श्रावस्ती की जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद में उर्वरक वितरण की गहन समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को साफ तौर पर निर्देशित किया कि जनपद की सभी साधन सहकारी समितियाँ और निजी उर्वरक प्रतिष्ठान केवल फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर ही उर्वरक का वितरण करें। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि फार्मर रजिस्ट्री के बिना उर्वरक वितरण करने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि सभी समितियां अपने संबंधित लेखपालों का विवरण रखें, ताकि जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी है, उनकी आईडी तुरंत बनाई जा सके। सभी उर्वरक वितरण केंद्रों पर ई-पॉस मशीन को जांचने के बाद ही उर्वरक का वितरण सुनिश्चित किया जाए और प्रत्येक केंद्र पर मशीन संचालित रहनी चाहिए। ई-पॉस मशीन का मिलान रजिस्टर और फार्मर आईडी से होना अनिवार्य है, जिससे उर्वरक की अवैध कालाबाजारी रोकी जा सके। यदि किसी भी केंद्र पर ई-पॉस मशीन संचालित नहीं मिली तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए टोकन सिस्टम लागू कर निर्धारित मानकों के अनुसार वितरण कराने का भी निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने उर्वरक वितरण को अत्यंत संवेदनशील कार्य बताते हुए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की बात कही, ताकि किसानों को कोई दिक्कत न हो। उन्होंने यह भी सूचित किया कि शासन की महत्वपूर्ण एग्रीस्टैक योजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री का कार्य शीर्ष प्राथमिकता पर चल रहा है। शासन के निर्देशानुसार फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर ही उर्वरक का वितरण किया जाना है। उन्होंने जनपद के समस्त सहकारी और निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों के प्रभारियों को फार्मर रजिस्ट्री प्राप्त कर ही उर्वरक बेचने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने जनपद के किसानों से अपील की है कि वे अपनी फार्मर आईडी बनवाकर ही उर्वरक खरीदें, ताकि उन्हें समय पर उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शाहिद अहमद, उपजिलाधिकारी जमुनहा एस.के. राय, भिनगा आशीष भारद्वाज, उप कृषि निदेशक राम आसरे यादव, जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार गुप्ता, अपर जिला कृषि अधिकारी अश्वनी कुमार, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता प्रेम शंकर और जिला प्रबंधक पी.सी.एफ. उपस्थित रहे।
श्रावस्ती की जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद में उर्वरक वितरण की गहन समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को साफ तौर पर निर्देशित किया कि जनपद की सभी साधन सहकारी समितियाँ और निजी उर्वरक प्रतिष्ठान केवल फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर ही उर्वरक का वितरण करें। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि फार्मर रजिस्ट्री के बिना उर्वरक वितरण करने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि सभी समितियां अपने संबंधित लेखपालों का विवरण रखें, ताकि जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी है, उनकी आईडी तुरंत बनाई जा सके। सभी उर्वरक वितरण केंद्रों पर ई-पॉस मशीन को जांचने के बाद ही उर्वरक का वितरण सुनिश्चित किया जाए और प्रत्येक केंद्र पर मशीन संचालित रहनी चाहिए। ई-पॉस मशीन का मिलान रजिस्टर और फार्मर आईडी से होना अनिवार्य है, जिससे उर्वरक की अवैध कालाबाजारी रोकी जा सके। यदि किसी भी केंद्र पर ई-पॉस मशीन संचालित नहीं मिली तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए टोकन सिस्टम लागू कर निर्धारित मानकों के अनुसार वितरण कराने का भी निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने उर्वरक वितरण को अत्यंत संवेदनशील कार्य बताते हुए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की बात कही, ताकि किसानों को कोई दिक्कत न हो। उन्होंने यह भी सूचित किया कि शासन की महत्वपूर्ण एग्रीस्टैक योजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री का कार्य शीर्ष प्राथमिकता पर चल रहा है। शासन के निर्देशानुसार फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर ही उर्वरक का वितरण किया जाना है। उन्होंने जनपद के समस्त सहकारी और निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों के प्रभारियों को फार्मर रजिस्ट्री प्राप्त कर ही उर्वरक बेचने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने जनपद के किसानों से अपील की है कि वे अपनी फार्मर आईडी बनवाकर ही उर्वरक खरीदें, ताकि उन्हें समय पर उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शाहिद अहमद, उपजिलाधिकारी जमुनहा एस.के. राय, भिनगा आशीष भारद्वाज, उप कृषि निदेशक राम आसरे यादव, जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार गुप्ता, अपर जिला कृषि अधिकारी अश्वनी कुमार, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता प्रेम शंकर और जिला प्रबंधक पी.सी.एफ. उपस्थित रहे।
