ब्यावर के चिकित्सा व्यवस्था बदहाली को लेकर कांग्रेस की पुकार *ब्यावर के अमृतकौर चिकित्सालय की बदहाली एवं चरमराई चिकित्सा व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस की हुंकार*👊 *भाजपा की 'पर्ची सरकार' और निकम्मे स्थानीय नेतृत्व के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल 12 मई को* ✊🏻 जैतारण राधेश्याम दाधीच [ वि ] ब्यावर का गौरव कहा जाने वाला राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय राजस्थान की भाजपा सरकार के राज में आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। अस्पताल प्रशासन की लापरवाही, डॉक्टरों की भारी कमी और संसाधनों के अभाव ने इस चिकित्सालय को मात्र एक ‘रेफरल सेंटर’ बनाकर छोड़ दिया है। भाजपा की इस 'पर्ची सरकार' और स्थानीय निकम्मे नेतृत्व को जगाने के लिए ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, ब्यावर द्वारा 12 मई, मंगलवार को प्रातः 10.30 बजे घेराव और विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है। *ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट अजय शर्मा* ने स्थानीय नेतृत्व के ख़िलाफ रोष व्यक्त करते हुए कहा कि चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह वेंटिलेटर पर है, डॉक्टरों के अधिकांश पद खाली पड़े हैं जिससे मरीजों को घंटों कतारों में खड़ा रहना पड़ता है। दवाओं का स्टॉक खत्म है और गंभीर बीमारियों की जांच मशीनें धूल फांक रही हैं। अस्पताल के जिम्मेदारों और निकम्मे स्थानीय नेतृत्व ने ब्यावर की जनता को उनके हाल पर छोड़ दिया है। छोटे-छोटे इलाज के लिए भी गरीब मरीजों को अन्य शहरों में रेफर कर दिया जाता है, जिससे उनके जीवन पर संकट खड़ा हो गया है। ब्लॉक अध्यक्ष एडवोकेट अजय शर्मा ने बताया कि दिल्ली से पर्ची पर चलने वाली यह भजनलाल सरकार ब्यावर की स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति पूरी तरह संवेदनहीन है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की चुप्पी ने अधिकारियों को बेलगाम कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन केवल एक राजनैतिक विरोध नहीं, बल्कि ब्यावर की आम जनता के स्वास्थ्य अधिकारों की रक्षा के लिए एक जन-आंदोलन है। इस प्रदर्शन में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेतागण, वर्तमान एवं पूर्व पार्षद, अग्रिम संगठनों के पदाधिकारी तथा कांग्रेस कार्यकर्तागण शामिल होंगे। इसके साथ ही ब्यावर के प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक संगठनों और पीड़ित परिवारों से भी अपील की गई है कि वे इस लोकतांत्रिक लड़ाई में सहभागी बनें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आज हम इस मर चुके सिस्टम के खिलाफ आवाज नहीं उठाएंगे, तो आने वाली पीढ़ियां हमें कभी माफ नहीं करेंगी। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी समस्त ब्यावर वासियों से अपील करती है कि अपने हक की लड़ाई और अपने परिवार के बेहतर स्वास्थ्य के लिए इस निकम्मी व्यवस्था से जवाब मांगने हेतु मंगलवार को भारी से भारी संख्या में अस्पताल परिसर पहुँचें। यह लड़ाई किसी दल की नहीं, बल्कि ब्यावर के हर नागरिक के जीवन और सम्मान की है ▪️
