-किशनगंज में टंकी पर चढ़े लोग, खेतों की ओर जाने वाले सरकारी रास्ते पर अतिक्रमण हटाने की है मांग, महीनों से सुनवाई नहीं होने से नाराज़ हैं लोग।। अरबिंद मेहता बारां स्लग-किशनगंज में टंकी पर चढ़े लोग, खेतों की ओर जाने वाले सरकारी रास्ते पर अतिक्रमण हटाने की है मांग, महीनों से सुनवाई नहीं होने से नाराज़ हैं लोग।। एंकर- बारां के किशनगंज में सरकारी आम रास्ते पर वर्षों से किए गए अतिक्रमण को हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रशासन की अनदेखी से नाराज ग्रामीण पानी की टंकी पर चढ़ गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। जानकारी के अनुसार गांव से खेतों की ओर जाने वाले सरकारी आम रास्ते पर कुछ दबंगों द्वारा लंबे समय से कब्जा कर अतिक्रमण किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि रास्ता बंद होने से किसानों और ग्रामीणों को खेतों तक पहुंचने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले को लेकर ग्रामीण कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में भारी रोष व्याप्त है। इसी से नाराज होकर आज ग्रामीण पानी की टंकी पर चढ़ गए और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक आम रास्ते से अतिक्रमण नहीं हटाया जाएगा, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और टंकी पर चढ़े ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल मौके पर जबकि पुलिस हालात पर नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों की मांग है कि खेतों तक जाने वाले सरकारी रास्ते को तुरंत अतिक्रमण मुक्त कराया जाए ताकि आमजन और किसानों को राहत मिल सके।
-किशनगंज में टंकी पर चढ़े लोग, खेतों की ओर जाने वाले सरकारी रास्ते पर अतिक्रमण हटाने की है मांग, महीनों से सुनवाई नहीं होने से नाराज़ हैं लोग।। अरबिंद मेहता बारां स्लग-किशनगंज में टंकी पर चढ़े लोग, खेतों की ओर जाने वाले सरकारी रास्ते पर अतिक्रमण हटाने की है मांग, महीनों से सुनवाई नहीं होने से नाराज़ हैं लोग।। एंकर- बारां के किशनगंज में सरकारी आम रास्ते पर वर्षों से किए गए अतिक्रमण को हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रशासन की अनदेखी से नाराज ग्रामीण पानी की टंकी पर चढ़ गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। जानकारी के अनुसार गांव से खेतों की ओर जाने वाले सरकारी आम रास्ते पर कुछ दबंगों द्वारा लंबे समय से कब्जा कर अतिक्रमण किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि रास्ता बंद होने से किसानों और ग्रामीणों को खेतों तक पहुंचने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले को लेकर ग्रामीण कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में भारी रोष व्याप्त है। इसी से नाराज होकर आज ग्रामीण पानी की टंकी पर चढ़ गए और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक आम रास्ते से अतिक्रमण नहीं हटाया जाएगा, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और टंकी पर चढ़े ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल मौके पर जबकि पुलिस हालात पर नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों की मांग है कि खेतों तक जाने वाले सरकारी रास्ते को तुरंत अतिक्रमण मुक्त कराया जाए ताकि आमजन और किसानों को राहत मिल सके।
- -किशनगंज में टंकी पर चढ़े लोग, खेतों की ओर जाने वाले सरकारी रास्ते पर अतिक्रमण हटाने की है मांग, महीनों से सुनवाई नहीं होने से नाराज़ हैं लोग।। अरबिंद मेहता बारां स्लग-किशनगंज में टंकी पर चढ़े लोग, खेतों की ओर जाने वाले सरकारी रास्ते पर अतिक्रमण हटाने की है मांग, महीनों से सुनवाई नहीं होने से नाराज़ हैं लोग।। एंकर- बारां के किशनगंज में सरकारी आम रास्ते पर वर्षों से किए गए अतिक्रमण को हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रशासन की अनदेखी से नाराज ग्रामीण पानी की टंकी पर चढ़ गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। जानकारी के अनुसार गांव से खेतों की ओर जाने वाले सरकारी आम रास्ते पर कुछ दबंगों द्वारा लंबे समय से कब्जा कर अतिक्रमण किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि रास्ता बंद होने से किसानों और ग्रामीणों को खेतों तक पहुंचने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले को लेकर ग्रामीण कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में भारी रोष व्याप्त है। इसी से नाराज होकर आज ग्रामीण पानी की टंकी पर चढ़ गए और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक आम रास्ते से अतिक्रमण नहीं हटाया जाएगा, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और टंकी पर चढ़े ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल मौके पर जबकि पुलिस हालात पर नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों की मांग है कि खेतों तक जाने वाले सरकारी रास्ते को तुरंत अतिक्रमण मुक्त कराया जाए ताकि आमजन और किसानों को राहत मिल सके।1
- सरकारी रास्ते से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर टंकी पर चढ़े ग्रामीण जानकारी शुक्रवार सुबह 11 बजे मिली किशनगंज क्षेत्र में खेतों की ओर जाने वाले सरकारी आम रास्ते पर अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से दबंगों ने रास्ते पर कब्जा कर रखा है, जिससे किसानों को खेतों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। कई बार शिकायत देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से लोगों में रोष फैल गया। सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने रास्ता अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग उठाई है।1
- शाहबाद के देवरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में फायर सेफ्टी सप्ताह के तहत स्टाफ को आगज़नी से बचाव का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान उन्हें आग लगने की स्थिति में सुरक्षा, सावधानी और फायर एक्सटिंग्विशर के उपयोग के तरीके समझाए गए।1
- श्योपुर के कराहल में भीषण गर्मी के कारण पेड़ सूखने लगे हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे इन पेड़ों में पानी डालकर उन्हें सुरक्षित रखें।1
- शिवपुरी के कोलरस की खोरघार पंचायत के खरईभाट गांव में सचिव पहलवान सिंह रावत पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। इस मामले में सरपंच मलखान सिंह जाटव भी सवालों के घेरे में आ गए हैं।1
- शिवपुरी को मिली नई पुलिस कप्तान, आईपीएस यांगचेन डोलकर भूटिया ने संभाला पदभार.!! शिवपुरी को मिली नई पुलिस कप्तान, आईपीएस यांगचेन डोलकर भूटिया ने संभाला पदभार.!!1
- शिवपुरी के नरवर क्षेत्र में तेज हवाओं और ओलों के साथ हुई बारिश से मौसम ने अचानक करवट ली। चकरामपुर में इस दौरान पेड़-पौधों को सामान्य क्षति पहुंची और कुछ डालियां टूट गईं। हालांकि कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई, लेकिन अचानक बदले मौसम से किसानों और ग्रामीणों में चिंता का माहौल है।3
- सीएचसी देवरी में फायर सेफ्टी सप्ताह के तहत मॉक ड्रिल आयोजित जानकारी शुक्रवार सुबह 11 बजे मिली सीएचसी देवरी में फायर सेफ्टी सप्ताह के तहत स्टाफ को आगजनी की स्थिति में सुरक्षा, सावधानी एवं बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान (RACE एवं PASS) के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही मॉक ड्रिल आयोजित कर कर्मचारियों को अग्निशामक यंत्र के सही उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। चिकित्सा संस्थान में आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक सावधानियों के बारे में जागरूक किया गया। BCMO श्रवण कुमार शर्मा ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से स्टाफ की आपदा प्रबंधन क्षमता मजबूत होती है।1