- आगामी मोहर्रम त्योहार के मद्देनजर शांति और सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से जनपद बहराइच और श्रावस्ती के प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों द्वारा ज्वाइंट पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के निर्देश पर थाना हरदत्त नगर गिरंट क्षेत्र के पिरभितनी में हुई इस बैठक में दोनों जनपदों के अधिकारियों सहित संबंधित क्षेत्रों के संभ्रांत व्यक्तियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य मोहर्रम के दौरान शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने पर विस्तृत चर्चा करना था, जिसके तहत अधिकारियों ने संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान संवेदनशील स्थलों, ताजिया दफन वाले स्थानों और जुलूस के मार्गों का निरीक्षण करने, आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने तथा स्थानीय लोगों से संवाद कर उनकी समस्याओं व सुझावों को सुनने पर जोर दिया गया ताकि शांति और सौहार्द को सुनिश्चित किया जा सके। इसके अतिरिक्त, शांति और सुरक्षा के मद्देनजर फ्लैग मार्च और गश्त बढ़ाने के निर्देश भी जारी किए गए। प्रशासन ने सभी समुदायों से मोहर्रम के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखने में सहयोग की अपील की और उनसे अफवाहों या गलत जानकारी पर ध्यान न देने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा। मोहर्रम के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे, जिसमें पुलिस और प्रशासन की टीमें तैनात रहेंगी और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार होंगी। बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक श्रावस्ती श्री चंद्रकेश सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण जनपद बहराइच श्री दुर्गा प्रसाद तिवारी, उपजिलाधिकारी जमुनहा/नानपारा, क्षेत्राधिकारी भिनगा श्री भरत पासवान, क्षेत्राधिकारी नानपारा, प्रभारी निरीक्षक थाना मटेरा, प्रभारी निरीक्षक थाना नानपारा, प्रभारी निरीक्षक थाना हरदत्त नगर गिरंट और पिरभितनी मजार समिति के प्रबंधक/समिति के अध्यक्ष सहित भारी संख्या में संभ्रांत व्यक्ति मौजूद रहे। बैठक के बाद अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी भिनगा और प्रभारी निरीक्षक हरदत्तनगर गिरन्ट ने भारी पुलिस बल के साथ कस्बा गिरन्ट बाजार में फ्लैग मार्च कर जुलूस के मार्गों का निरीक्षण किया। इसी क्रम में, उपजिलाधिकारी इकौना श्री पीयूष जायसवाल और क्षेत्राधिकारी इकौना श्री आलोक कुमार सिंह की उपस्थिति में थाना इकौना पर भी क्षेत्र के संभ्रांत व्यक्तियों, धर्मगुरुओं और ताजियादारों के साथ पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई।1
- श्रावस्ती जिले में जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग की अध्यक्षता में संभावित बाढ़ से निपटने के लिए राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में की गई। जिलाधिकारी ने जनपद स्तरीय अधिकारियों और बाढ़ चौकी प्रभारियों के साथ बिंदुवार तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से सभी बाढ़ शरणालयों को व्यवस्थित रखने और उनमें चिकित्सा व्यवस्था दुरुस्त रखने पर जोर दिया। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि शासन के निर्देशों और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बाढ़ संबंधी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जनपद में सुरक्षा बल भी पहुंच गए हैं। जिले में 19 बाढ़ चौकियों और 28 बाढ़ शरणालयों की पहचान करके आवश्यक ड्यूटी लगा दी गई हैं, और राहत सामग्री का टेंडर जून माह में पूरा कर लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जनपद में 19 मेडिकल टीमें और एक जनपद स्तरीय सर्विलांस टीम का गठन किया गया है। अधिकारियों, नाविकों और आपदा मित्रों को बाढ़ से पहले प्रशिक्षित किया जाएगा, साथ ही ग्राम स्तर पर राहत चौपालों का आयोजन भी किया जाएगा ताकि आम नागरिकों को बाढ़ के दौरान की जाने वाली कार्रवाइयों की जानकारी हो। जिलाधिकारी ने पूर्व में आई बाढ़ के अनुभवों से सीखकर नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय करने की बात कही। अपर जिलाधिकारी (वि/रा) ललित कुमार ने सभी अधिकारियों को जिलाधिकारी के निर्देशों का समय पर अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा। बैठक का संचालन आपदा विशेषज्ञ अरुण कुमार मिश्र ने किया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी शाहिद अहमद, उपजिलाधिकारी भिनगा आशीष भारद्वाज, उपजिलाधिकारी इकौना पीयूष जायसवाल, जमुनहा एस.के. राय, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. के.के. वर्मा, जिला पंचायत राज अधिकारी नीलेश प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।1
- श्रावस्ती जनपद में पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के आदेश-निर्देशों के तहत, अवैध मादक पदार्थों की बिक्री और उपयोग की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है। मल्हीपुर थाना प्रभारी महेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने वांछितों, वारंटियों और संदिग्ध व्यक्तियों/वस्तुओं की चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त की पहचान जाबिर पुत्र मुकद्दम के रूप में हुई है। उसके कब्जे से 1 किलो 469 ग्राम अवैध चरस बरामद की गई है। यह गिरफ्तारी 16 जून 2026 को राप्ती बैराज के निकट पुलिया नंबर 1 के पास से हुई। बरामदगी के आधार पर, मल्हीपुर थाने में अभियुक्त के खिलाफ मु0अ0सं0 94/2026, धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।2
