चंदौली के नौगढ़ तहसील क्षेत्र स्थित हरियाबांध गांव में ग्रामसभा की कीमती भूमि पर कथित अवैध कब्जे के मामले से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। आरोप है कि कुछ प्रभावशाली और दबंग लोग तेजी से सरकारी जमीन पर पक्का निर्माण करवा रहे हैं, जबकि यह निर्माण स्थल पहले से मौजूद सरकारी अन्नपूर्णा भवन और सामुदायिक शौचालय के ठीक समीप है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले दो-तीन दिनों की छुट्टियों का लाभ उठाते हुए निर्माण कार्य को बहुत तेजी से आगे बढ़ाया गया। राजमिस्त्रियों और मजदूरों को लगाकर पक्की दीवारें खड़ी कर दी गईं, जिससे ग्रामीणों की यह आशंका और मजबूत हो गई कि सरकारी भूमि पर स्थायी कब्जे की तैयारी की जा रही है। एक स्थानीय नागरिक ने इस निर्माण कार्य का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया है, जो वायरल हो रहा है और इसमें निर्माण कार्य जारी होने का दावा किया जा रहा है। इसके बाद ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि तहसील और ब्लॉक स्तर के जिम्मेदार अधिकारी इस अवैध निर्माण को रोकने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि भूमाफियाओं को संरक्षण मिलने के कारण सरकारी जमीन पर कब्जे की कोशिशें लगातार बढ़ रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। स्थानीय प्रशासन से निराश ग्रामीणों ने अब मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखी है और जिलाधिकारी से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामसभा की महत्वपूर्ण भूमि पर स्थायी कब्जा हो जाएगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि राजस्व और प्रशासनिक अधिकारियों की एक संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर भूमि की पैमाइश करे, अवैध निर्माण की जांच करे और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर प्रकरण का संज्ञान लेकर आगे क्या कदम उठाता है।
चंदौली के नौगढ़ तहसील क्षेत्र स्थित हरियाबांध गांव में ग्रामसभा की कीमती भूमि पर कथित अवैध कब्जे के मामले से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। आरोप है कि कुछ प्रभावशाली और दबंग लोग तेजी से सरकारी जमीन पर पक्का निर्माण करवा रहे हैं, जबकि यह निर्माण स्थल पहले से मौजूद सरकारी अन्नपूर्णा भवन और सामुदायिक शौचालय के ठीक समीप है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले दो-तीन दिनों की छुट्टियों का लाभ उठाते हुए निर्माण कार्य को बहुत तेजी से आगे बढ़ाया गया। राजमिस्त्रियों
और मजदूरों को लगाकर पक्की दीवारें खड़ी कर दी गईं, जिससे ग्रामीणों की यह आशंका और मजबूत हो गई कि सरकारी भूमि पर स्थायी कब्जे की तैयारी की जा रही है। एक स्थानीय नागरिक ने इस निर्माण कार्य का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया है, जो वायरल हो रहा है और इसमें निर्माण कार्य जारी होने का दावा किया जा रहा है। इसके बाद ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। ग्रामीणों का
सीधा आरोप है कि तहसील और ब्लॉक स्तर के जिम्मेदार अधिकारी इस अवैध निर्माण को रोकने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि भूमाफियाओं को संरक्षण मिलने के कारण सरकारी जमीन पर कब्जे की कोशिशें लगातार बढ़ रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। स्थानीय प्रशासन से निराश ग्रामीणों ने अब मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखी है और जिलाधिकारी से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने
की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामसभा की महत्वपूर्ण भूमि पर स्थायी कब्जा हो जाएगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि राजस्व और प्रशासनिक अधिकारियों की एक संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर भूमि की पैमाइश करे, अवैध निर्माण की जांच करे और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर प्रकरण का संज्ञान लेकर आगे क्या कदम उठाता है।
- चंदौली के नौगढ़ तहसील क्षेत्र स्थित हरियाबांध गांव में ग्रामसभा की कीमती भूमि पर कथित अवैध कब्जे के मामले से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। आरोप है कि कुछ प्रभावशाली और दबंग लोग तेजी से सरकारी जमीन पर पक्का निर्माण करवा रहे हैं, जबकि यह निर्माण स्थल पहले से मौजूद सरकारी अन्नपूर्णा भवन और सामुदायिक शौचालय के ठीक समीप है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले दो-तीन दिनों की छुट्टियों का लाभ उठाते हुए निर्माण कार्य को बहुत तेजी से आगे बढ़ाया गया। राजमिस्त्रियों और मजदूरों को लगाकर पक्की दीवारें खड़ी कर दी गईं, जिससे ग्रामीणों की यह आशंका और मजबूत हो गई कि सरकारी भूमि पर स्थायी कब्जे की तैयारी की जा रही है। एक स्थानीय नागरिक ने इस निर्माण कार्य का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया है, जो वायरल हो रहा है और इसमें निर्माण कार्य जारी होने का दावा किया जा रहा है। इसके बाद ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि तहसील और ब्लॉक स्तर के जिम्मेदार अधिकारी इस अवैध निर्माण को रोकने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि भूमाफियाओं को संरक्षण मिलने के कारण सरकारी जमीन पर कब्जे की कोशिशें लगातार बढ़ रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। स्थानीय प्रशासन से निराश ग्रामीणों ने अब मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखी है और जिलाधिकारी से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामसभा की महत्वपूर्ण भूमि पर स्थायी कब्जा हो जाएगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि राजस्व और प्रशासनिक अधिकारियों की एक संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर भूमि की पैमाइश करे, अवैध निर्माण की जांच करे और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर प्रकरण का संज्ञान लेकर आगे क्या कदम उठाता है।4
