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समस्तीपुर जिला अंतर्गत सिंघिया प्रखंड क्षेत्र के वारी पंचायत स्थित मुहम्मद पुर कि मुख्य सड़क कि बदहाल व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्र की जर्जर सड़क और बदहाल व्यवस्था से तंग आकर स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है समस्तीपुर जिला अंतर्गत वारी पंचायत के मुहिउद्दीनपुर के ग्रामीणों ने संवेदकों पर आरोप लगाया है कि 4 वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अंतर्गत इस का निर्माण कराया गया था लेकिन इस अवधि में अभी तक जर्जर सड़क का मरम्मतीकर्ण नहीं हुआ है जिस कारण गांव से निकलकर मुख्य सड़क तक जाने के लिए अनेको समस्याओं का सामना करना पड़ता है
JantaStarNews
समस्तीपुर जिला अंतर्गत सिंघिया प्रखंड क्षेत्र के वारी पंचायत स्थित मुहम्मद पुर कि मुख्य सड़क कि बदहाल व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्र की जर्जर सड़क और बदहाल व्यवस्था से तंग आकर स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है समस्तीपुर जिला अंतर्गत वारी पंचायत के मुहिउद्दीनपुर के ग्रामीणों ने संवेदकों पर आरोप लगाया है कि 4 वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अंतर्गत इस का निर्माण कराया गया था लेकिन इस अवधि में अभी तक जर्जर सड़क का मरम्मतीकर्ण नहीं हुआ है जिस कारण गांव से निकलकर मुख्य सड़क तक जाने के लिए अनेको समस्याओं का सामना करना पड़ता है
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- *एलकेवीडी कॉलेज ताजपुर का आइसा ने किया घेराव, शैक्षणिक अराजकता व अवैध वसूली के खिलाफ प्रदर्शन* ताजपुर/समस्तीपुर 3 अगस्त 2026 शैक्षणिक अराजकता दूर करने, अवैध वसूली पर रोक लगाने, लाइब्रेरी एवं लेबोरेटरी को समृद्ध करने, एससी-एसटी छात्राओं से नामांकन के दौरान लिए गए कथित अवैध शुल्क की वापसी तथा पारदर्शी नामांकन व्यवस्था लागू करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर छात्र संगठन आइसा ने सोमवार को एलकेवीडी कॉलेज, ताजपुर का घेराव किया। आइसा नेताओं गौतम सैनी, मो. फरमान, अनील कुमार, जीतेंद्र सहनी एवं मो. जावेद के नेतृत्व में कालेज गेट से छात्रों ने जुलूस निकालकर कॉलेज परिसर में प्रिंसिपल के समक्ष प्रदर्शन किया। भारी वर्षा के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कॉलेज पहुंचीं और प्राचार्य कार्यालय के समक्ष जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी करीब एक घंटे तक अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाते रहे। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार लाने, छात्र-छात्राओं की मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा नामांकन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि कई छात्राओं से नामांकन के नाम पर अवैध राशि वसूली गई है, जिसे वापस किया जाना चाहिए। बाद में प्राचार्य के बुलावे पर आइसा के प्रतिनिधिमंडल ने 17 सूत्री मांगपत्र प्रिंसिपल धर्मराज राम को सौंपा। प्रतिनिधियों ने मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मौके पर आयोजित सभा की अध्यक्षता मो० जावेद एवं संचालन जीतेंद्र सहनी ने किया। कार्यक्रम में पूजा कुमारी, खुशबू कुमारी, नैंसी कुमारी, वाजिया खातून, आलिशा, नासरीन, जन्नत जहां, इशरत खातून, हलिया खातून, रहनुमा खातून, कायनात अरसी, रौनक खातून, नाजनी खातून, शाइस्ता खातून, नेहा रानी, शाहीना खातून, इराम परवीन, जोया परवीन, इमराना परवीन, सलमा खातून, वाजिद, रोहित, रूबी, निशू सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।1
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- समस्तीपुर–सहरसा पैसेंजर ट्रेन के इंजन में लगी भीषण आग, सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन पर मची अफरा-तफरी सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन पर सोमवार की सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। सुबह करीब 4 बजे प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर खड़ी समस्तीपुर-सहरसा पैसेंजर ट्रेन के बीच वाले इंजन में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते इंजन से धुआं निकलने लगा और कुछ ही देर में आग की लपटें तेज हो गईं। आग लगते ही स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्री और रेलवे कर्मचारी सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। घटना की सूचना तुरंत रेलवे अधिकारियों और अग्निशमन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते आग बुझा दिए जाने से एक बड़ा हादसा टल गया। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, हालांकि इंजन को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक तौर पर तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। इस घटना के बाद स्टेशन पर कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। रेलवे अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और यह पता लगाने में जुटे हैं कि आखिर इंजन में आग कैसे लगी। समय रहते आग पर काबू पा लिए जाने से एक बड़ा रेल हादसा होने से टल गया।1