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उत्तर प्रदेश के मेजा में बेलन नहर की सुजनी राजवाहा से निकली सिरहिर माइनर और कुलाबे से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर किसानों ने मोर्चा खोल दिया है। सक्षम अधिकारियों की लापरवाही से नाराज होकर भारतीय किसान यूनियन (किसान) की जिलाध्यक्ष यमुनापार चंदा सिंह पटेल के नेतृत्व में किसान सिरहिर के डाक बंगले पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारी किसानों का साफ कहना है कि जब तक नहर और कुलाबे से अतिक्रमण पूरी तरह से नहीं हटाया जाएगा, तब तक उनका यह धरना लगातार जारी रहेगा। इस आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए 16 जुलाई को डाक बंगले का घेराव करने का ऐलान किया गया है, जिसके लिए अधिक से अधिक संख्या में किसानों को वहां पहुंचने की अपील की गई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि आंदोलन में शामिल किसान और मजदूरों की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी।
Ravendra kumar kesharwani
उत्तर प्रदेश के मेजा में बेलन नहर की सुजनी राजवाहा से निकली सिरहिर माइनर और कुलाबे से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर किसानों ने मोर्चा खोल दिया है। सक्षम अधिकारियों की लापरवाही से नाराज होकर भारतीय किसान यूनियन (किसान) की जिलाध्यक्ष यमुनापार चंदा सिंह पटेल के नेतृत्व में किसान सिरहिर के डाक बंगले पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारी किसानों का साफ कहना है कि जब तक नहर और कुलाबे से अतिक्रमण पूरी तरह से नहीं हटाया जाएगा, तब तक उनका यह धरना लगातार जारी रहेगा। इस आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए 16 जुलाई को डाक बंगले का घेराव करने का ऐलान किया गया है, जिसके लिए अधिक से अधिक संख्या में किसानों को वहां पहुंचने की अपील की गई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि आंदोलन में शामिल किसान और मजदूरों की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी।
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- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले की मेजा तहसील क्षेत्र में बेलन नहर की सुजनी राजवाहा से निकली सिरहिर माइनर व कुलाबे पर हुए अतिक्रमण को हटाने की मांग को लेकर किसानों ने मोर्चा खोल दिया है। भारतीय किसान यूनियन किसान के जिलाध्यक्ष यमुनापार चंदा सिंह पटेल के नेतृत्व में आक्रोशित किसान सिरहिर डाक बंगले पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। किसानों का आरोप है कि सक्षम अधिकारियों की लापरवाही के कारण ही नहर और कुलाबे पर यह अतिक्रमण हुआ है, जिससे उनकी फसलों की सिंचाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। धरने पर बैठे किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि जब तक नहर व कुलाबे से अतिक्रमण नहीं हटेगा, तब तक उनका यह आंदोलन चलता रहेगा। उन्होंने साफ कहा कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे वहीं पर आत्महत्या कर लेंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी। इस बीच, भारतीय किसान यूनियन के मण्डल अध्यक्ष मंजू राज आदिवासी ने ऐलान किया है कि कल 16 जुलाई को डाक बंगले का घेराव किया जाएगा, जिसके लिए उन्होंने किसानों से भारी संख्या में डाक बंगले पर पहुंचने की अपील की है।1
- उत्तर प्रदेश में डीजीपी के नेतृत्व में साइबर ठगों के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत प्रयागराज की साइबर क्राइम सेल ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज 182 शिकायतों का संज्ञान लेकर पुलिस ने 16 राज्यों से जुड़े साइबर अपराध के नेटवर्क को खंगाला है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 124 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर गहनता से पूछताछ की है। पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि ये संदिग्ध लोग महज कमीशन के लालच में साइबर अपराधियों को अपने बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। इन खातों का इस्तेमाल धोखाधड़ी से कमाए गए करोड़ों रुपये के अवैध लेनदेन के लिए किया जाता था। जांच के दौरान पुलिस ने ऐसे 18 संदिग्ध बैंक खातों को चिन्हित किया है, जिनमें प्राथमिक तौर पर करीब 110 करोड़ रुपये के भारी-भरकम लेनदेन का पता चला है। इन खातों की सत्यता की पुष्टि होने के बाद, प्रयागराज के मुट्ठी गंज, पुरामुफ़्ती, धूमन गंज, कोरांव, कीटगंज, सिविल लाइन्स और विशेष साइबर थाने में कुल 18 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस अब इस पूरे मामले में मुख्य अपराधियों तक पहुंचने के लिए बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि आगे की जांच के साथ ठगी और लेनदेन का यह आंकड़ा और भी बड़ा हो सकता है।1
- उत्तर प्रदेश के मेजा में बेलन नहर की सुजनी राजवाहा से निकली सिरहिर माइनर और कुलाबे से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर किसानों ने मोर्चा खोल दिया है। सक्षम अधिकारियों की लापरवाही से नाराज होकर भारतीय किसान यूनियन (किसान) की जिलाध्यक्ष यमुनापार चंदा सिंह पटेल के नेतृत्व में किसान सिरहिर के डाक बंगले पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारी किसानों का साफ कहना है कि जब तक नहर और कुलाबे से अतिक्रमण पूरी तरह से नहीं हटाया जाएगा, तब तक उनका यह धरना लगातार जारी रहेगा। इस आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए 16 जुलाई को डाक बंगले का घेराव करने का ऐलान किया गया है, जिसके लिए अधिक से अधिक संख्या में किसानों को वहां पहुंचने की अपील की गई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि आंदोलन में शामिल किसान और मजदूरों की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी।1
