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पैदल जा रहे वृद्ध को बाइक सवार ने मारी टक्कर वृद्ध की हुई मौत परिवार मे मचा कोहराम

1 day ago
user_JSB NEWS UP
JSB NEWS UP
पत्रकारिता बबेरू, बांदा, उत्तर प्रदेश•
1 day ago

पैदल जा रहे वृद्ध को बाइक सवार ने मारी टक्कर वृद्ध की हुई मौत परिवार मे मचा कोहराम

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • बाइक मे पीछे बैठी महिला की गिरकर कोई मौत परिवार में मचा कोहराम पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
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    बाइक मे पीछे बैठी महिला की गिरकर कोई मौत परिवार में मचा कोहराम पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
    user_JSB NEWS UP
    JSB NEWS UP
    पत्रकारिता बबेरू, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • बांदा में इलाज पर सवाल | महिला की मौत के बाद डॉक्टर पर गंभीर आरोप बांदा में इलाज पर सवाल | महिला की मौत के बाद डॉक्टर पर गंभीर आरोप बांदा में करीब 24 वर्षीय महिला की इलाज के दौरान मौत के बाद निजी क्लिनिक संचालक डॉ. वीके पटेल पर परिजनों ने गलत इलाज और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बांदा के आवास विकास इलाके में महिला की मौत के बाद हड़कंप मचा है। नरैनी क्षेत्र की करीब 24 वर्षीय महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने डॉ. वीके पटेल पर गलत इलाज और कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए मीडिया के सामने अपनी बात रखी और कार्रवाई की मांग की। शिकायतकर्ताओं ने डॉक्टर के आवासीय भवन में क्लिनिक-अस्पताल संचालित किए जाने और करीब आठ फीट कथित अवैध निर्माण का आरोप भी लगाया है। उनका दावा है कि अवैध निर्माण को लेकर पहले नोटिस और आदेश जारी हो चुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, चिकित्सा लापरवाही की जिम्मेदारी तय करने और कथित अवैध निर्माण पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, डॉक्टर का पक्ष और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
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    बांदा में इलाज पर सवाल | महिला की मौत के बाद डॉक्टर पर गंभीर आरोप
बांदा में इलाज पर सवाल | महिला की मौत के बाद डॉक्टर पर गंभीर आरोप
बांदा में करीब 24 वर्षीय महिला की इलाज के दौरान मौत के बाद निजी क्लिनिक संचालक डॉ. वीके पटेल पर परिजनों ने गलत इलाज और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
बांदा के आवास विकास इलाके में महिला की मौत के बाद हड़कंप मचा है। नरैनी क्षेत्र की करीब 24 वर्षीय महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने डॉ. वीके पटेल पर गलत इलाज और कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए मीडिया के सामने अपनी बात रखी और कार्रवाई की मांग की। शिकायतकर्ताओं ने डॉक्टर के आवासीय भवन में क्लिनिक-अस्पताल संचालित किए जाने और करीब आठ फीट कथित अवैध निर्माण का आरोप भी लगाया है। उनका दावा है कि अवैध निर्माण को लेकर पहले नोटिस और आदेश जारी हो चुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, चिकित्सा लापरवाही की जिम्मेदारी तय करने और कथित अवैध निर्माण पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, डॉक्टर का पक्ष और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
    user_कुलदीप कुमार मिश्रा
    कुलदीप कुमार मिश्रा
    Photographer बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • बांदा -मामूली विवाद में महिला की हत्या, देवर-भतीजा गिरफ्तार
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    बांदा -मामूली विवाद में महिला की हत्या, देवर-भतीजा गिरफ्तार
    user_दुर्गेश कश्यप
    दुर्गेश कश्यप
