रेफर के कुछ देर बाद एम्बुलेंस में गूंजी किलकारी,आधी रात के रेफरल पर उठे सवाल _जिला अस्पताल से देर रात शहडोल रेफर की गई प्रसूता रेफर के कुछ देर बाद एम्बुलेंस में गूंजी किलकारी,आधी रात के रेफरल पर उठे सवाल _जिला अस्पताल से देर रात शहडोल रेफर की गई प्रसूता ने रास्ते में एम्बुलेंस के भीतर ही बेटे को जन्म दे दिया। अमहा के करीब हाईवे पर अचानक प्रसव पीड़ा बढ़ने के बाद एम्बुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव कराया गया।इस दौरान इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन पुष्पराज यादव और पायलट शिवम यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए जच्चा-बच्चा को सुरक्षित तरीके से करकेली अस्पताल पहुंचाया,जहां देर रात दोनों को भर्ती कराया गया।मुख्यालय से सटे ग्राम महिमार निवासी 31 वर्षीय प्रेम बाई पति मोती कोल को एक दिन पहले असहनीय प्रसव पीड़ा के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।बताया जा रहा है कि प्रसूता का पूर्व में नसबंदी का ऑपरेशन भी हो चुका था,बावजूद इसके यह उसकी पांचवीं डिलीवरी थी।पूर्व में जन्मे एक पुत्र की मृत्यु भी हो चुकी है।अस्पताल में प्रसूता की स्थिति एब्नॉर्मल प्रेजेंटेशन बताई गई,जिसके बाद देर रात करीब 1 बजे उसे शहडोल रेफर कर दिया गया।हालांकि,रेफरल के कुछ ही देर बाद रास्ते में एम्बुलेंस के भीतर प्रसव हो जाना अब स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है।_ *_जब प्रसूता प्रसव के इतने करीब थी कि रेफर के कुछ ही समय बाद हाईवे पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा,तो रेफर करने से पहले उसकी स्थिति का आकलन किस स्तर पर किया गया?क्या उसे रात करीब 1 बजे रेफर करना ही एकमात्र विकल्प था? यह सवाल अब स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी उठ रहा है।_* _मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि प्रसूता को एक दिन पहले ही जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उसे असहनीय प्रसव पीड़ा की शिकायत थी।ऐसे में देर रात रेफरल का निर्णय मानवीय और चिकित्सकीय दोनों दृष्टि से जांच का विषय बनता है।खासकर तब, जब यह उसकी पांचवीं डिलीवरी बताई जा रही है और पूर्व में नसबंदी का ऑपरेशन भी हो चुका है।इस पूरे घटनाक्रम में एम्बुलेंस कर्मियों की भूमिका जरूर राहत देने वाली रही।हाईवे पर चलते वाहन में प्रसव की स्थिति बनने के बावजूद ईएमटी पुष्पराज यादव और पायलट शिवम यादव ने तत्परता दिखाई और प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को देर रात करकेली अस्पताल पहुंचाया। लेकिन एम्बुलेंस कर्मियों की तत्परता जिला अस्पताल की व्यवस्था पर उठ रहे सवालों को पूरी तरह खत्म नहीं करती।जिला अस्पताल में महिला चिकित्सक के रूप में डॉ. रश्मि धनंजय पदस्थ हैं,जबकि एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की कमी बताई जा रही है।पूर्व में सेवाएं दे चुके डॉ.प्रमोद द्विवेदी और डॉ.सरफराज के स्थानांतरण के बाद विशेषज्ञ सेवाओं की यह कमी प्रसूता एवं अन्य गंभीर मरीजों के उपचार में कितनी बड़ी चुनौती है,यह भी सामने आना जरूरी है।एक तरफ अस्पताल में प्रसव पीड़ा से जूझती महिला,दूसरी तरफ आधी रात शहडोल का रेफरल और फिर अस्पताल से निकलने के कुछ ही देर बाद एम्बुलेंस में जन्म लेता नवजात,यह पूरा घटनाक्रम स्वास्थ्य व्यवस्था के सामने कई सवाल छोड़ गया है।_ *_सवाल यह नहीं कि रास्ते में प्रसव क्यों हुआ,बल्कि सवाल यह है कि रेफरल की जरूरत क्यों पड़ी,निर्णय किस चिकित्सकीय आधार पर लिया गया और क्या जिला अस्पताल में प्रसूता को सुरक्षित प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती थी?इन सवालों का जवाब स्वास्थ्य विभाग की जांच और संबंधित चिकित्सकों के स्पष्टीकरण से ही सामने आ सकेगा।
