दतिया-भांडेर मार्ग पर पेट्रोल पंप के पास सोमवार शाम करीब 07 बजे सीमेंट की बोरियों से भरा एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खंती में पलट गया। यह हादसा तब हुआ जब ट्रैक्टर दतिया से सीमेंट की बोरियां लेकर भांडेर की ओर जा रहा था और अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया, जिससे वह सड़क से उतरकर खंती में जा गिरा। यह घटना भांडेर थाना क्षेत्र में हुई। हादसा इतना भीषण था कि ट्रैक्टर दो हिस्सों में बंट गया और ट्रॉली में लदी सीमेंट की बोरियां आसपास बिखर गईं। इस दुर्घटना में चालक ने सूझबूझ से कूदकर अपनी जान बचाई, जिससे वह बाल-बाल बच गया। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और चालक की कुशलक्षेम पूछी। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि, हादसे के बाद कुछ समय तक मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करने की मांग की है।
दतिया-भांडेर मार्ग पर पेट्रोल पंप के पास सोमवार शाम करीब 07 बजे सीमेंट की बोरियों से भरा एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खंती में पलट गया। यह हादसा तब हुआ जब ट्रैक्टर दतिया से सीमेंट की बोरियां लेकर भांडेर की ओर जा रहा था और अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया, जिससे वह सड़क से उतरकर खंती में जा गिरा। यह घटना भांडेर थाना क्षेत्र में हुई। हादसा इतना भीषण था कि ट्रैक्टर दो हिस्सों में बंट गया और ट्रॉली में लदी सीमेंट की बोरियां आसपास बिखर गईं। इस दुर्घटना में चालक ने सूझबूझ से कूदकर अपनी जान बचाई, जिससे वह बाल-बाल बच गया। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और चालक की कुशलक्षेम पूछी। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि, हादसे के बाद कुछ समय तक मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करने की मांग की है।
- पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने शब्दों के ज़रिए पलटवार किया है। हालांकि, यह सवाल अभी भी बना हुआ है कि उनका यह पलटवार आखिर किस पर सही है।1
- बड़ोंनकला ग्राम पंचायत के पुराना खेड़ा मोजा स्थित प्राचीन शंकर मंदिर में वर्षों से चली आ रही पानी की समस्या अब समाप्त होने जा रही है। रविवार को सड़क लोकार्पण कार्यक्रम में पहुँचे जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि धीरू दांगी के सामने ग्रामीणों ने जब मंदिर में पानी की व्यवस्था न होने की बात रखी, तो उन्होंने तत्काल इस पर संज्ञान लिया। ग्रामीणों की शिकायत के ठीक अगले दिन सोमवार सुबह ही मंदिर परिसर में बोरिंग मशीन पहुँच गई और काम शुरू करा दिया गया। खबर लिखे जाने तक बोरिंग का काम जारी था, जिसकी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मंदिर पर एकत्रित हो गए। मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि सावन का महीना आने वाला है और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं को आधा किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता था, जिससे विशेषकर बुजुर्गों और महिलाओं को काफी परेशानी होती थी। ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने इस संबंध में कई बार ग्राम पंचायत में आवेदन भी दिए, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला था। ग्रामीण इमरान काजी ने धीरू दांगी की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि शिकायत करते ही अगले दिन सुबह मशीन आ गई, ऐसा जनप्रतिनिधि पहली बार देखा जो सुनते ही काम शुरू करा दे। यूनुस काजी ने भी खुशी जताते हुए कहा कि अब भोलेनाथ के अभिषेक के लिए पानी की कमी नहीं रहेगी। धीरू दांगी ने पत्रकार सफीक काजी से फोन पर बात करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि जब तक बोरिंग में पानी नहीं आ जाता, मशीन नहीं हटेगी। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि पानी मिलने के बाद मोटर और हौद की व्यवस्था भी जिला पंचायत से कराई जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को स्थायी सुविधा मिल सके। बोरिंग का काम शुरू होते ही मंदिर पर मौजूद ग्रामीणों ने 'हर-हर महादेव' के जयकारे लगाए और एक स्वर में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि धीरू दांगी का आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि धार्मिक स्थल पर पानी की व्यवस्था कराना पुण्य का काम है और दांगी जी ने अपनी तत्परता से सबका दिल जीत लिया है। इस अवसर पर सफीक काजी, राजू शर्मा, बल्ली शर्मा, इमरान काजी, समद काजी, इस्माइल काजी, ज्ञान सिंह पाल, राजेश पाल, बादाम पाल, सिरनाम पाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने विश्वास जताया कि अब मंदिर पर जल्द ही जलधारा फूटेगी और वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा।1
- सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर रतनगढ़ माता धाम, दतिया में सोमवार को आस्था का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु माता रानी के दरबार में दर्शन और पूजन के लिए पहुंचे, जहाँ उन्होंने अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।1