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • आज सद्भावना सेवा मंच के अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता राजा के नेतृत्व में अपने पदाधिकारीयों के साथ एक ज्ञापन रेल मंत्री भारत सरकार को रेलवे स्टेशन मास्टर बांदा को दिया, और उनको अवगत कराया कि बांदा से प्रतिदिन हजारों लोग देश के विभिन्न शहरों के लिए यात्रा करते हैं, परन्तु स्टेशन परिसर में यात्री सुविधाओं का अभाव है। यात्रियों के हितों को ध्यान में रखते हुए हमारी भारत सरकार से निम्न मांगे है- 1,रेलवे स्टेशन में स्लीपर / वातानुकूलित क्लास के यात्रियों के लिए नये और भव्य प्रतीक्षालय का निर्माण कराया जाय । 2,रेलवे कर्मचारियों के लिए बने अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाये तथा बाँदा शहर में स्थित किसी अच्छे अस्पताल में कर्मचारियों के इलाज की व्यवस्था की जाये। 3,बांदा जनपद आर्थिक दृष्टि से कमजोर होने के कारण हजारों की संख्या में लोग प्रतिदिन मुंबई के लिए यात्रा करते हैं, परन्तु यात्रियों के अनुपात में बांदा से मुंबई के लिए गाड़ियां बहुत कम है अतः तुलसी एक्सप्रेस को प्रतिदिन चलाया जाये । 4,दक्षिण भारत के शहरों जैसे चेन्नई,रामेश्वरम, हैदराबाद,मंगलुरु के लिए बांदा से ट्रेनों का प्रतिदिन संचालन किया जाये। 5,जम्मू कश्मीर,हरिद्वार, अमरनाथ की यात्रा के लिए प्रतिदिन ट्रेनों का संचालन किया जाये। 6,चम्बल एक्सप्रेस और दुर्ग वेतवा एक्सप्रेस का संचालन प्रतिदिन किया जाय। 7,बांदा से प्रयागराज की ओर जाने के लिए सुबह और शाम पैसेंजर ट्रेनों का संचालन किया जाये। 8,समस्त एक्सप्रेस ट्रेनों में और सुपरफास्ट ट्रेनों में जनरल कोच बढ़ाये जाये 9,स्टेशन के बाहर पार्किंग की जगह बहुत कम है, चारपहिया गाड़ियों की पार्किंग की अलग से व्यवस्था की जाये। 10,स्टेशन परिसर में शुद्ध और सस्ते जनता भोजनालय की स्थापना की जाये।
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    आज सद्भावना सेवा मंच के अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता राजा के नेतृत्व में अपने पदाधिकारीयों के साथ एक ज्ञापन रेल मंत्री भारत सरकार को रेलवे स्टेशन मास्टर बांदा को दिया, और उनको अवगत कराया कि बांदा से प्रतिदिन हजारों लोग देश के विभिन्न शहरों के लिए यात्रा करते हैं,
परन्तु स्टेशन परिसर में यात्री सुविधाओं का अभाव है। यात्रियों के हितों को ध्यान में रखते हुए हमारी भारत सरकार से निम्न मांगे है-
1,रेलवे स्टेशन में स्लीपर / वातानुकूलित क्लास के यात्रियों के लिए नये और भव्य प्रतीक्षालय का निर्माण कराया जाय ।
2,रेलवे कर्मचारियों के लिए बने अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाये तथा बाँदा शहर में स्थित किसी अच्छे अस्पताल में कर्मचारियों के इलाज की व्यवस्था की जाये।
3,बांदा जनपद आर्थिक दृष्टि से कमजोर होने के कारण हजारों की संख्या में लोग प्रतिदिन मुंबई के लिए यात्रा करते हैं, परन्तु यात्रियों के अनुपात में बांदा से मुंबई के लिए गाड़ियां बहुत कम है अतः तुलसी एक्सप्रेस को प्रतिदिन चलाया जाये ।
4,दक्षिण भारत के शहरों जैसे चेन्नई,रामेश्वरम, हैदराबाद,मंगलुरु के लिए बांदा से ट्रेनों का प्रतिदिन संचालन किया जाये।
5,जम्मू कश्मीर,हरिद्वार, अमरनाथ की यात्रा के लिए प्रतिदिन ट्रेनों का संचालन किया जाये।         6,चम्बल एक्सप्रेस और दुर्ग वेतवा एक्सप्रेस का संचालन प्रतिदिन किया जाय।
7,बांदा से  प्रयागराज की ओर जाने के लिए सुबह और शाम पैसेंजर ट्रेनों का संचालन  किया जाये।
8,समस्त एक्सप्रेस ट्रेनों में और सुपरफास्ट ट्रेनों में जनरल कोच  बढ़ाये जाये 
9,स्टेशन के बाहर पार्किंग की जगह बहुत कम है, चारपहिया गाड़ियों की पार्किंग की अलग से व्यवस्था की जाये।
10,स्टेशन परिसर में शुद्ध और सस्ते जनता भोजनालय की स्थापना की जाये।