रेफर के कुछ देर बाद एम्बुलेंस में गूंजी किलकारी,आधी रात के रेफरल पर उठे सवाल _जिला अस्पताल से देर रात शहडोल रेफर की गई प्रसूता रेफर के कुछ देर बाद एम्बुलेंस में गूंजी किलकारी,आधी रात के रेफरल पर उठे सवाल _जिला अस्पताल से देर रात शहडोल रेफर की गई प्रसूता ने रास्ते में एम्बुलेंस के भीतर ही बेटे को जन्म दे दिया। अमहा के करीब हाईवे पर अचानक प्रसव पीड़ा बढ़ने के बाद एम्बुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव कराया गया।इस दौरान इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन पुष्पराज यादव और पायलट शिवम यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए जच्चा-बच्चा को सुरक्षित तरीके से करकेली अस्पताल पहुंचाया,जहां देर रात दोनों को भर्ती कराया गया।मुख्यालय से सटे ग्राम महिमार निवासी 31 वर्षीय प्रेम बाई पति मोती कोल को एक दिन पहले असहनीय प्रसव पीड़ा के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।बताया जा रहा है कि प्रसूता का पूर्व में नसबंदी का ऑपरेशन भी हो चुका था,बावजूद इसके यह उसकी पांचवीं डिलीवरी थी।पूर्व में जन्मे एक पुत्र की मृत्यु भी हो चुकी है।अस्पताल में प्रसूता की स्थिति एब्नॉर्मल प्रेजेंटेशन बताई गई,जिसके बाद देर रात करीब 1 बजे उसे शहडोल रेफर कर दिया गया।हालांकि,रेफरल के कुछ ही देर बाद रास्ते में एम्बुलेंस के भीतर प्रसव हो जाना अब स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है।_ *_जब प्रसूता प्रसव के इतने करीब थी कि रेफर के कुछ ही समय बाद हाईवे पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा,तो रेफर करने से पहले उसकी स्थिति का आकलन किस स्तर पर किया गया?क्या उसे रात करीब 1 बजे रेफर करना ही एकमात्र विकल्प था? यह सवाल अब स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी उठ रहा है।_* _मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि प्रसूता को एक दिन पहले ही जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उसे असहनीय प्रसव पीड़ा की शिकायत थी।ऐसे में देर रात रेफरल का निर्णय मानवीय और चिकित्सकीय दोनों दृष्टि से जांच का विषय बनता है।खासकर तब, जब यह उसकी पांचवीं डिलीवरी बताई जा रही है और पूर्व में नसबंदी का ऑपरेशन भी हो चुका है।इस पूरे घटनाक्रम में एम्बुलेंस कर्मियों की भूमिका जरूर राहत देने वाली रही।हाईवे पर चलते वाहन में प्रसव की स्थिति बनने के बावजूद ईएमटी पुष्पराज यादव और पायलट शिवम यादव ने तत्परता दिखाई और प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को देर रात करकेली अस्पताल पहुंचाया। लेकिन एम्बुलेंस कर्मियों की तत्परता जिला अस्पताल की व्यवस्था पर उठ रहे सवालों को पूरी तरह खत्म नहीं करती।जिला अस्पताल में महिला चिकित्सक के रूप में डॉ. रश्मि धनंजय पदस्थ हैं,जबकि एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की कमी बताई जा रही है।पूर्व में सेवाएं दे चुके डॉ.प्रमोद द्विवेदी और डॉ.सरफराज के स्थानांतरण के बाद विशेषज्ञ सेवाओं की यह कमी प्रसूता एवं अन्य गंभीर मरीजों के उपचार में कितनी बड़ी चुनौती है,यह भी सामने आना जरूरी है।एक तरफ अस्पताल में प्रसव पीड़ा से जूझती महिला,दूसरी तरफ आधी रात शहडोल का रेफरल और फिर अस्पताल से निकलने के कुछ ही देर बाद एम्बुलेंस में जन्म लेता नवजात,यह पूरा घटनाक्रम स्वास्थ्य व्यवस्था के सामने कई सवाल छोड़ गया है।_ *_सवाल यह नहीं कि रास्ते में प्रसव क्यों हुआ,बल्कि सवाल यह है कि रेफरल की जरूरत क्यों पड़ी,निर्णय किस चिकित्सकीय आधार पर लिया गया और क्या जिला अस्पताल में प्रसूता को सुरक्षित प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती थी?इन सवालों का जवाब स्वास्थ्य विभाग की जांच और संबंधित चिकित्सकों के स्पष्टीकरण से ही सामने आ सकेगा।
- हरितालिका तीज और गणेश जी मूर्ति की स्थापना बहुत धूम धम और उत्सव से मनाया हरितालिका महिला ब्रत रखा कर और बच्चे गणेश जी की पूजा कर उमरिया नगर सहित जिले भर में हरितालिका तीज पर्व मनाने को लेकर महिलाओं में काफी उत्साह देखने को मिला मंदिरों शिवालयों एवं देवालयों भगवान भोलेनाथ माता पार्वती की पूजा अर्चना भक्ति भाव के साथ की गई । महिलाएं व्रत रखकर अपने पुत्र एवं पति की लंबी आयु की कामना के लिए यह व्रत करती है हरितालिका तीज पर्व मुख्य रूप से भगवान भोलेनाथ माता पार्वती के पुनर मिलन एवं उनके पवित्र विवाह स्मृति की याद में मनाया जाता है । तभी से सभी महिलाएं अपने पति की लंबी आयु एवं परिवार की सुख समृद्धि की कामना को लेकर यह व्रत धारण करती है ।1
