**चांडिल अनुमंडल में अवैध बालू खनन का खेल जारी : प्रशासनिक निर्देशों के बावजूद रातभर हाईवा-ट्रैक्टर से ढुलाई, राजस्व और पर्यावरण को नुकसान”** सरायकेला–खरसवाँ जिले के चांडिल अनुमंडल अंतर्गत ईचागढ़, तिरुलडीह और नीमडीह थाना क्षेत्रों में अवैध बालू खनन और परिवहन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। कई बार विवाद और शिकायतें सामने आने के बावजूद प्रशासनिक सख्ती का प्रभाव धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, शाम होते ही इन क्षेत्रों में हाईवा और ट्रैक्टरों की लंबी कतारें लग जाती हैं और पूरी रात बड़े पैमाने पर बालू की ढुलाई जारी रहती है। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँच रहा है, बल्कि राज्य सरकार को भी भारी राजस्व हानि हो रही है। सूत्रों के मुताबिक, अवैध रूप से निकाले गए बालू को पहले अलग-अलग स्थानों पर भंडारित किया जाता है और फिर रात के समय हाईवे के रास्ते क्षेत्र से बाहर भेज दिया जाता है। ईचागढ़ थाना क्षेत्र के स्वर्णरेखा नदी घाट—जारगोड़ी, सोड़ो, बीरडीह, बामनडीह और रायडीह—में ट्रैक्टरों के माध्यम से बड़े पैमाने पर बालू का उत्खनन किया जा रहा है। इसके बाद इसे विभिन्न स्थानों पर जमा कर शाम के समय जमशेदपुर की ओर भेजा जाता है। इसी प्रकार तिरुलडीह थाना क्षेत्र के स्वर्णरेखा नदी घाट तिरुलडीह, सापड़ा, सपारुम समेत कई अन्य घाटों से भी अवैध रूप से बालू निकाले जाने की बात सामने आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन लगातार निगरानी रखे और सख्ती से कार्रवाई करे, तो इस अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। उल्लेखनीय है कि 11 मार्च को जिला उपायुक्त ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलास्तरीय माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक आयोजित कर अवैध खनन, उत्खनन, भंडारण और परिवहन पर पूर्णतः रोक लगाने के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित और सतत कार्रवाई का निर्देश दिया था। वहीं पुलिस अधीक्षक मुकेश लुनायत ने भी निर्देश दिया था कि अवैध खनन या परिवहन से संबंधित सूचना मिलने पर अनुमंडल पदाधिकारी, अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी के स्तर पर संयुक्त छापेमारी कर वाहनों व मशीनरी को जब्त करते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाए और मामलों को शीघ्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए। इसके बावजूद क्षेत्र में अवैध बालू खनन और परिवहन जारी रहने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इस मामले पर आदिवासी समाज के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने पत्रकारों के समक्ष कहा कि ईचागढ़, नीमडीह और तिरुलडीह थाना क्षेत्रों में अवैध बालू खनन के खिलाफ आदेश-निर्देश केवल कागजों तक सीमित दिखाई दे रहे हैं, जबकि जमीन पर स्थिति पहले जैसी ही बनी हुई है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि प्रशासन कार्रवाई करने के प्रति गंभीर हो, तो नीमडीह, चांडिल, कांड्रा और पाटा टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर अवैध बालू परिवहन में शामिल वाहनों की वास्तविक सूची आसानी से प्राप्त की जा सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन को ठोस और निरंतर कार्रवाई करनी होगी।
**चांडिल अनुमंडल में अवैध बालू खनन का खेल जारी : प्रशासनिक निर्देशों के बावजूद रातभर हाईवा-ट्रैक्टर से ढुलाई, राजस्व और पर्यावरण को नुकसान”** सरायकेला–खरसवाँ जिले के चांडिल अनुमंडल अंतर्गत ईचागढ़, तिरुलडीह और नीमडीह थाना क्षेत्रों में अवैध बालू खनन और परिवहन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। कई बार विवाद और शिकायतें सामने आने के बावजूद प्रशासनिक सख्ती का प्रभाव धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, शाम होते ही इन क्षेत्रों में हाईवा और ट्रैक्टरों की लंबी कतारें लग जाती हैं और पूरी रात बड़े पैमाने पर बालू की ढुलाई जारी रहती है। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँच रहा है, बल्कि राज्य सरकार को भी भारी राजस्व हानि हो रही है। सूत्रों के मुताबिक, अवैध रूप से निकाले गए बालू को पहले अलग-अलग स्थानों पर भंडारित किया जाता है और फिर रात के समय हाईवे के रास्ते क्षेत्र से बाहर भेज दिया जाता है। ईचागढ़ थाना क्षेत्र के स्वर्णरेखा नदी घाट—जारगोड़ी, सोड़ो, बीरडीह, बामनडीह और रायडीह—में ट्रैक्टरों के माध्यम से बड़े पैमाने पर बालू का उत्खनन किया जा रहा है। इसके बाद इसे विभिन्न स्थानों पर जमा कर शाम के समय जमशेदपुर की ओर भेजा जाता है। इसी प्रकार तिरुलडीह थाना क्षेत्र के स्वर्णरेखा नदी घाट तिरुलडीह, सापड़ा, सपारुम समेत कई अन्य घाटों से भी अवैध रूप से बालू निकाले जाने की बात सामने आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन लगातार निगरानी रखे और सख्ती से कार्रवाई करे, तो इस अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। उल्लेखनीय है कि 11 मार्च को जिला उपायुक्त ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलास्तरीय माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक आयोजित कर अवैध खनन, उत्खनन, भंडारण और परिवहन पर पूर्णतः रोक लगाने के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित और सतत कार्रवाई का निर्देश दिया था। वहीं पुलिस अधीक्षक मुकेश लुनायत ने भी निर्देश दिया था कि अवैध खनन या परिवहन से संबंधित सूचना मिलने पर अनुमंडल पदाधिकारी, अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी के स्तर पर संयुक्त छापेमारी कर वाहनों व मशीनरी को जब्त करते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाए और मामलों को शीघ्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए। इसके बावजूद क्षेत्र में अवैध बालू खनन और परिवहन जारी रहने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इस मामले पर आदिवासी समाज के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने पत्रकारों के समक्ष कहा कि ईचागढ़, नीमडीह और तिरुलडीह थाना क्षेत्रों में अवैध बालू खनन के खिलाफ आदेश-निर्देश केवल कागजों तक सीमित दिखाई दे रहे हैं, जबकि जमीन पर स्थिति पहले जैसी ही बनी हुई है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि प्रशासन कार्रवाई करने के प्रति गंभीर हो, तो नीमडीह, चांडिल, कांड्रा और पाटा टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर अवैध बालू परिवहन में शामिल वाहनों की वास्तविक सूची आसानी से प्राप्त की जा सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन को ठोस और निरंतर कार्रवाई करनी होगी।
- **चांडिल अनुमंडल में अवैध बालू खनन का खेल जारी : प्रशासनिक निर्देशों के बावजूद रातभर हाईवा-ट्रैक्टर से ढुलाई, राजस्व और पर्यावरण को नुकसान”** सरायकेला–खरसवाँ जिले के चांडिल अनुमंडल अंतर्गत ईचागढ़, तिरुलडीह और नीमडीह थाना क्षेत्रों में अवैध बालू खनन और परिवहन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। कई बार विवाद और शिकायतें सामने आने के बावजूद प्रशासनिक सख्ती का प्रभाव धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, शाम होते ही इन क्षेत्रों में हाईवा और ट्रैक्टरों की लंबी कतारें लग जाती हैं और पूरी रात बड़े पैमाने पर बालू की ढुलाई जारी रहती है। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँच रहा है, बल्कि राज्य सरकार को भी भारी राजस्व हानि हो रही है। सूत्रों के मुताबिक, अवैध रूप से निकाले गए बालू को पहले अलग-अलग स्थानों पर भंडारित किया जाता है और फिर रात के समय हाईवे के रास्ते क्षेत्र से बाहर भेज दिया जाता है। ईचागढ़ थाना क्षेत्र के स्वर्णरेखा नदी घाट—जारगोड़ी, सोड़ो, बीरडीह, बामनडीह और रायडीह—में ट्रैक्टरों के माध्यम से बड़े पैमाने पर बालू का उत्खनन किया जा रहा है। इसके बाद इसे विभिन्न स्थानों पर जमा कर शाम के समय जमशेदपुर की ओर भेजा जाता है। इसी प्रकार तिरुलडीह थाना क्षेत्र के स्वर्णरेखा नदी घाट तिरुलडीह, सापड़ा, सपारुम समेत कई अन्य घाटों से भी अवैध रूप से बालू निकाले जाने की बात सामने आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन लगातार निगरानी रखे और सख्ती से कार्रवाई करे, तो इस अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। उल्लेखनीय है कि 11 मार्च को जिला उपायुक्त ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलास्तरीय माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक आयोजित कर अवैध खनन, उत्खनन, भंडारण और परिवहन पर पूर्णतः रोक लगाने के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित और सतत कार्रवाई का निर्देश दिया था। वहीं पुलिस अधीक्षक मुकेश लुनायत ने भी निर्देश दिया था कि अवैध खनन या परिवहन से संबंधित सूचना मिलने पर अनुमंडल पदाधिकारी, अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी के स्तर पर संयुक्त छापेमारी कर वाहनों व मशीनरी को जब्त करते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाए और मामलों को शीघ्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए। इसके बावजूद क्षेत्र में अवैध बालू खनन और परिवहन जारी रहने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इस मामले पर आदिवासी समाज के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने पत्रकारों के समक्ष कहा कि ईचागढ़, नीमडीह और तिरुलडीह थाना क्षेत्रों में अवैध बालू खनन के खिलाफ आदेश-निर्देश केवल कागजों तक सीमित दिखाई दे रहे हैं, जबकि जमीन पर स्थिति पहले जैसी ही बनी हुई है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि प्रशासन कार्रवाई करने के प्रति गंभीर हो, तो नीमडीह, चांडिल, कांड्रा और पाटा टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर अवैध बालू परिवहन में शामिल वाहनों की वास्तविक सूची आसानी से प्राप्त की जा सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन को ठोस और निरंतर कार्रवाई करनी होगी।1
