खगड़िया में आज जिलाधिकारी श्री नवीन कुमार ने खगड़िया, मानसी और चौथम प्रखंडों में चल रहे तीन दिवसीय प्रखंड सहयोग-सह-जन कल्याण शिविर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और उपस्थित लाभार्थियों व आमजनों से संवाद कर केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने लोगों को इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक भी किया। यह उल्लेखनीय है कि खगड़िया जिले के सभी सात प्रखंडों में तीन दिवसीय प्रखंड सहयोग-सह-जन कल्याण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से आमजनों को एक ही स्थान पर केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। शिविर में आयुष्मान कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, दिव्यांगजन सुविधाएं, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम किसान, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम सूर्यघर योजना, छात्रवृत्ति, उद्यमी योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना सहित कई अन्य योजनाओं के लिए आवेदन, निबंधन, e-KYC और सत्यापन की सुविधा प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त, शिकायतों के त्वरित समाधान, स्वास्थ्य जांच और परामर्श तथा पात्र लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष व्यवस्था भी की गई है।
खगड़िया में आज जिलाधिकारी श्री नवीन कुमार ने खगड़िया, मानसी और चौथम प्रखंडों में चल रहे तीन दिवसीय प्रखंड सहयोग-सह-जन कल्याण शिविर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और उपस्थित लाभार्थियों व आमजनों से संवाद कर केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने लोगों को इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक भी किया। यह उल्लेखनीय है कि खगड़िया जिले के सभी सात प्रखंडों में तीन दिवसीय प्रखंड सहयोग-सह-जन कल्याण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से आमजनों को एक ही स्थान पर केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। शिविर में आयुष्मान कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, दिव्यांगजन सुविधाएं, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम किसान, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम सूर्यघर योजना, छात्रवृत्ति, उद्यमी योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना सहित कई अन्य योजनाओं के लिए आवेदन, निबंधन, e-KYC और सत्यापन की सुविधा प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त, शिकायतों के त्वरित समाधान, स्वास्थ्य जांच और परामर्श तथा पात्र लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष व्यवस्था भी की गई है।
- लगातार पड़ रही प्रचंड गर्मी और बढ़ते तापमान से बेहाल मुंगेर जिले के लोगों को आज आखिरकार राहत मिली। इंद्र भगवान के प्रसन्न होने से जिले में बारिश हुई और ठंडी हवा चलने लगी, जिससे भीषण गर्मी से परेशान लोगों के चेहरों पर खुशी लौट आई। तेज गर्मी के कारण मार्केट और सड़कों पर आवागमन लगभग ठप पड़ गया था, और लोग घरों में कैद रहने को मजबूर थे। लेकिन बारिश और ठंडी हवा चलने के बाद बच्चे बारिश में भीगते नजर आए, वहीं दुकानदारों और राहगीरों ने भी राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों ने बताया कि इतनी गर्मी थी कि बाहर निकलना मुश्किल हो गया था, और बारिश होने से उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे उनकी जान में जान आ गई हो। मौसम विभाग ने भी आगे और बारिश होने की संभावना जताई है, जिससे मुंगेर वासियों को गर्मी से और अधिक राहत मिलने की उम्मीद है।1
- मुंगेर के तारापुर क्षेत्र में नल-जल योजना की समस्या को लेकर स्थानीय लोग हैरान हैं। एक व्यक्ति ने क्षेत्र के कथित 'विकास' को देखकर अपनी नाराजगी और आश्चर्य व्यक्त किया है। बताया गया है कि इस मुद्दे पर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) से बातचीत भी की गई, लेकिन इसके बावजूद नल-जल से जुड़ी समस्या का कोई समाधान नहीं निकल पाया है।1
- सहरसा से मुंगेर में अपने एक रिश्तेदार से मिलने आए एक व्यक्ति की स्कॉर्पियो गाड़ी हैंड ब्रेक में चूक के कारण गंगा नदी में जा गिरी। यह घटना मुंगेर में घटी। गाड़ी घंटों तक गंगा की तेज धारा में तैरती रही, जिससे इसे निकालना एक बड़ी चुनौती बन गया था। काफी मशक्कत के बाद, स्थानीय लोगों ने 'देसी जुगाड़' का इस्तेमाल करते हुए गाड़ी को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता प्राप्त की। इस घटना में किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन स्कॉर्पियो को नदी से निकालने में काफी समय और प्रयास लगा।1