- उमरिया में करणी सेना परिवार का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन उमरिया में करणी सेना परिवार का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन उमरिया। करणी सेना परिवार (टीम जीवन सिंह शेरपुर) के बैनर तले मंगलवार को उमरिया जिला मुख्यालय में विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया। जिला अध्यक्ष राम सिंह बघेल के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय युवा रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और मार्ग पर भगवा ध्वज नजर आए। कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन कर कथित दुरुपयोग रोकने के लिए निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की व्यवस्था किए जाने की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही। संगठन ने उमरिया जिले में स्थापित होने वाली नई औद्योगिक परियोजनाओं और उद्योगों में स्थानीय बेरोजगार युवाओं को नियमानुसार प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने की मांग भी उठाई। इसके अलावा UGC से संबंधित प्रस्तावित कानून/विधेयक के विवादित प्रावधानों पर पुनर्विचार तथा उच्च शिक्षा में विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी मांगें युवाओं और आम जनता के हित से जुड़ी हैं। उन्होंने सरकार से संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत मांगों पर उचित निर्णय लेने की अपील की। साथ ही मांगें पूरी नहीं होने पर आगामी समय में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।4
- मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा राज्य स्तरीय अभियंता दिवस समारोह का शुभारंभ l मुकेश कुमार दुबे संवाददाता की खास रिपोर्ट l मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव द्वारा राज्य स्तरीय अभियंता दिवस समारोह का शुभारंभ किया गया l1
- उमरिया जिले में इन दिनों अफसर शाही का आलम चरम पर है. जहां अफसर के बच्चों को भी स्कूल छोड़ने के लिए सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा है. शायद शासन ने इन अधिकारियों को यह वाहन इनके और इनके परिवार के व्यक्तिगत उपयोग के लिए प्रदान किए हैं. जहां एक ओर आमजन के बच्चे प्राइवेट ऑटो या टैक्सी में ठसाठस भरकर विद्यालय जाते हैं जिस पर यातायात प्रभारी निरीक्षक ज्योति शुक्ला की कभी नजर नहीं पड़ी. क्योंकि दूसरे के बच्चे चाहे किसी भी स्थिति में विद्यालय जाएं पर उनके बच्चों को लाने ले जाने के लिए तो शासकीय वाहन व शासकीय कर्मचारी पाबंद है. यातायात थाने का यह वाहन अक्सर निरीक्षक ज्योति शुक्ला के पति व बच्चों को उमरिया जिले की सैर और मार्केटिंग करता हुआ देखा जा सकता है. थाना चंदिया में पदस्थापना के दौरान भी निरीक्षक ज्योति शुक्ला के शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग की चर्चा जनमानस के बीच आम थी. परंतु बताया जाता है कि निरीक्षक ज्योति शुक्ला पर अधिकारियों की विशेष कृपा है जिसकी वजह से निरीक्षक ज्योति शुक्ला का स्थानांतरण पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम किए जाने के पश्चात भी आज दिनांक तक निरीक्षक ज्योति शुक्ला थाना यातायात के प्रभार पर बनी हुई है और शासकीय संपत्तियों का लाभ भरपूर उठा रही हैं उमरिया जिले में इन दिनों अफसर शाही का आलम चरम पर है. जहां अफसर के बच्चों को भी स्कूल छोड़ने के लिए सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा है. शायद शासन ने इन अधिकारियों को यह वाहन इनके और इनके परिवार के व्यक्तिगत उपयोग के लिए प्रदान किए हैं. जहां एक ओर आमजन के बच्चे प्राइवेट