शंकरगढ़ क्षेत्र के कपारी मार्ग पर मंगलवार रात करीब 11:30 बजे तेज रफ्तार और नशे की हालत में बाइक चलाना दो युवकों के लिए भारी पड़ गया। ओसा निवासी प्रवीण कुमार अपने मामा के लड़के सूरज के साथ अपाचे बाइक से कपारी की ओर से शंकरगढ़ आ रहे थे, जब नशे की हालत में उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। इस हादसे में सूरज सड़क पर गिरा, जबकि प्रवीण सड़क से दूर लगभग तीन फीट गहरी पानी भरी नाली में जा गिरा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सहायता सेवा 112 और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। पुलिस की सक्रियता से घायल सूरज को तत्काल अस्पताल भेज दिया गया। हालांकि, प्रवीण अंधेरे में सड़क से दूर गिरा होने के कारण रात में दिखाई नहीं पड़ा। वहीं, सूरज भी नशे की हालत में होने के कारण दूसरे युवक के बारे में सही जानकारी देने की स्थिति में नहीं था, जिससे 112 पुलिस को प्रवीण के बारे में पता नहीं चल सका। बुधवार सुबह ग्रामीणों ने नाली में युवक का शव देखा और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी शंकरगढ़ सुशील दुबे, पीपीजीसीएल चौकी प्रभारी और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। काफी देर बाद मृत युवक की पहचान ओसा निवासी प्रवीण कुमार के रूप में हुई। तब यह पता चला कि रात में इलाज के लिए भेजे गए युवक (सूरज) के साथ यही युवक भी था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह युवकों की लापरवाही और नशे की हालत में बाइक चलाना ही माना जा रहा है।
शंकरगढ़ क्षेत्र के कपारी मार्ग पर मंगलवार रात करीब 11:30 बजे तेज रफ्तार और नशे की हालत में बाइक चलाना दो युवकों के लिए भारी पड़ गया। ओसा निवासी प्रवीण कुमार अपने मामा के लड़के सूरज के साथ अपाचे बाइक से कपारी की ओर से शंकरगढ़ आ रहे थे, जब नशे की हालत में उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। इस हादसे में सूरज सड़क पर गिरा, जबकि प्रवीण सड़क से दूर लगभग तीन फीट गहरी पानी भरी नाली में जा गिरा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सहायता सेवा 112 और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। पुलिस की सक्रियता से घायल सूरज को तत्काल अस्पताल भेज दिया गया। हालांकि, प्रवीण अंधेरे में सड़क से दूर गिरा होने के कारण रात में दिखाई नहीं पड़ा। वहीं, सूरज भी नशे की हालत में होने के कारण दूसरे युवक के बारे में सही जानकारी देने की स्थिति में नहीं था, जिससे 112 पुलिस को प्रवीण के बारे में पता नहीं चल सका। बुधवार सुबह ग्रामीणों ने नाली में युवक का शव देखा और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी शंकरगढ़ सुशील दुबे, पीपीजीसीएल चौकी प्रभारी और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। काफी देर बाद मृत युवक की पहचान ओसा निवासी प्रवीण कुमार के रूप में हुई। तब यह पता चला कि रात में इलाज के लिए भेजे गए युवक (सूरज) के साथ यही युवक भी था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह युवकों की लापरवाही और नशे की हालत में बाइक चलाना ही माना जा रहा है।
- 7 मोहर्रम के अवसर पर पानदरीबा में दुलदुल निकाला गया। इस दौरान दादूपुर के लोगों ने मातम मनाया।1
- प्रयागराज में जोनल अधिकारी सूरज कुमार पटेल के नेतृत्व में जोन-04, उपजोन-4ए के अंतर्गत अवैध प्लाटिंग और निर्माण के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। इस अभियान के तहत, मवझ्या नैनी, प्रयागराज में कुलदीप महरा, बब्लू पाण्डेय, रत्नेश सिंह और रंजन पाण्डेय व अन्य द्वारा लगभग 04 बीघा में की गई अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया। इसी क्रम में, मवइया ओमेक्स के पास नैनी, प्रयागराज में सुनील शुक्ला व अन्य द्वारा लगभग 02 बीघा में की गई अवैध प्लाटिंग पर भी बुलडोजर चलाया गया। यह कार्रवाई अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) द्वारा की गई है।2
- प्रयागराज के यमुनापार स्थित शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के कपारी गाँव में सड़क किनारे एक युवक का शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। मृतक युवक शंकरगढ़ के रानीगंज का निवासी बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब मृतक युवक की पूरी शिनाख्त करने और उसकी मौत के पीछे की असली वजह का पता लगाने में जुटी हुई है। यह हादसा है, हत्या है या कोई गहरी साजिश, पुलिस इन सभी संभावनाओं की पड़ताल कर रही है। इस घटना के बाद से कपारी और रानीगंज के निवासियों में हड़कंप के साथ-साथ मातम का माहौल भी व्याप्त है। पुलिस के अनुसार, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और गहन पुलिस तफ्तीश के बाद ही साफ हो पाएगी।1
