भोपाल राजधानी भोपाल को मिला नया प्रशासनिक नेतृत्व… नवागत कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने संभाला पदभार… आते ही जनगणना को लेकर दिया बड़ा संदेश—‘स्पीड नहीं, सही डेटा है सबसे ज्यादा जरूरी।’” एंकर राजधानी भोपाल में नए कलेक्टर के रूप में प्रियंक मिश्रा ने पदभार संभाल लिया है। पद संभालते ही उन्होंने जनगणना जैसे महत्वपूर्ण विषय पर साफ और सख्त संदेश दिया है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि जनगणना कोई रेस नहीं है, बल्कि यह देश के भविष्य की नींव तैयार करने की प्रक्रिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि—आगे रहना या पीछे रहना उतना महत्वपूर्ण नहीं है, जितना कि सही और सटीक जानकारी देना।” भारत में जनगणना हर 10 साल में होती है और यह देश का सबसे बड़ा डेटा कलेक्शन अभियान माना जाता है। पिछली जनगणना 2011 में हुई थी, जबकि अगली जनगणना को डिजिटल स्वरूप में करने की तैयारी चल रही है—जिससे डेटा की सटीकता और उपयोगिता और बढ़ेगी। इस बार डिजिटल डेटा तैयार हो रहा है, और आप सभी जानते हैं कि स्टैटिस्टिक्स के आधार पर ही सरकार की नीतियां तय होती हैं।” गलत जानकारी देना सिर्फ सिस्टम को नहीं, बल्कि भविष्य की योजनाओं को भी प्रभावित करता है। कलेक्टर ने यह भी कहा कि कई बार लोग खुद को ज्यादा गरीब या ज्यादा अमीर दिखाने की कोशिश करते हैं, लेकिन जनगणना का डेटा किसी व्यक्तिगत लाभ या योजना से सीधे जुड़ा नहीं होता—यह एक नेमलेस डेटा होता है, जिसका उपयोग केवल नीति निर्माण में किया जाता हैं अपने विजन को साझा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि वर्ष 2047 तक “विकसित भारत” का लक्ष्य सिर्फ केंद्र सरकार का नहीं, बल्कि हर शहर और हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने नरेंद्र मोदी के विजन और मोहन यादव के मार्गदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि भोपाल को देश की सबसे बेहतरीन राजधानी बनाने के लिए प्रशासन पूरी ताकत से काम करेगा। तो साफ है—राजधानी भोपाल में नए कलेक्टर के साथ प्रशासनिक सक्रियता बढ़ने वाली है। अब देखना होगा कि जनगणना जैसे बड़े अभियान में जनता कितना सहयोग करती है और भोपाल विकास की इस रफ्तार में कितना आगे निकलता है। बाईट प्रियंक मिश्रा कलेक्टर भोपाल
भोपाल राजधानी भोपाल को मिला नया प्रशासनिक नेतृत्व… नवागत कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने संभाला पदभार… आते ही जनगणना को लेकर दिया बड़ा संदेश—‘स्पीड नहीं, सही डेटा है सबसे ज्यादा जरूरी।’” एंकर राजधानी भोपाल में नए कलेक्टर के रूप में प्रियंक मिश्रा ने पदभार संभाल लिया है। पद संभालते ही उन्होंने जनगणना जैसे महत्वपूर्ण विषय पर साफ और सख्त संदेश दिया है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि जनगणना कोई रेस नहीं है, बल्कि यह देश के भविष्य की नींव तैयार करने की प्रक्रिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि—आगे रहना या पीछे रहना उतना महत्वपूर्ण नहीं है, जितना कि सही और सटीक जानकारी देना।” भारत में जनगणना हर 10 साल में होती है और यह देश का सबसे बड़ा डेटा कलेक्शन अभियान माना जाता है। पिछली जनगणना 2011 में हुई थी, जबकि अगली जनगणना को डिजिटल स्वरूप में करने की तैयारी चल रही है—जिससे डेटा