मॉक ड्रिल.उत्तरकाशी. मॉक ड्रिल.अतिवृष्टि से उत्तरकाशी में चार स्थानों पर आपदा की घटनाएं,त्वरित रेस्क्यू से टला बड़ा नुकसान। मॉक ड्रिल. अतिवृष्टि के चलते भूस्खलन एवं भू-धंसाव की चार अलग-अलग घटनाएं सामने आईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य ने सुबह 10 बजे आईआरएस को तत्काल सक्रिय कर दिया और जनपद आपातकालीन परिचालन केंद्र से सायरन के माध्यम से अलर्ट जारी किया गया। सभी संबंधित विभागों के अधिकारी—मुख्य विकास अधिकारी, आपदा प्रबंधन अधिकारी, एसडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य, राजस्व सहित अन्य नोडल अधिकारी—तत्काल एक्शन में आए और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। *डंडालगांव (बड़कोट) में भूस्खलन,1600 यात्री फंसे।* यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर डंडालगांव के पास भूस्खलन से एक वाहन मलबे में दब गया और करीब 1600 यात्री फंस गए। त्वरित कार्रवाई में एसडीआरएफ, पुलिस व मेडिकल टीम मौके पर पहुंची। 4 घायलों को 108 एम्बुलेंस से सीएचसी बड़कोट भेजा गया, जिनकी हालत सामान्य बताई गई। एनएचआईडीसीएल द्वारा मार्ग को जल्द सुचारू कर दिया गया और 11:38 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त हुआ। *पालीगाड़ में बस दुर्घटना,26 यात्री प्रभावित।* पालीगाड़ के पास एक यात्री बस करीब 30 मीटर नीचे गिर गई। बस में सवार 26 लोगों में से 20 को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि 6 घायलों को उपचार हेतु सीएचसी बड़कोट भेजा गया। 11:20 बजे तक रेस्क्यू कार्य पूरा कर लिया गया। *मनेरी बांध में रिसाव की सूचना,एक की मौत।* गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित मनेरी बांध में पानी का रिसाव और दरार की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ। 27 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। घटना में 1 व्यक्ति की मृत्यु, 2 गंभीर और 18 सामान्य घायल हुए, जबकि 4 बड़े पशुओं की भी मौत हुई। गंभीर घायल को एयर एम्बुलेंस से एम्स ऋषिकेश भेजा गया। 11:45 बजे तक रेस्क्यू कार्य पूर्ण कर लिया गया। *सिलक्यारा टनल में भू-धंसाव, 10 यात्री फंसे।* डुंडा तहसील के सिलक्यारा टनल में भू-धंसाव के कारण 2 वाहन और 10 यात्री फंस गए। त्वरित कार्रवाई में सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया। 4 को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया,जबकि 6 घायलों को पीएचसी ब्रह्मखाल भेजा गया। टनल से मलबा हटाकर 11:50 बजे रेस्क्यू समाप्त किया गया। जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य ने कहा कि मॉक अभ्यास के माध्यम से जनपद में विभिन्न विभागों की तैयारियों को परखा गया है।उन्होंने कहा कि मॉक अभ्यास से यह स्पष्ट होता है कि किस विभाग की क्या तैयारी है और विभागों के बीच आपसी समन्वय कितना प्रभावी एवं संवेदनशील है।जिलाधिकारी ने कहा कि इस तरह के अभ्यास से जहां-जहां कमियां रह जाती हैं, उन्हें समय रहते सुधारने का अवसर मिलता है, जिससे वास्तविक परिस्थितियों में बेहतर ढंग से कार्य किया जा सके।पूरे घटनाक्रम में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। समयबद्ध रेस्क्यू कार्यों से यह स्पष्ट हुआ कि आपदा प्रबंधन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क और तैयार है। मॉक अभ्यास में सीडीओ जय भारत सिंह,एसडीएम शालिनी नेगी,बृजेश तिवारी,देवानन्द शर्मा, सीएमओ बीएस रावत,परियोजना निदेशक अजय कुमार,जिला शिक्षा अधिकारी शैलेन्द्र अमोली,ईई रजनीश सैनी,जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दूल गुसाईं सहित अन्य अधिकारियों एवं वन,पुलिस,एसडीआरएफ,आईटीबीपी सहित अन्य सामाजिक संगठनों ने भाग लिया।
