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कुनौली के निवासियों ने अपने बाजार के लिए एकजुट होकर यह मांग की है कि इसे विकसित और व्यवस्थित बनाया जाए। उनकी प्रमुख मांगों में बाजार के दोनों ओर पक्के नाले का निर्माण, बाइक पार्किंग की उचित व्यवस्था, और जलजमाव तथा कीचड़ से स्थायी मुक्ति शामिल है। निवासियों का कहना है कि वे एक स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित बाजार चाहते हैं। कुनौली वासियों की यह साझा आवाज है कि उन्हें "ऐसा कुनौली चाहिए, जिस पर हर कुनौलीवासी को गर्व हो।" सुपौल मीडिया के रिपोर्टर देव राज द्वारा प्रस्तुत इस खबर में जिला प्रशासन सुपौल, विक्रम पासवान, अमन भास्कर और सम्राट चौधरी को टैग किया गया है, जो इन जनहित की मांगों पर ध्यान देने का संकेत देता है।

10 hrs ago
user_Supaul Media ( Dev Raj )
Supaul Media ( Dev Raj )
निर्मली, सुपौल, बिहार•
10 hrs ago

कुनौली के निवासियों ने अपने बाजार के लिए एकजुट होकर यह मांग की है कि इसे विकसित और व्यवस्थित बनाया जाए। उनकी प्रमुख मांगों में बाजार के दोनों ओर पक्के नाले का निर्माण, बाइक पार्किंग की उचित व्यवस्था, और जलजमाव तथा कीचड़ से स्थायी मुक्ति शामिल है। निवासियों का कहना है कि वे एक स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित बाजार चाहते हैं। कुनौली वासियों की यह साझा आवाज है कि उन्हें "ऐसा कुनौली चाहिए, जिस पर हर कुनौलीवासी को गर्व हो।" सुपौल मीडिया के रिपोर्टर देव राज द्वारा प्रस्तुत इस खबर में जिला प्रशासन सुपौल, विक्रम पासवान, अमन भास्कर और सम्राट चौधरी को टैग किया गया है, जो इन जनहित की मांगों पर ध्यान देने का संकेत देता है।

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  • एक वीडियो में एक शख्स अपने पिता द्वारा पंजाब से भेजे गए पैसों की गिनती करता हुआ दिखाई दे रहा है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि कुल कितनी राशि है। इस वीडियो में दर्शकों से इसे साझा करने का भी आग्रह किया गया है।
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    एक वीडियो में एक शख्स अपने पिता द्वारा पंजाब से भेजे गए पैसों की गिनती करता हुआ दिखाई दे रहा है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि कुल कितनी राशि है। इस वीडियो में दर्शकों से इसे साझा करने का भी आग्रह किया गया है।
    user_Vijay kumar
    Vijay kumar
    Graphic designer त्रिवेणीगंज, सुपौल, बिहार•
    12 hrs ago
  • तारडीह प्रखंड की BDO प्रीति कुमारी हाल ही में भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद शिकायतकर्ता के घर के पास पहुँचीं, जहाँ उनके साथ मुखिया के पुत्र रामकरण दास और डॉ. अली हसन सहित अन्य लोग भी मौजूद थे। इस दौरान BDO ने शिकायतकर्ता से पूछा कि 'कहाँ हुआ है भ्रष्टाचार?', जिस पर शिकायतकर्ता ने उन्हें मौके पर चलकर सब कुछ फिर से दिखाने की बात कही। हालाँकि, इसके बाद BDO ने कोई और चर्चा नहीं की और वहाँ से चली गईं। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने संबंधित मामलों की लिखित शिकायतें पहले भी कई बार की थीं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण उन्होंने न्याय पाने के लिए न्यायालय में परिवाद (Complaint Case) दायर किया है। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि उनके विरुद्ध भी थाना में शिकायत दी गई है। इस पूरे घटनाक्रम के बावजूद, शिकायतकर्ता ने न्यायपालिका पर पूरा विश्वास व्यक्त किया है। उनका उद्देश्य केवल जनहित के मुद्दों को उठाना और भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जाँच कराना है। वे प्रशासन से निष्पक्ष जाँच की माँग करते हैं, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके और दोषियों पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सके।
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    तारडीह प्रखंड की BDO प्रीति कुमारी हाल ही में भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद शिकायतकर्ता के घर के पास पहुँचीं, जहाँ उनके साथ मुखिया के पुत्र रामकरण दास और डॉ. अली हसन सहित अन्य लोग भी मौजूद थे। इस दौरान BDO ने शिकायतकर्ता से पूछा कि 'कहाँ हुआ है भ्रष्टाचार?', जिस पर शिकायतकर्ता ने उन्हें मौके पर चलकर सब कुछ फिर से दिखाने की बात कही। हालाँकि, इसके बाद BDO ने कोई और चर्चा नहीं की और वहाँ से चली गईं।

शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने संबंधित मामलों की लिखित शिकायतें पहले भी कई बार की थीं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण उन्होंने न्याय पाने के लिए न्यायालय में परिवाद (Complaint Case) दायर किया है। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि उनके विरुद्ध भी थाना में शिकायत दी गई है।

इस पूरे घटनाक्रम के बावजूद, शिकायतकर्ता ने न्यायपालिका पर पूरा विश्वास व्यक्त किया है। उनका उद्देश्य केवल जनहित के मुद्दों को उठाना और भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जाँच कराना है। वे प्रशासन से निष्पक्ष जाँच की माँग करते हैं, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके और दोषियों पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सके।
    user_Kishore Mahendra Paswan
    Kishore Mahendra Paswan
    Social Media Manager तरडीह, दरभंगा, बिहार•
    19 hrs ago
  • दरभंगा जिले के कोरहरम चौक की स्थिति बेहद चिंताजनक बताई गई है। वहाँ हर तरफ केवल अवैध कब्ज़ा और बेरोकटोक वसूली का ही राज व्याप्त है।
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    दरभंगा जिले के कोरहरम चौक की स्थिति बेहद चिंताजनक बताई गई है। वहाँ हर तरफ केवल अवैध कब्ज़ा और बेरोकटोक वसूली का ही राज व्याप्त है।
    user_Raushan Jha
    Raushan Jha
    Fruit & Vegetable Shop बिरौल, दरभंगा, बिहार•
    3 hrs ago
  • सुपौल जिले का कुनौली बॉर्डर आज भी एक व्यवस्थित बस स्टैंड की सुविधा से वंचित है, जिससे यहाँ से प्रतिदिन आवाजाही करने वाले हजारों यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित इस कुनौली बॉर्डर पर रोज़ाना हजारों लोगों का आना-जाना लगा रहता है और बसें भी चलती हैं, लेकिन यात्रियों, विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए अब तक कोई सुव्यवस्थित बस स्टैंड नहीं बन पाया है। इस कमी के कारण यात्रियों को रोज़मर्रा की आवाजाही में गंभीर असुविधा हो रही है। सुपौल मीडिया के देव राज द्वारा रिपोर्ट की गई जानकारी के अनुसार, अब यह समय आ गया है कि सरकार इस महत्वपूर्ण सीमा क्षेत्र की जरूरतों को समझे और जनहित में कुनौली में शीघ्र ही बस स्टैंड का निर्माण सुनिश्चित करे। जनता की एकमात्र और स्पष्ट माँग है कि कुनौली में तत्काल बस स्टैंड का निर्माण किया जाए, ताकि इस क्षेत्र का विकास हो सके और यात्रियों की परेशानी दूर हो।
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    सुपौल जिले का कुनौली बॉर्डर आज भी एक व्यवस्थित बस स्टैंड की सुविधा से वंचित है, जिससे यहाँ से प्रतिदिन आवाजाही करने वाले हजारों यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित इस कुनौली बॉर्डर पर रोज़ाना हजारों लोगों का आना-जाना लगा रहता है और बसें भी चलती हैं, लेकिन यात्रियों, विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए अब तक कोई सुव्यवस्थित बस स्टैंड नहीं बन पाया है। इस कमी के कारण यात्रियों को रोज़मर्रा की आवाजाही में गंभीर असुविधा हो रही है।