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लोकप्रिय जिलाधिकारी (IAS) मनीष वर्मा ने अपने कार्यालय में जनसुनवाई कर जनपद से आए फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इस जनसुनवाई के दौरान एक बूढ़ी महिला अपनी शिकायत लेकर जिलाधिकारी के पास पहुंची। महिला ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि कुछ लोग उसकी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं और इस मामले में स्थानीय तहसीलदार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। बूढ़ी महिला की शिकायत सुनते ही जिलाधिकारी ने तत्काल तहसीलदार को फोन लगाया और इस समस्या का निस्तारण करने के आदेश दिए। उन्होंने इस मामले में नाराजगी जताते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि समस्या का निस्तारण तहसील स्तर से ही किया जाए, वरना संबंधित अधिकारी को सस्पेंड किया जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के वृंदावन में आश्रम बनवाने के नाम पर बड़ी ठगी और चोरी की वारदात सामने आई है, जहां गुजरात से आकर रह रहे पिता-पुत्र के फ्लैट से ₹2.90 करोड़ की भारी-भरकम राशि चोरी कर ली गई। गुजरात से अपनी पूरी संपत्ति बेचकर वृंदावन में आकर बसे राकेश प्रजापति और उनके बेटे मानव प्रजापति को आश्रम बनवाने का झांसा देकर इस वारदात का शिकार बनाया गया। इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी राजन, आलोक, प्रेम सागर और हीरेन को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने पकड़े गए इन आरोपियों के कब्जे से ₹2 करोड़ की नकद राशि, ₹60 लाख की कीमत के गहने और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।1
- संगम नगरी प्रयागराज के लोकप्रिय जिलाधिकारी आईएएस मनीष वर्मा ने अपने कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान जनपद से आए फरियादियों की समस्याओं को सुना। इसी दौरान एक बूढ़ी महिला अपनी शिकायत लेकर जिलाधिकारी के सामने पहुंची। महिला ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि कुछ लोग उसकी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं और इस मामले में संबंधित तहसीलदार ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। बूढ़ी महिला की शिकायत सुनते ही जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने तत्काल एक्शन लिया। उन्होंने तत्काल तहसीलदार को फोन मिलाकर समस्या का निस्तारण करने का कड़ा आदेश दिया। डीएम ने इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि जन समस्याओं का तहसील स्तर से ही निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारी को सस्पेंड कर दिया जाएगा।1
- प्रयागराज के सिविल लाइंस में एमजी मार्ग पर हाईकोर्ट के पास अवैध निर्माण के खिलाफ प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने बड़ी कार्रवाई की है। पीडीए ने भूखंड संख्या 57½, भवन संख्या 20/4ए/1 (न्यू) में बिना अनुमति बनी बिल्डिंग में संचालित हो रही शराब और बीयर शॉप को सील कर दिया है। इस भवन के स्वामी ओम प्रकाश गुप्ता ने बिना नक्शा पास कराए ही इसका निर्माण कराया था। इस अवैध निर्माण को लेकर पूर्व में भवन स्वामी को 29 अप्रैल 2025 को यूपी नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 की धारा 27(1) व 28(1) के तहत कारण बताओ नोटिस और निर्माण रोकने का आदेश जारी किया गया था। इसके बाद 14 जुलाई 2025 को ध्वस्तीकरण का आदेश पारित करते हुए 15 दिनों में अवैध निर्माण को खुद हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इस आदेश का पालन नहीं किया गया। पीडीए ने दुकान को दूसरी जगह शिफ्ट कराने के लिए जिला आबकारी विभाग को कई पत्र और अनुस्मारक भी भेजे थे, लेकिन पर्याप्त समय दिए जाने के बाद भी जब दुकान का स्थानांतरण नहीं हुआ, तो पीडीए ने भवन को सील करने की कार्रवाई की। प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि आगे की कार्रवाई में होने वाली किसी भी क्षति या राजस्व की हानि के लिए वह जिम्मेदार नहीं होगा। इस मामले पर पीडीए के जोनल अधिकारी गंगेश कुमार सिंह ने बताया कि अवैध निर्माण के खिलाफ आगे भी ध्वस्तीकरण सहित नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।1
- प्रयागराज में जिला कचहरी के बाहर अधिवक्ताओं ने सड़क पर टायरों में आग लगाकर चक्का जाम कर दिया और विरोध प्रदर्शन किया। वकीलों के इस प्रदर्शन के कारण कचहरी के बाहर आवागमन पूरी तरह से प्रभावित हो गया और अफरातफरी की स्थिति बन गई। वकीलों के इस आक्रोश की मुख्य वजह जॉर्जटाउन थाने में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज होना है। इस विवाद की शुरुआत जिला अदालत के अधिवक्ता ओम मिश्रा के जॉर्जटाउन स्थित एक मकान से हुई। वकीलों के अनुसार, इस मकान पर एक रेस्टोरेंट संचालक ने अवैध कब्जा कर रखा है, जो न तो किराया दे रहा था और न ही पानी का बिल जमा कर रहा था। दो दिन पहले जब मकान मालिक अधिवक्ता ने अपने मकान में ताला लगाया, तो रेस्टोरेंट संचालक ने उनके साथ अभद्रता की। इसके बाद पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई, जहां रेस्टोरेंट संचालक ने दो दिन में किराया चुकाने का लिखित आश्वासन दिया था। इस लिखित समझौते के बावजूद, पुलिस ने उल्टा मकान मालिक और उनके साथ गए अधिवक्ताओं पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया। इसी कार्रवाई से नाराज होकर वकीलों ने बुधवार सुबह सड़क जाम कर अपना कड़ा विरोध जताया।1