महुआडार में संचालित 46 अवैध इट भट्ठों में से केवल एक पर स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई क्यों , स्थानीय प्रशासन पर लगा यह गम्भीर आरोप । *महुआडांड़ प्रखंड क्षेत्र में कुल 46 अवैध तरीके से बांग्ला इट भट्टा का संचालन किया जा रहा है, मगर स्थानीय प्रशासन की कार्यवाही मात्र एक ही एट भट्टे पर सुनिश्चित हो चुकी है, जो स्थानीय प्रशासन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।* लातेहार जिले का महुआडांड़ प्रखंड इन दिनों प्रशासनिक भ्रष्टाचार और अधिकारियों की तानाशाही के आरोपों से सुलग रहा है। ईको-सेंसिटिव जोन में अवैध तरीके से बांग्ला ईंट भट्ठा संचालन के नाम पर शुरू हुआ विवाद अब प्रशासन बनाम जनता की जंग में तब्दील हो चुका है। सेमरबुढ़नी निवासी समाजसेवी बलराम प्रसाद (66 वर्ष) ने अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) विपिन कुमार दुबे और अंचलाधिकारी (CO) संतोष बैठा पर भ्रष्टाचार और उत्पीड़न के 13 गंभीर आरोप लगाते हुए आगामी 16 अप्रैल 2026 से रांची स्थित राजभवन के समक्ष आमरण अनशन का ऐलान कर दिया है। *क्या है विवाद की जड़?* मामला 3 अप्रैल 2026 का है, जब प्रशासन ने बलराम प्रसाद के ईंट भट्ठे पर छापेमारी की। पीड़ित का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने न केवल उनके साथ मारपीट की, बल्कि गाड़ी की किस्त के लिए रखे 1,43,000 रुपये नकद भी छीन लिए। साथ ही, भट्ठे से 70 टन कोयला और ईंट लदा ट्रैक्टर भी जब्त कर लिया गया। बलराम प्रसाद का दावा है कि भट्ठा चलाने के एवज में अधिकारी पहले ही उनसे 1,50,000 रुपये की रिश्वत ले चुके थे और अधिक पैसों की मांग पूरी न होने पर यह 'चुनिंदा' कार्रवाई की गई। ' *अभयदान' बनाम 'अत्याचार': प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल* स्थानीय ग्रामीणों के बीच यह चर्चा का विषय है कि पूरे प्रखंड में लगभग 46 अवैध ईंट भट्ठे संचालित हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन की गाज सिर्फ एक पर ही क्यों गिरी? यदि भेड़िया अभयारण्य और टाइगर रिजर्व के कारण क्षेत्र संवेदनशील है, तो शेष 45 भट्ठों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही? आरोप है कि जिन भट्ठा संचालकों ने अधिकारियों को 'सुविधा शुल्क' पहुंचा दिया है, उन्हें अभयदान मिला हुआ है। *अनशन के 13 मुख्य कारण: भ्रष्टाचार की लंबी फेहरिस्त* मुख्यमंत्री और राज्यपाल को सौंपे गए मांग पत्र में बलराम प्रसाद ने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं साझेदारी में व्यापार: SDO और CO पर खुद अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर पार्टनरशिप में ईंट भट्ठा चलाने का आरोप। बालू का अवैध धंधा: NGT के नियमों की अनदेखी कर बालू का अवैध उत्खनन और व्यापारियों से प्रति गाड़ी 70 हजार से 1 लाख रुपये की वसूली। जमीन कब्जाने का खेल: ग्राम ओरसापाठ में सरकारी भूमि (प्लॉट नं. 