ऑटो या टैक्सी में ठसाठस भरकर विद्यालय जाते हैं जिस पर यातायात प्रभारी निरीक्षक ज्योति शुक्ला की कभी नजर नहीं पड़ी. क्योंकि दूसरे के बच्चे चाहे किसी भी स्थिति में विद्यालय जाएं पर उनके बच्चों को लाने ले जाने के लिए तो शासकीय वाहन व शासकीय कर्मचारी पाबंद है. यातायात थाने का यह वाहन अक्सर निरीक्षक ज्योति शुक्ला के पति व बच्चों को उमरिया जिले की सैर और मार्केटिंग करता हुआ देखा जा सकता है. थाना चंदिया में पदस्थापना के दौरान भी निरीक्षक ज्योति शुक्ला के शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग की चर्चा जनमानस के बीच आम थी. परंतु बताया जाता है कि निरीक्षक ज्योति शुक्ला पर अधिकारियों की विशेष कृपा है जिसकी वजह से निरीक्षक ज्योति शुक्ला का स्थानांतरण पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम किए जाने के पश्चात भी आज दिनांक तक निरीक्षक ज्योति शुक्ला थाना यातायात के प्रभार पर बनी हुई है और शासकीय संपत्तियों का लाभ भरपूर उठा रही हैं2
- UGC कानून के विरोध में उमरिया में करणी सेना का आक्रोश, 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन UGC कानून के विरोध में उमरिया में करणी सेना का आक्रोश, 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन उमरिया जिले में करणी सेना ने विरोध जताते हुए पांच सूत्री मांगों को लेकर कलेक्टर ऑफिस पहुंच कर ज्ञापन सोपा1
- 📍जन प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने शहडोल में आयोजित 70 वीं शालेय राज्य स्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता का शुभारम्भ खेल ध्वज फहराकर एवं गगन में गुब्बारे छोड़कर किया। इस अवसर पर कमिश्नर श्रीमती सुरभि गुप्ता, विधायक श्रीमती मनीषा सिंह, श्री जय सिंह, कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कोच खिलाड़ी, गणमान्य नागरिक मौजूद रहें। #शहडोल #shahdol Jansampark Madhya Pradesh1
- उमरिया में करणी सेना परिवार का शक्ति प्रदर्शन एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन, UGC विधेयक पर पुनर्विचार और स्थानीय रोजगार की मांग को लेकर सड़कों पर उतरा जनसैलाब, प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा 5 सूत्रीय ज्ञापन उमरिया। करणी सेना परिवार के बैनर तले मंगलवार को जिला मुख्यालय उमरिया में विशाल रैली एवं आंदोलन का आयोजन किया गया। करणी सेना के आह्वान पर जिलेभर से बड़ी संख्या में करणी सैनिकों, पदाधिकारियों, सदस्यों के साथ सर्व समाज के लोग एवं स्थानीय युवा आंदोलन में शामिल हुए। हजारों की संख्या में उमड़े जनसमूह से रैली मार्ग भगवा ध्वजों और नारों से गूंज उठा। भारी भीड़ के बीच निकली विशाल रैली ने शहर में संगठन की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। रैली श्री महाराणा प्रताप चौक से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची, जहां करणी सेना परिवार के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री महोदय के नाम जिला कलेक्टर को 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन, स्थानीय युवाओं को रोजगार, UGC विधेयक पर पुनर्विचार तथा उच्च शिक्षा में सुधार सहित महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। ज्ञापन में मांग की गई कि एट्रोसिटी एक्ट के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा निर्दोष नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की जाए। साथ ही जिले में आने वाले नए उद्योगों एवं बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं को नियमानुसार प्राथमिकता देकर रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। UGC से संबंधित प्रस्तावित कानून/विधेयक के विवादित प्रावधानों पर तत्काल पुनर्विचार किए जाने तथा उच्च शिक्षा में विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, पारदर्शिता एवं योग्यता को बनाए रखते हुए सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई। इस दौरान करणी