उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद के कालपी क्षेत्र में एक अंतरधार्मिक प्रेम विवाह का मामला इन दिनों काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। यहाँ एक मुस्लिम युवती काजल मंसूरी ने हिंदू युवक ओम सिंह के साथ अपनी मर्जी से विवाह करने का दावा किया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो के जरिए युवती ने खुद को और अपने पति को सुरक्षा प्रदान करने की गुहार लगाई है। वायरल वीडियो में काजल मंसूरी का कहना है कि वह और उसका पति ओम सिंह दोनों बालिग हैं और उन्होंने अपनी इच्छा से हाई कोर्ट में कोर्ट मैरिज की है। उसने स्पष्ट किया है कि वह पूरी तरह सुरक्षित है और किसी के दबाव में नहीं है। काजल ने अपनी मर्जी से घर छोड़ने और विवाह करने की बात कहते हुए अपने परिजनों और प्रशासन से अपील की है कि उनके इस निर्णय का सम्मान किया जाए। युवती ने वीडियो में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसके पति ओम सिंह को झूठे मुकदमों में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। उसने प्रशासन से मांग की है कि उन दोनों को सुरक्षा दी जाए ताकि वे बिना किसी भय के अपनी जिंदगी जी सकें। इस मामले पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, जहाँ कुछ लोग इसे दो बालिगों का निजी फैसला मान रहे हैं तो कुछ निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक पुलिस या प्रशासन की तरफ से इस वीडियो के दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, और मामले की वास्तविक सच्चाई जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद के कालपी क्षेत्र में एक अंतरधार्मिक प्रेम विवाह का मामला इन दिनों काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। यहाँ एक मुस्लिम युवती काजल मंसूरी ने हिंदू युवक ओम सिंह के साथ अपनी मर्जी से विवाह करने का दावा किया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो के जरिए युवती ने खुद को और अपने पति को सुरक्षा प्रदान करने की गुहार लगाई है। वायरल वीडियो में काजल मंसूरी का कहना है कि वह और उसका पति ओम सिंह दोनों बालिग हैं और उन्होंने अपनी इच्छा से हाई कोर्ट में कोर्ट मैरिज की है। उसने स्पष्ट किया है कि वह पूरी तरह सुरक्षित है और किसी के दबाव में नहीं है। काजल ने अपनी मर्जी से घर छोड़ने और विवाह करने की बात कहते हुए अपने परिजनों और प्रशासन से अपील की है कि उनके इस निर्णय का सम्मान किया जाए। युवती ने वीडियो में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसके पति ओम सिंह को झूठे मुकदमों में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। उसने प्रशासन से मांग की है कि उन दोनों को सुरक्षा दी जाए ताकि वे बिना किसी भय के अपनी जिंदगी जी सकें। इस मामले पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, जहाँ कुछ लोग इसे दो बालिगों का निजी फैसला मान रहे हैं तो कुछ निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक पुलिस या प्रशासन की तरफ से इस वीडियो के दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, और मामले की वास्तविक सच्चाई जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
- जालौन के कोंच नगर पालिका परिषद के गेट पर सभासद अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारी सभासदों ने अधिशासी अधिकारी (EO) पर जनता की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सभासदों का कहना है कि सड़क निर्माण में कथित धांधली, बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों के बाद भी कोई समाधान नहीं किया गया है। वहीं इस मामले में EO ने बजट पास न होने का हवाला देते हुए अपनी बात रखी है। गौरतलब है कि इससे पूर्व हुई बोर्ड बैठक में भी सभासद EO के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर चुके हैं।1