2828, 2829, 2865) पर SDO द्वारा अवैध कब्जा और बाउंड्री कराने का आरोप। आदिवासी भूमि पर नजर: नेतरहाट के मौजा कोरगी में 'ईको सेंसिटिव जोन' के नाम पर आदिवासियों की जमीन अपने नाम कराने का प्रयास। झूठे मुकदमे: पीड़ित को फंसाने के लिए 2,20,000 रुपये का कथित इनाम घोषित करना और दलालों के माध्यम से सुलह के लिए लाखों की मांग। *प्रशासन का पक्ष* इन आरोपों पर SDO विपिन कुमार दुबे ने सफाई देते हुए कहा कि महुआडांड़ एक संवेदनशील क्षेत्र है और पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वालों पर विधि सम्मत कार्रवाई की गई है। उन्होंने भ्रष्टाचार और मारपीट के आरोपों को निराधार बताया है। *न्याय के लिए आर-पार की लड़ा।* पीड़ित परिवार का कहना है कि वे प्रशासनिक दमन से थक चुके हैं। यदि 16 अप्रैल तक आरोपित अधिकारियों पर उच्च स्तरीय जांच शुरू नहीं होती है, तो वे राजभवन के सामने प्राण त्यागने तक अनशन पर डटे रहेंगे। फिलहाल, इस मामले ने राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है। बड़ी बात यह है कि क्या प्रशासन वास्तव में पर्यावरण संरक्षण कर रहा है, या 'ईको-सेंसिटिव जोन' के नाम पर वसूली का नया तंत्र विकसित हो गया है? जांच के बाद ही सच सामने आएगा।
महुआडार में संचालित 46 अवैध इट भट्ठों में से केवल एक पर स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई क्यों , स्थानीय प्रशासन पर लगा यह गम्भीर आरोप । *महुआडांड़ प्रखंड क्षेत्र में कुल 46 अवैध तरीके से बांग्ला इट भट्टा का संचालन किया जा रहा है, मगर स्थानीय प्रशासन की कार्यवाही मात्र एक ही एट भट्टे पर सुनिश्चित हो चुकी है, जो स्थानीय प्रशासन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।* लातेहार जिले का महुआडांड़ प्रखंड इन दिनों प्रशासनिक भ्रष्टाचार और अधिकारियों की तानाशाही के आरोपों से सुलग रहा है। ईको-सेंसिटिव जोन में अवैध तरीके से बांग्ला ईंट भट्ठा संचालन के नाम पर शुरू हुआ विवाद अब प्रशासन बनाम जनता की जंग में तब्दील हो चुका है। सेमरबुढ़नी निवासी समाजसेवी बलराम प्रसाद (66 वर्ष) ने अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) विपिन कुमार दुबे और अंचलाधिकारी (CO) संतोष बैठा पर भ्रष्टाचार और उत्पीड़न के 13 गंभीर आरोप लगाते हुए आगामी 16 अप्रैल 2026 से रांची स्थित राजभवन के समक्ष आमरण अनशन का ऐलान कर दिया है। *क्या है विवाद की जड़?* मामला 3 अप्रैल 2026 का है, जब प्रशासन ने बलराम प्रसाद के ईंट भट्ठे पर छापेमारी की। पीड़ित का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने न केवल उनके साथ मारपीट की, बल्कि गाड़ी की किस्त के लिए रखे 1,43,000 रुपये नकद भी छीन लिए। साथ ही, भट्ठे से 70 टन कोयला और ईंट लदा ट्रैक्टर भी जब्त कर लिया गया। बलराम प्रसाद का दावा है कि भट्ठा चलाने के एवज में अधिकारी पहले ही उनसे 1,50,000 रुपये की रिश्वत ले चुके थे और अधिक पैसों की मांग पूरी न होने पर यह 'चुनिंदा' कार्रवाई की गई। ' *अभयदान' बनाम 'अत्याचार': प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल* स्थानीय ग्रामीणों के बीच यह चर्चा का विषय है कि पूरे प्रखंड में लगभग 46 अवैध ईंट भट्ठे संचालित हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन की गाज सिर्फ एक पर ही क्यों गिरी? यदि भेड़िया अभयारण्य और टाइगर रिजर्व के कारण