ब्यावर के चिकित्सा व्यवस्था बदहाली को लेकर कांग्रेस की पुकार *ब्यावर के अमृतकौर चिकित्सालय की बदहाली एवं चरमराई चिकित्सा व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस की हुंकार*👊 *भाजपा की 'पर्ची सरकार' और निकम्मे स्थानीय नेतृत्व के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल 12 मई को* ✊🏻 जैतारण राधेश्याम दाधीच [ वि ] ब्यावर का गौरव कहा जाने वाला राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय राजस्थान की भाजपा सरकार के राज में आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। अस्पताल प्रशासन की लापरवाही, डॉक्टरों की भारी कमी और संसाधनों के अभाव ने इस चिकित्सालय को मात्र एक ‘रेफरल सेंटर’ बनाकर छोड़ दिया है। भाजपा की इस 'पर्ची सरकार' और स्थानीय निकम्मे नेतृत्व को जगाने के लिए ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, ब्यावर द्वारा 12 मई, मंगलवार को प्रातः 10.30 बजे घेराव और विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है। *ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट अजय शर्मा* ने स्थानीय नेतृत्व के ख़िलाफ रोष व्यक्त करते हुए कहा कि चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह वेंटिलेटर पर है, डॉक्टरों के अधिकांश पद खाली पड़े हैं जिससे मरीजों को घंटों कतारों में खड़ा रहना पड़ता है। दवाओं का स्टॉक खत्म है और गंभीर बीमारियों की जांच मशीनें धूल फांक रही हैं। अस्पताल के जिम्मेदारों और निकम्मे स्थानीय नेतृत्व ने ब्यावर की जनता को उनके हाल पर छोड़ दिया है। छोटे-छोटे इलाज के लिए भी गरीब मरीजों को अन्य शहरों में रेफर कर दिया जाता है, जिससे उनके जीवन पर संकट खड़ा हो गया है। ब्लॉक अध्यक्ष एडवोकेट अजय शर्मा ने बताया कि दिल्ली से पर्ची पर चलने वाली यह भजनलाल सरकार ब्यावर की स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति पूरी तरह संवेदनहीन है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की चुप्पी ने अधिकारियों को बेलगाम कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन केवल एक राजनैतिक विरोध नहीं, बल्कि ब्यावर की आम जनता के स्वास्थ्य अधिकारों की रक्षा के लिए एक जन-आंदोलन है। इस प्रदर्शन में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेतागण, वर्तमान एवं पूर्व पार्षद, अग्रिम संगठनों के पदाधिकारी तथा कांग्रेस कार्यकर्तागण शामिल होंगे। इसके साथ ही ब्यावर के प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक संगठनों और पीड़ित परिवारों से भी अपील की गई है कि वे इस लोकतांत्रिक लड़ाई में सहभागी बनें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आज हम इस मर चुके सिस्टम के खिलाफ आवाज नहीं उठाएंगे, तो आने वाली पीढ़ियां हमें कभी माफ नहीं करेंगी। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी समस्त ब्यावर वासियों से अपील करती है कि अपने हक की लड़ाई और अपने परिवार के बेहतर स्वास्थ्य के लिए इस निकम्मी व्यवस्था से जवाब मांगने हेतु मंगलवार को भारी से भारी संख्या में अस्पताल परिसर पहुँचें। यह लड़ाई किसी दल की नहीं, बल्कि ब्यावर के हर नागरिक के जीवन और सम्मान की है ▪️
- 100 की जगह 200 बाराती लाने पर बा रा तीयों को खिलाया जमालगोटा * *बारात को खिलाया जमालघोटा*... * *बिहार में एक शादी में दुल्हन के पिता ने 100 बारातियों का इंतजाम किया था, लेकिन दूल्हा पक्ष 200 बाराती लेकर पहुंच गया–* * *गुस्से में आकर पिता जी ने खाने में जमालघोटा - तेज दस्त की दवा मिला दिया, खाना खाते ही बारातियों में अफरा-तफरी मच गई*... * *लोग खेतों की तरफ भागने लगे, पानी की बोतलें लेकर दौड़ पड़े*... * अब बाराती बोल रहे हैं, *अगली बार किसी की बारात में नहीं जाएंगे..!*1
- राजस्थान के पाली जिले में गैस रिसाव से लगी भीषण आग में एक मां और उसकी दो मासूम बेटियों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हृदय विदारक हादसा रायपुर मारवाड़ के कानाचा उड़ावता गांव में हुआ, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।1
- पाली के रायपुर उपखंड के कानचा उड़ावता गाँव में गैस लीकेज से हुए हादसे में एक महिला और उसकी दो मासूम बेटियों की दुखद मृत्यु हो गई। चाय बनाते समय हुए इस भयावह अग्निकांड से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मामले की जांच में जुटे हैं।1