    user_Rahul Verma journalist
    Rahul Verma journalist
    Media house बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • सर्वण स्वाभिमान मंच ने प्रदर्शन कर की नारेबाजी,यूजीसी रोल बैक एवं समान नागरिक संहिता लागू किए जाने की मांग उठाई,महामहिम को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। सर्वण स्वाभिमान मंच ने प्रदर्शन कर की नारेबाजी,यूजीसी रोल बैक एवं समान नागरिक संहिता लागू किए जाने की मांग उठाई,महामहिम को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
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    सर्वण स्वाभिमान मंच ने प्रदर्शन कर की नारेबाजी,यूजीसी रोल बैक एवं समान नागरिक संहिता लागू किए जाने की मांग उठाई,महामहिम को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
सर्वण स्वाभिमान मंच ने प्रदर्शन कर की नारेबाजी,यूजीसी रोल बैक एवं समान नागरिक संहिता लागू किए जाने की मांग उठाई,महामहिम को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
    user_Surash Sahu
    Surash Sahu
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • बाढ़ पीड़ितों से मदद के नाम पर रकम लेने का दावा, वीडियो वायरल होते ही लेखपाल निलंबित बांदा। जिस वक्त बाढ़ पीड़ित परिवार टूटे घर की छत और बिखरे आशियाने का हिसाब जोड़ रहे थे, उस वक्त सरकारी मदद की चौखट पर ही रकम मांगने का आरोप व्यवस्था के माथे पर बड़ा सवाल बनकर सामने आया। अतर्रा तहसील के बल्लान गांव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें लेखपाल संध्या सिंह और एक निजी व्यक्ति ग्रामीणों से कथित तौर पर धनराशि लेते नजर आ रहे हैं।आरोप है कि बाढ़ और दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त मकानों को सूची में शामिल करने अथवा पात्र दिखाने के नाम पर ग्रामीणों से रकम ली जा रही थी। वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रही गतिविधियों की वास्तविकता जांच का विषय है, लेकिन प्रशासन ने इसे प्रथम दृष्टया गंभीर मानते हुए कार्रवाई में देर नहीं की।डीएम अमित आसेरी के संज्ञान के बाद एसडीएम अतर्रा की जांच में मामला गंभीर पाए जाने पर लेखपाल को तत्काल निलंबित कर दिया गया। विस्तृत जांच की जिम्मेदारी नायब तहसीलदार अतर्रा शिवदीप को सौंपी गई है।सवाल सिर्फ रकम का नहीं, भरोसे का भीआपदा में सरकार पीड़ित के साथ खड़ी होने का दावा करती है और उसी समय यदि राहत पाने के लिए पीड़ित को कथित ‘रकम की सीढ़ी’ चढ़नी पड़े, तो सवाल केवल एक कर्मचारी की भूमिका तक सीमित नहीं रहता। सवाल यह भी है कि क्षतिग्रस्त मकानों की सूची कौन बनाता है, उसकी निगरानी कौन करता है और पात्रता के नाम पर किसी को मनमानी की गुंजाइश कैसे मिलती है?प्रशासन ने तहसीलदार अतर्रा को बल्लान गांव में क्षतिग्रस्त मकानों की सूची दोबारा तैयार कराने और पात्र परिवारों को शासन के नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।फिलहाल वसूली का आरोप सिद्ध नहीं हुआ है और जांच जारी है। लेकिन वीडियो ने इतना जरूर दिखा दिया है कि आपदा राहत जैसी संवेदनशील व्यवस्था में निगरानी की एक छोटी सी दरार भी पीड़ित के भरोसे को बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है।जिस समय प्रशासन के हाथ राहत का सहारा बनने चाहिए, उस समय उन्हीं हाथों पर वसूली का आरोप लगना व्यवस्था के लिए चेतावनी है। अब जांच की कलम तय करेगी कि वीडियो में दिखा दृश्य महज आरोप था या राहत के नाम पर सचमुच कोई ‘खेल’ चल रहा था।
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    बाढ़ पीड़ितों से मदद के नाम पर रकम लेने का दावा, वीडियो वायरल होते ही लेखपाल निलंबित