क्षेत्र संवेदनशील है, तो शेष 45 भट्ठों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही? आरोप है कि जिन भट्ठा संचालकों ने अधिकारियों को 'सुविधा शुल्क' पहुंचा दिया है, उन्हें अभयदान मिला हुआ है। *अनशन के 13 मुख्य कारण: भ्रष्टाचार की लंबी फेहरिस्त* मुख्यमंत्री और राज्यपाल को सौंपे गए मांग पत्र में बलराम प्रसाद ने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं साझेदारी में व्यापार: SDO और CO पर खुद अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर पार्टनरशिप में ईंट भट्ठा चलाने का आरोप। बालू का अवैध धंधा: NGT के नियमों की अनदेखी कर बालू का अवैध उत्खनन और व्यापारियों से प्रति गाड़ी 70 हजार से 1 लाख रुपये की वसूली। जमीन कब्जाने का खेल: ग्राम ओरसापाठ में सरकारी भूमि (प्लॉट नं. 2828, 2829, 2865) पर SDO द्वारा अवैध कब्जा और बाउंड्री कराने का आरोप। आदिवासी भूमि पर नजर: नेतरहाट के मौजा कोरगी में 'ईको सेंसिटिव जोन' के नाम पर आदिवासियों की जमीन अपने नाम कराने का प्रयास। झूठे मुकदमे: पीड़ित को फंसाने के लिए 2,20,000 रुपये का कथित इनाम घोषित करना और दलालों के माध्यम से सुलह के लिए लाखों की मांग। *प्रशासन का पक्ष* इन आरोपों पर SDO विपिन कुमार दुबे ने सफाई देते हुए कहा कि महुआडांड़ एक संवेदनशील क्षेत्र है और पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वालों पर विधि सम्मत कार्रवाई की गई है। उन्होंने भ्रष्टाचार और मारपीट के आरोपों को निराधार बताया है। *न्याय के लिए आर-पार की लड़ा।* पीड़ित परिवार का कहना है कि वे प्रशासनिक दमन से थक चुके हैं। यदि 16 अप्रैल तक आरोपित अधिकारियों पर उच्च स्तरीय जांच शुरू नहीं होती है, तो वे राजभवन के सामने प्राण त्यागने तक अनशन पर डटे रहेंगे। फिलहाल, इस मामले ने राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है। बड़ी बात यह है कि क्या प्रशासन वास्तव में पर्यावरण संरक्षण कर रहा है, या 'ईको-सेंसिटिव जोन' के नाम पर वसूली का नया तंत्र विकसित हो गया है? जांच के बाद ही सच सामने आएगा।
- महुआडांड़ प्रखंड के प्रतापपुर हजरत अंजान शाह दाता मजार में उर्स मुबारक के मौके पर इस बार माहौल पूरी तरह सूफियाना रंग में रंगने वाला है। 26 अप्रैल को आयोजित भव्य कव्वाली कार्यक्रम में मुंबई से चर्चित कव्वाल नईम साबरी और मशहूर कव्वाला शीबा परवीन अपनी दमदार आवाज़ से महफिल में चार चांद लगाएंगे।इस संबध में जेएमएम युवा जिला सचिव परवेज आलम ने बताया कि इस खास कार्यक्रम को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। बड़ी संख्या में जायरीन के पहुंचने की उम्मीद है, जिसे देखते हुए सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। उर्स के इस आयोजन को यादगार बनाने की पूरी तैयारी कर ली गई है।2
- ज्ञान सागर पब्लिक आवासीय विद्यालय के प्रधानाध्यापक विनोद यादव ने बताया कि हमारे यहां जवाहर नवोदय विद्यालय, नेतरहाट विद्यालय ,समेत विभिन्न विद्यालय का प्रवेश परीक्षा का अनुभवी शिक्षकों के द्वारा तैयारी कराई जाती है1
- मनिका लातेहार:एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी के 47वा स्थापना दिवस जश्न पूरे भारतवर्ष मनाया जा रहा था वही मनिका प्रखंड क्षेत्र के लातेहार युवा मोर्चा के कर्मठ ,जुझारू और निष्ठावान जिला अध्यक्ष छोटू राजा का लातेहार के महामंत्री बनाए जाने से खुशियां हुई दुगनी और मनिका मंडल अध्यक्ष मनदीप कुमार ने उन्हें भगवा अंग भेट कर सम्मानित किया और मुंह मीठा कराया तथा मनिका के सभी भाजपाई खुशियों से खुशियों से लबरेज थे1
