नवादा जिले के गोविंदपुर प्रखंड क्षेत्र में स्थित अस्पताल रोड इन दिनों बेहद बदहाल स्थिति में है। सड़क पर फैले कीचड़ और गहरे गड्ढों के कारण स्थानीय निवासियों, मरीजों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे इस मार्ग से गुजरना किसी जोखिम से कम नहीं रह गया है। स्थानीय बाजारवासियों का कहना है कि सड़क पर हमेशा कीचड़ जमा रहता है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है, खासकर अस्पताल जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बारिश के बाद तो हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जब सड़क दलदल में तब्दील हो जाती है। बताया गया है कि बालू उठाव के कारण भारी वाहन, विशेषकर हाइवा ट्रक, बाजार के इस मुख्य मार्ग से लगातार गुजरते हैं। इन भारी वाहनों के निरंतर आवागमन से सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इसके चलते आए दिन बाइक और टोटो के फिसलकर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। इतना ही नहीं, इस सड़क पर रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती है। जाम के कारण एम्बुलेंस को समय पर अस्पताल पहुंचने में कठिनाई होती है, जिससे मरीजों की जान पर खतरा मंडराता रहता है। वहीं, स्कूल जाने वाले बच्चों को भी घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों ने सड़क की मरम्मत कराने और भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने की मांग को लेकर कई बार प्रशासन से गुहार लगाई है। हालांकि, अब तक प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है और वे जल्द से जल्द इस समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं। अब देखना यह है कि शासन-प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब ध्यान देता है और आम जनता को इस दयनीय स्थिति से राहत मिल पाती है या नहीं।
नवादा जिले के गोविंदपुर प्रखंड क्षेत्र में स्थित अस्पताल रोड इन दिनों बेहद बदहाल स्थिति में है। सड़क पर फैले कीचड़ और गहरे गड्ढों के कारण स्थानीय निवासियों, मरीजों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे इस मार्ग से गुजरना किसी जोखिम से कम नहीं रह गया है। स्थानीय बाजारवासियों का कहना है कि सड़क पर हमेशा कीचड़ जमा रहता है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है, खासकर अस्पताल जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बारिश के बाद तो हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जब सड़क दलदल में
तब्दील हो जाती है। बताया गया है कि बालू उठाव के कारण भारी वाहन, विशेषकर हाइवा ट्रक, बाजार के इस मुख्य मार्ग से लगातार गुजरते हैं। इन भारी वाहनों के निरंतर आवागमन से सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इसके चलते आए दिन बाइक और टोटो के फिसलकर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। इतना ही नहीं, इस सड़क पर रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती है। जाम के कारण एम्बुलेंस को समय पर अस्पताल पहुंचने में कठिनाई होती है, जिससे मरीजों की जान पर खतरा मंडराता रहता है। वहीं, स्कूल जाने वाले बच्चों को भी
घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों ने सड़क की मरम्मत कराने और भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने की मांग को लेकर कई बार प्रशासन से गुहार लगाई है। हालांकि, अब तक प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है और वे जल्द से जल्द इस समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं। अब देखना यह है कि शासन-प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब ध्यान देता है और आम जनता को इस दयनीय स्थिति से राहत मिल पाती है या नहीं।
- कोडरमा जिले के डोमचन थाना क्षेत्र अंतर्गत जानपुर गाँव में एक व्यक्ति का शव बरामद किया गया है। मृतक के परिजनों ने इस मामले में जमीनी विवाद को लेकर हत्या का आरोप लगाया है।1
- झारखंड के कोडरमा जिले के छात्र और जनप्रतिनिधि सरकार के उस निर्णय का कड़ा विरोध कर रहे हैं, जिसमें जिले के कॉलेजों को विनोबा भावे विश्वविद्यालय से हटाकर जे.सी. बोस विश्वविद्यालय में स्थानांतरित करने की बात कही गई है। उनका स्पष्ट मानना है कि सरकार द्वारा लिया गया यह फैसला किसी भी तरह से छात्रों के हित में नहीं है, और वे इस निर्णय को चुनौती दे रहे हैं।1
- भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने इस बात की पुष्टि की है कि भारत में बहुत जल्द प्लास्टिक की नोटों का चलन शुरू किया जाएगा।1
- विराट एक क्लिनिक पहुंचे और डॉक्टर साहब से आग्रह किया कि उनके इलाज का चार्ज थोड़ा कम कर दिया जाए। डॉक्टर इस बात को मानने ही वाले थे कि तभी उन्होंने क्लिनिक के बाहर खड़ी एक Thar SUV देख ली। Thar देखते ही डॉक्टर का मन बदल गया और उन्होंने विराट से कहा कि चार्ज कम नहीं होगा, बल्कि वे तो खुद उनसे बिज़नेस के टिप्स लेंगे। डॉक्टर की इस हास्यपूर्ण टिप्पणी पर पूरा क्लिनिक ठहाकों से गूंज उठा। इस घटना के बाद यह सवाल उठाया गया है कि इस स्थिति में डॉक्टर सही थे या विराट।1