- चांडिल पाटा टोल प्लाजा पर मनमानी का आरोप, फास्टैग तकनीकी खराबी को लेकर चालक और कर्मियों में धक्का-मुक्की.... बिष्णु पद महापात्र 📲 9471102055 (wa) राष्ट्रीय राजमार्ग-33 पर स्थित चांडिल पाटा टोल प्लाजा पर शनिवार दोपहर टोल भुगतान को लेकर विवाद हो गया। तकनीकी खराबी के कारण ट्रक का फास्टैग स्कैन नहीं हो पाया, जिससे वाहन लेन में काफी देर तक खड़ा रहा। चालक ने नियमों के तहत बैरियर खोलने की मांग की, जबकि कर्मियों ने स्कैनर से भुगतान करने को कहा। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और मामला धक्का-मुक्की तक पहुँच गया। स्थानीय लोगों ने घटना की जांच कर टोल प्लाजा की व्यवस्था सुधारने की मांग की है। #chandilnews1
- Post by Ravi Gupta4
- गोमिया प्रखंड अंतर्गत हजारी मोड़ में तीन दिवसीय 9 कुंडीय गायत्री महायज्ञ की शुरुआत भव्य कलश यात्रा के साथ किया गया।1
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- jhinkpani प्रखंड: बिगतोपांग गांव में जंगली हाथी का आतंक, रात के अंधेरे में गांव में घुसा गजराज jhinkpani प्रखंड | 14 मार्च 2026 jhinkpani प्रखंड के अंतर्गत आने वाले बिगतोपांग गांव में आज तड़के एक जंगली हाथी के घुस आने से ग्रामीणों में भारी दहशत फैल गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 14 मार्च 2026 की रात करीब 1:00 बजे एक विशालकाय जंगली हाथी जंगल से भटक कर सीधे रिहायशी इलाके में दाखिल हो गया। घटना का विवरण: समय: रात के लगभग 1:00 बजे, जब पूरा गांव गहरी नींद में था। स्थान: बिगतोपांग गांव,Jhinkpani प्रखंड। स्थिति: हाथी के गांव में घुसते ही कुत्तों के भौंकने और आहट मिलने पर ग्रामीणों की नींद खुली। हाथी को गांव की गलियों में देखकर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों में दहशत का माहौल: ग्रामीणों ने बताया कि रात के सन्नाटे में हाथी की मौजूदगी ने सबको डरा दिया। लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए खुद को घरों में कैद कर लिया, वहीं कुछ युवाओं ने मशालें जलाकर और शोर मचाकर हाथी को गांव से बाहर खदेड़ने का प्रयास किया। प्रशासन से अपील: फिलहाल हाथी के द्वारा किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर नहीं मिली है, लेकिन ग्रामीणों में अभी भी डर बना हुआ है। बिगतोपांग के निवासियों ने वन विभाग और स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि: जंगली हाथियों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जाए। गांव की सुरक्षा के लिए रात्रि गश्ती बढ़ाई जाए। हाथियों को रोकने के लिए गांव की सीमाओं पर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाएं। सावधानी: प्रशासन ने ग्रामीणों को सलाह दी है कि रात के समय अकेले बाहर न निकलें और हाथी दिखने पर उसे उकसाने या उसके करीब जाने की कोशिश न करें।1
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- चूना भट्ठा के निकट मुख्य मार्ग स्थित संजय इलेक्ट्रॉनिक बैटरी दुकान पर दो बाइक सवार अपराधियों ने की ताबड़तोड़ फायरिंग, सनसनी शनिवार 14 मार्च दोपहर करीब 1:45 बजे के आसपास चूना भट्ठा मुख्य सड़क स्थित संजय इलेक्ट्रॉनिक बैटरी दुकान पर दो बाइक सवार अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर सनसनी फैला दी। घटना के वक्त दुकान पर रवि नामक युवक बैठा था, जिस पर अपराधियों ने निशाना साधते हुए करीब 4 राउंड गोलियां चलाईं। गनीमत रही कि इस हमले में रवि बाल-बाल बच गया। घटना की सूचना मिलते ही आदित्यपुर थाना प्रभारी विनोद तिर्की पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर चार खोखे बरामद किए हैं, जिनमें से एक खोखा दुकान के अंदर से मिला है। दुकानदार संजय कुमार के अनुसार, यह हमला पुरानी रंजिश का परिणाम है। उन्होंने बताया कि आदित्यपुर टू निवासी ऋषि नामक युवक ने बीती रात फोन पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। विवाद की जड़ 19 दिसंबर को इनवर्टर बनाने को लेकर हुआ झगड़ा है। इसी विवाद में 9 मार्च को हरिओम नगर में ऋषि, और अमन ने संजय कुमार के पुत्र पर हमला किया था,जिसकी शिकायत थाने में दर्ज कराई गई थी।1