बाराबंकी के फतेहपुर कस्बे के पटेल नगर में रविवार देर रात आदि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज की गो रक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। यात्रा के पहुंचते ही श्रद्धालुओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने पुष्पवर्षा, माल्यार्पण और जयघोष के बीच शंकराचार्य का अभिनंदन किया। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के कड़े व व्यापक इंतजाम किए गए थे। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज मौन व्रत पर होने के कारण सभा को संबोधित नहीं कर सके। उनके साथ चल रहे संतों ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए गौ सेवा और गौ संरक्षण का महत्व बताया और लोगों से गो रक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया। सभा के दौरान संतों ने केंद्र सरकार से गौमाता को राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में गाय का विशेष स्थान है, इसलिए उसके संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
बाराबंकी के फतेहपुर कस्बे के पटेल नगर में रविवार देर रात आदि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज की गो रक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। यात्रा के पहुंचते ही श्रद्धालुओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने पुष्पवर्षा, माल्यार्पण और जयघोष के बीच शंकराचार्य का अभिनंदन किया। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के कड़े व व्यापक इंतजाम किए गए थे। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज मौन व्रत पर होने के कारण सभा को संबोधित नहीं कर सके। उनके साथ चल रहे संतों ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए गौ सेवा और गौ संरक्षण का महत्व बताया और लोगों से गो रक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया। सभा के दौरान संतों ने केंद्र सरकार से गौमाता को राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में गाय का विशेष स्थान है, इसलिए उसके संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
- लखनऊ के काकोरी विकासखंड के अंतर्गत दसदोई गांव स्थित गौशाला से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां वृक्षारोपण कार्यक्रम के कुछ ही समय बाद बड़ी संख्या में हरे-भरे और स्वस्थ पौधों को कथित तौर पर फेंक दिया गया। इस घटना को लेकर क्षेत्रीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुबह के समय काकोरी ब्लॉक प्रमुख श्रीमती नीतू सिंह यादव द्वारा गौशाला परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस दौरान उन्होंने खुद पौधे लगाए और गौशाला संचालक दिनेश श्रीवास्तव व नीलम श्रीवास्तव को निर्देश दिया कि बचे हुए पौधों को शाम तक रोप दिया जाए। आरोप है कि ब्लॉक प्रमुख का काफिला वहां से निकलने के कुछ ही मिनटों बाद गौशाला संचालक ने कर्मचारियों की मदद से बचे हुए पौधों को बगल में स्थित 'हर घर जल योजना' परिसर की बाउंड्री वॉल के पीछे फेंकवा दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब पौधों को लगाना ही नहीं था, तो इस वृक्षारोपण कार्यक्रम का उद्देश्य क्या था। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले का संज्ञान लेकर क्या कार्रवाई करते हैं।1
- बाराबंकी के रामनगर क्षेत्र के ग्राम ददिया मऊ में आज मौके पर जाकर पूरे मामले का संज्ञान लिया गया और इस संबंध में प्रधान जी से बातचीत की गई। बातचीत के दौरान प्रधान जी ने पूरे मामले को एक हफ्ते के भीतर सही करने का भरोसा दिया है। अब देखना यह होगा कि आगे इस मामले में क्या होता है।1
- राजधानी लखनऊ के मड़ियांव में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन CY-VAJRA' के तहत मड़ियांव पुलिस और सर्विलांस टीम ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई की है। इस संयुक्त अभियान में टीम ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 9 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी भोले-भाले लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे और उनका इस्तेमाल म्यूल अकाउंट के रूप में करते थे। इसके बाद ठगी की रकम को क्रिप्टोकरेंसी (USDT) में बदलकर विदेश भेज दिया जाता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से 50 ATM कार्ड, 3 चेकबुक, 2 पासबुक, 3 मोबाइल फोन, 1 टैबलेट, ₹53,100 नकद और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। इस मामले में बीएनएस (BNS) और आईटी (IT) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस पूरे गिरोह के मास्टरमाइंड सहित अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार जुटी हुई है।1
