रजौली थाना क्षेत्र के अमावां मोड़ पर बुधवार को प्रशासन ने एक बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया, जिसके तहत लगभग 50 वर्षों से संचालित हो रही दुकानों को मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई से लंबे समय से वहाँ व्यवसाय कर रहे दुकानदारों की आजीविका प्रभावित हुई है। इस अभियान में अंचलाधिकारी गुफरान मजहरी ने मजिस्ट्रेट की भूमिका निभाई, जबकि प्रखंड कृषि पदाधिकारी रौशन कुमार, थाना के एसआई मनोरंजन कुमार और सशस्त्र बल भी मौजूद रहे। अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया। अंचलाधिकारी ने बताया कि अमावां मोड़ के पास आहर के भिंड पर दशकों से अतिक्रमण था, जो वास्तव में सर्व साधारण की जमीन थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन दुकानदारों को पिछले सोमवार को ही नोटिस जारी किया गया था और माइकिंग के जरिए भी अतिक्रमण हटाने का आग्रह किया गया था, लेकिन दुकानदारों द्वारा कब्जा न हटाए जाने के बाद प्रशासन ने बुधवार को यह कदम उठाया। अतिक्रमण हटाए जाने के बाद दुकानदारों ने अपनी स्थिति और चिंताएं साझा कीं। बड़हर गांव निवासी दुकानदार उमेश सिंह ने बताया कि वे 1980 से इस मोड़ पर दुकान चला रहे थे और उनके भाइयों का भी इसी दुकान से भरण-पोषण होता था। वहीं, दिनेश सिंह नामक एक अन्य दुकानदार ने आरोप लगाया कि उनकी दुकान आहर से हटकर थी और उन्हें कोई नोटिस भी नहीं मिला, फिर भी उनकी दुकान को जबरन हटा दिया गया। जनरल स्टोर के दुकानदार पवन सिंह ने चिंता जताते हुए आशंका व्यक्त की कि दुकानों के हट जाने से अमावां मोड़ पर उतरने वाले यात्रियों के साथ चोरी की घटनाएं बढ़ सकती हैं, क्योंकि दुकानदारों की उपस्थिति आपराधिक तत्वों को ऐसी घटनाएँ करने से रोकती थी।
रजौली थाना क्षेत्र के अमावां मोड़ पर बुधवार को प्रशासन ने एक बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया, जिसके तहत लगभग 50 वर्षों से संचालित हो रही दुकानों को मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई से लंबे समय से वहाँ व्यवसाय कर रहे दुकानदारों की आजीविका प्रभावित हुई है। इस अभियान में अंचलाधिकारी गुफरान मजहरी ने मजिस्ट्रेट की भूमिका निभाई, जबकि प्रखंड कृषि पदाधिकारी रौशन
कुमार, थाना के एसआई मनोरंजन कुमार और सशस्त्र बल भी मौजूद रहे। अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया। अंचलाधिकारी ने बताया कि अमावां मोड़ के पास आहर के भिंड पर दशकों से अतिक्रमण था, जो वास्तव में सर्व साधारण की जमीन थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन दुकानदारों को पिछले सोमवार को ही नोटिस जारी किया गया था और माइकिंग के जरिए भी अतिक्रमण हटाने का आग्रह
किया गया था, लेकिन दुकानदारों द्वारा कब्जा न हटाए जाने के बाद प्रशासन ने बुधवार को यह कदम उठाया। अतिक्रमण हटाए जाने के बाद दुकानदारों ने अपनी स्थिति और चिंताएं साझा कीं। बड़हर गांव निवासी दुकानदार उमेश सिंह ने बताया कि वे 1980 से इस मोड़ पर दुकान चला रहे थे और उनके भाइयों का भी इसी दुकान से भरण-पोषण होता था। वहीं, दिनेश सिंह नामक एक अन्य दुकानदार ने आरोप
लगाया कि उनकी दुकान आहर से हटकर थी और उन्हें कोई नोटिस भी नहीं मिला, फिर भी उनकी दुकान को जबरन हटा दिया गया। जनरल स्टोर के दुकानदार पवन सिंह ने चिंता जताते हुए आशंका व्यक्त की कि दुकानों के हट जाने से अमावां मोड़ पर उतरने वाले यात्रियों के साथ चोरी की घटनाएं बढ़ सकती हैं, क्योंकि दुकानदारों की उपस्थिति आपराधिक तत्वों को ऐसी घटनाएँ करने से रोकती थी।
- रजौली थाना क्षेत्र के अमावां मोड़ पर बुधवार को प्रशासन ने एक बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया, जिसके तहत लगभग 50 वर्षों से संचालित हो रही दुकानों को मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई से लंबे समय से वहाँ व्यवसाय कर रहे दुकानदारों की आजीविका प्रभावित हुई है। इस अभियान में अंचलाधिकारी गुफरान मजहरी ने मजिस्ट्रेट की भूमिका निभाई, जबकि प्रखंड कृषि पदाधिकारी रौशन कुमार, थाना के एसआई मनोरंजन कुमार और सशस्त्र बल भी मौजूद रहे। अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया। अंचलाधिकारी ने बताया कि अमावां मोड़ के पास आहर के भिंड पर दशकों से अतिक्रमण था, जो वास्तव में सर्व साधारण की जमीन थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन दुकानदारों को पिछले सोमवार को ही नोटिस जारी किया गया था और माइकिंग के जरिए भी अतिक्रमण हटाने का आग्रह किया गया था, लेकिन दुकानदारों द्वारा कब्जा न हटाए जाने के बाद प्रशासन ने बुधवार को यह कदम उठाया। अतिक्रमण हटाए जाने के बाद दुकानदारों ने अपनी स्थिति और चिंताएं साझा कीं। बड़हर गांव निवासी दुकानदार उमेश सिंह ने बताया कि वे 1980 से इस मोड़ पर दुकान चला रहे थे और उनके भाइयों का भी इसी दुकान से भरण-पोषण होता था। वहीं, दिनेश सिंह नामक एक अन्य दुकानदार ने आरोप लगाया कि उनकी दुकान आहर से हटकर थी और उन्हें कोई नोटिस भी नहीं मिला, फिर भी उनकी दुकान को जबरन हटा दिया गया। जनरल स्टोर के दुकानदार पवन सिंह ने चिंता जताते हुए आशंका व्यक्त की कि दुकानों के हट जाने से अमावां मोड़ पर उतरने वाले यात्रियों के साथ चोरी की घटनाएं बढ़ सकती हैं, क्योंकि दुकानदारों की उपस्थिति आपराधिक तत्वों को ऐसी घटनाएँ करने से रोकती थी।4