बांदा। जिस वक्त बाढ़ पीड़ित परिवार टूटे घर की छत और बिखरे आशियाने का हिसाब जोड़ रहे थे, उस वक्त सरकारी मदद की चौखट पर ही रकम मांगने का आरोप व्यवस्था के माथे पर बड़ा सवाल बनकर सामने आया। अतर्रा तहसील के बल्लान गांव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें लेखपाल संध्या सिंह और एक निजी व्यक्ति ग्रामीणों से कथित तौर पर धनराशि लेते नजर आ रहे हैं।आरोप है कि बाढ़ और दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त मकानों को सूची में शामिल करने अथवा पात्र दिखाने के नाम पर ग्रामीणों से रकम ली जा रही थी। वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रही गतिविधियों की वास्तविकता जांच का विषय है, लेकिन प्रशासन ने इसे प्रथम दृष्टया गंभीर मानते हुए कार्रवाई में देर नहीं की।डीएम अमित आसेरी के संज्ञान के बाद एसडीएम अतर्रा की जांच में मामला गंभीर पाए जाने पर लेखपाल को तत्काल निलंबित कर दिया गया। विस्तृत जांच की जिम्मेदारी नायब तहसीलदार अतर्रा शिवदीप को सौंपी गई है।सवाल सिर्फ रकम का नहीं, भरोसे का भीआपदा में सरकार पीड़ित के साथ खड़ी होने का दावा करती है और उसी समय यदि राहत पाने के लिए पीड़ित को कथित ‘रकम की सीढ़ी’ चढ़नी पड़े, तो सवाल केवल एक कर्मचारी की भूमिका तक सीमित नहीं रहता। सवाल यह भी है कि क्षतिग्रस्त मकानों की सूची कौन बनाता है, उसकी निगरानी कौन करता है और पात्रता के नाम पर किसी को मनमानी की गुंजाइश कैसे मिलती है?प्रशासन ने तहसीलदार अतर्रा को बल्लान गांव में क्षतिग्रस्त मकानों की सूची दोबारा तैयार कराने और पात्र परिवारों को शासन के नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।फिलहाल वसूली का आरोप सिद्ध नहीं हुआ है और जांच जारी है। लेकिन वीडियो ने इतना जरूर दिखा दिया है कि आपदा राहत जैसी संवेदनशील व्यवस्था में निगरानी की एक छोटी सी दरार भी पीड़ित के भरोसे को बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है।जिस समय प्रशासन के हाथ राहत का सहारा बनने चाहिए, उस समय उन्हीं हाथों पर वसूली का आरोप लगना व्यवस्था के लिए चेतावनी है। अब जांच की कलम तय करेगी कि वीडियो में दिखा दृश्य महज आरोप था या राहत के नाम पर सचमुच कोई ‘खेल’ चल रहा था।
    user_Amod Kumar
    Amod Kumar
    रिपोर्टर बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • सद्भावना सेवा मंच ने रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं व ट्रेनों के संचालन से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। सद्भावना सेवा मंच ने रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं व ट्रेनों के संचालन से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
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    सद्भावना सेवा मंच ने रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं व ट्रेनों के संचालन से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
सद्भावना सेवा मंच ने रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं व ट्रेनों के संचालन से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
    user_Surash Sahu
    Surash Sahu
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • "छत पर सोने गया था 16 साल का मासूम! सुबह पेड़ पर साड़ी के फंदे से लटकी मिली लाश, हत्या या आत्महत्या?" "छत पर सोने गया था 16 साल का मासूम! सुबह पेड़ पर साड़ी के फंदे से लटकी मिली लाश, हत्या या आत्महत्या?"
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    "छत पर सोने गया था 16 साल का मासूम! सुबह पेड़ पर साड़ी के फंदे से लटकी मिली लाश, हत्या या आत्महत्या?"
"छत पर सोने गया था 16 साल का मासूम! सुबह पेड़ पर साड़ी के फंदे से लटकी मिली लाश, हत्या या आत्महत्या?"
    user_Abhay TV News
    Abhay TV News
    Reporter Karwi, Chitrakoot•
    24 min ago
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