भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्यों में चल रही कथित 'फर्जी एनकाउंटर सेवा' को लेकर एक तीखा आरोप लगाया गया है, जिसके गंभीर परिणाम भुगतने की बात कही गई है। इस संदर्भ में, समाज सेवी भरत तिवारी का कथित तौर पर 'फर्जी एनकाउंटर' कर दिया गया है। पोस्ट में जोर दिया गया है कि भरत तिवारी कोई अपराधी नहीं थे, बल्कि उन्होंने अपने से जुड़े गांवों के लोगों के मुद्दे उठाए थे। इस एनकाउंटर की वैधता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं, क्योंकि बताया गया है कि भरत तिवारी ने सरेंडर कर दिया था, जिसके बाद एनकाउंटर की घटना पर आश्चर्य व्यक्त किया गया है। इस कार्रवाई का आरोप बिहार पुलिस शासन प्रशासन या 'भोजपुरी की पुलिस' पर लगाया गया है। पोस्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि यह सोचा जाता है कि एक 'भगत सिंह' को मारने से और 'भगत सिंह' पैदा नहीं होंगे, तो यह एक गलतफहमी है। अंत में, भरत तिवारी के लिए न्याय की पुरजोर मांग की गई है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्यों में चल रही कथित 'फर्जी एनकाउंटर सेवा' को लेकर एक तीखा आरोप लगाया गया है, जिसके गंभीर परिणाम भुगतने की बात कही गई है। इस संदर्भ में, समाज सेवी भरत तिवारी का कथित तौर पर 'फर्जी एनकाउंटर' कर दिया गया है। पोस्ट में जोर दिया गया है कि भरत तिवारी कोई अपराधी नहीं थे, बल्कि उन्होंने अपने से जुड़े गांवों के लोगों के मुद्दे उठाए थे। इस एनकाउंटर की वैधता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं, क्योंकि बताया गया है कि भरत तिवारी ने सरेंडर कर दिया था, जिसके बाद एनकाउंटर की घटना पर आश्चर्य व्यक्त किया गया है। इस कार्रवाई का आरोप बिहार पुलिस शासन प्रशासन या 'भोजपुरी की पुलिस' पर लगाया गया है। पोस्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि यह सोचा जाता है कि एक 'भगत सिंह' को मारने से और 'भगत सिंह' पैदा नहीं होंगे, तो यह एक गलतफहमी है। अंत में, भरत तिवारी के लिए न्याय की पुरजोर मांग की गई है।
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्यों में चल रही कथित 'फर्जी एनकाउंटर सेवा' को लेकर एक तीखा आरोप लगाया गया है, जिसके गंभीर परिणाम भुगतने की बात कही गई है। इस संदर्भ में, समाज सेवी भरत तिवारी का कथित तौर पर 'फर्जी एनकाउंटर' कर दिया गया है। पोस्ट में जोर दिया गया है कि भरत तिवारी कोई अपराधी नहीं थे, बल्कि उन्होंने अपने से जुड़े गांवों के लोगों के मुद्दे उठाए थे। इस एनकाउंटर की वैधता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं, क्योंकि बताया गया है कि भरत तिवारी ने सरेंडर कर दिया था, जिसके बाद एनकाउंटर की घटना पर आश्चर्य व्यक्त किया गया है। इस कार्रवाई का आरोप बिहार पुलिस शासन प्रशासन या 'भोजपुरी की पुलिस' पर लगाया गया है। पोस्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि यह सोचा जाता है कि एक 'भगत सिंह' को मारने से और 'भगत सिंह' पैदा नहीं होंगे, तो यह एक गलतफहमी है। अंत में, भरत तिवारी के लिए न्याय की पुरजोर मांग की गई है।1
- मुरादाबाद के लाइन पार माजुरा क्षेत्र में स्थानीय निवासियों को गंदगी के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मानसरोवर वाली गली में 25 एक्सपोर्ट के पीछे स्थित इस इलाके में सफाई की तत्काल आवश्यकता है। निवासियों ने नगर आयोग मुरादाबाद से शीघ्र ही साफ-सफाई करवाने का कष्ट करने की अपील की है ताकि उनकी दिक्कतों को दूर किया जा सके।2
- खुद को भाजपा का कर्मठ कार्यकर्ता बताने वाले एक व्यक्ति ने कहा है कि उसने अब अंधभक्ति छोड़ दी है।1
- मोरदाबाद जिले के ग्राम चकबेगमपुर के निवासी गंदगी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं और शिकायत कर रहे हैं कि उनकी बातें अनसुनी की जा रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे इस गंदगी से और कितना लड़ेंगे, क्योंकि उन्होंने कई बार इस संबंध में शिकायतें की हैं, लेकिन न तो कोई उनकी सुन रहा है और न ही प्रधान इस पर कोई ध्यान दे रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, इस गंदगी के कारण हर दिन कोई न कोई बीमार पड़ रहा है, और यह स्थिति किसी दिन जानलेवा भी बन सकती है। उनकी प्रमुख मांग है कि गांव में नाले बनवाए जाएं, आवश्यक सुविधाएँ प्रदान की जाएँ और नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि उन्हें इस गंभीर समस्या से छुटकारा मिल सके।1
- आने वाली 29 जून को नजीबाबाद में असदुद्दीन ओवैसी की आवाज़ गरजेगी, जहाँ AIMIM एक विशाल जनसभा का आयोजन कर रही है।1
- जनपद रामपुर की स्वार कोतवाली क्षेत्र के जमुना जमुनी के जंगल में नदी किनारे ग्रामीणों को चहल-कदमी करते हुए एक तेंदुआ दिखाई दिया है। तेंदुए का यह वीडियो मंगलवार को लगभग 3:00 बजे सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुआ। बताया जा रहा है कि यह वायरल वीडियो लगभग चार दिन पहले का है, जब लोगों ने जमुना जमुनी के जंगल नदी किनारे इस तेंदुए को देखा था।1
- एक चौंकाने वाले वीडियो में अस्पताल के वार्ड के भीतर एक शख्स को नवजात बच्ची के पैर पकड़कर उसे हवा में उल्टा लटकाए हुए और लापरवाही से घुमाते हुए देखा जा रहा है। इस घटना को लेकर पुलिस प्रशासन से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है।1