- उत्पाद विभाग की टीम ने नवादा जिले के सिरदला में एक कार्रवाई करते हुए, एक ट्रक में लदी भारी मात्रा में शराब को बरामद किया है। इस कार्रवाई से इलाके में अवैध शराब के खिलाफ विभाग की सक्रियता सामने आई है।1
- नवादा जिले के हिसुआ प्रखंड की तुंगी पंचायत के बेलदारी गांव में एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में नाली-गली निर्माण, पेयजल, बिजली व्यवस्था, स्वच्छता, साफ-सफाई, स्वास्थ्य तथा विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर मंझवे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर अबू सहमा, हिसुआ प्रखंड पदाधिकारी देवनंदन प्रसाद, तुंगी के मुखिया चंदन कुमार, समाजसेवी उमेश चौरसिया सहित कई अन्य जन प्रतिनिधि और हिसुआ थाना का पुलिस प्रशासन मौजूद रहा।1
- कोरिऔना मोड़ से एक युवक को चोरी की बाइक के साथ गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने युवक के पास से नकद और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है।1
- झारखंड के कोडरमा जिले के डोमचांच में युवा ऐतिहासिक शिवसागर तालाब की साफ-सफाई करने में जुटे हुए हैं।1
- कान्हा की नगरी मथुरा के थाना शेरगढ़ अंतर्गत ग्राम गढ़ी भीमा से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ भू-माफिया बाबा ललता दास ने पुलिस की मौजूदगी में एक बेसहारा विधवा महिला और उसके तीन मासूम बच्चों की डेढ़ बीघा जमीन को हड़पने के लिए जेसीबी चलवा दी। इस अन्याय और न्याय न मिलने से हताश होकर महिला ने खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया। इस घटना ने बीजेपी राज में 'जीरो टॉलरेंस' के नारे को पूरी तरह से कागजी साबित कर दिया है, जहाँ आरोप है कि 'बुलडोजर' सिर्फ गरीबों को कुचलने के लिए चलाया जा रहा है। सवाल उठाया गया है कि जब पुलिस ही अपराधियों के आगे नतमस्तक हो जाए, तो आम जनता कहाँ जाए। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था का कबाड़ा होने की बात कही गई है और इस बेसहारा परिवार को तुरंत न्याय मिलने की पुरजोर मांग की गई है।1
- नवादा जिले के हिसुआ-राजगीर रोड स्थित बगोदर मार्केट में सैमसंग शोरूम के पास निर्माणाधीन नाले का कार्य पिछले चार-पांच महीनों से अधूरा पड़ा हुआ है। निर्माण कार्य रुक जाने के कारण नाले में गंदा पानी और कचरा जमा हो गया है, जिससे पूरे इलाके में भीषण बदबू फैल रही है। इसके साथ ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से स्थानीय लोगों और दुकानदारों में बीमारियों की आशंका भी बढ़ गई है। स्थानीय दुकानदारों और आसपास के लोगों ने बताया कि नाले का निर्माण कार्य शुरू होने के बाद बीच में ही बंद कर दिया गया। तब से नाला खुला पड़ा है और उसमें लगातार गंदा पानी तथा कचरा जमा हो रहा है। इससे न केवल दुर्गंध फैल रही है, बल्कि मच्छरों की संख्या में भी तेजी से वृद्धि हुई है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो डेंगू, मलेरिया सहित अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा काफी बढ़ सकता है। दुकानदारों ने बताया कि नाले से उठने वाली बदबू के कारण ग्राहकों को दुकान पर आने में भी परेशानी हो रही है। कई ग्राहक दुर्गंध के कारण अधिक देर तक बाजार में नहीं रुकते, जिससे व्यापार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसके अलावा, राहगीरों को भी खुले नाले के कारण आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों और क्षेत्रवासियों ने नाराजगी जताते हुए प्रशासन से जल्द से जल्द नाले का निर्माण कार्य पूरा कराने तथा उसके ऊपर ढक्कन लगाने की मांग की है। उन्होंने जनहित को देखते हुए इस अधूरे कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने का आग्रह किया है, ताकि बाजार आने वाले ग्राहकों, दुकानदारों और आसपास के लोगों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिल सके।1
- सामने आए एक वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि ड्राइवर लोगों के साथ गुंडागर्दी की जा रही है।1