- बजरी माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाना पड़ा भारी, शिकायतकर्ता दुकानदार को मिली जान से मारने की धमकी बजरी माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाना पड़ा भारी, शिकायतकर्ता दुकानदार को मिली जान से मारने की धमकी रियान बड़ी क्षेत्र की लूणी नदी में कथित अवैध बजरी खनन का मुद्दा अब भय और दबाव की राजनीति तक पहुंच गया है। अवैध बजरी परिवहन से परेशान होकर पुलिस को शिकायत करना एक छोटे दुकानदार को इतना भारी पड़ गया कि अब उसे खुलेआम जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला मेड़ता सिटी मार्ग पर स्थित चावड़िया गांव का है, जहां किराना व्यापारी रामप्रकाश ने कुछ दिन पहले नागौर पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करवाई थी। रामप्रकाश का आरोप है कि उसके घर और दुकान के सामने से रोजाना सैकड़ों ट्रैक्टर बजरी भरकर गुजरते हैं। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़कें टूट चुकी हैं और तेज रफ्तार ट्रैक्टरों से हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। दुकानदारों और राहगीरों का जीना मुश्किल हो गया है। रामप्रकाश ने बताया कि शिकायत के कुछ ही दिनों बाद दिलीप चौधरी जिटिया निवासी और रामकिशोर बराड़ दासावास निवासी उसकी दुकान पर पहुंचे और कथित रूप से धमकी देते हुए कहा, “पुलिस में शिकायत करने की हिम्मत कैसे हुई, अब तुझे जान से मार देंगे।” धमकी के बाद भयभीत दुकानदार ने पादूकलां थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी और अपनी सुरक्षा की मांग की। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर शिकायतकर्ताओं की जानकारी आरोपियों तक पहुंची कैसे? जबकि पुलिस प्रशासन लगातार यह दावा करता है कि शिकायतकर्ताओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की गोपनीय व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लगा दिया है। इस मामले में नागौर पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा ने कहा कि शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखी जाती है। यदि किसी ने धमकी दी है तो मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में लोगों में डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अवैध गतिविधियों की शिकायत करने वालों को ही धमकियां मिलने लगें तो भविष्य में कोई भी व्यक्ति पुलिस तक सूचना पहुंचाने की हिम्मत नहीं करेगा। “आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय” का नारा अब उल्टा पड़ता नजर आ रहा है। अब सबकी नजर पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।1
- पीसांगन में 35 लाख की चोरी का खुलासा करने वाली पीसांगन पुलिस टीम का ग्रामीणों ने किया भव्य स्वागत1
- शिव विधानसभा क्षेत्र के गिरल लिग्नाइट माइंस पर विधायक रविंद्र सिंह भाटी 5-6 दिनों से धरने पर बैठे हैं। उनके इस लगातार प्रदर्शन से राजस्थान सरकार पर मांगों को लेकर दबाव बढ़ रहा है।1
- मदर्स डे के अवसर पर महावीर इंटरनेशनल परिवार ने रायपुर के राजकीय अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष सेवा कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान उन्हें पोषण आहार और बेबी किट वितरित कर मातृत्व का सम्मान किया गया, साथ ही पोषण के महत्व पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में टीबी मुक्त भारत अभियान पर भी चर्चा हुई और भविष्य में ऐसे जनसेवा कार्य जारी रखने का संकल्प लिया गया।1
- गैस सिलेंडर लीकेज का कहर: मां और दो मासूम बेटियों की जिंदा जलने से मौत1