अलीगंज/चंद्रदीप के चंद्रदीप थाना में धनामा गाँव के तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराने और उसके संरक्षण के मुद्दे पर "तालाब बचाओ संघर्ष समिति" की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। अंचलाधिकारी रंजन कुमार दिवाकर और थाना प्रभारी अरविंद कुमार की मौजूदगी में हुई इस बैठक में सैकड़ों ग्रामीणों ने तालाबों की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कई अहम निर्णय लिए और महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए। बैठक में तय किया गया कि धनामा के पश्चिमी तालाब के भीतर के सभी पेड़ों को हटाया जाएगा और तालाब का गहरीकरण दक्षिण व पश्चिमी कोने से शुरू किया जाएगा। संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि कुछ संवेदक असामाजिक तत्वों का इस्तेमाल कर ग्रामीणों में डर और भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसकी कड़ी निंदा की गई। साथ ही, तालाब की खुदाई के दौरान संवेदक के प्रतिनिधियों द्वारा गोलीबारी किए जाने की घटना की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई गई। समिति ने तालाब में पानी आने वाले सभी रास्तों को साफ कराने, जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने, तालाब के दक्षिण और पश्चिमी भाग में भरे गए मिट्टी को हटाने और आहर का पानी तालाब तक पहुंचाने वाले मार्ग को साफ कराने की मांग की। उन्होंने प्रशासनिक सहयोग से तालाब की जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की भी अपील की। समिति के संयोजक अंजनि कुमार उर्फ सोनू कुमार ने जोर देकर कहा कि तालाब ग्रामीणों की अमूल्य धरोहर है और इसके संरक्षण के लिए सभी ग्रामीण एकजुट हैं। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई करते हुए तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराने और जल संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे। इस बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण और समिति के सदस्य उपस्थित थे।
अलीगंज/चंद्रदीप के चंद्रदीप थाना में धनामा गाँव के तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराने और उसके संरक्षण के मुद्दे पर "तालाब बचाओ संघर्ष समिति" की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। अंचलाधिकारी रंजन कुमार दिवाकर और थाना प्रभारी अरविंद कुमार की मौजूदगी में हुई इस बैठक में सैकड़ों ग्रामीणों ने तालाबों की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कई अहम निर्णय लिए और महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए। बैठक में तय किया गया कि धनामा के
पश्चिमी तालाब के भीतर के सभी पेड़ों को हटाया जाएगा और तालाब का गहरीकरण दक्षिण व पश्चिमी कोने से शुरू किया जाएगा। संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि कुछ संवेदक असामाजिक तत्वों का इस्तेमाल कर ग्रामीणों में डर और भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसकी कड़ी निंदा की गई। साथ ही, तालाब की खुदाई के दौरान संवेदक के प्रतिनिधियों द्वारा गोलीबारी किए जाने की घटना की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई गई। समिति
ने तालाब में पानी आने वाले सभी रास्तों को साफ कराने, जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने, तालाब के दक्षिण और पश्चिमी भाग में भरे गए मिट्टी को हटाने और आहर का पानी तालाब तक पहुंचाने वाले मार्ग को साफ कराने की मांग की। उन्होंने प्रशासनिक सहयोग से तालाब की जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की भी अपील की। समिति के संयोजक अंजनि कुमार उर्फ सोनू कुमार ने जोर देकर कहा कि तालाब ग्रामीणों
की अमूल्य धरोहर है और इसके संरक्षण के लिए सभी ग्रामीण एकजुट हैं। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई करते हुए तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराने और जल संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे। इस बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण और समिति के सदस्य उपस्थित थे।
- कोचिंग जा रही एक छात्रा के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है। इस घटना के संबंध में, दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- अब लखनऊ भी मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट के एक रीजनल सेंटर के तौर पर अपनी पहचान स्थापित कर रहा है।1
- खान सर और रोशन सर के बीच चल रही कथित लड़ाई को लेकर जगदेव सर ने एक बड़ा बयान जारी किया है। इस बयान के साथ ही उन्होंने इस मामले से जुड़ा एक बड़ा खुलासा भी किया है।1