मॉक ड्रिल.उत्तरकाशी. मॉक ड्रिल.अतिवृष्टि से उत्तरकाशी में चार स्थानों पर आपदा की घटनाएं,त्वरित रेस्क्यू से टला बड़ा नुकसान। मॉक ड्रिल. अतिवृष्टि के चलते भूस्खलन एवं भू-धंसाव की चार अलग-अलग घटनाएं सामने आईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य ने सुबह 10 बजे आईआरएस को तत्काल सक्रिय कर दिया और जनपद आपातकालीन परिचालन केंद्र से सायरन के माध्यम से अलर्ट जारी किया गया। सभी संबंधित विभागों के अधिकारी—मुख्य विकास अधिकारी, आपदा प्रबंधन अधिकारी, एसडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य, राजस्व सहित अन्य नोडल अधिकारी—तत्काल एक्शन में आए और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। *डंडालगांव (बड़कोट) में भूस्खलन,1600 यात्री फंसे।* यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर डंडालगांव के पास भूस्खलन से एक वाहन मलबे में दब गया और करीब 1600 यात्री फंस गए। त्वरित कार्रवाई में एसडीआरएफ,
पुलिस व मेडिकल टीम मौके पर पहुंची। 4 घायलों को 108 एम्बुलेंस से सीएचसी बड़कोट भेजा गया, जिनकी हालत सामान्य बताई गई। एनएचआईडीसीएल द्वारा मार्ग को जल्द सुचारू कर दिया गया और 11:38 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त हुआ। *पालीगाड़ में बस दुर्घटना,26 यात्री प्रभावित।* पालीगाड़ के पास एक यात्री बस करीब 30 मीटर नीचे गिर गई। बस में सवार 26 लोगों में से 20 को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि 6 घायलों को उपचार हेतु सीएचसी बड़कोट भेजा गया। 11:20 बजे तक रेस्क्यू कार्य पूरा कर लिया गया। *मनेरी बांध में रिसाव की सूचना,एक की मौत।* गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित मनेरी बांध में पानी का रिसाव और दरार की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ। 27 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। घटना में 1
व्यक्ति की मृत्यु, 2 गंभीर और 18 सामान्य घायल हुए, जबकि 4 बड़े पशुओं की भी मौत हुई। गंभीर घायल को एयर एम्बुलेंस से एम्स ऋषिकेश भेजा गया। 11:45 बजे तक रेस्क्यू कार्य पूर्ण कर लिया गया। *सिलक्यारा टनल में भू-धंसाव, 10 यात्री फंसे।* डुंडा तहसील के सिलक्यारा टनल में भू-धंसाव के कारण 2 वाहन और 10 यात्री फंस गए। त्वरित कार्रवाई में सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया। 4 को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया,जबकि 6 घायलों को पीएचसी ब्रह्मखाल भेजा गया। टनल से मलबा हटाकर 11:50 बजे रेस्क्यू समाप्त किया गया। जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य ने कहा कि मॉक अभ्यास के माध्यम से जनपद में विभिन्न विभागों की तैयारियों को परखा गया है।उन्होंने कहा कि मॉक अभ्यास से यह स्पष्ट होता है
कि किस विभाग की क्या तैयारी है और विभागों के बीच आपसी समन्वय कितना प्रभावी एवं संवेदनशील है।जिलाधिकारी ने कहा कि इस तरह के अभ्यास से जहां-जहां कमियां रह जाती हैं, उन्हें समय रहते सुधारने का अवसर मिलता है, जिससे वास्तविक परिस्थितियों में बेहतर ढंग से कार्य किया जा सके।पूरे घटनाक्रम में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। समयबद्ध रेस्क्यू कार्यों से यह स्पष्ट हुआ कि आपदा प्रबंधन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क और तैयार है। मॉक अभ्यास में सीडीओ जय भारत सिंह,एसडीएम शालिनी नेगी,बृजेश तिवारी,देवानन्द शर्मा, सीएमओ बीएस रावत,परियोजना निदेशक अजय कुमार,जिला शिक्षा अधिकारी शैलेन्द्र अमोली,ईई रजनीश सैनी,जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दूल गुसाईं सहित अन्य अधिकारियों एवं वन,पुलिस,एसडीआरएफ,आईटीबीपी सहित अन्य सामाजिक संगठनों ने भाग लिया।