की सटीकता और उपयोगिता और बढ़ेगी। इस बार डिजिटल डेटा तैयार हो रहा है, और आप सभी जानते हैं कि स्टैटिस्टिक्स के आधार पर ही सरकार की नीतियां तय होती हैं।” गलत जानकारी देना सिर्फ सिस्टम को नहीं, बल्कि भविष्य की योजनाओं को भी प्रभावित करता है। कलेक्टर ने यह भी कहा कि कई बार लोग खुद को ज्यादा गरीब या ज्यादा अमीर दिखाने की कोशिश करते हैं, लेकिन जनगणना का डेटा किसी व्यक्तिगत लाभ या योजना से सीधे जुड़ा नहीं होता—यह एक नेमलेस डेटा होता है, जिसका उपयोग केवल नीति निर्माण में किया जाता हैं अपने विजन को साझा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि वर्ष 2047 तक “विकसित भारत” का लक्ष्य सिर्फ केंद्र सरकार का नहीं, बल्कि हर शहर और हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने नरेंद्र मोदी के विजन और मोहन यादव के मार्गदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि भोपाल को देश की सबसे बेहतरीन राजधानी बनाने के लिए प्रशासन पूरी ताकत से काम करेगा। तो साफ है—राजधानी भोपाल में नए कलेक्टर के साथ प्रशासनिक सक्रियता बढ़ने वाली है। अब देखना होगा कि जनगणना जैसे बड़े अभियान में जनता कितना सहयोग करती है और भोपाल विकास की इस रफ्तार में कितना आगे निकलता है। बाईट प्रियंक मिश्रा कलेक्टर भोपाल
- Post by Suneel lodhi1
- Post by AM NEWS1
- [ न्यूज़] नरसिंहगढ़: नादिया पानी जंगल में भीषण आग! असामाजिक तत्वों की करतूत से हज़ारों बेज़ुबान पक्षी और जानवर बेघर, प्रकृति खतरे में [नरसिंहगढ़, ] – नरसिंहगढ़ के नादिया पानी जंगल से एक बेहद दुखद और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, जंगल के एक बड़े हिस्से में भीषण आग लग गई है, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया है। यह आग केवल पेड़ों को ही नहीं जला रही है, बल्कि जंगल में रहने वाले हज़ारों बेज़ुबान पक्षियों और जानवरों के आशियाने को भी उजाड़ रही है। असामाजिक तत्वों की करतूत? शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस आग के पीछे कुछ असामाजिक तत्वों का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। अगर यह सच है, तो यह प्रकृति के प्रति एक बेहद निंदनीय और अक्षम्य अपराध है। जंगल हमें शुद्ध हवा, हरियाली और जीवन का संतुलन प्रदान करते हैं, और उन्हें इस तरह नुकसान पहुँचाना पूरे पर्यावरण के लिए घातक है। वन विभाग से त्वरित कार्रवाई की मांग जंगल में लगी आग की भीषणता को देखते हुए, स्थानीय निवासियों ने वन विभाग के अधिकारियों से जल्द से जल्द आग पर नियंत्रण पाने की गुहार लगाई है। आग बुझाने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाने की ज़रूरत है ताकि और अधिक नुकसान को रोका जा सके। नागरिकों से अपील: जागरूक बनें, सहयोग करें इस संकट की घड़ी में, सभी नागरिकों से अपील की जाती है कि वे जागरूक बनें और प्रकृति की रक्षा के लिए आगे आएं। यदि किसी को भी आग लगाने वाले असामाजिक तत्वों के बारे में कोई जानकारी मिले, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें। साथ ही, वन विभाग के कर्मचारियों का सहयोग करें ताकि वे आग बुझाने के कार्य को सुचारू रूप से कर सकें। पर्यावरण की रक्षा: हमारा सामूहिक कर्तव्य जंगल केवल पेड़ों का समूह नहीं हैं, बल्कि यह एक जटिल और महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र है, जिसमें अनगिनत जीव-जंतु निवास करते हैं। उनकी रक्षा करना हमारा सामूहिक कर्तव्य है। यदि हम अपने पर्यावरण को नहीं बचाएंगे, तो हमारा भविष्य भी सुरक्षित नहीं रहेगा1
