सिरोही जिले के रेवदर ब्लॉक स्थित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, सिरोड़ी में शिक्षकों की कमी को लेकर विद्यार्थियों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। नागाणी विद्यालय के बाद लगातार दूसरे दिन हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों और अभिभावकों ने स्कूल के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला जड़ दिया और जमकर नारेबाजी की। करीब तीन घंटे तक चले इस प्रदर्शन के कारण विद्यालय की पूरी शैक्षणिक व्यवस्था ठप रही। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में स्वीकृत 32 पदों के मुकाबले केवल 9 शिक्षक ही कार्यरत हैं, जिससे नियमित पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। सबसे अधिक परेशानी कॉमर्स संकाय के विद्यार्थियों को हो रही है, क्योंकि वहां एक भी शिक्षक उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा, अंग्रेजी माध्यम की कक्षाएं हिंदी माध्यम से संचालित होने और बालिका विद्यालय में फर्स्ट ग्रेड शिक्षक के रिक्त पदों को भी जल्द भरने की मांग को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश था। प्रदर्शन की सूचना मिलने पर सीबीईओ गमनाराम कोली, महिपाल सिंह भाटी और भाजपा जिला प्रवक्ता दीपेंद्र सिंह पीथापुरा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों और विद्यार्थियों की समस्याएं सुनकर जल्द समाधान का भरोसा देने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। सीबीईओ गमनाराम कोली ने सुचारु शिक्षण व्यवस्था के लिए तत्काल प्रभाव से चार शिक्षकों की नियुक्ति की, जिसके बाद स्कूल का ताला खोला गया। इस दौरान शैतान सिंह, दिनेश पुरोहित, हिदाराम देवासी, भवानी सिंह और गोविंद देवासी सहित ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग को ज्ञापन सौंपकर रिक्त पदों को स्थायी रूप से भरने की मांग की।
सिरोही जिले के रेवदर ब्लॉक स्थित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, सिरोड़ी में शिक्षकों की कमी को लेकर विद्यार्थियों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। नागाणी विद्यालय के बाद लगातार दूसरे दिन हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों और अभिभावकों ने स्कूल के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला जड़ दिया और जमकर नारेबाजी की। करीब तीन घंटे तक चले इस प्रदर्शन के कारण विद्यालय की पूरी शैक्षणिक व्यवस्था ठप रही। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में स्वीकृत 32 पदों के मुकाबले केवल 9 शिक्षक ही कार्यरत हैं, जिससे नियमित पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। सबसे अधिक परेशानी कॉमर्स संकाय के विद्यार्थियों को हो रही है, क्योंकि वहां एक भी शिक्षक उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा, अंग्रेजी माध्यम की कक्षाएं हिंदी माध्यम से संचालित होने और बालिका विद्यालय में फर्स्ट ग्रेड शिक्षक के रिक्त पदों को भी जल्द भरने की मांग को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश था। प्रदर्शन की सूचना मिलने पर सीबीईओ गमनाराम कोली, महिपाल सिंह भाटी और भाजपा जिला प्रवक्ता दीपेंद्र सिंह पीथापुरा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों और विद्यार्थियों की समस्याएं सुनकर जल्द समाधान का भरोसा देने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। सीबीईओ गमनाराम कोली ने सुचारु शिक्षण व्यवस्था के लिए तत्काल प्रभाव से चार शिक्षकों की नियुक्ति की, जिसके बाद स्कूल का ताला खोला गया। इस दौरान शैतान सिंह, दिनेश पुरोहित, हिदाराम देवासी, भवानी सिंह और गोविंद देवासी सहित ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग को ज्ञापन सौंपकर रिक्त पदों को स्थायी रूप से भरने की मांग की।
- राजस्थान में 1 जुलाई से 31 अगस्त तक बजरी खनन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इस प्रतिबंध के दौरान यदि कोई भी व्यक्ति नदी से बजरी निकालते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ सीधे तौर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अवैध खनन गतिविधियों को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है।1
