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भगोरिया महोत्सव कुसमानिया हजारों की संख्या में पहुंच आदिवासी भगोरिया महोत्सव kusmaniya
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भगोरिया महोत्सव कुसमानिया हजारों की संख्या में पहुंच आदिवासी भगोरिया महोत्सव kusmaniya
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- होलिका दहन के पश्चात शोकाकुल परिवार में पहुंचा सकल हिंदू समाज, रंग-गुलाल कर दी सांत्वना आष्टा। नगर में होलिका दहन के उपरांत सकल हिंदू समाज के पदाधिकारी एवं समाजजन शोकाकुल परिवार के यहां पहुंचे। परंपरा अनुसार गेर एवं रंग-गुलाल कर गमी का कार्यक्रम सम्पन्न किया गया। ढोल-नगाड़ों एवं होली गीतों के साथ बड़ी संख्या में पुरुष वर्ग एवं मातृशक्ति उपस्थित रही। सभी ने मिलकर शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देते हुए होली पर्व की सामाजिक एकता एवं समरसता का संदेश दिया। इस अवसर पर सकल हिंदू समाज अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाहा (पूर्व पार्षद) अपने समाजजनों के साथ उपस्थित रहे। उनके साथ प्रमुख रूप से पटेल जगदीश कुशवाहा, पटेल दलकिशोरी कुशवाहा, सकल हिंदू समाज संयोजक मुकेश नामदेव, सचिव मनीष डोंगरे,कौरी समाज अध्यक्ष मोंटू कौरी,रेकवाल समाज अध्यक्ष अरविंद रैकवार, शैलेश राठौर (पूर्व पार्षद), सुनील प्रगति, दिनेश सोनी, पूर्व पटेल किशोरीलाल कुशवाहा, राहुल कुशवाहा, अनिल कुशवाहा, गब्बू कुशवाहा, मनोज कुशवाहा, अमरचंद कुशवाहा पटेल, शुभम कुशवाहा, जितेंद्र कुशवाहा, ऋषि कुशवाहा, गोलू कुशवाहा, आनंद कुशवाहा, हीरा कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान महिला एवं पुरुष होली के पारंपरिक गीतों पर नृत्य करते नजर आए। समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे और दुख-सुख में साथ खड़े रहने की परंपरा का प्रतीक है। सकल हिंदू समाज द्वारा शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए नगर में सामाजिक समरसता का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया गया।2
- अब प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी मिलेगा1
- *अमलतास विशेष विद्यालय में दिव्यांग बच्चों ने मनाया रंगारंग होली महोत्सव* देवास - रंगों का त्योहार होली जब खुशियों की बयार बनकर हर मन को रंग देता है, तब दिव्यांग बच्चों की मुस्कान और उमंग इसे और खास बना देती है। अमलतास विशेष विद्यालय में इस बार की होली कुछ अलग रही यह सिर्फ रंगों का नहीं, बल्कि उम्मीदों, प्रेरणाओं और समाज सुधार के संकल्पों का उत्सव बना। अमलतास विशेष विद्यालय के प्रांगण में जब रंग-बिरंगे फूलों और गुलाल से होली खेली गई, तो वहां मौजूद हर व्यक्ति भावविभोर हो गया। इन बच्चों ने अपनी मासूमियत और उत्साह से यह साबित कर दिया, कि सच्ची खुशी किसी भी शारीरिक सीमाओं की मोहताज नहीं होती। उनका उल्लास देखकर कार्यक्रम में मौजूद हर व्यक्ति मंत्रमुग्ध हो गया। विद्यालय की प्रिंसिपल डॉ. भारती लाहोरिया ने कहा, कि रंगों का यह पर्व हमें प्रेम, समानता और समावेशिता का संदेश देता है। हमारे विशेष बच्चे अपनी अनोखी प्रतिभा से इस दुनिया को और खूबसूरत बनाते हैं, और हमें उन पर गर्व है।आइए, इस होली पर हम प्रेम, संवेदनशीलता और समझ के रंग भरें। इस आयोजन में अमलतास विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. शरदचन्द्र वानखेड़े, अस्पताल निदेशक डॉ. प्रशांत, कुलसचिव संजय रामबोले, प्रबंधक डॉ. मनीष शर्मा, विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्यगण एवं मनोरोग विभाग के वरिष्ठ डॉक्टरों ने भाग लिया। सभी ने दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा की सराहना की और किया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया। अमलतास वेलफेयर सोसायटी के चेयरमैन महोदय ने सभी को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा, यह उत्सव सिर्फ रंगों का नहीं, बल्कि दिव्यांग बच्चों की रचनात्मकता और उत्साह का भी प्रतीक है।1
- Post by राजेश माल्या1
- Post by Jitendra Patidar1
- *हमारी सबसे प्रार्थना है कि गंदी होली मत खेलना, कोई नशा मत करना* 🙇♂️1
- Post by Shahrukh mansuri1
- Post by राजेश माल्या1
- Post by K K D NEWS MP/CG1