- बाराबंकी के बदोसराय पुलिस ने कूटरचित दस्तावेजों के जरिए जमीन का फर्जी बैनामा कर 45 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह मामला टिकैतनगर थाना क्षेत्र के ग्राम डेराजा का है। जालसाजों ने पीड़िता कृष्णावती से 13 बीघा जमीन के नाम पर कुल 45 लाख रुपये हड़प लिए, जिसमें 15 लाख रुपये ऑनलाइन और 30 लाख रुपये नकद लिए गए। इस धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने जमीन के असली मालिक की जगह एक फर्जी व्यक्ति को खड़ा कर बैनामा करा दिया था। पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय के निर्देश पर पुलिस ने बाराबंकी, बहराइच और लखीमपुर के रहने वाले 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से घटना में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार भी बरामद की गई है। पुलिस ने BNS की कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है और गिरोह के अन्य फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है। पुलिस अधीक्षक ने प्रेसवार्ता कर इस पूरे मामले की जानकारी दी है।1
- बाराबंकी जिले की सिरौली गौसपुर तहसील के अंतर्गत विकासखंड रामनगर की ग्राम पंचायत अनूपगंज के ग्राम डांडियामऊ में विकास कार्यों की पोल खुल गई है। यहाँ ग्राम प्रधान माहे दारक्सा द्वारा इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य कराया गया था, लेकिन पहली ही बारिश होते ही इस नवनिर्मित इंटरलॉकिंग पर पानी भर गया। नवनिर्मित मार्ग पर जलजमाव होने की इसी बात को लेकर गौ सेवक जिला अध्यक्ष श्री आदर्श शुक्ला जी और अन्य गौ सेवक कार्यकर्ता भी मौके पर मौजूद रहे।1
- लखनऊ के जोन-7 क्षेत्र स्थित चौपटिया चौराहे पर लल्ला बिरयानी के सामने एक बहुमंजिला इमारत के निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई है। लोगों का आरोप है कि यह निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और नियमों के विपरीत जाकर किया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बिना उचित अनुमति के और मानकों की अनदेखी कर किए जा रहे इस निर्माण से क्षेत्र में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित विभाग के अधिकारियों की निगरानी होने के बावजूद भी निर्माण कार्य लगातार जारी है। हालांकि, इन आरोपों की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है और एलडीए अधिकारियों की ओर से भी अभी कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि लखनऊ विकास प्राधिकरण पूरे मामले की जांच कर निर्माण की वैधता की जांच करे और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई करे। अब देखना होगा कि शिकायतों के बाद एलडीए और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।1
- बाराबंकी जनपद के रफी अहमद किदवई जिला चिकित्सालय में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान में हिस्सा लिया। इस अभियान के तहत उपमुख्यमंत्री ने अस्पताल परिसर में पौधारोपण किया और पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाते हुए सभी को वन संरक्षण का संदेश दिया।1
- बाराबंकी के सतरिख थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सिकन्दरपुर माइनर में बीते 05 जुलाई 2026 को एक 38 वर्षीय अज्ञात पुरुष का शव बरामद हुआ था। मृतक की पहचान लखनऊ के गोसाईगंज थाना क्षेत्र के ग्राम मीसा निवासी रामतीरथ के रूप में हुई। इसके बाद 10 जुलाई 2026 को मृतक के पिता दयाराम द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर सतरिख थाने में चचेरे भाई सरफजीत, पत्नी रामदुलारी और भाई अवधेश कुमार के खिलाफ धारा 103(1)/238 बीएनएस के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बाराबंकी श्री अर्पित विजयवर्गीय ने मौके का निरीक्षण किया और फॉरेंसिक टीम व पुलिस टीमों को साक्ष्य जुटाने तथा अभियुक्तों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। सतरिख थाना पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस की मदद से त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों नामजद आरोपियों—सरफजीत, रामदुलारी और अवधेश कुमार को आज 10 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने अभियुक्तों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किए गए दो ईंट के टुकड़े, एक स्टोल, एक बोरी, एक तकिया और शव को ठिकाने लगाने में प्रयुक्त स्कूटी (UP 32 DU 9505) बरामद कर ली है। पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ कि अभियुक्त सरफजीत ने अपनी भाभी रामदुलारी और चचेरे भाई अवधेश कुमार के साथ मिलकर साजिश के तहत रामतीरथ की हत्या की थी। योजना के मुताबिक, 3/4 जुलाई 2026 की रात को पत्नी रामदुलारी ने रामतीरथ के खाने में नींद की गोलियां मिला दी थीं। जब वह बेहोश हो गया, तो सरफजीत और अवधेश ने ईंट से उसके चेहरे पर वार किया और फिर स्टोल से मुंह दबाकर उसे मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद तीनों ने शव को बोरी में भरा और मृतक की ही स्कूटी पर लादकर उसे सिकन्दरपुर माइनर में फेंक दिया था।1