- अतिवृष्टि के चलते भूस्खलन एवं भू-धंसाव की चार अलग-अलग घटनाएं सामने आईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य ने सुबह 10 बजे आईआरएस को तत्काल सक्रिय कर दिया और जनपद आपातकालीन परिचालन केंद्र से सायरन के माध्यम से अलर्ट जारी किया गया। सभी संबंधित विभागों के अधिकारी—मुख्य विकास अधिकारी, आपदा प्रबंधन अधिकारी, एसडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य, राजस्व सहित अन्य नोडल अधिकारी—तत्काल एक्शन में आए और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। *डंडालगांव (बड़कोट) में भूस्खलन,1600 यात्री फंसे।* यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर डंडालगांव के पास भूस्खलन से एक वाहन मलबे में दब गया और करीब 1600 यात्री फंस गए। त्वरित कार्रवाई में एसडीआरएफ, पुलिस व मेडिकल टीम मौके पर पहुंची। 4 घायलों को 108 एम्बुलेंस से सीएचसी बड़कोट भेजा गया, जिनकी हालत सामान्य बताई गई। एनएचआईडीसीएल द्वारा मार्ग को जल्द सुचारू कर दिया गया और 11:38 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त हुआ। *पालीगाड़ में बस दुर्घटना,26 यात्री प्रभावित।* पालीगाड़ के पास एक यात्री बस करीब 30 मीटर नीचे गिर गई। बस में सवार 26 लोगों में से 20 को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि 6 घायलों को उपचार हेतु सीएचसी बड़कोट भेजा गया। 11:20 बजे तक रेस्क्यू कार्य पूरा कर लिया गया। *मनेरी बांध में रिसाव की सूचना,एक की मौत।* गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित मनेरी बांध में पानी का रिसाव और दरार की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ। 27 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। घटना में 1 व्यक्ति की मृत्यु, 2 गंभीर और 18 सामान्य घायल हुए, जबकि 4 बड़े पशुओं की भी मौत हुई। गंभीर घायल को एयर एम्बुलेंस से एम्स ऋषिकेश भेजा गया। 11:45 बजे तक रेस्क्यू कार्य पूर्ण कर लिया गया। *सिलक्यारा टनल में भू-धंसाव, 10 यात्री फंसे।* डुंडा तहसील के सिलक्यारा टनल में भू-धंसाव के कारण 2 वाहन और 10 यात्री फंस गए। त्वरित कार्रवाई में सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया। 4 को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया,जबकि 6 घायलों को पीएचसी ब्रह्मखाल भेजा गया। टनल से मलबा हटाकर 11:50 बजे रेस्क्यू समाप्त किया गया। जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य ने कहा कि मॉक अभ्यास के माध्यम से जनपद में विभिन्न विभागों की तैयारियों को परखा गया है।उन्होंने कहा कि मॉक अभ्यास से यह स्पष्ट होता है कि किस विभाग की क्या तैयारी है और विभागों के बीच आपसी समन्वय कितना प्रभावी एवं संवेदनशील है।जिलाधिकारी ने कहा कि इस तरह के अभ्यास से जहां-जहां कमियां रह जाती हैं, उन्हें समय रहते सुधारने का अवसर मिलता है, जिससे वास्तविक परिस्थितियों में बेहतर ढंग से कार्य किया जा सके।पूरे घटनाक्रम में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। समयबद्ध रेस्क्यू कार्यों से यह स्पष्ट हुआ कि आपदा प्रबंधन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क और तैयार है। मॉक अभ्यास में सीडीओ जय भारत सिंह,एसडीएम शालिनी नेगी,बृजेश तिवारी,देवानन्द शर्मा, सीएमओ बीएस रावत,परियोजना निदेशक अजय कुमार,जिला शिक्षा अधिकारी शैलेन्द्र अमोली,ईई रजनीश सैनी,जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दूल गुसाईं सहित अन्य अधिकारियों एवं वन,पुलिस,एसडीआरएफ,आईटीबीपी सहित अन्य सामाजिक संगठनों ने भाग लिया।4