- कानपुर देहात के कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्री कपिल सिंह की अध्यक्षता में स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद में संभावित बाढ़ और जलप्लावन की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने और बाढ़ प्रबंधन योजना का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करना था। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दुष्यंत कुमार मौर्य, अपर पुलिस अधीक्षक आलोक प्रसाद सहित कई उप जिलाधिकारी और जनपद स्तरीय संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पूर्व तैयारियों, राहत व बचाव कार्यों और संवेदनशील स्थलों की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ संभावित क्षेत्रों का नियमित भ्रमण करने और जलभराव की स्थिति में त्वरित राहत कार्य सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही, राहत शिविरों में पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय, चिकित्सा सुविधाएं और आवश्यक खाद्य सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। बैठक में बाढ़ नियंत्रण कक्ष को चौबीसों घंटे संचालित करने और बाढ़ चौकियों को पूरी तरह क्रियाशील रखने के कड़े निर्देश दिए गए। विभिन्न विभागों को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग को जर्जर तारों और पोलों की मरम्मत करने, खाद्य विभाग को पात्र लोगों तक निःशुल्क राशन पहुंचाने, स्वास्थ्य विभाग को जीवनरक्षक दवाओं और एम्बुलेंस सेवाओं को सक्रिय रखने तथा पशुपालन विभाग को चारे की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाढ़ नियंत्रण से जुड़े समस्त प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया जाए और आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जाए।2
- कानपुर देहात के रूरा थाना क्षेत्र के अमर सिंह का पुरवा गांव में पुलिस पीआरवी कर्मियों पर हमला करने का मामला सामने आया है। क्षेत्राधिकारी अकबरपुर संजय कुमार सिंह ने जानकारी दी कि गांव के भूरा सिंह ने 112 नंबर पर कॉल कर अपने साथ मारपीट होने की सूचना दी थी, जिसके बाद पीआरवी संख्या 5752 मौके पर पहुंची। पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची, तो वहां विपक्षी रामदीन शराब के नशे में धुत होकर उपद्रव कर रहा था। पुलिसकर्मियों द्वारा जब उसे समझाने का प्रयास किया गया, तो उसने पुलिस पार्टी पर ही हमला कर दिया। इस घटना के बाद पुलिस ने मामले के नामित अभियुक्त को हिरासत में ले लिया है और उससे गहन पूछताछ कर रही है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी 17 जुलाई को पंजाब में 4 रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे। उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात के मूसानगर, फतेहपुर निवासी मोहम्मद अनीस कुरैशी ने इस कार्यक्रम के संबंध में जानकारी साझा की है।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा तहसील क्षेत्र में प्रतिबंधित मछलियों के अवैध कारोबार पर रोक लगाने में जिम्मेदार विभागों की लापरवाही लगातार सवालों के घेरे में है। गुरुवार दोपहर को क्षेत्रीय लोगों ने एक टेंपो में करीब 80 किलो प्रतिबंधित मांगुर मछली ले जाते हुए देखा। संदेह होने पर लोगों ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने टेंपो को कब्जे में ले लिया और मामले की जानकारी मत्स्य विभाग को दी। देर शाम करीब 8 बजे मत्स्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच के बाद इस प्रतिबंधित मछली को कस्बे के बाहर गड्ढा खोदकर नष्ट करवा दिया। मत्स्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि मांगुर मछली प्रतिबंधित श्रेणी में आती है। यदि कोई भी व्यक्ति अवैध तरीके से मछलियों का शिकार करता है या प्रतिबंधित मछलियों की बिक्री करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि सिकंदरा तहसील क्षेत्र में लंबे समय से प्रतिबंधित मछलियों के शिकार और बिक्री की शिकायतें सामने आ रही हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई न होने से इस अवैध कारोबार पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।4
- जालौन के उरई शहर के जालौन रोड स्थित एक पार्क में खड़ी कई गाड़ियों के शीशे अज्ञात युवकों द्वारा तोड़ दिए गए हैं। देर रात हुई इस अराजकता की घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और पीड़ित वाहन मालिकों में भारी आक्रोश है। तोड़फोड़ की यह पूरी वारदात वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। इस फुटेज के आधार पर पुलिस अज्ञात युवकों की पहचान कर उनकी तलाश में जुटी हुई है और अराजक तत्वों की जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं, स्थानीय लोगों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।1