ग्वालियर स्थित जयारोग्य अस्पताल परिसर में पार्किंग शुल्क वसूली का एक मामला सामने आया है। सहायक अधीक्षक डॉ. एम. एल. माहौर के वाहन से 'चेकिंग' के नाम पर ₹50 का शुल्क लिया गया, जिसे पार्किंग शुल्क बताया गया है। इस घटना ने अस्पताल परिसर में होने वाली शुल्क वसूली की पारदर्शिता और नियमों के पालन पर सवाल खड़े किए हैं। इस संबंध में मांग की गई है कि यदि यह वसूली निर्धारित नियमों, शर्तों और वैध रसीद के बिना की गई है, तो यह एक गंभीर विषय है। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि अस्पताल परिसर में कर्मचारियों, अधिकारियों और आम नागरिकों से की जाने वाली किसी भी प्रकार की शुल्क वसूली नियमों के अनुरूप और पूर्णतः पारदर्शी हो। संबंधित अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की गई है, ताकि यह पुष्टि हो सके कि पार्किंग शुल्क की वसूली निर्धारित नियमों के अनुसार ही की जा रही है। जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर, दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक एवं उचित कार्रवाई करने पर जोर दिया गया है। जनहित में यह अपेक्षा भी की गई है कि भविष्य में ऐसे विवादों को रोकने के लिए अस्पताल परिसर में पार्किंग व्यवस्था और शुल्क संबंधी नियमों को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए।
ग्वालियर स्थित जयारोग्य अस्पताल परिसर में पार्किंग शुल्क वसूली का एक मामला सामने आया है। सहायक अधीक्षक डॉ. एम. एल. माहौर के वाहन से 'चेकिंग' के नाम पर ₹50 का शुल्क लिया गया, जिसे पार्किंग शुल्क बताया गया है। इस घटना ने अस्पताल परिसर में होने वाली शुल्क वसूली की पारदर्शिता और नियमों के पालन पर सवाल खड़े किए हैं। इस संबंध में मांग की गई है कि यदि यह वसूली निर्धारित नियमों, शर्तों और वैध रसीद के बिना की गई है, तो यह एक गंभीर विषय है। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि अस्पताल परिसर में कर्मचारियों, अधिकारियों और आम नागरिकों से की जाने वाली किसी भी प्रकार की शुल्क वसूली नियमों के अनुरूप और पूर्णतः पारदर्शी हो। संबंधित अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की गई है, ताकि यह पुष्टि हो सके कि पार्किंग शुल्क की वसूली निर्धारित नियमों के अनुसार ही की जा रही है। जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर, दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक एवं उचित कार्रवाई करने पर जोर दिया गया है। जनहित में यह अपेक्षा भी की गई है कि भविष्य में ऐसे विवादों को रोकने के लिए अस्पताल परिसर में पार्किंग व्यवस्था और शुल्क संबंधी नियमों को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए।
- भितरवार से विधायक मोहन सिंह राठौड़ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे अपने सुरक्षा गार्डों द्वारा की गई कथित बदसलूकी के लिए आम जनता से हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए दिखाई दे रहे हैं। विधायक के इस विनम्र व्यवहार की लोग जमकर सराहना कर रहे हैं और इसे एक जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी का बेहतरीन उदाहरण बता रहे हैं। यह घटना तब हुई जब एक किसान का ट्रैक्टर सड़क पर पलट जाने के कारण यातायात व्यवस्था बाधित हो गई थी। विधायक मोहन सिंह राठौड़ स्वयं मौके पर मौजूद थे और यातायात को सुचारू कराने तथा लोगों को समझाने में लगे हुए थे। इसी दौरान कुछ लोगों और उनके सुरक्षा गार्डों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि विधायक के दो गनरों ने आम लोगों के साथ गाली-गलौज और बदसलूकी की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो में एक युवक विधायक से यह कहते हुए सुनाई देता है कि "आप हमारे विधायक हैं, अपने गार्डों को समझाइए।" इसके तत्काल बाद विधायक मोहन सिंह राठौड़ ने स्थिति को संभाला और हाथ जोड़कर जनता से कहा कि यदि उनके गार्डों से कोई गलती हुई है तो वे उनकी ओर से माफी मांगते हैं। विधायक के इस आचरण को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। लोगों का मानना है कि गलती चाहे किसी की भी हो, उसे स्वीकार कर जनता से क्षमा मांगना ही एक सच्चे जनप्रतिनिधि की पहचान है। "जनता सर्वोपरि है, और जनता का सम्मान ही जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है" — इसी संदेश के साथ विधायक मोहन सिंह राठौड़ का यह वीडियो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- महाराजपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम चकरायपुर में खेत में क्रिकेट खेल रहे कुछ बच्चों पर फायरिंग की घटना सामने आई है। इस घटना के बाद, पीड़ितों ने न्याय की गुहार लगाते हुए एसपी कार्यालय का रुख किया है।1
- मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा शहर में एकमात्र ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने का खतरा मंडरा रहा है। शहर के बीचों-बीच स्थित यह सेतु, जिसे बने हुए लगभग 40 वर्ष से अधिक हो चुके हैं, डबरा का एकमात्र ओवरब्रिज है। इसके ठीक नीचे डबरा का मुख्य बाजार लगता है। क्षतिग्रस्त होने के कारण यह पुल हर रोज लाखों वाहनों के गुजरने के साथ गंभीर जोखिम पैदा कर रहा है। इस स्थिति के चलते डबरा के नागरिकों को बड़े हादसे की आशंका सता रही है, जो किसी भी वक्त हो सकता है।1
- विश्व संगीत दिवस के अवसर पर ग्वालियर में एक 'मराठी संगीत निशा' का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम को मराठी भाषी मित्र संगीत समूह द्वारा संपन्न कराया गया।1
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू श्योपुर स्थित कुनो नेशनल पार्क के दो दिवसीय प्रवास पर पहुँचीं। इस दौरान उन्होंने चीता कमांड एवं कंट्रोल सेंटर का भ्रमण कर चीता प्रोजेक्ट की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने चीता प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए चीतों की निगरानी, ट्रैकिंग और संरक्षण संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने राष्ट्रपति को बताया कि वर्तमान में देश में कुल 52 चीते हैं, जिनमें से 49 चीते कुनो में मौजूद हैं। शेष 3 चीतों को गांधी सागर अभयारण्य भेजा गया है। राष्ट्रपति ने चीतों के लिए विकसित किए गए जल स्रोतों एवं अन्य सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली। इससे पहले, राष्ट्रपति भारतीय वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर से कुनो पहुँची थीं। वहाँ राज्यपाल मंगूभाई पटेल, प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला, सांसद शिवमंगल सिंह तोमर सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति कुनो में रात्रि विश्राम करेंगी और चीता पुनर्स्थापन परियोजना से जुड़े अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा करेंगी।1
- ग्वालियर के डीबी मॉल स्थित कैशिफाई स्टोर, जो मॉल की पहली मंजिल पर एक कियोस्क के रूप में मौजूद है, ने iPhone और Android मोबाइल फोन पर विशेष ऑफर्स की घोषणा की है। स्टोर ग्राहकों को बेहतरीन कीमत और आकर्षक डील्स उपलब्ध करा रहा है। इन फोनों के साथ एक साल की वारंटी प्रदान की जा रही है, और एक्सेसरीज़ पर भी वारंटी का लाभ मिलेगा।4
- ग्वालियर स्थित जयारोग्य अस्पताल परिसर में पार्किंग शुल्क वसूली का एक मामला सामने आया है। सहायक अधीक्षक डॉ. एम. एल. माहौर के वाहन से 'चेकिंग' के नाम पर ₹50 का शुल्क लिया गया, जिसे पार्किंग शुल्क बताया गया है। इस घटना ने अस्पताल परिसर में होने वाली शुल्क वसूली की पारदर्शिता और नियमों के पालन पर सवाल खड़े किए हैं। इस संबंध में मांग की गई है कि यदि यह वसूली निर्धारित नियमों, शर्तों और वैध रसीद के बिना की गई है, तो यह एक गंभीर विषय है। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि अस्पताल परिसर में कर्मचारियों, अधिकारियों और आम नागरिकों से की जाने वाली किसी भी प्रकार की शुल्क वसूली नियमों के अनुरूप और पूर्णतः पारदर्शी हो। संबंधित अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की गई है, ताकि यह पुष्टि हो सके कि पार्किंग शुल्क की वसूली निर्धारित नियमों के अनुसार ही की जा रही है। जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर, दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक एवं उचित कार्रवाई करने पर जोर दिया गया है। जनहित में यह अपेक्षा भी की गई है कि भविष्य में ऐसे विवादों को रोकने के लिए अस्पताल परिसर में पार्किंग व्यवस्था और शुल्क संबंधी नियमों को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए।1
- लखनऊ में एक लाइब्रेरी में आग लगने की घटना सामने आई है। आग की भयावहता के चलते कई छात्र-छात्राओं को अपनी जान बचाने के लिए ऊपर से कूदना पड़ा। सूचना मिलते ही बचाव और राहत कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया, जो अभी भी जारी है।1