- जीआरएस से जुड़े एक मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिस पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि संबंधित अधिकारियों ने पैसे लेकर आवश्यक कागजात दबा दिए हैं। इस पूरे प्रकरण की तत्काल जांच की मांग की गई है, साथ ही मांग है कि इन भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।2
- कैमूर जिले के करकटगढ़ गांव में 40 डिग्री के भीषण तापमान के बीच ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस गंभीर स्थिति में, बताया गया है कि क्षेत्र के मंत्री, विधायक, सांसद और अन्य संबंधित अधिकारी गांव से नदारद हैं, जिसके चलते ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- कैमूर जिले के कुदरा थाना क्षेत्र अंतर्गत सकरी पेट्रोल पंप के पास एक खड़ी पिकअप गाड़ी से मोबाइल फोन, ₹40,000 नगद और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज चोरी होने का बड़ा मामला सामने आया है। पीड़ित पिकअप चालक ने इस मामले में कुदरा थाना में शिकायत दर्ज कराने के साथ ही स्थानीय पुलिस पर एक गंभीर आरोप भी लगाया है। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के महाराजपुर थाना क्षेत्र के एमा गाँव निवासी पिकअप चालक रामू साहू अपनी गाड़ी (रजिस्ट्रेशन नंबर: UP78GN9998) लेकर कैमूर आए थे। 21 जून 2026 को सकरी पेट्रोल पंप के पास गाड़ी खड़ी कर आराम कर रहे रामू साहू जब सुबह करीब 10 बजे सो रहे थे, तभी अज्ञात चोरों ने इस घटना को अंजाम दिया। चोरों ने गाड़ी से उनका मोटरोला कंपनी का मोबाइल फोन, ₹40,000 नगद, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड और मोबाइल सिम नंबर (6390698353) चुरा लिए। घटना के तुरंत बाद पीड़ित चालक रामू साहू ने कुदरा थाना पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत की और कार्रवाई की मांग की। हालांकि, पीड़ित का आरोप है कि जब उसने अपने आवेदन में ₹40,000 नगद चोरी होने का जिक्र किया, तो पुलिसकर्मियों ने उसे ऐसा न लिखने की सलाह दी। पीड़ित के अनुसार, पुलिस ने उसे बताया कि "रुपये मिलने की संभावना बहुत कम होती है। इसलिए केवल मोबाइल और पर्स गुम होने की रिपोर्ट दर्ज कराई जाए, ताकि अगर भविष्य में मोबाइल और पर्स मिले तो वो वापस मिल सकें।" इस चोरी की वारदात और पुलिस पर लगे इन गंभीर आरोपों के बाद स्थानीय व्यवसायियों और वाहन चालकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता और नाराजगी देखी जा रही है। लोगों ने मांग की है कि पुलिस को राष्ट्रीय राजमार्ग और पेट्रोल पंपों के समीप खड़े वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गश्ती तेज करनी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके। फिलहाल, पुलिस को दिए गए आवेदन के आधार पर मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चोरी की इस घटना और पुलिस पर लगे आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।4
- चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी जनसमस्याओं के साथ पहुँचे। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में राजस्व, पुलिस, सिंचाई, विद्युत, वन सहित विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 160 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें से मौके पर ही तीन मामलों का निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को सौंपकर निर्धारित समय सीमा के भीतर समाधान के निर्देश दिए गए। इस दौरान क्षेत्रीय सांसद छोटेलाल खरवार भी समाधान दिवस में उपस्थित रहे और उन्होंने फरियादियों की समस्याओं को सुना। सांसद ने अधिकारियों को नौगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अल्ट्रासाउंड सुविधा और शव वाहन उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने अधिकारियों को जनता की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायतकर्ता को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और सभी मामलों का पारदर्शी तरीके से समाधान किया जाए। इस संपूर्ण समाधान दिवस में पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल, प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) बी शिव शंकर, उप जिलाधिकारी विनय कुमार मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारितोष मिश्रा, खंड विकास अधिकारी विकास कुमार, तहसीलदार राहुल सिंह, नौगढ़ रेंज वन क्षेत्राधिकारी संजय श्रीवास्तव और जयमोहनी वन क्षेत्राधिकारी अमित श्रीवास्तव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन के बाद, "पेड़ लगाएं, जीवन बचाएं" और "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत तहसील परिसर में वृक्षारोपण किया गया। सांसद छोटेलाल खरवार, जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग, पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल और उप जिलाधिकारी विनय कुमार मिश्रा ने एक-एक पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। साथ ही, जनपद में चल रहे 40 लाख पौधरोपण अभियान को सांसद और जिलाधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।4
- उत्तर प्रदेश में मौसम संबंधी अपडेट जारी किया गया है, जिसमें बताया गया है कि राज्य को आंधी, बारिश और भीषण गर्मी व तापमान का 'दोहरा हमला' झेलना पड़ रहा है।1