- पेद्दापल्ली नगर पालिका कार्यालय में कार्यरत असिस्टेंट इंजीनियर कल्लेपल्ली सतीश कुमार को तेलंगाना भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के अधिकारियों ने मंगलवार को रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी कल्लेपल्ली सतीश कुमार को ठेकेदार से ₹2 लाख की रिश्वत लेते समय दबोचा गया। एसीबी के अनुसार, तेनुगुवाड़ा और कूनारम रोड पर स्थित हिंदू श्मशान घाटों के विकास कार्यों से संबंधित ₹1.22 करोड़ की अंतिम बिल फाइल को टीयूएफआईडीसी (TUFIDC), हैदराबाद भेजने के लिए ठेकेदार से इस रिश्वत की मांग की गई थी। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से ₹2 लाख की रिश्वत राशि बरामद की गई, जिसके बाद उसके आवास पर छापेमारी कर ₹32,31,900 की बेहिसाबी नकदी भी जब्त की गई। एसीबी अधिकारियों ने आरोपी को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया है और उसे करीमनगर स्थित एसीबी विशेष अदालत में पेश करने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है।1
- पाली के देसूरी में पुलिस ने 485 किलो डोडा पोस्त जब्त किया है। इस कार्रवाई के दौरान तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मौके से एक कार भी बरामद की है।2
- उदयपुर के समीपवर्ती ग्राम मनवाखेड़ा में स्थित प्राचीन शिव मंदिर रेलेश्वर महादेव जी के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को इन दिनों भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मंदिर मार्ग पर सीवरेज लाइन ओवरफ्लो होने की वजह से लगातार गंदा पानी बाहर बह रहा है। इस दूषित और गंदे पानी के फैलाव के कारण मंदिर जाने वाले भक्तों को मंदिर तक पहुँचने में काफी परेशानी हो रही है। इस गंभीर समस्या के बावजूद स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अधिकारी इस ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। अधिकारियों की इस अनदेखी के कारण प्राचीन शिव मंदिर जाने वाले भक्तों में भारी परेशानी है और वे लगातार दिक्कतों का सामना करने को मजबूर हैं।1
- राजस्थान के पाली जिला अंतर्गत देसुरी में को-ऑपरेटिव बैंक के मैनेजर बहादुर सिंह पर जीव-जंतुओं के पानी पीने के मुख्य स्रोत 'चरभुजा नाड़ी' पर कब्जा करने का गंभीर आरोप लगा है। अनेय सिंह रावत के पुत्र बहादुर सिंह की पत्नी लक्ष्मी देवी के पास खसरा नंबर 428 की जमीन है, जो इस नाड़ी के पास ही स्थित है। आरोप है कि बहादुर सिंह ने को-ऑपरेटिव बैंक के मैनेजर पद पर होते हुए भी अपनी पत्नी की इस जमीन के सहारे पूरी नाड़ी पर अपना कब्जा कर लिया है। इस अतिक्रमण को लेकर सभी गांव वालों ने रोष व्यक्त करते हुए प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुरजोर निवेदन किया है कि इस जल स्रोत से तुरंत कब्जा हटाने की कोशिश की जाए ताकि जीव-जंतुओं को पानी मिल सके।1
- उदयपुर जिले के सराडा से केसरियाजी जाने वाली सड़क की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क के खस्ताहाल होने के कारण सबसे बड़ी चिंता यह है कि आपातकालीन स्थिति (इमरजेंसी) होने पर भी कोई समय पर नहीं पहुंच सकता है। इस गंभीर समस्या के बावजूद इस सड़क की सुध लेने वाला कोई नहीं है और जिम्मेदार लोग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। स्थानीय ग्रामीण जल्द से जल्द सड़क का निर्माण कराने की मांग कर रहे हैं ताकि लोगों को इस बड़ी मुसीबत से राहत मिल सके।1
- सिरोही के रेवदर उपखण्ड में मारोल नदी से हो रहे अवैध बजरी खनन पर रोक लगाने की मांग को लेकर मंगलवार को मारोल, मीठन, मकावल और भैरूगढ़ के ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि इस नदी से प्रतिदिन करीब 100 से 150 ट्रैक्टर-ट्रॉली बजरी अवैध रूप से गुजरात भेजी जा रही है, जिससे नदी का लगातार दोहन हो रहा है। लगातार हो रहे खनन के कारण नदी में बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे बरसात के दिनों में बड़े हादसों की आशंका बढ़ गई है। इसके साथ ही, बजरी की अनियंत्रित निकासी से नदी का जलस्तर भी प्रभावित हो रहा है। इससे आसपास के गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पाएगा, जिससे उनकी खेती पर प्रतिकूल असर पड़ेगा और पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस अवैध बजरी खनन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं की गई, तो ग्रामीण खुद बजरी से भरे डंपरों को चलने नहीं देंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।1