- दतिया जिले में जारी राजनीतिक वैमनस्य और महापुरुषों के अपमान की खबरों के बीच, इंदरगढ़ के जेके पैलेस से सामाजिक सौहार्द की एक सुखद और प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर और माता रमाबाई अंबेडकर की जयंती पर आयोजित एक भव्य समारोह में हजारों की संख्या में जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिसने क्षेत्र में भाईचारे का एक अनूठा संदेश दिया और सामाजिक एकता की मिसाल कायम की। युवा समाजसेवी डॉ. अमित यादव और कौशल यादव के तत्वावधान में आयोजित इस जयंती समारोह ने न केवल इतिहास रचा, बल्कि क्षेत्र में भाईचारे की एक नई इबारत भी लिख दी। कार्यक्रम में प्रसिद्ध भजन गायिका संजू बघेल ने अपनी सुरीली आवाज में धार्मिक भजनों और बाबा साहेब के गीतों की प्रस्तुति दी, जिससे पूरा पंडाल भक्ति और प्रेरणा में सराबोर हो गया। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि महापुरुष किसी एक जाति के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के गौरव हैं, और सभी समाजों से मिल-जुल कर रहने की भावुक अपील की। यह समारोह सर्व समाज के महासंगम का गवाह बना, जिसने यह साबित कर दिया कि समाज आज भी एकता और महापुरुषों के सम्मान के पक्ष में है। इस गरिमामयी समारोह में राकेश पाल ने मुख्य अतिथि के रूप में, फूल सिंह बरैया ने अध्यक्ष के रूप में, तथा राधेलाल बघेल, मानसिंह कुशवाहा और बीके जाटव ने विशिष्ट अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मंच का कुशल संचालन आज्ञाराम बघेल द्वारा किया गया। दतिया जिले में चल रही राजनीतिक बयानबाजी के बीच, इस भव्य कार्यक्रम को जनता द्वारा "अमन और शांति की जीत" के रूप में सराहा जा रहा है। आयोजकों ने जिस प्रकार से सर्व समाज को एक मंच पर लाकर एक विशाल मिसाल पेश की है, उसकी हर तरफ सराहना हो रही है। इस कार्यक्रम ने जिले भर में यह बड़ा सकारात्मक संदेश प्रसारित किया है कि "महापुरुषों का अपमान नहीं, उनका सम्मान ही सच्ची राजनीति है।"1
- मध्यप्रदेश सरकार पशुपालकों और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना संचालित कर रही है। इस योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को 25 उच्च उत्पादक दुधारू गाय या भैंसों की आधुनिक डेयरी यूनिट स्थापित करने हेतु लगभग 42 लाख रुपये तक का बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इसके अतिरिक्त, इस ऋण पर 25 प्रतिशत से 33 प्रतिशत तक का अनुदान भी प्रदान किया जाता है। यह योजना केवल ऋण और अनुदान तक सीमित नहीं है, बल्कि पशुओं की खरीद, डेयरी शेड के निर्माण, पशु बीमा और उनके परिवहन व्यय में भी सहायता प्रदान करती है। इसका मुख्य उद्देश्य पशुपालकों की आय में वृद्धि करना और युवाओं व किसानों को आधुनिक डेयरी व्यवसाय के माध्यम से अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने का सुनहरा अवसर देना है। योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक का मध्यप्रदेश का निवासी होना अनिवार्य है। आवेदक की आयु कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए और प्रति यूनिट उसके पास न्यूनतम 3.5 एकड़ कृषि भूमि का होना आवश्यक है; परिवार की संयुक्त भूमि भी इसमें मान्य होगी। साथ ही, आवेदक किसी भी बैंक या वित्तीय संस्था का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए, और उसके पास मान्यता प्राप्त संस्था का प्रशिक्षण प्रमाणपत्र भी होना अनिवार्य है। यह योजना वास्तव में उन युवाओं और किसानों के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर रही है जो डेयरी व्यवसाय के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं। इच्छुक और पात्र हितग्राही इस योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए संबंधित विभाग या अपने बैंक से संपर्क कर सकते हैं।1
- अब अखबार का इस्तेमाल कर समोसा-जलेबी जैसी खाद्य सामग्री बेचने पर कारावास की सज़ा का सामना करना पड़ेगा। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि इस तरह की प्रथा पर अब कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश में अच्छी सड़कों के दावों के बीच, दतिया में एक सड़क पर गहरे गड्ढों की स्थिति सामने आई है। इस पोस्ट में मुख्यमंत्री के राज्यव्यापी अच्छे सड़कों के बयान और दतिया की इस खराब सड़क की वास्तविकता के बीच विरोधाभास को उजागर किया गया है। अंत में, सीधे जनता से पूछा गया है कि इस स्थिति पर उनका क्या कहना है।1
- दतिया-भांडेर मार्ग पर पेट्रोल पंप के पास सोमवार शाम करीब 07 बजे सीमेंट की बोरियों से भरा एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खंती में पलट गया। यह हादसा तब हुआ जब ट्रैक्टर दतिया से सीमेंट की बोरियां लेकर भांडेर की ओर जा रहा था और अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया, जिससे वह सड़क से उतरकर खंती में जा गिरा। यह घटना भांडेर थाना क्षेत्र में हुई। हादसा इतना भीषण था कि ट्रैक्टर दो हिस्सों में बंट गया और ट्रॉली में लदी सीमेंट की बोरियां आसपास बिखर गईं। इस दुर्घटना में चालक ने सूझबूझ से कूदकर अपनी जान बचाई, जिससे वह बाल-बाल बच गया। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और चालक की कुशलक्षेम पूछी। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि, हादसे के बाद कुछ समय तक मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करने की मांग की है।1