प्रयागराज के जसरा स्थित परिषदीय विद्यालय बिरवल में बुधवार को बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से एक विशेष जनसंपर्क अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत शिक्षकों ने अभिभावकों और बच्चों से सीधा संपर्क स्थापित किया तथा उन्हें आगामी दिवस से नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया। अभियान के दौरान शिक्षकों ने घर-घर जाकर अभिभावकों को नियमित शिक्षा के महत्व से अवगत कराया, यह बताते हुए कि बच्चों का सर्वांगीण विकास विद्यालयी शिक्षा से ही संभव है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को प्रतिदिन समय से विद्यालय भेजें, ताकि वे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ सरकार द्वारा संचालित विभिन्न सुविधाओं और योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। शिक्षकों ने बच्चों से भी संवाद किया, उन्हें पढ़ाई के प्रति उत्साहित किया और विद्यालय में मिलने वाले सकारात्मक शैक्षिक वातावरण, खेलकूद व अन्य गतिविधियों की जानकारी दी। इस अभियान के प्रति अभिभावकों ने उत्साह दिखाते हुए बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया। शिक्षकों का कहना है कि प्रत्येक बच्चा विद्यालय पहुंचे और कोई भी बालक शिक्षा से वंचित न रहे, यही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।
प्रयागराज के जसरा स्थित परिषदीय विद्यालय बिरवल में बुधवार को बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से एक विशेष जनसंपर्क अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत शिक्षकों ने अभिभावकों और बच्चों से सीधा संपर्क स्थापित किया तथा उन्हें आगामी दिवस से नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया। अभियान के दौरान शिक्षकों ने घर-घर जाकर अभिभावकों को नियमित शिक्षा के महत्व से अवगत कराया, यह बताते हुए कि बच्चों का सर्वांगीण विकास विद्यालयी शिक्षा से ही संभव है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को प्रतिदिन समय से विद्यालय भेजें, ताकि वे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ सरकार द्वारा संचालित विभिन्न सुविधाओं और योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। शिक्षकों ने बच्चों से भी संवाद किया, उन्हें पढ़ाई के प्रति उत्साहित किया और विद्यालय में मिलने वाले सकारात्मक शैक्षिक वातावरण, खेलकूद व अन्य गतिविधियों की जानकारी दी। इस अभियान के प्रति अभिभावकों ने उत्साह दिखाते हुए बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया। शिक्षकों का कहना है कि प्रत्येक बच्चा विद्यालय पहुंचे और कोई भी बालक शिक्षा से वंचित न रहे, यही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।
- प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र में एक पत्रकार के साथ हुई साइबर ठगी की घटना ने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश के परिपत्र संख्या-08/2022 में साइबर अपराध से जुड़े मामलों में शत-प्रतिशत अभियोग पंजीकृत करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, लेकिन इस मामले में घूरपुर पुलिस पर उन निर्देशों का पालन न करने का आरोप है। बीते 16 जून की शाम लगभग 4 बजे साइबर अपराधियों ने क्षेत्र के एक पत्रकार का मोबाइल हैक कर लिया। मोबाइल हैक होते ही, अपराधियों ने पत्रकार के व्हाट्सएप संपर्कों पर मदद के नाम पर धनराशि भेजने की अपील करनी शुरू कर दी। पत्रकार को घटना की जानकारी होने और साइबर सेल व थाने को सूचना देकर मोबाइल पुनः सक्रिय कराने से पहले ही उनके दो परिचित साइबर अपराधियों द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड पर कुल ₹14,000 (₹10,000 और ₹4,000) ऑनलाइन ट्रांसफर कर चुके थे। घटना के बाद, पीड़ितों ने तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। पत्रकार ने शिकायत संख्या, भुगतान के स्क्रीनशॉट और आधार की प्रतिलिपि सहित सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ उसी दिन घूरपुर थाने में तहरीर भी दी। हालांकि, आरोप है कि जब सोमवार को पत्रकार पुनः थाना पहुंचे और मुकदमा दर्ज करने की मांग की, तो थानाध्यक्ष अतुल कुमार मिश्रा ने कथित तौर पर यह कहकर इनकार कर दिया कि "50 हजार रुपये से कम की साइबर ठगी का मुकदमा दर्ज नहीं किया जाता।" इस बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। लगभग तीन दशक से पत्रकारिता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार थानाध्यक्ष के इस कथित जवाब से हैरान रह गए और बिना कोई बात किए थाने से वापस लौट आए। वहीं, जब इस संबंध में एसीपी कौंधियारा अब्दुस सलाम खान से बातचीत की गई, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उनकी जानकारी में 50 हजार रुपये से कम की साइबर ठगी पर मुकदमा दर्ज न करने जैसा कोई नियम नहीं है। उन्होंने मामले की जानकारी लेकर संबंधित अधिकारी से बात करने की बात कही। यह घटना एक बार फिर साइबर अपराध पीड़ितों की समस्याओं और थानों में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाती है। अब देखना यह होगा कि वायरल वीडियो और वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद पीड़ित पत्रकार को न्याय मिल पाता है या नहीं।4
- प्रयागराज के लूकरगंज इलाके में बुधवार, 24 जून 2026 को सिद्धार्थ गोयल के मकान में शॉर्ट सर्किट के कारण अचानक आग लग गई, जिससे पूरे मोहल्ले में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग की लपटें देखकर स्थानीय लोग घबरा गए। झूलेलाल नगर के पार्षद रोचक दरबारी ने तुरंत इस घटना की सूचना फायर ब्रिगेड को दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम बिना देरी किए मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, और समय रहते की गई कार्रवाई से एक बड़ा नुकसान टल गया। स्थानीय निवासियों ने फायर ब्रिगेड की तत्परता और त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना की। पुलिस ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। शुरुआती जांच में आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।1
- लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड मामले में निलंबित किए गए एफएसएसओ कमलेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर उनके खिलाफ हुई कार्रवाई को अन्यायपूर्ण करार दिया है। सिंह ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि उनका कार्यक्षेत्र बेहद सीमित है, जबकि एनओसी जारी करने सहित सभी महत्वपूर्ण अधिकार मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) के पास होते हैं। कमलेंद्र सिंह ने अग्निकांड स्थल पर दमकल के देर से पहुंचने के लिए भी सीधे तौर पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मुख्य अग्निशमन अधिकारी की जवाबदेही तय की जाए और उनके विरुद्ध की गई कार्रवाई पर पुनर्विचार किया जाए।1
- लखनऊ में एक कोचिंग संस्थान में हुए अग्निकांड के बाद पूरे प्रदेश में सुरक्षा मानकों की जाँच तेज़ कर दी गई है। इसी क्रम में प्रयागराज में भी फायर विभाग और प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने संयुक्त कार्रवाई शुरू की। इस दौरान विकास प्राधिकरण की टीम ने खान ग्लोबल कोचिंग संस्थान का निरीक्षण किया। जाँच में भवन मानकों और सुरक्षा संबंधी कई खामियाँ पाए जाने के बाद प्राधिकरण ने इस कोचिंग संस्थान को सील कर दिया। बताया गया है कि यह कोचिंग संस्थान तीन मंजिला भवन में संचालित हो रहा था। निरीक्षण के दौरान भवन निर्माण और संचालन से संबंधित मानकों में अनियमितताएँ मिलने पर पीडीए ने सीज करने की यह कार्रवाई की।1
- मलिहाबाद तहसील क्षेत्र के रहीमाबाद स्थित ग्राम पंचायत तिरगवा गाँव में एक बदबूदार पोल्ट्री फार्म के कारण ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि पोल्ट्री फार्म से उठने वाली तेज बदबू, गंदगी और मक्खियों के प्रकोप से गाँव में बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों के अनुसार, हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि कई लोग गाँव छोड़कर जाने को मजबूर हैं, जबकि पोल्ट्री फार्म संचालक मुनाफा कमा रहा है और ग्रामीण इलाज व अन्य मुश्किलों से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि फार्म के ठीक सामने स्थित प्राथमिक विद्यालय के मासूम बच्चे भी बदबू और मक्खियों से बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए हजारों ग्रामीणों ने मलिहाबाद के संपूर्ण समाधान तहसील दिवस में शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, शिकायत के 5 दिन बीत जाने के बाद भी आरोप है कि संबंधित अधिकारी मौके पर जाँच करने नहीं पहुँचे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी तहसील दिवस की शिकायतें केवल कागजों तक ही सीमित होकर रह गई हैं, जिससे अधिकारियों की इस अनदेखी को लेकर उनमें भारी रोष है।1
- उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में अंकित बालियान नाम के एक गुंडे ने अपनी दोना फैक्ट्री में एक दर्जन से अधिक मजदूरों को कई सालों से जानवरों की तरह बंधक बनाकर रखा था और उन्हें बर्बरता से प्रताड़ित किया। पुलिस द्वारा कुछ घंटे पहले मुक्त कराए गए इन मजदूरों की हालत जानवरों से भी बदतर थी। उनके शरीर पर बेतहाशा चोटों के निशान थे, वहीं कईयों के हाथ-पांव मार-मारकर सुजा दिए गए थे। फैक्ट्री में काम के बाद मजदूरों को एक लॉकअप में बंद करके रखा जाता था और उन्हें 24 घंटे में केवल एक बार चोकर की रोटी, नमक और हरी मिर्च खाने को दी जाती थी। इन मजदूरों को उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों से 12,000 रुपये के वेतन का लालच देकर लाया गया था। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि अंकित बालियान ने 'थर्ड डिग्री' यातना देकर तीन मजदूरों की हत्या कर दी, जिनमें से एक मृतक मजदूर की पहचान कर ली गई है। मुजफ्फरनगर के SSP संजय वर्मा के हाथ में वह हथियार देखा गया, जिसका उपयोग जानवरों की तरह बंधक बनाए गए इन मजदूरों को यातना देने के लिए किया जाता था। पुलिस ने इस मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उन्हें जेल भेज दिया है।1
- प्रयागराज के झूंसी क्षेत्र में बीती रात लगभग 11 बजे एक 'तेंदुआ माँ' फिर से दिखाई दी है। झूंसी के रहने वाले अर्पित साहू नामक युवक ने झूंसी के उल्टा किला (कोटिया) के पास नदी किनारे इस तेंदुए को देखा। घटना के तुरंत बाद, अर्पित ने वन विभाग को इसकी सूचना देने के लिए फोन किया, लेकिन विभाग का फोन स्विच ऑफ मिला। इस स्थिति को देखते हुए, युवक अर्पित साहू ने वन विभाग से तत्काल बचाव अभियान चलाकर तेंदुए को जल्द से जल्द एक सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने की अपील की है।1
- शंकरगढ़ क्षेत्र के कपारी मार्ग पर मंगलवार रात करीब 11:30 बजे तेज रफ्तार और नशे की हालत में बाइक चलाना दो युवकों के लिए भारी पड़ गया। ओसा निवासी प्रवीण कुमार अपने मामा के लड़के सूरज के साथ अपाचे बाइक से कपारी की ओर से शंकरगढ़ आ रहे थे, जब नशे की हालत में उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। इस हादसे में सूरज सड़क पर गिरा, जबकि प्रवीण सड़क से दूर लगभग तीन फीट गहरी पानी भरी नाली में जा गिरा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सहायता सेवा 112 और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। पुलिस की सक्रियता से घायल सूरज को तत्काल अस्पताल भेज दिया गया। हालांकि, प्रवीण अंधेरे में सड़क से दूर गिरा होने के कारण रात में दिखाई नहीं पड़ा। वहीं, सूरज भी नशे की हालत में होने के कारण दूसरे युवक के बारे में सही जानकारी देने की स्थिति में नहीं था, जिससे 112 पुलिस को प्रवीण के बारे में पता नहीं चल सका। बुधवार सुबह ग्रामीणों ने नाली में युवक का शव देखा और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी शंकरगढ़ सुशील दुबे, पीपीजीसीएल चौकी प्रभारी और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। काफी देर बाद मृत युवक की पहचान ओसा निवासी प्रवीण कुमार के रूप में हुई। तब यह पता चला कि रात में इलाज के लिए भेजे गए युवक (सूरज) के साथ यही युवक भी था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह युवकों की लापरवाही और नशे की हालत में बाइक चलाना ही माना जा रहा है।1
- प्रयागराज के खुल्दाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत लूकरगंज फील्ड के पास राहुल गोयल के घर स्थित एक स्टेशनरी दुकान में भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज़ थीं कि स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया, जिसके बाद लोगों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। कुछ समय बाद, फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुँची और अथक प्रयासों के बाद आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया। बताया जा रहा है कि इस भीषण अग्निकांड में लाखों रुपये का भारी नुकसान हुआ है, हालाँकि राहत की बात यह रही कि इसमें कोई जनहानि नहीं हुई।1