सेना परिवार जिलाध्यक्ष राम सिंह बघेल ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति या समाज का नहीं, बल्कि युवाओं, शिक्षा और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि करणी सेना के आह्वान पर सर्व समाज के लोगों ने जिस एकजुटता के साथ सहभागिता की है, वह संगठन के प्रति विश्वास और सामाजिक एकता को दर्शाता है। सरकार को जनभावनाओं को गंभीरता से लेते हुए इन मांगों पर संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत शीघ्र उचित निर्णय लेना चाहिए। जिला प्रभारी जागेंद्र प्रताप सिंह मनोज ने कहा कि जिले के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे स्थानों पर भटकना न पड़े, इसके लिए जिले में स्थापित होने वाले उद्योगों में स्थानीय युवाओं को नियमानुसार रोजगार का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का जनसैलाब जनता की जागरूकता और अपने अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। जिला संयोजक शानवेंद्र सिंह बघेल ने कहा कि UGC विधेयक एवं अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर समाज में व्यापक चिंता है। उन्होंने कहा कि सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए विवादित प्रावधानों पर पुनर्विचार करना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। वहीं उमेश सिंह राजपूत ने कहा कि रैली में करणी सेना के साथ सर्व समाज के लोगों और युवाओं की बड़ी भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लोग अपने अधिकारों और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि संगठन हमेशा संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज उठाता रहेगा और सरकार को जनहित से जुड़े इन मुद्दों पर सकारात्मक पहल करनी चाहिए। संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार इन गंभीर मांगों पर संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत त्वरित और उचित निर्णय नहीं लेती है, तो आने वाले समय में करणी सेना परिवार आंदोलन को और व्यापक करने के लिए बाध्य होगा। उक्त आयोजन को सफल बनाने में राजकुमार चतुर्वेदी, अनिरुद्ध गुप्ता, पुष्पराज सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, ललन सिंह, मनीष सिंह, धनीराम सिंह, विनोद सिंह, राजेश सिंह पवार, हजारी सिंह, यशपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, हरपाल सिंह, रवि सिंह, सीताशरण सिंह सहित करणी सेना परिवार के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों एवं पंचगणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में करणी सैनिकों के साथ सर्व समाज के नागरिक एवं स्थानीय युवा उपस्थित रहे। उमरिया में करणी सेना परिवार का शक्ति प्रदर्शन एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन, UGC विधेयक पर पुनर्विचार और स्थानीय रोजगार की मांग को लेकर सड़कों पर उतरा जनसैलाब, प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा 5 सूत्रीय ज्ञापन उमरिया। करणी सेना परिवार के बैनर तले मंगलवार को जिला मुख्यालय उमरिया में विशाल रैली एवं आंदोलन का आयोजन किया गया। करणी सेना के आह्वान पर जिलेभर से बड़ी संख्या में करणी सैनिकों, पदाधिकारियों, सदस्यों के साथ सर्व समाज के लोग एवं स्थानीय युवा आंदोलन में शामिल हुए। हजारों की संख्या में उमड़े जनसमूह से रैली मार्ग भगवा ध्वजों और नारों से गूंज उठा। भारी भीड़ के बीच निकली विशाल रैली ने शहर में संगठन की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। रैली श्री महाराणा प्रताप चौक से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची, जहां करणी सेना परिवार के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री महोदय के नाम जिला कलेक्टर को 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन, स्थानीय युवाओं को रोजगार, UGC विधेयक पर पुनर्विचार तथा उच्च शिक्षा में सुधार सहित महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। ज्ञापन