- बिग ब्रेकिंग, मुखवा मोटर मार्ग नेपाली मुल का एक युवक जो मुखवा गांव में मजदूरी करता था हर्षिल से मुखवा कि और मोटर मार्ग पर पैदल जाते हुए नशे के करण, कछोरा के स्थान से नशे के कारण संतुलन बिगड़ने से 200 मीटर नीचे गिरने से भागीरथी नदी के किनारे युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया सूचना मिलते ही हर्षिल कोतवाली घटना स्तर पर मौके पर पहुंच कर पुलिस और होमगार्ड के जवानों द्वारा रेस्क्यू किया गया,, मौके पर हेड कांस्टेबल अरविंद कुमार कांस्टेबल सुरेंद्र रावत होमगार्ड शशि राजा अजय, मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू किया,,,1
- सरकार के मंत्रियों अधिकारियों का कहना है की एलपीजी गैस की प्रदेश में किसी तरह की कोई कमी नहीं है। जगह-जगह खोखले दावे किए जा रहे हैं परंतु हकीकत इसके बिलकुल विपरीत है। एलपीजी गैस अधिकारियों का कहना है कि गैस उपभोक्ताओं को लाइनों में लगने की कोई जरूरत नहीं है। गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी उनके घर पर की जाएगी परंतु ना ही होम डिलीवरी हो रही है और ना ही गैस एजेंसी से सिलेंडर प्राप्त हो रहा है।1
- राजपथ न्यूज़, चंडीगढ़। ज्योतिष प्रांगण द्वारा चंडीगढ़ के hotel Park view में " ऊर्जा 2026 ज्योतिष सम्मेलन " का आयोजन किया गया । जिसमें मुख्य अतिथि पंजाब के महामहिम राज्यपाल " श्री गुलाबचंद कटारिया " जी ने सुप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य जीएस ढिल्लों जी को award for excellence in occult science अवार्ड देकर सम्मानित किया। इस सम्मान समारोह का आयोजन ज्योतिष प्रांगण की अध्यक्ष पूनम शर्मा व टीम द्वारा आयोजित किया गया था।..... देखिए राजपथ न्यूज़ पर....1
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- “यह सिर्फ construction नहीं… किसी परिवार के सपनों की शुरुआत है।”1
- Post by Graphics Solution1
- पंचकोसी परिक्रमा पर आधारित इस यात्रा में जनपद सहित अन्य क्षेत्रों से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं भाग लेकर वरुणावत पर्वत की परिक्रमा की और पुण्य अर्जित किया। Vol. बड़ेथी से प्रारंभ होने वाली इस यात्रा में श्रद्धालु सबसे पहले वरुणा और गंगा के संगम में स्नान करते हैं, जिसके बाद वे बसुंगा, साल्ड, ज्ञाणजा, शिखरेश्वर, संग्राली और पाटा होते हुए गंगोरी तक पहुंचते हैं। यात्रा के दौरान श्रद्धालु वरुणेश्वर, अखंडेश्वर, जगतनाथ मंदिर, अष्टभुजा दुर्गा, ज्ञानेश्वर, व्यास कुंड, वरुणावत शिखर स्थित शिखरेश्वर, विमलेश्वर महादेव, संग्राली के कंडार देवता तथा पाटा के नर्वदेश्वर मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। गंगोरी पहुंचकर असीगंगा और भागीरथी के संगम में स्नान करने के उपरांत श्रद्धालु उत्तरकाशी स्थित विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक कर यात्रा का विधिवत समापन करते हैं। Vol. धार्मिक मान्यता है कि इस यात्रा के संपादन से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और उन्हें विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। प्राचीन काल में यह यात्रा तीन दिन तक चलने वाली कठिन और विस्तृत यात्रा थी, जिसमें मुख्य रूप से साधु-संत भाग लेते थे, किंतु वर्तमान में इसे सरल बनाकर एक दिन में संपन्न किया जाता है, जिससे अधिकाधिक श्रद्धालु इसमें सहभागिता कर पा रहे हैं।4