- Post by शाहिद खान रिपोर्टर1
- *मेधावी छात्रा हिमांशी धाकड़ की बड़ी उड़ान: 10वीं में 99.4% अंक पाकर प्रदेश में नाम रौशन किया, कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला ने उपहार में दिया लैपटॉप* *भोपाल।* मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) द्वारा घोषित 10वीं के परीक्षा परिणामों में राजधानी भोपाल की हिमांशी धाकड़ ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। हिमांशी ने 500 में से *497 अंक (99.4%)* प्राप्त कर न केवल अपने माता-पिता, बल्कि पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। *कलेक्टर बनने का है सपना* हिमांशी की इस अभूतपूर्व सफलता पर उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। इसी कड़ी में नरेला क्षेत्र के प्रमुख कांग्रेस नेता *मनोज शुक्ला* उनके निवास पहुँचे। उन्होंने हिमांशी को मिठाई खिलाकर और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। जब मनोज शुक्ला ने उनसे भविष्य के लक्ष्य के बारे में पूछा, तो हिमांशी ने दृढ़ता के साथ कहा कि वह *UPSC* की तैयारी कर *IAS ऑफिसर (कलेक्टर)* बनना चाहती हैं। *मदद के लिए आगे आए मनोज शुक्ला* हिमांशी ने बातचीत के दौरान बताया कि आगे की पढ़ाई और कोचिंग के लिए उन्हें एक लैपटॉप की सख्त जरूरत है। इस पर संवेदनशीलता दिखाते हुए मनोज शुक्ला तुरंत उन्हें अपने साथ 'मंगलम' इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम ले गए और उन्हें उनकी पसंद का *नया लैपटॉप* उपहार स्वरूप प्रदान किया। शुक्ला ने उसे एक मोबाइल भी दिलाया। कुल मिलाकर उन्होंने हिमांशी को करीब एक लाख रुपए का गिफ्ट दिया। *इस अवसर पर मनोज शुक्ला ने कहा:* > "नरेला की इस बेटी ने अपनी मेहनत से हम सबका सिर गर्व से ऊँचा कर दिया है। संसाधनों की कमी किसी भी मेधावी छात्र के सपने के बीच नहीं आनी चाहिए। हमें पूरा विश्वास है कि हिमांशी एक दिन कलेक्टर बनकर देश की सेवा करेगी।" *परीक्षा परिणाम पर एक नजर* हिमांशी के अंकों का गणित उनकी मेहनत को साफ़ दर्शाता है: * *गणित और विज्ञान:* 100 में से 100 अंक * *अंग्रेजी, संस्कृत और सामाजिक विज्ञान:* 99 अंक * *हिंदी:* 96 अंक हिमांशु की इस सफलता से उनके परिवार और पूरे नरेला क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। इस अवसर पर अनूप पांडे, अमित खत्री, सुरेश साहू, विजेंद्र शुक्ला, संदीप सरवैया, तरुण विश्वकर्मा, दिनेश माली, केशव मौर्य एवं तारिक अली आदि मौजूद थे।1
- भोपाल से बड़ी खबर—किराना व्यापारी हनीफ खान की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। उनका शव बैरसिया से करीब 10 किलोमीटर दूर शमशाबाद रोड पर एक ढाबे के पास मिला। शुरुआत में इसे हादसा माना गया, लेकिन जांच में सामने आया कि उनके सीने में बेहद करीब से गोली मारी गई थी। वारदात को अंजाम देकर बाइक सवार बदमाश फरार हो गए। परिजनों के मुताबिक, हनीफ खान का किसी से कोई विवाद नहीं था। फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।1
- Post by Naved khan3
- Post by AM NEWS1