- Post by AAM JANATA1
- अवैध बालू उठाव एवं परिवहन मामला में पुलिस कारवाई के दौरान एक ट्रैक्टर जब्त खनन अधिनियम के तहत होगी कारवाई1
- Post by Lalmohan munda2
- सिसई (गुमला)। गुमला जिले के कोंडरा रायडीह में आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर शामिल होने जा रहे आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक व हिन्दू जागरण मंच उत्तर पूर्व व पूर्वी क्षेत्र ( झारखंड, बिहार, बंगाल एवं ओडिशा) के क्षेत्रीय संगठन मंत्री डॉ सुमन कुमार जी व हिन्दू जागरण मंच के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम शर्मा जी, एवं रांची महानगर अध्यक्ष करण सिंह, मोनू वर्मा जी का हिन्दू जागरण मंच के संरक्षक किशोर साहु की अगुवाई में विहिप बजरंग दल सिसई के प्रखंड अध्यक्ष पंकज साहु,संरक्षक मुकेश श्रीवास्तव डेविड, रोहित शर्मा, सुधीर ओहदार, सुप्रदीप साहु, सतेंद्र साहु, भाजपा मंडल अध्यक्ष संजय महतो, मनोज वर्मा, रोहित घंटी, कृष्णा साहु, मदन साहु, शंभु चौहान, उदय कुशवाहा, अरुण नारायण सिंह, पारु ताम्रकर, संदीप, गजु, शिवपूजन, दिवाकर, दिलीप, अजय, गोलू, बबलू, सौरभ सहित सभी कार्यकर्ताओं द्वारा उनके सिसई पहुँचने पर जीता पतरा में जोरदार स्वागत किया गया। वहीं पंकज साहु, मुकेश श्रीवास्तव डेविड और रोहित शर्मा ने माला पहनाकर व अंगवस्त्र एवं बुके देकर उनको सम्मानित किया। इस दौरान डॉ सुमन जी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन की मजबूती के लिए सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट रहना होगा। उन्होंने प्रदेश में बढ़ते जा रहे लव जिहाद और धर्मांतरण के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाते हुए शीघ्र ही इसपर पूर्ण रूप से अंकुश लगाए जाने की बात कही। हिन्दू जागरण मंच के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम शर्मा ने संगठन को मजबूत करने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को गांव गांव जाकर लोगों से संवाद स्थापित करने और अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ने की बात कही। अंत में जय श्री राम, वन्दे मातरम,भारत माता की जय के पश्चात कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हुए। इस दौरान विहिप बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।4
- महुआडांड़ (लातेहार) 2024 में मां की मृत्यु के बाद 10 वर्षीय करण तिर्की और कोमल तिर्की का जीवन संकट में पड़ गया। पिता दीपक तिर्की इस घटना के बाद घर छोड़कर चले गए घर में केवल बुजुर्ग दादा और दादी रह गए, जो बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य समस्याओं के कारण बच्चों की देखभाल करने में असमर्थ हैं। ऐसी स्थिति में दोनों बच्चों को उनकी बुआ के घर रहना पड़ा। हालांकि, बुआ के परिवार में पहले से मौजूद जिम्मेदारियों के बीच बच्चों का रहना धीरे-धीरे पारिवारिक विवाद का कारण बनने लगा। स्थिति बिगड़ती देख बुआ ने सामाजिक सहयोग की तलाश की और आर पी एस सेवा संस्थान से संपर्क किया। संस्थान ने मामले की गंभीरता को समझते हुए दोनों बच्चों को अपने संरक्षण में ले लिया और उन्हें आश्रय प्रदान किया। संस्था द्वारा बच्चों की देखभाल, शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।1