सोनभद्र के शक्तिनगर थाना क्षेत्र में गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में न्यायालय ने अभियुक्त शिवलाल उरांव को दोषी ठहराते हुए दो वर्ष के कारावास और ₹5,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला सोनभद्र पुलिस की प्रभावी विवेचना और सशक्त पैरवी के परिणामस्वरूप आया है, जिसकी जानकारी दैनिक अयोध्या टाइम्स सोनभद्र के ब्यूरो चीफ अमान खान ने दी है। यह मामला वर्ष 2022 में थाना शक्तिनगर में गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज किया गया था, जिसकी सुनवाई के बाद न्यायालय ने यह निर्णय सुनाया। न्यायालय के आदेश के अनुसार, यदि अभियुक्त अर्थदंड की राशि जमा नहीं करता है, तो उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पुलिस के 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत मिली इस सफलता में शक्तिनगर पुलिस, अभियोजन अधिकारी और मॉनिटरिंग सेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अपराधियों को सजा दिलाकर कानून के शासन को मजबूत करने की ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
सोनभद्र के शक्तिनगर थाना क्षेत्र में गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में न्यायालय ने अभियुक्त शिवलाल उरांव को दोषी ठहराते हुए दो वर्ष के कारावास और ₹5,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला सोनभद्र पुलिस की प्रभावी विवेचना और सशक्त पैरवी के परिणामस्वरूप आया है, जिसकी जानकारी दैनिक अयोध्या टाइम्स सोनभद्र के ब्यूरो चीफ अमान खान ने दी है। यह मामला वर्ष 2022 में थाना शक्तिनगर में गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज किया गया था, जिसकी सुनवाई के बाद न्यायालय ने यह निर्णय सुनाया। न्यायालय के आदेश के अनुसार, यदि अभियुक्त अर्थदंड की राशि जमा नहीं करता है, तो उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पुलिस के 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत मिली इस सफलता में शक्तिनगर पुलिस, अभियोजन अधिकारी और मॉनिटरिंग सेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अपराधियों को सजा दिलाकर कानून के शासन को मजबूत करने की ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
- चंदौली के नौगढ़ तहसील क्षेत्र स्थित हरियाबांध गांव में ग्रामसभा की कीमती भूमि पर कथित अवैध कब्जे के मामले से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। आरोप है कि कुछ प्रभावशाली और दबंग लोग तेजी से सरकारी जमीन पर पक्का निर्माण करवा रहे हैं, जबकि यह निर्माण स्थल पहले से मौजूद सरकारी अन्नपूर्णा भवन और सामुदायिक शौचालय के ठीक समीप है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले दो-तीन दिनों की छुट्टियों का लाभ उठाते हुए निर्माण कार्य को बहुत तेजी से आगे बढ़ाया गया। राजमिस्त्रियों और मजदूरों को लगाकर पक्की दीवारें खड़ी कर दी गईं, जिससे ग्रामीणों की यह आशंका और मजबूत हो गई कि सरकारी भूमि पर स्थायी कब्जे की तैयारी की जा रही है। एक स्थानीय नागरिक ने इस निर्माण कार्य का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया है, जो वायरल हो रहा है और इसमें निर्माण कार्य जारी होने का दावा किया जा रहा है। इसके बाद ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि तहसील और ब्लॉक स्तर के जिम्मेदार अधिकारी इस अवैध निर्माण को रोकने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि भूमाफियाओं को संरक्षण मिलने के कारण सरकारी जमीन पर कब्जे की कोशिशें लगातार बढ़ रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। स्थानीय प्रशासन से निराश ग्रामीणों ने अब मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखी है और जिलाधिकारी से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामसभा की महत्वपूर्ण भूमि पर स्थायी कब्जा हो जाएगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि राजस्व और प्रशासनिक अधिकारियों की एक संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर भूमि की पैमाइश करे, अवैध निर्माण की जांच करे और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर प्रकरण का संज्ञान लेकर आगे क्या कदम उठाता है।4
- सोनभद्र जिले के रेडिया गाँव में बच्चों द्वारा आग से खेलते समय एक घर में भीषण आग लग गई। इस घटना में घर के भीतर रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया। आग लगने के तुरंत बाद, गाँव के लोगों ने मिलकर घर में मौजूद लोगों की जान बचाने में सफलता प्राप्त की। हालांकि, वे घर को पूरी तरह से जलने से नहीं रोक पाए। कुछ समय बाद प्रशासन और आग बुझाने वाली गाड़ी मौके पर पहुँची, जिनकी मदद से आग पर काबू पाया गया और घर को पूरी तरह राख होने से बचाया जा सका। इस घटना के बाद, ग्राम पंचायत में लोगों ने प्रभावित परिवार को सरकारी सुविधा के तहत मुआवजा दिलाने के संबंध में बातचीत की है, ताकि उन्हें कुछ आर्थिक सहायता मिल सके।1
- एक सरकारी अस्पताल में मरीजों के साथ अत्यंत असंवेदनशील व्यवहार सामने आया है। इस घटना में मरीजों से सीधे कहा जा रहा है कि वे ‘प्राइवेट में जाकर इलाज कराओ’। यह आचरण सरकारी अस्पतालों में रोगी देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर गंभीर चिंताएँ पैदा करता है, जिस पर व्यापक रूप से आपत्ति जताई जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के ओबरा स्थित वार्ड 3, गुलाब तिराहा, गजराज नगर में सरकारी फंड के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां नाली निर्माण के लिए स्वीकृत धन को कथित तौर पर ठेकेदार राजू शर्मा द्वारा अपने एक रिश्तेदार के मकान में लगाया जा रहा है। जनता के पैसों के इस दुरुपयोग को लेकर स्थानीय स्तर पर शिकायत की गई है, जहाँ सरकारी निधि का पैसा निजी कार्य में इस्तेमाल किया जा रहा है।1
- सोनभद्र पुलिस ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से 302 खोए और गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन बरामद मोबाइल फोनों की कुल कीमत लगभग 45 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के सीधे निर्देशन में चलाए गए एक विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। इस अभियान में सर्विलांस सेल, एसओजी (विशेष अभियान समूह) और थाना पुलिस की विभिन्न टीमों ने मिलकर काम किया। अपने गुम हुए मोबाइल फोन वापस पाकर संबंधित लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे, जिससे पुलिस की इस पहल को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।1
- उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस घोषणा के बाद से प्रधानों में 'बड़ी टेंशन' देखी जा रही है। अब यह देखना होगा कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कैसे करते हैं।1
- उत्तर प्रदेश में मौसम संबंधी अपडेट जारी किया गया है, जिसमें बताया गया है कि राज्य को आंधी, बारिश और भीषण गर्मी व तापमान का 'दोहरा हमला' झेलना पड़ रहा है।1