में मांग की गई कि एट्रोसिटी एक्ट के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा निर्दोष नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की जाए। साथ ही जिले में आने वाले नए उद्योगों एवं बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं को नियमानुसार प्राथमिकता देकर रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। UGC से संबंधित प्रस्तावित कानून/विधेयक के विवादित प्रावधानों पर तत्काल पुनर्विचार किए जाने तथा उच्च शिक्षा में विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, पारदर्शिता एवं योग्यता को बनाए रखते हुए सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई। इस दौरान करणी सेना परिवार जिलाध्यक्ष राम सिंह बघेल ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति या समाज का नहीं, बल्कि युवाओं, शिक्षा और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि करणी सेना के आह्वान पर सर्व समाज के लोगों ने जिस एकजुटता के साथ सहभागिता की है, वह संगठन के प्रति विश्वास और सामाजिक एकता को दर्शाता है। सरकार को जनभावनाओं को गंभीरता से लेते हुए इन मांगों पर संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत शीघ्र उचित निर्णय लेना चाहिए। जिला प्रभारी जागेंद्र प्रताप सिंह मनोज ने कहा कि जिले के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे स्थानों पर भटकना न पड़े, इसके लिए जिले में स्थापित होने वाले उद्योगों में स्थानीय युवाओं को नियमानुसार रोजगार का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का जनसैलाब जनता की जागरूकता और अपने अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। जिला संयोजक शानवेंद्र सिंह बघेल ने कहा कि UGC विधेयक एवं अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर समाज में व्यापक चिंता है। उन्होंने कहा कि सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए विवादित प्रावधानों पर पुनर्विचार करना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। वहीं उमेश सिंह राजपूत ने कहा कि रैली में करणी सेना के साथ सर्व समाज के लोगों और युवाओं की बड़ी भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लोग अपने अधिकारों और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि संगठन हमेशा संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज उठाता रहेगा और सरकार को जनहित से जुड़े इन मुद्दों पर सकारात्मक पहल करनी चाहिए। संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार इन गंभीर मांगों पर संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत त्वरित और उचित निर्णय नहीं लेती है, तो आने वाले समय में करणी सेना परिवार आंदोलन को और व्यापक करने के लिए बाध्य होगा। उक्त आयोजन को सफल बनाने में राजकुमार चतुर्वेदी, अनिरुद्ध गुप्ता, पुष्पराज सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, ललन सिंह, मनीष सिंह, धनीराम सिंह, विनोद सिंह, राजेश सिंह पवार, हजारी सिंह, यशपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, हरपाल सिंह, रवि सिंह, सीताशरण सिंह सहित करणी सेना परिवार के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों एवं पंचगणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में करणी सैनिकों के साथ सर्व समाज के नागरिक एवं स्थानीय युवा उपस्थित रहे।1
- मध्य प्रदेश सरकार का मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव सख्त निर्देश अपराधी को बक्सा नहीं जाएगा सागर में आज हमारी पुलिस ने एनकाउंटर की कार्रवाई की है। हमारी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।कल भी अपराधियों के अवैध ठिकानों पर बुलडोजर कार्रवाई की गई थी। अपराध और अपराधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए हमारी सरकार में कोई जगह नहीं है। - *डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री*1