सुपौल मीडिया के देव राज द्वारा रिपोर्ट की गई जानकारी के अनुसार, अब यह समय आ गया है कि सरकार इस महत्वपूर्ण सीमा क्षेत्र की जरूरतों को समझे और जनहित में कुनौली में शीघ्र ही बस स्टैंड का निर्माण सुनिश्चित करे। जनता की एकमात्र और स्पष्ट माँग है कि कुनौली में तत्काल बस स्टैंड का निर्माण किया जाए, ताकि इस क्षेत्र का विकास हो सके और यात्रियों की परेशानी दूर हो।
    user_Supaul Media ( Dev Raj )
    Supaul Media ( Dev Raj )
    निर्मली, सुपौल, बिहार•
    10 hrs ago
  • बिहार के मधेपुरा में आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सैकड़ों आशा कार्यकर्ता सदर अस्पताल परिसर में अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए हैं, जिसका मुख्य कारण बिना कोई स्पष्टीकरण दिए उन्हें चयनमुक्त किया जाना है। इस दौरान उन्होंने अपनी सेवा स्थायी करने से लेकर मानदेय बढ़ाने तक की कई महत्वपूर्ण मांगें उठाईं। सोमवार को बिहार राज्य आशा एवं आशा फैसिलिटेटर संघ के बैनर तले आयोजित इस एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल होने पर कई आशा कार्यकर्ताओं को बिना कारण बताए चयनमुक्त किया जा रहा है, जिसे वे पूरी तरह अन्यायपूर्ण मानते हैं। संघ की महामंत्री सुधा सुमन ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखी। धरने के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने सेवा आयु 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने, सेवा स्थायी करने, सरकारी कर्मी का दर्जा देने और जब तक सेवा स्थायी न हो, तब तक 26 हजार रुपये मासिक मानदेय देने की मांग की। आशा फैसिलिटेटरों के लिए सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये की एकमुश्त राशि और 10 हजार रुपये मासिक पेंशन की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई, साथ ही पीएचसी में बैठने की समुचित व्यवस्था की मांग भी की गई। वहीं, जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम प्रिंस ने बताया कि कुछ प्रखंडों से प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों ने प्रशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की थी। आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस फैसले पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। विभाग की ओर से कहा गया है कि सभी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। आशा कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक व्यापक व तेज करेंगे।
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    बिहार के मधेपुरा में आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सैकड़ों आशा कार्यकर्ता सदर अस्पताल परिसर में अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए हैं, जिसका मुख्य कारण बिना कोई स्पष्टीकरण दिए उन्हें चयनमुक्त किया जाना है। इस दौरान उन्होंने अपनी सेवा स्थायी करने से लेकर मानदेय बढ़ाने तक की कई महत्वपूर्ण मांगें उठाईं।

सोमवार को बिहार राज्य आशा एवं आशा फैसिलिटेटर संघ के बैनर तले आयोजित इस एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल होने पर कई आशा कार्यकर्ताओं को बिना कारण बताए चयनमुक्त किया जा रहा है, जिसे वे पूरी तरह अन्यायपूर्ण मानते हैं। संघ की महामंत्री सुधा सुमन ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखी। धरने के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने सेवा आयु 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने, सेवा स्थायी करने, सरकारी कर्मी का दर्जा देने और जब तक सेवा स्थायी न हो, तब तक 26 हजार रुपये मासिक मानदेय देने की मांग की। आशा फैसिलिटेटरों के लिए सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये की एकमुश्त राशि और 10 हजार रुपये मासिक पेंशन की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई, साथ ही पीएचसी में बैठने की समुचित व्यवस्था की मांग भी की गई।

