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साइकिल पाकर चौकीदार खुश @महोबा:- पुलिस अधीक्षक ने जिले के विभिन्न गांवों में सक्रिय सुरक्षा व्यवस्था के सजग प्रहरी कहे जाने वाले चौकीदारों को साइकिल भेंट की।
Nitendra Jha
साइकिल पाकर चौकीदार खुश @महोबा:- पुलिस अधीक्षक ने जिले के विभिन्न गांवों में सक्रिय सुरक्षा व्यवस्था के सजग प्रहरी कहे जाने वाले चौकीदारों को साइकिल भेंट की।
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- @महोबा:- पुलिस अधीक्षक ने जिले के विभिन्न गांवों में सक्रिय सुरक्षा व्यवस्था के सजग प्रहरी कहे जाने वाले चौकीदारों को साइकिल भेंट की।2
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- #Apkiawajdigital बांदा/चित्रकूट | विशेष संवाददाता इंसानियत को शर्मसार करने वाले देश के सबसे बड़े 'चाइल्ड एब्यूज' कांड में शुक्रवार को न्याय का वह हथौड़ा चला, जिसकी गूँज पूरे देश में सुनाई दी। बांदा की विशेष पॉक्सो अदालत ने 34 मासूम बच्चों के साथ कुकर्म करने, उनके अश्लील वीडियो बनाकर विदेशी पोर्न साइट्स को बेचने वाले मुख्य आरोपी रामभवन और साक्ष्यों को मिटाने में उसकी मददगार पत्नी दुर्गावती को फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने इस मामले को 'जघन्यतम' श्रेणी में रखते हुए स्पष्ट किया कि मासूमों के बचपन को नीलाम करने वालों के लिए समाज में कोई जगह नहीं है। CBI की चार्जशीट ने खोली दरिंदगी की परतें चित्रकूट में सिंचाई विभाग में तैनात रहा कनिष्ठ सहायक रामभवन (निलंबित) वर्षों से मासूमों को अपनी हवस का शिकार बना रहा था। मामला तब खुला जब 2020 में सीबीआई ने इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। जांच में सामने आया कि रामभवन न केवल बच्चों का शारीरिक शोषण करता था, बल्कि डार्क वेब और पोर्न साइट्स के जरिए उनकी अस्मत का सौदा भी करता था। उसकी पत्नी दुर्गावती पर गवाहों को धमकाने और सबूतों से छेड़छाड़ के गंभीर आरोप सिद्ध हुए, जिसके चलते कोर्ट ने उसे भी मृत्युदंड का भागीदार माना। न्याय की जीत: पीड़ितों को 10-10 लाख का मरहम विशेष न्यायाधीश ने फैसले के साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार को कड़ा निर्देश दिया है कि सभी 34 पीड़ित बच्चों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तत्काल प्रदान की जाए। अधिवक्ताओं के अनुसार, गवाहों के टूटने और डराने-धमकाने के बावजूद सीबीआई की ठोस पैरवी ने दोषियों को फंदे तक पहुँचाया है। निष्कर्ष: "यह फैसला केवल एक सजा नहीं, बल्कि उन 34 परिवारों के घावों पर मरहम है, जिनका बचपन इस दरिंदे ने उजाड़ दिया था। बांदा कोर्ट का यह निर्णय देश भर के चाइल्ड एब्यूज मामलों में नजीर बनेगा।"1
- Post by Mamta chaurasiya1
- महोबा में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में पुलिस प्रशासन ने एक अहम कदम उठाया है। ग्राम स्तर पर सूचना तंत्र को सशक्त बनाने के लिए 48 ग्राम चौकीदारों को साइकिल वितरित की गई है। जनपद महोबा की पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह ने विभिन्न थानाक्षेत्रों में तैनात 48 ग्राम चौकीदारों को निःशुल्क साइकिल प्रदान की। इस मौके पर एसपी ने चौकीदारों से संवाद करते हुए उनके दायित्वों की याद दिलाई और कहा कि अपराध नियंत्रण में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी ग्राम चौकीदार बीट पुलिस अधिकारी और थाना प्रभारी के संपर्क में रहें तथा अपने क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों, बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही, भूमि विवाद और अवैध शराब जैसे मामलों की सूचना तत्काल पुलिस को दें। कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक वन्दना सिंह और क्षेत्राधिकारी नगर अरुण कुमार सिंह भी मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में गश्त बढ़ेगी, अपराधों पर नजर मजबूत होगी और बीट पुलिसिंग को नया बल मिलेगा। साइकिल पाकर चौकीदारों के चेहरे पर उत्साह साफ नजर आया।1