- शेखपुरा के संयुक्त कृषि भवन में 08 जून 2026 को जिला स्तरीय 'प्रशिक्षण सह कार्यशाला खरीफ महाअभियान 2026' का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ अपर समाहर्ता श्री लखींद्र पासवान द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर जिला कृषि पदाधिकारी सह परियोजना निदेशक (आत्मा) ने अपर समाहर्ता महोदय को 'जल-जीवन-हरियाली' के प्रतीक के रूप में पौधा भेंट कर सम्मानित भी किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों को खरीफ फसल की बुवाई के लिए तैयार करना और उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित करना था। कार्यशाला के दौरान, अपर समाहर्ता महोदय ने जिले के सभी किसानों से अनिवार्य रूप से किसान पंजीकरण कराने का विशेष आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजीकरण ही सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने की पहली और आवश्यक सीढ़ी है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में पंजीकरण कराएं ताकि सरकारी सहायता सीधे उन तक पहुँच सके। भूमि सुधार और नामांतरण पर महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए, अपर समाहर्ता ने जिले के सभी जमीन मालिकों को निर्देशित किया कि यदि जमीन दादा-परदादा के नाम पर है, तो उसे अविलंब अपने नाम पर मोटेशन करवाएं। इसके लिए संबंधित सरपंच से वंशावली निर्गत करवाएं, नामांतरण फॉर्म भरकर खाता, खसरा, रकवा और जमीन के आवश्यक कागजात संलग्न करें, तथा इसके बाद ऑनलाइन आवेदन कर अंचलाधिकारी के माध्यम से रसीद काटने की प्रक्रिया पूरी करें। उन्होंने कहा कि जमीन का रिकॉर्ड दुरुस्त रहने से ही भविष्य में किसानों को सरकारी योजनाओं और ऋण लेने में कोई कठिनाई नहीं होगी। जिलें के किसानों को खरीफ सीजन के लिए उन्नत बीज की उपलब्धता के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें बताया गया कि वे शंकर धान और शंकर मक्का के बीज जिला कृषि कार्यालय से संपर्क कर प्राप्त कर सकते हैं। इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में कृषि विभाग के कई वरीय पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित थे, जिनमें प्रमुख रूप से सहायक निदेशक (शस्य), भूमि संरक्षण पदाधिकारी, उप निदेशक (कृषि अभियंत्रण), प्रखंड कृषि पदाधिकारी, किसान समन्वयक सहित जिले के अनेक प्रगतिशील किसान सम्मिलित हुए।4
- शेखपुरा जिले के कोरमा थाना पुलिस ने न्यायालय द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मुरारपुर गांव निवासी घनश्याम राम (पिता- लड्डू राम), अनिल राम (पिता- ब्रह्मदेव राम) और सुराजी राम (पिता- केसो राम) के रूप में हुई है। कोरमा थानाध्यक्ष मुरारी कुमार ने बताया कि इन तीनों के खिलाफ न्यायालय से एनबीडब्ल्यू वारंट जारी किया गया था, जिसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर उन्हें विधिवत गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के उपरांत, सभी आरोपियों को थाना लाया गया जहाँ आवश्यक कानूनी औपचारिकताएँ पूरी की गईं। थानाध्यक्ष के अनुसार, अग्रिम कार्रवाई के तहत इन सभी आरोपियों को रविवार की शाम करीब 4 बजे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि न्यायालय के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए वारंटियों की गिरफ्तारी हेतु लगातार अभियान चलाया जा रहा है। कोरमा पुलिस ने आगे कहा कि फरार वारंटियों और अपराधियों के खिलाफ उनका यह विशेष अभियान जारी रहेगा तथा कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- नवादा जिले के गोविंदपुर प्रखंड स्थित प्रसिद्ध ककोलत जलप्रपात, जिसे 'बिहार का कश्मीर' भी कहा जाता है, इन दिनों प्रवेश शुल्क में अचानक हुई भारी वृद्धि के कारण गहरे विवादों में घिर गया है। पहले पर्यटकों से प्रति व्यक्ति मात्र ₹10 का शुल्क लिया जाता था, जिसे अब अचानक बढ़ाकर ₹100 कर दिया गया है। इस अप्रत्याशित वृद्धि का सीधा परिणाम पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट के रूप में सामने आया है। इस फैसले के बाद ककोलत में प्रतिदिन स्नान और घूमने के लिए आने वाले लोगों की संख्या में जबरदस्त कमी दर्ज की गई है। जहां पहले यह संख्या लगभग 20 से 30 हजार प्रतिदिन थी, वहीं अब यह घटकर महज 7 से 8 हजार रह गई है। पर्यटकों की संख्या में इस गिरावट का नकारात्मक प्रभाव ककोलत परिसर में अपनी रोजी-रोटी कमाने वाले छोटे दुकानदारों पर पड़ा है, जिससे उनमें साफ तौर पर मायूसी देखी जा रही है। भीषण गर्मी और ग्रीष्मकालीन अवकाश के बावजूद, जब आमतौर पर ककोलत में भारी भीड़ उमड़ती है, इस बार स्थिति बिल्कुल विपरीत है। पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों ने भी नवादा जिला प्रशासन के इस फैसले पर कड़ी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के शुल्क में इतनी अधिक वृद्धि करना आम लोगों के हित में नहीं है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने जिला प्रशासन से इस शुल्क वृद्धि पर पुनर्विचार करने की मांग की है, ताकि ककोलत जलप्रपात की पुरानी रौनक फिर से लौट सके।4
- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका में अडानी के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज करने की बात कही है। ट्रंप का दावा है कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया है क्योंकि वह जानते हैं कि अडानी ही बीजेपी का पूरा फाइनेंशियल सिस्टम है। ट्रंप के अनुसार, उनके पास एपस्टीन फाइलें हैं, जिनमें मोदी से जुड़ी पूरी सच्चाई मौजूद है, और इसी जानकारी के आधार पर वह ये बातें कह रहे हैं।1
- शिक्षक खान सर हाल ही में भावुक हो गए, उनकी आँखों में आँसू आ गए। उन्होंने बताया कि अब लोग उन्हें हिंदू-मुस्लिम कहने लगे हैं, जिससे उन्हें गहरा दुख हुआ है।1