नवादा जिले के गोविंदपुर प्रखंड स्थित प्रसिद्ध ककोलत जलप्रपात, जिसे 'बिहार का कश्मीर' भी कहा जाता है, इन दिनों प्रवेश शुल्क में अचानक हुई भारी वृद्धि के कारण गहरे विवादों में घिर गया है। पहले पर्यटकों से प्रति व्यक्ति मात्र ₹10 का शुल्क लिया जाता था, जिसे अब अचानक बढ़ाकर ₹100 कर दिया गया है। इस अप्रत्याशित वृद्धि का सीधा परिणाम पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट के रूप में सामने आया है। इस फैसले के बाद ककोलत में प्रतिदिन स्नान और घूमने के लिए आने वाले लोगों की संख्या में जबरदस्त कमी दर्ज की गई है। जहां पहले यह संख्या लगभग 20 से 30 हजार प्रतिदिन थी, वहीं अब यह घटकर महज 7 से 8 हजार रह गई है। पर्यटकों की संख्या में इस गिरावट का नकारात्मक प्रभाव ककोलत परिसर में अपनी रोजी-रोटी कमाने वाले छोटे दुकानदारों पर पड़ा है, जिससे उनमें साफ तौर पर मायूसी देखी जा रही है। भीषण गर्मी और ग्रीष्मकालीन अवकाश के बावजूद, जब आमतौर पर ककोलत में भारी भीड़ उमड़ती है, इस बार स्थिति बिल्कुल विपरीत है। पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों ने भी नवादा जिला प्रशासन के इस फैसले पर कड़ी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के शुल्क में इतनी अधिक वृद्धि करना आम लोगों के हित में नहीं है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने जिला प्रशासन से इस शुल्क वृद्धि पर पुनर्विचार करने की मांग की है, ताकि ककोलत जलप्रपात की पुरानी रौनक फिर से लौट सके।
नवादा जिले के गोविंदपुर प्रखंड स्थित प्रसिद्ध ककोलत जलप्रपात, जिसे 'बिहार का कश्मीर' भी कहा जाता है, इन दिनों प्रवेश शुल्क में अचानक हुई भारी वृद्धि के कारण गहरे विवादों में घिर गया है। पहले पर्यटकों से प्रति व्यक्ति मात्र ₹10 का शुल्क लिया जाता था, जिसे अब अचानक बढ़ाकर ₹100 कर दिया गया है। इस अप्रत्याशित वृद्धि का सीधा
परिणाम पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट के रूप में सामने आया है। इस फैसले के बाद ककोलत में प्रतिदिन स्नान और घूमने के लिए आने वाले लोगों की संख्या में जबरदस्त कमी दर्ज की गई है। जहां पहले यह संख्या लगभग 20 से 30 हजार प्रतिदिन थी, वहीं अब यह घटकर महज 7 से 8 हजार रह गई है। पर्यटकों
की संख्या में इस गिरावट का नकारात्मक प्रभाव ककोलत परिसर में अपनी रोजी-रोटी कमाने वाले छोटे दुकानदारों पर पड़ा है, जिससे उनमें साफ तौर पर मायूसी देखी जा रही है। भीषण गर्मी और ग्रीष्मकालीन अवकाश के बावजूद, जब आमतौर पर ककोलत में भारी भीड़ उमड़ती है, इस बार स्थिति बिल्कुल विपरीत है। पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों ने भी नवादा जिला
प्रशासन के इस फैसले पर कड़ी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के शुल्क में इतनी अधिक वृद्धि करना आम लोगों के हित में नहीं है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने जिला प्रशासन से इस शुल्क वृद्धि पर पुनर्विचार करने की मांग की है, ताकि ककोलत जलप्रपात की पुरानी रौनक फिर से लौट सके।
- नवादा जिले के गोविंदपुर प्रखंड क्षेत्र में स्थित अस्पताल रोड इन दिनों बेहद बदहाल स्थिति में है। सड़क पर फैले कीचड़ और गहरे गड्ढों के कारण स्थानीय निवासियों, मरीजों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे इस मार्ग से गुजरना किसी जोखिम से कम नहीं रह गया है। स्थानीय बाजारवासियों का कहना है कि सड़क पर हमेशा कीचड़ जमा रहता है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है, खासकर अस्पताल जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बारिश के बाद तो हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जब सड़क दलदल में तब्दील हो जाती है। बताया गया है कि बालू उठाव के कारण भारी वाहन, विशेषकर हाइवा ट्रक, बाजार के इस मुख्य मार्ग से लगातार गुजरते हैं। इन भारी वाहनों के निरंतर आवागमन से सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इसके चलते आए दिन बाइक और टोटो के फिसलकर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। इतना ही नहीं, इस सड़क पर रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती है। जाम के कारण एम्बुलेंस को समय पर अस्पताल पहुंचने में कठिनाई होती है, जिससे मरीजों की जान पर खतरा मंडराता रहता है। वहीं, स्कूल जाने वाले बच्चों को भी घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों ने सड़क की मरम्मत कराने और भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने की मांग को लेकर कई बार प्रशासन से गुहार लगाई है। हालांकि, अब तक प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है और वे जल्द से जल्द इस समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं। अब देखना यह है कि शासन-प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब ध्यान देता है और आम जनता को इस दयनीय स्थिति से राहत मिल पाती है या नहीं।3