- श्रावस्ती जिले के भिंगा नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर 14 के निवासियों को सरकार की तरफ से कोई लाभ प्राप्त नहीं हो रहा है।1
- बृजभूषण और प्रतीक भूषण को मिली धमकी के मामले में सच्चाई का खुलासा हो गया है। इस घटना को लेकर चल रही खबरों और अटकलों के बीच, यह जानकारी सामने आई है कि धमकी भरे संदेशों का सच अब स्पष्ट हो गया है।1
- बहराइच के नानपारा क्षेत्र में इस्लामी कैलेंडर के पहले महीने मोहर्रम की पहली तारीख पर धार्मिक माहौल के बीच बच्चों को शिक्षा, संस्कार और अच्छे व्यवहार का संदेश दिया गया। इस मौके पर प्रधानाध्यापक मौलाना अफ़ज़ल नदवी ने बच्चों को संबोधित करते हुए जीवन में अनुशासन, मेहनत, आपसी सम्मान और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने की नसीहत दी। उन्होंने बच्चों को एक बेहतर इंसान बनने, बड़ों का सम्मान करने और समाज में अच्छे कार्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। मौलाना नदवी ने बच्चों को बेहतर शिक्षा हासिल करने और अपने आचरण को बेहतर बनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में मौजूद अन्य लोगों ने भी बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक रहने और अच्छे संस्कार अपनाने का संदेश दिया। मोहर्रम को इस्लामी वर्ष का पहला महीना माना जाता है, और इस अवसर पर लोगों ने आपसी सौहार्द और शांति का संदेश देते हुए नए साल की शुरुआत की। यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जहाँ इस्लामी नववर्ष के आगमन पर बच्चों को नेक राह और अच्छे आचरण की सीख दी गई।1
- बहराइच में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 'विकसित भारत संकल्प सम्मेलन' का भव्य आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में जनप्रतिनिधियों, पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विभिन्न विकास कार्यों और 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने इस अवसर पर कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण, डिजिटल क्रांति और गरीब कल्याण के क्षेत्रों में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं। सम्मेलन में उपस्थित जनता को 'विकसित भारत' के निर्माण का संकल्प दिलाया गया और सरकार की इन महत्वपूर्ण उपलब्धियों को जन-जन तक पहुँचाने का भी आह्वान किया गया।1
- श्रावस्ती की जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद में उर्वरक वितरण की गहन समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को साफ तौर पर निर्देशित किया कि जनपद की सभी साधन सहकारी समितियाँ और निजी उर्वरक प्रतिष्ठान केवल फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर ही उर्वरक का वितरण करें। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि फार्मर रजिस्ट्री के बिना उर्वरक वितरण करने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि सभी समितियां अपने संबंधित लेखपालों का विवरण रखें, ताकि जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी है, उनकी आईडी तुरंत बनाई जा सके। सभी उर्वरक वितरण केंद्रों पर ई-पॉस मशीन को जांचने के बाद ही उर्वरक का वितरण सुनिश्चित किया जाए और प्रत्येक केंद्र पर मशीन संचालित रहनी चाहिए। ई-पॉस मशीन का मिलान रजिस्टर और फार्मर आईडी से होना अनिवार्य है, जिससे उर्वरक की अवैध कालाबाजारी रोकी जा सके। यदि किसी भी केंद्र पर ई-पॉस मशीन संचालित नहीं मिली तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए टोकन सिस्टम लागू कर निर्धारित मानकों के अनुसार वितरण कराने का भी निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने उर्वरक वितरण को अत्यंत संवेदनशील कार्य बताते हुए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की बात कही, ताकि किसानों को कोई दिक्कत न हो। उन्होंने यह भी सूचित किया कि शासन की महत्वपूर्ण एग्रीस्टैक योजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री का कार्य शीर्ष प्राथमिकता पर चल रहा है। शासन के निर्देशानुसार फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर ही उर्वरक का वितरण किया जाना है। उन्होंने जनपद के समस्त सहकारी और निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों के प्रभारियों को फार्मर रजिस्ट्री प्राप्त कर ही उर्वरक बेचने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने जनपद के किसानों से अपील की है कि वे अपनी फार्मर आईडी बनवाकर ही उर्वरक खरीदें, ताकि उन्हें समय पर उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शाहिद अहमद, उपजिलाधिकारी जमुनहा एस.के. राय, भिनगा आशीष भारद्वाज, उप कृषि निदेशक राम आसरे यादव, जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार गुप्ता, अपर जिला कृषि अधिकारी अश्वनी कुमार, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता प्रेम शंकर और जिला प्रबंधक पी.सी.एफ. उपस्थित रहे।1