- डूंगरपुर जिले की ग्राम पंचायत विकासनगर के गेंजीघाटा में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय (घाटाफला) के खेल मैदान की भूमि को लेकर पिछले दस वर्षों से चला आ रहा गंभीर विवाद आपसी भाईचारे और समझदारी से पूरी तरह सुलझ गया है। विकासनगर ग्राम पंचायत के प्रशासक सुनील डिण्डोर की पहल पर गेंजीघाटा, रांमैया और ढेंढिया गांवों के पंचों, गमेतियों और सामाजिक प्रतिनिधियों की उपस्थिति में एक ऐतिहासिक राजीनामा तैयार किया गया। इस आपसी सहमति के बाद अब विवादित जमीन के बदले खातेदारों को दूसरी सुरक्षित जमीन दे दी गई है, जिससे बच्चों के लिए खेल मैदान का परकोटा (बाउंड्री वॉल) निर्माण कार्य अब सुचारू रूप से पूरा हो सकेगा। यह पूरा मामला विद्यालय के नाम पर आवंटित करीब 8.5 बीघा खेल मैदान की जमीन पर खेलकूद प्रशिक्षण केंद्र और सार्वजनिक निर्माण विभाग के माध्यम से चल रहे बाउंड्री वॉल निर्माण से जुड़ा था। इस निर्माण कार्य को लेकर गेंजीघाटा (थाना चौरासी) निवासी बाबूलाल पुत्र लालजी डेंडोर और नानुराम पुत्र मुका डेंडोर आपत्ति जता रहे थे। वर्ष 2006 में आयोजित एक राजस्व कैंप के दौरान बाबूलाल को 4 बीघा जमीन का पट्टा आवंटित किया गया था, जिसका विद्यालय के खेल मैदान की भूमि के साथ सीमांकन को लेकर तकनीकी विवाद छिड़ गया था। यह विवाद पुलिस और न्यायालय तक पहुंच जाने के कारण खेल मैदान का विकास कार्य लंबे समय से ठप पड़ा हुआ था। भविष्य में किसी भी वैमनस्य को रोकने के उद्देश्य से तीनों गांवों के वार्ड पंचों, पटेलों, गमेतियों और लगभग 100 से अधिक बुजुर्गों व प्रबुद्ध नागरिकों ने मध्यस्थता कर सर्वसम्मति से बीच का रास्ता निकाला। इसके तहत बाबूलाल डेंडोर ने बच्चों के भविष्य को समझते हुए अपनी विवादित जमीन को विद्यालय के लिए छोड़ दिया है, जिसके बदले में उन्हें खेल मैदान के पास ही दूसरी तरफ 4 बीघा सुरक्षित कृषि भूमि दे दी गई है। साथ ही, नानुराम डेंडोर के खेत की सरहद से 20 फीट का आम रास्ता छोड़ते हुए उनकी 5 बीघा खातेदारी भूमि का भी शांतिपूर्वक सीमांकन कर दिया गया है। आपसी सहमति बनते ही दोनों पक्षों ने थाने और न्यायालय में चल रहे सभी मुकदमों को तुरंत ससम्मान वापस लेने पर सहमति जताई है। इस ऐतिहासिक समझौते के बाद पंचों और ग्रामीणों ने तहसीलदार, गिरदावर और संबंधित पटवारी से जल्द से जल्द सीमांकन संशोधन की प्रक्रिया पूरी करने की मांग की है ताकि राजस्व रिकॉर्ड को दुरुस्त किया जा सके।1
- उदयपुर के वल्लभनगर उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत माल की टुस में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के स्वागत के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। पूर्व विधायक प्रीति शक्तावत के नेतृत्व में इस भव्य स्वागत एवं अभिनंदन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जैसे ही सचिन पायलट गांव पहुंचे, उत्साहित कार्यकर्ताओं ने जेसीबी पर सवार होकर नारेबाजी की और उन पर फूलों की जमकर बारिश की। इस शानदार स्वागत के लिए सचिन पायलट ने सभी कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सचिन पायलट ने सभी से एकजुट होकर कांग्रेस पार्टी के विकास के लिए काम करने की अपील की। उन्होंने कार्यकर्ताओं को मजबूती के साथ आगामी पंचायत चुनाव में कांग्रेस को विजय बनाने का संकल्प दिलाया। इस कार्यक्रम के दौरान देहात जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष भगवती डांगी, पूर्व विधायक प्रीति शक्तावत, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश मेनारिया, जिला महासचिव भगवान लाल अहीर, ब्लॉक संगठन महासचिव डाल चन्द नागदा, ब्लॉक उपाध्यक्ष सोहन लाल मेनारिया, प्रकाश लुणावत और ओबीसी जिला महासचिव राजकुमार गुर्जर सहित कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।1