- अलीगंज/चंद्रदीप के चंद्रदीप थाना में धनामा गाँव के तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराने और उसके संरक्षण के मुद्दे पर "तालाब बचाओ संघर्ष समिति" की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। अंचलाधिकारी रंजन कुमार दिवाकर और थाना प्रभारी अरविंद कुमार की मौजूदगी में हुई इस बैठक में सैकड़ों ग्रामीणों ने तालाबों की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कई अहम निर्णय लिए और महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए। बैठक में तय किया गया कि धनामा के पश्चिमी तालाब के भीतर के सभी पेड़ों को हटाया जाएगा और तालाब का गहरीकरण दक्षिण व पश्चिमी कोने से शुरू किया जाएगा। संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि कुछ संवेदक असामाजिक तत्वों का इस्तेमाल कर ग्रामीणों में डर और भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसकी कड़ी निंदा की गई। साथ ही, तालाब की खुदाई के दौरान संवेदक के प्रतिनिधियों द्वारा गोलीबारी किए जाने की घटना की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई गई। समिति ने तालाब में पानी आने वाले सभी रास्तों को साफ कराने, जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने, तालाब के दक्षिण और पश्चिमी भाग में भरे गए मिट्टी को हटाने और आहर का पानी तालाब तक पहुंचाने वाले मार्ग को साफ कराने की मांग की। उन्होंने प्रशासनिक सहयोग से तालाब की जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की भी अपील की। समिति के संयोजक अंजनि कुमार उर्फ सोनू कुमार ने जोर देकर कहा कि तालाब ग्रामीणों की अमूल्य धरोहर है और इसके संरक्षण के लिए सभी ग्रामीण एकजुट हैं। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई करते हुए तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराने और जल संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे। इस बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण और समिति के सदस्य उपस्थित थे।4
- जन सुराज नेता और बिहार के यूट्यूबर मनीष कश्यप का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में मनीष कश्यप अपने दो दोस्तों के साथ यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि, "गांधी के मौत पर अब हम लोग जश्न मनाते हैं, अब ऊ डर खतम"। इस वायरल वीडियो को लेकर मनीष कश्यप पर सवाल उठाए जा रहे हैं। पोस्ट में कहा गया है कि जिसकी मानसिकता आरएसएस से ग्रसित हो और जो आरएसएस का सच्चा सिपाही हो, उसने एक ऐसी पार्टी जॉइन की है जिसकी विचारधारा ही गांधीवादी है। यह वीडियो पुरानी होने के बावजूद वर्तमान में वायरल हो रही है।1
- बिहार के नवादा जिले के वारिसलीगंज प्रखंड अंतर्गत झौर गांव के वार्ड नंबर 12 में सड़क पर नाली का पानी बहने की समस्या सामने आई है। स्थानीय लोगों ने इस संबंध में जिला पदाधिकारी, नवादा का ध्यान आकर्षित किया है।2
- भारत के मुख्य न्यायाधीश को वोट चोरी और चुनाव में धांधली के संबंध में एक पत्र भेजने पर सहमति बन गई है।1
- कोडरमा जिले के डोमचांच जानपुर पंचायत में एक कुएं से पंकज चौधरी नामक युवक का शव बरामद हुआ है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह हत्या का मामला है, जिसका संबंध जमीनी विवाद से बताया जा रहा है।4
- कोचिंग जा रही एक छात्रा के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है। इस घटना के संबंध में, दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- कोडरमा जिले के डोमचांच थाना क्षेत्र के जौनपुर गांव में एक कुएं से व्यक्ति का शव बरामद होने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक के परिजनों ने सीधे तौर पर यह आरोप लगाया है कि व्यक्ति की हत्या जमीन विवाद के कारण की गई है। इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, मौत के असली कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।1