आंखों में आंसू, दिल में मलाल और लाखों दुआओं का बोझ लिए लियोनेल मेसी का वर्ल्ड कप सफ़र यहीं थम गया है। यह सिर्फ एक हार नहीं थी, बल्कि उनके करोड़ों फ़ैंस के दिलों की उम्मीदों के टूटने का पल था। मंज़िल बस एक कदम दूर रह जाने और उस मुस्कान को एक बार फिर विश्व कप के साथ न देख पाने का मलाल हर प्रशंसक को है। हालांकि, मलाल इस बात का बिल्कुल नहीं है कि वे लड़े नहीं, बल्कि इस बात का है कि सपना पूरा होते-होते रह गया। मेसी एक ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने फुटबॉल को सिर्फ़ एक खेल नहीं बल्कि एक अहसास बना दिया और अपने हर पास व हर गोल से करोड़ों लोगों को सपने देखना सिखाया। भले ही इस बार ट्रॉफ़ी उनके हाथों में नहीं आई, लेकिन दुनिया के दिलों पर उनका नाम पहले से कहीं ज़्यादा गहरा हो गया है। कुछ खिलाड़ी रिकॉर्ड बनाते हैं और इतिहास लिखते हैं, लेकिन मेसी अहसास बन जाते हैं। वे मैदान पर हारकर भी करोड़ों दिल जीत गए हैं।
आंखों में आंसू, दिल में मलाल और लाखों दुआओं का बोझ लिए लियोनेल मेसी का वर्ल्ड कप सफ़र यहीं थम गया है। यह सिर्फ एक हार नहीं थी, बल्कि उनके करोड़ों फ़ैंस के दिलों की उम्मीदों के टूटने का पल था। मंज़िल बस एक कदम दूर रह जाने और उस मुस्कान को एक बार फिर विश्व कप के साथ न देख पाने का मलाल हर प्रशंसक को है। हालांकि, मलाल इस बात का बिल्कुल नहीं है कि वे लड़े नहीं, बल्कि इस बात का है कि सपना पूरा होते-होते रह गया। मेसी एक ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने फुटबॉल को सिर्फ़ एक खेल नहीं बल्कि एक अहसास बना दिया और अपने हर पास व हर गोल से करोड़ों लोगों को सपने देखना सिखाया। भले ही इस बार ट्रॉफ़ी उनके हाथों में नहीं आई, लेकिन दुनिया के दिलों पर उनका नाम पहले से कहीं ज़्यादा गहरा हो गया है। कुछ खिलाड़ी रिकॉर्ड बनाते हैं और इतिहास लिखते हैं, लेकिन मेसी अहसास बन जाते हैं। वे मैदान पर हारकर भी करोड़ों दिल जीत गए हैं।
- आंखों में आंसू, दिल में मलाल और लाखों दुआओं का बोझ लिए लियोनेल मेसी का वर्ल्ड कप सफ़र यहीं थम गया है। यह सिर्फ एक हार नहीं थी, बल्कि उनके करोड़ों फ़ैंस के दिलों की उम्मीदों के टूटने का पल था। मंज़िल बस एक कदम दूर रह जाने और उस मुस्कान को एक बार फिर विश्व कप के साथ न देख पाने का मलाल हर प्रशंसक को है। हालांकि, मलाल इस बात का बिल्कुल नहीं है कि वे लड़े नहीं, बल्कि इस बात का है कि सपना पूरा होते-होते रह गया। मेसी एक ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने फुटबॉल को सिर्फ़ एक खेल नहीं बल्कि एक अहसास बना दिया और अपने हर पास व हर गोल से करोड़ों लोगों को सपने देखना सिखाया। भले ही इस बार ट्रॉफ़ी उनके हाथों में नहीं आई, लेकिन दुनिया के दिलों पर उनका नाम पहले से कहीं ज़्यादा गहरा हो गया है। कुछ खिलाड़ी रिकॉर्ड बनाते हैं और इतिहास लिखते हैं, लेकिन मेसी अहसास बन जाते हैं। वे मैदान पर हारकर भी करोड़ों दिल जीत गए हैं।1
- पीडब्ल्यूडी की लापरवाही या न्यायालय की आड़ में चौबेपुर–बाबतपुर मार्ग पर ईंट और पत्थर डालकर आवागमन बाधित कर दिया गया है। रास्ते पर ईंट-पत्थर गिरा दिए जाने के कारण इस मार्ग से आवाजाही करने वालों को भारी बाधा का सामना करना पड़ रहा है।1
- जनता न्यूज़ टीवी के ब्यूरो चीफ राजमणी पाण्डेय के अनुसार, चंदौली में जीवन ज्योति कंप्यूटर इंस्टीच्यूट का प्रथम स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर संस्थान के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया है।1
- वाराणसी में एक नई प्रक्रिया के अंतर्गत दो वरिष्ठ व्यापारी नेताओं के बीच गहन मंत्रणा हुई है। न्यू काशी व्यापार प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष डॉक्टर सतीश कुमार कसेरा के प्रतिष्ठान पर काशी व्यापार मंडल के संरक्षक तिलक राज कपूर पधारे, जहां दोनों नेताओं के बीच गहन वार्ता हुई। इस अवसर पर राष्ट्रपति पदक प्राप्त संरक्षक तिलक राज कपूर ने वाराणसी के समस्त व्यापारियों से अपील की कि सभी व्यापारियों को एक हो जाना चाहिए और समस्त व्यापार मंडल एक हों।1
- panchayati kuwa ke pass me2
- जंतर-मंतर पर बच्चों और बच्चियों के साथ हुए बर्बरतापूर्ण व्यवहार से आहत होकर संसद भवन परिसर में परम पूज्य बाबा साहेब की प्रतिमा के नीचे धरना शुरू कर दिया गया है। आज सामने आए दृश्यों की तुलना जलियांवाला बाग के काले अध्याय से करते हुए इस घटना को मन को गहराई तक झकझोर देने वाला बताया गया है। लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और उस पर बल प्रयोग को लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा आघात करार दिया गया है। जब तक न्याय सुनिश्चित नहीं होता और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक यह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।1
- वाराणसी के थाना सारनाथ क्षेत्र अंतर्गत सथवा गांव में कुछ अज्ञात लोगों द्वारा बजरंग बली की मूर्ति तोड़े जाने की घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। इस घटना की खबर जैसे ही इलाके में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और उन्होंने इस हरकत पर गहरा आक्रोश जताया। घटना की सूचना मिलते ही सारनाथ थाना पुलिस और आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनसे शांति बनाए रखने की अपील की। गांव में स्थिति को नियंत्रित करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन के अनुसार, मूर्ति तोड़ने वाले आरोपियों की पहचान करने और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें गठित कर दी गई हैं।1