- भागलपुर के सन्हौला में पिछले कई दिनों से जारी उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को बुधवार को हुई बारिश से बड़ी राहत मिली है। दोपहर बाद मौसम में बदलाव आया, आसमान में बादल छा गए और हल्की से मध्यम बारिश शुरू हो गई। इस बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने गर्मी और उमस से काफी राहत महसूस की। किसानों ने भी इस बारिश पर खुशी जताई है, क्योंकि इससे खेतों में नमी बढ़ गई है और फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, बारिश के कारण कुछ जगहों पर जलजमाव और कीचड़ की समस्या भी देखने को मिली, जिससे राहगीरों को थोड़ी असुविधा हुई। इसके बावजूद, अधिकतर लोगों ने बारिश का स्वागत करते हुए इसे गर्मी से निजात दिलाने वाला बताया। स्थानीय लोगों ने कहा कि यह बारिश बढ़ती गर्मी के बीच किसी वरदान से कम नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी मौसम में इसी तरह के बदलाव और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।1
- मुंगेर किला परिसर स्थित शहीद स्मारक के पास बुधवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की ओर से महंगाई, बेरोजगारी और अन्य मुद्दों को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह धरना मुंगेर जिला राजद अध्यक्ष राजेश कुमार बिंद की अध्यक्षता में हुआ। धरना स्थल पर मौजूद राजद के दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं ने महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने इन समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त की।1
- मुंगेर में एक ही रात में दो घरों में सेंधमारी कर कुल 60 लाख रुपये की बड़ी चोरी को अंजाम दिया गया है। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा डॉग स्क्वायड को जांच में लगाया गया है, जो मामले की पड़ताल कर रही है।1
- खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड के कहर मंडल टोला निवासी बसंत मंडल की 40 वर्षीय पत्नी उषा देवी को कुट्टी चुकाने के दौरान बाएं हाथ की उंगली में सांप ने काट लिया। परिजन उन्हें तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेलदौर ले गए, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों की टीम महिला की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रही है।1
- सहरसा जिले के सौरबाजार नगर पंचायत में अपने हक और सम्मान की लड़ाई लड़ रहे सफाई कर्मियों का गुस्सा आखिरकार सड़क पर फूट पड़ा। पिछले पांच दिनों से कामकाज ठप कर सफाई कर्मियों ने नगर पंचायत कार्यालय का घेराव किया और नगर प्रशासन, संबंधित एजेंसी तथा जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नगर पंचायत में कुल 107 सफाई कर्मी और चालकों की आवश्यकता है, लेकिन केवल 45 से 50 कर्मियों से ही पूरे नगर क्षेत्र का काम कराया जा रहा है। इससे कम कर्मचारियों पर अधिक काम का बोझ डालकर उनका लगातार शोषण किया जा रहा है। कर्मियों का यह भी कहना है कि उन्हें समय पर वेतन नहीं मिलता, जिससे उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो जाता है। साथ ही, उन्हें काम के दौरान मास्क, दस्ताने, झाड़ू, जूते और वर्दी जैसे आवश्यक सुरक्षा संसाधन भी उपलब्ध नहीं कराए जाते। सफाई कर्मियों ने गंभीर आरोप लगाया कि नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के अभाव में उन्हें गंभीर बीमारियों का खतरा बना रहता है, और उनकी स्वास्थ्य तथा सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी सफाई कर्मियों ने नगर प्रशासन और संबंधित एजेंसियों पर सरकारी राशि का सही उपयोग न करने और पैसे के बंदरबांट का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें उनके मूल अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जाएंगी, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। इस आंदोलन के चलते, पांच दिनों से सफाई कार्य प्रभावित है, जिसका असर नगर क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था पर भी साफ दिख रहा है। अब बड़ा सवाल यह है कि जो कर्मी प्रतिदिन शहर और समाज को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी निभाते हैं, उनकी समस्याओं को आखिर कब सुना जाएगा? और क्या नगर प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा या फिर यह आंदोलन और बड़ा रूप लेगा?1
- सम्राट चौधरी के क्षेत्र में एक सरकारी शिविर का आयोजन किया गया है, जिसके माध्यम से सभी सरकारी कर्मचारियों को लाभ पहुँचाने और उनके सभी कार्यों को तुरंत निपटाने का दावा किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सभी प्रखंडों में इस शिविर के लिए अंतिम दिन निर्धारित किया गया है। यह शिविर संग्रामपुर, हवेली खड़गपुर, मुंगेर, टेटियाबंबर और तारापुर विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित हो रहा है।1