- नीम की फलियों, 150 से अधिक औषधीय पौधों की पत्तियों, हल्दी, गुंडी और अन्य विभिन्न प्राकृतिक सामग्रियों के उपयोग से एक शक्तिशाली जैविक कीटनाशक तैयार किया गया है।1
- जमुई जिले में जिला स्तरीय खरीफ महाभियान-2026 का भव्य शुभारंभ किया गया है। जिला प्रशासन और कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी नवीन ने किया। इस दौरान किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती, उन्नत बीजों के उपयोग और सरकारी योजनाओं से अवगत कराया गया। जिला पदाधिकारी ने कृषि कर्मियों को गांव-गांव जाकर किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन देने का निर्देश देते हुए 25 जून 2026 तक जिले में एक लाख फार्मर रजिस्ट्री का लक्ष्य हर हाल में पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने और ‘4-R फॉर्मूला’ (सही स्रोत, सही मात्रा, सही समय और सही स्थान) अपनाने की भी अपील की। कृषि विभाग ने धान, बेबी कॉर्न, स्वीट कॉर्न और संकर मक्का के बीजों पर मिलने वाले अनुदान की विस्तृत जानकारी भी दी। इस अभियान के तहत, 11 जून से पंचायत स्तर पर किसान जनचौपाल आयोजित किए जाएंगे, जहाँ किसानों को कृषि योजनाओं से संबंधित जानकारी प्रदान की जाएगी और उनकी समस्याओं का समाधान उपलब्ध कराया जाएगा।1
- बाढ़ के विधायक डॉ. सियाराम सिंह ने भारत विकास परिषद की मोकामा शाखा का दौरा किया। हालांकि, उनके इस दौरे के दौरान उन्होंने क्या कहा, इस संबंध में कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।1
- केवटी थाना क्षेत्र के डुमरी गांव में पुलिस ने एक इस्तेहार वारंटी दिप्पू सिंह, पिता श्री देव सिंह, के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है। रविवार शाम करीब 5 बजे केवटी थाना पुलिस ने न्यायालय द्वारा जारी इस्तेहार वारंटी दिप्पू सिंह के आवास पर विधिवत चिपकाया और इसकी सूचना सार्वजनिक रूप से दी। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश के आलोक में की गई है। पुलिस के अनुसार, यह कदम आरोपी को न्यायालय में उपस्थित होने का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है। केवटी थानाध्यक्ष त्रिपुरारी कुमार ने बताया कि न्यायालय के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए यह इस्तेहार चिपकाया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में फरार आरोपियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और गति मिली है। थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यदि वारंटी दिप्पू सिंह निर्धारित समय के भीतर न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं होता है, तो उसके विरुद्ध आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी बताया कि न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।1
- नवादा जिले के गोविंदपुर प्रखंड स्थित प्रसिद्ध ककोलत जलप्रपात, जिसे 'बिहार का कश्मीर' भी कहा जाता है, इन दिनों प्रवेश शुल्क में अचानक हुई भारी वृद्धि के कारण गहरे विवादों में घिर गया है। पहले पर्यटकों से प्रति व्यक्ति मात्र ₹10 का शुल्क लिया जाता था, जिसे अब अचानक बढ़ाकर ₹100 कर दिया गया है। इस अप्रत्याशित वृद्धि का सीधा परिणाम पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट के रूप में सामने आया है। इस फैसले के बाद ककोलत में प्रतिदिन स्नान और घूमने के लिए आने वाले लोगों की संख्या में जबरदस्त कमी दर्ज की गई है। जहां पहले यह संख्या लगभग 20 से 30 हजार प्रतिदिन थी, वहीं अब यह घटकर महज 7 से 8 हजार रह गई है। पर्यटकों की संख्या में इस गिरावट का नकारात्मक प्रभाव ककोलत परिसर में अपनी रोजी-रोटी कमाने वाले छोटे दुकानदारों पर पड़ा है, जिससे उनमें साफ तौर पर मायूसी देखी जा रही है। भीषण गर्मी और ग्रीष्मकालीन अवकाश के बावजूद, जब आमतौर पर ककोलत में भारी भीड़ उमड़ती है, इस बार स्थिति बिल्कुल विपरीत है। पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों ने भी नवादा जिला प्रशासन के इस फैसले पर कड़ी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के शुल्क में इतनी अधिक वृद्धि करना आम लोगों के हित में नहीं है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने जिला प्रशासन से इस शुल्क वृद्धि पर पुनर्विचार करने की मांग की है, ताकि ककोलत जलप्रपात की पुरानी रौनक फिर से लौट सके।4
- बिहार में पेपर लीक के मामले को लेकर छात्रों की स्थिति सामने आई है। इस मुद्दे पर बिहार के छात्र चुप्पी साधे हुए हैं और वे दो शिक्षकों के बीच फंसे हुए बताए जा रहे हैं।1