिए एक अलग हेल्प डेस्क स्थापित करने और उसके लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए। साथ ही, कार्यालय के बाहर सरल, स्पष्ट और दिव्यांगजनों के लिए सहज भाषा में सूचना बोर्ड लगाने को भी कहा ताकि आवेदकों को आवश्यक जानकारी और सहायता आसानी से मिल सके। उन्होंने विभाग के अधीन संचालित सभी छात्रावासों में शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाए कि ई-मित्र केंद्रों से अधिकाधिक पात्र विद्यार्थी आवेदन कर इस सुविधा का लाभ उठाएं। निरीक्षण के दौरान, जिला कलक्टर ने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के लिए विभिन्न विभागों और उपखण्ड स्तर पर समन्वय स्थापित करने, योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने और प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी, संवेदनशील एवं जवाबदेह प्रशासन के माध्यम से पहुंचाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कार्यालय में आने वाले आमजन के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार करने, समयबद्ध सेवा उपलब्ध कराने तथा रिकॉर्ड एवं कार्यालय व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया।3
- विकास के तथाकथित गुजरात मॉडल की पोल खोलते हुए, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे मानसून की पहली मामूली बारिश में ही धंस गया है। यह 'विश्वस्तरीय' बताया जाने वाला एक्सप्रेसवे ₹12 हजार करोड़ की लागत से बनाया गया था, जिसकी ब्रांडिंग पर करोड़ों रुपये फूंके गए। अब इस सड़क पर इतने खतरनाक गड्ढे बन गए हैं कि जरा सा भी ध्यान भटकने पर मौत निश्चित मानी जा रही है। इसी साल 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ी शान और पूरे तामझाम के साथ इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था। हालांकि, उद्घाटन के कुछ ही समय बाद, यह एक्सप्रेसवे मामूली बारिश को भी नहीं झेल पाया, जिससे इसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं।1