वहीं, जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम प्रिंस ने बताया कि कुछ प्रखंडों से प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों ने प्रशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की थी। आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस फैसले पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। विभाग की ओर से कहा गया है कि सभी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

आशा कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक व्यापक व तेज करेंगे।
    user_RAMAN KUMAR
    RAMAN KUMAR
    REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
    13 hrs ago
  • मधुबनी जिले के अंधराठाढ़ी प्रखंड क्षेत्र की गंगद्वार पंचायत स्थित कमला तटबंध के पास बना छहर ढलान इन दिनों लगातार हादसों का केंद्र बन गया है, जहाँ सड़क सुरक्षा के पर्याप्त इंतजामों के अभाव में राहगीरों और वाहनों के लिए खतरा बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस खतरनाक ढलान पर हुई गाड़ियों की दुर्घटनाओं में अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन प्रशासन इस पर मूकदर्शक बना हुआ है। इसी कड़ी में रविवार को इस मार्ग पर एक बड़ा हादसा टल गया, जब एक अज्ञात ट्रैक्टर छहर ढलान पर चढ़ते समय अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन इस वाकये ने स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि यह ढलान तकनीकी रूप से बेहद खतरनाक है क्योंकि सड़क संकरी है और यहाँ का मोड़ काफी तीखा है। सुरक्षा के लिए न तो यहाँ कोई रेलिंग लगाई गई है और न ही कोई चेतावनी संकेतक बोर्ड मौजूद है। बरसात के मौसम में यह जोखिम दोगुना हो जाता है, जिससे भारी वाहनों और तेज रफ्तार गाड़ियों को नियंत्रण बनाए रखना मुश्किल हो जाता है। प्रमोद कुमार साहू उर्फ प्रमोद बिहारी, बलराम पासवान, वार्ड सदस्य कृष्ण कुमार गुप्ता और सुरेश चौपाल सहित कई ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने की अपील की है, चेतावनी देते हुए कि यदि जल्द ही सुरक्षात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
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    मधुबनी जिले के अंधराठाढ़ी प्रखंड क्षेत्र की गंगद्वार पंचायत स्थित कमला तटबंध के पास बना छहर ढलान इन दिनों लगातार हादसों का केंद्र बन गया है, जहाँ सड़क सुरक्षा के पर्याप्त इंतजामों के अभाव में राहगीरों और वाहनों के लिए खतरा बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस खतरनाक ढलान पर हुई गाड़ियों की दुर्घटनाओं में अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन प्रशासन इस पर मूकदर्शक बना हुआ है।

इसी कड़ी में रविवार को इस मार्ग पर एक बड़ा हादसा टल गया, जब एक अज्ञात ट्रैक्टर छहर ढलान पर चढ़ते समय अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन इस वाकये ने स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है।

ग्रामीणों ने बताया कि यह ढलान तकनीकी रूप से बेहद खतरनाक है क्योंकि सड़क संकरी है और यहाँ का मोड़ काफी तीखा है। सुरक्षा के लिए न तो यहाँ कोई रेलिंग लगाई गई है और न ही कोई चेतावनी संकेतक बोर्ड मौजूद है। बरसात के मौसम में यह जोखिम दोगुना हो जाता है, जिससे भारी वाहनों और तेज रफ्तार गाड़ियों को नियंत्रण बनाए रखना मुश्किल हो जाता है। प्रमोद कुमार साहू उर्फ प्रमोद बिहारी, बलराम पासवान, वार्ड सदस्य कृष्ण कुमार गुप्ता और सुरेश चौपाल सहित कई ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने की अपील की है, चेतावनी देते हुए कि यदि जल्द ही सुरक्षात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
    user_Dharmendra Jha
    Dharmendra Jha
    Local News Reporter झंझारपुर, मधुबनी, बिहार•
    11 hrs ago
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