- प्रयागराज के जसरा स्थित परिषदीय विद्यालय बिरवल में बुधवार को बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से एक विशेष जनसंपर्क अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत शिक्षकों ने अभिभावकों और बच्चों से सीधा संपर्क स्थापित किया तथा उन्हें आगामी दिवस से नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया। अभियान के दौरान शिक्षकों ने घर-घर जाकर अभिभावकों को नियमित शिक्षा के महत्व से अवगत कराया, यह बताते हुए कि बच्चों का सर्वांगीण विकास विद्यालयी शिक्षा से ही संभव है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को प्रतिदिन समय से विद्यालय भेजें, ताकि वे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ सरकार द्वारा संचालित विभिन्न सुविधाओं और योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। शिक्षकों ने बच्चों से भी संवाद किया, उन्हें पढ़ाई के प्रति उत्साहित किया और विद्यालय में मिलने वाले सकारात्मक शैक्षिक वातावरण, खेलकूद व अन्य गतिविधियों की जानकारी दी। इस अभियान के प्रति अभिभावकों ने उत्साह दिखाते हुए बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया। शिक्षकों का कहना है कि प्रत्येक बच्चा विद्यालय पहुंचे और कोई भी बालक शिक्षा से वंचित न रहे, यही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।1
- हिमाचल प्रदेश में एक बड़ा हादसा हुआ है, जहाँ एक पुल के अचानक ढह जाने के बाद एक ट्रक गहरी खाई में जा गिरा है। इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुँच गए हैं और राहत कार्यों में जुट गए हैं। फिलहाल, ट्रक के चालक और दुर्घटना से प्रभावित अन्य संभावित व्यक्तियों की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।1
- प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र में एक पत्रकार के साथ हुई साइबर ठगी की घटना ने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश के परिपत्र संख्या-08/2022 में साइबर अपराध से जुड़े मामलों में शत-प्रतिशत अभियोग पंजीकृत करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, लेकिन इस मामले में घूरपुर पुलिस पर उन निर्देशों का पालन न करने का आरोप है। बीते 16 जून की शाम लगभग 4 बजे साइबर अपराधियों ने क्षेत्र के एक पत्रकार का मोबाइल हैक कर लिया। मोबाइल हैक होते ही, अपराधियों ने पत्रकार के व्हाट्सएप संपर्कों पर मदद के नाम पर धनराशि भेजने की अपील करनी शुरू कर दी। पत्रकार को घटना की जानकारी होने और साइबर सेल व थाने को सूचना देकर मोबाइल पुनः सक्रिय कराने से पहले ही उनके दो परिचित साइबर अपराधियों द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड पर कुल ₹14,000 (₹10,000 और ₹4,000) ऑनलाइन ट्रांसफर कर चुके थे। घटना के बाद, पीड़ितों ने तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। पत्रकार ने शिकायत संख्या, भुगतान के स्क्रीनशॉट और आधार की प्रतिलिपि सहित सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ उसी दिन घूरपुर थाने में तहरीर भी दी। हालांकि, आरोप है कि जब सोमवार को पत्रकार पुनः थाना पहुंचे और मुकदमा दर्ज करने की मांग की, तो थानाध्यक्ष अतुल कुमार मिश्रा ने कथित तौर पर यह कहकर इनकार कर दिया कि "50 हजार रुपये से कम की साइबर ठगी का मुकदमा दर्ज नहीं किया जाता।" इस बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। लगभग तीन दशक से पत्रकारिता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार थानाध्यक्ष के इस कथित जवाब से हैरान रह गए और बिना कोई बात किए थाने से वापस लौट आए। वहीं, जब इस संबंध में एसीपी कौंधियारा अब्दुस सलाम खान से बातचीत की गई, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उनकी जानकारी में 50 हजार रुपये से कम की साइबर ठगी पर मुकदमा दर्ज न करने जैसा कोई नियम नहीं है। उन्होंने मामले की जानकारी लेकर संबंधित अधिकारी से बात करने की बात कही। यह घटना एक बार फिर साइबर अपराध पीड़ितों की समस्याओं और थानों में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाती है। अब देखना यह होगा कि वायरल वीडियो और वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद पीड़ित पत्रकार को न्याय मिल पाता है या नहीं।4
- मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मानसून के आगमन से पहले ही तैयारियों की वास्तविक स्थिति सामने आने लगी है। इन राज्यों के कई शहरों में सड़क, फ्लाईओवर और मेट्रो परियोजनाओं का काम अभी भी अधूरा है, जिससे गंभीर चिंताएं बढ़ गई हैं। कई स्थानों पर सड़कें खुदी हुई हैं, नालों की सफाई का काम भी पूरा नहीं हुआ है और विभिन्न निर्माण कार्य लगातार जारी हैं। इन अधूरे कामों के कारण, बारिश बढ़ने के साथ-साथ जलभराव, ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं का खतरा भी काफी बढ़ गया है। प्रशासन भले ही मानसून की तैयारियों को लेकर दावे कर रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि यदि समय रहते ये आवश्यक कार्य पूरे नहीं हुए, तो मानसून के दौरान आम जनता को होने वाली परेशानियों का जिम्मेदार कौन होगा।1
- प्रयागराज के खुल्दाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत लूकरगंज फील्ड के पास राहुल गोयल के घर स्थित एक स्टेशनरी दुकान में भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज़ थीं कि स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया, जिसके बाद लोगों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। कुछ समय बाद, फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुँची और अथक प्रयासों के बाद आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया। बताया जा रहा है कि इस भीषण अग्निकांड में लाखों रुपये का भारी नुकसान हुआ है, हालाँकि राहत की बात यह रही कि इसमें कोई जनहानि नहीं हुई।1