नशा मुक्त भारत अभियान के तहत 'नशा मुक्त भारत सप्ताह' के अवसर पर मधुबनी के समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में एक व्यापक जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी आनंद शर्मा और पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को नशा मुक्त समाज के निर्माण हेतु सामूहिक शपथ दिलाई। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए अत्यंत घातक है। उन्होंने युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखने और उन्हें सकारात्मक एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया, साथ ही सभी उपस्थित लोगों से नशा उन्मूलन के लिए जन-जागरूकता फैलाने और समाज में नशा के विरुद्ध वातावरण तैयार करने का आह्वान किया। पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने जोर देकर कहा कि नशे के खिलाफ अभियान केवल प्रशासनिक प्रयासों से सफल नहीं हो सकता; इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने लोगों से नशे के कारोबार और सेवन के विरुद्ध जागरूक रहने तथा प्रशासन को सहयोग करने की अपील की। कार्यक्रम में नशा मुक्ति केंद्र के संचालक, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (स्वास्थ्य), उत्पाद अधीक्षक तथा सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा ने नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों, इसके सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी नुकसानों, तथा नशा मुक्ति के उपायों पर विस्तार से अपने विचार प्रस्तुत किए। इस कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि पूर्व में नशे की लत का शिकार रहे और वर्तमान में उससे पूर्णतः मुक्त हो चुके व्यक्तियों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि दृढ़ इच्छाशक्ति, परिवार के सहयोग और नशा मुक्ति केंद्रों की सहायता से उन्होंने अपनी बुरी आदतों पर विजय प्राप्त की, जिससे उपस्थित लोगों को नशे से दूर रहने का प्रेरणादायक संदेश मिला। इस अवसर पर अपर समाहर्ता मुकेश रंजन, नशा मुक्ति केंद्र के संचालक, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (स्वास्थ्य), उत्पाद अधीक्षक विजय कुमार ठाकुर, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा नितेश पाठक, आंगनबाड़ी सेविकाएं, आशा कार्यकर्ता सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे। मधुबनी के जिलाधिकारी ने अंत में इस बात पर बल दिया कि नशा मुक्त समाज के निर्माण में जन भागीदारी ही सबसे बड़ी शक्ति है।
नशा मुक्त भारत अभियान के तहत 'नशा मुक्त भारत सप्ताह' के अवसर पर मधुबनी के समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में एक व्यापक जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी आनंद शर्मा और पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को नशा मुक्त समाज के निर्माण हेतु सामूहिक शपथ दिलाई। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए अत्यंत घातक है। उन्होंने युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखने और उन्हें सकारात्मक एवं
रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया, साथ ही सभी उपस्थित लोगों से नशा उन्मूलन के लिए जन-जागरूकता फैलाने और समाज में नशा के विरुद्ध वातावरण तैयार करने का आह्वान किया। पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने जोर देकर कहा कि नशे के खिलाफ अभियान केवल प्रशासनिक प्रयासों से सफल नहीं हो सकता; इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने लोगों से नशे के कारोबार और सेवन के विरुद्ध जागरूक रहने तथा प्रशासन को सहयोग करने की अपील की। कार्यक्रम
में नशा मुक्ति केंद्र के संचालक, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (स्वास्थ्य), उत्पाद अधीक्षक तथा सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा ने नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों, इसके सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी नुकसानों, तथा नशा मुक्ति के उपायों पर विस्तार से अपने विचार प्रस्तुत किए। इस कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि पूर्व में नशे की लत का शिकार रहे और वर्तमान में उससे पूर्णतः मुक्त हो चुके व्यक्तियों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि दृढ़ इच्छाशक्ति, परिवार के सहयोग और नशा मुक्ति केंद्रों की सहायता
से उन्होंने अपनी बुरी आदतों पर विजय प्राप्त की, जिससे उपस्थित लोगों को नशे से दूर रहने का प्रेरणादायक संदेश मिला। इस अवसर पर अपर समाहर्ता मुकेश रंजन, नशा मुक्ति केंद्र के संचालक, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (स्वास्थ्य), उत्पाद अधीक्षक विजय कुमार ठाकुर, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा नितेश पाठक, आंगनबाड़ी सेविकाएं, आशा कार्यकर्ता सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे। मधुबनी के जिलाधिकारी ने अंत में इस बात पर बल दिया कि नशा मुक्त समाज के निर्माण में जन भागीदारी ही सबसे बड़ी शक्ति है।
- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बिहारवासी नाखुश और दुखी बताए जा रहे हैं, जिसकी मुख्य वजह राज्य में लगातार हो रहे एनकाउंटर हैं। इस संबंध में भारत भूषण जी का जिक्र किया गया है, जिन्हें एक देशभक्त और गरीबों का मसीहा बताया गया है। बिहार में चल रहे विभिन्न मुद्दों और लगातार हो रही इन घटनाओं को देखते हुए, लोगों में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति गहरी नाराजगी है। बिहार के लोग सीएम से काफी दुखी हैं और आने वाले समय में राज्य में और क्या-क्या देखने को मिलेगा, इस बात को लेकर भी चिंता जताई गई है। पाठकों से इस खबर को लाइक, कमेंट और शेयर करने का आग्रह किया गया है।1
- मुहर्रम के पर्व से पहले मधुबनी जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट पर है और शांति तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठा रहा है। इसी क्रम में, प्रशासन ने जिले भर से 158 डीजे जब्त किए हैं। जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) ने स्वयं फ्लैग मार्च का नेतृत्व कर लोगों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था का सम्मान करने की अपील की है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि बिना लाइसेंस के निकाले जाने वाले किसी भी जुलूस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा ट्रस्ट परशुराम सेवा संस्थान ने सौराठ सभागाछी की पावन धरती पर अपना 20वां स्थापना दिवस बड़ी भव्यता और गरिमा के साथ मनाया। इस अवसर को समाज सेवा, संस्कृति संरक्षण और एकता के अद्भुत संगम के रूप में चिह्नित किया गया।1
- नशा मुक्त भारत अभियान के तहत 'नशा मुक्त भारत सप्ताह' के अवसर पर मधुबनी के समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में एक व्यापक जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी आनंद शर्मा और पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को नशा मुक्त समाज के निर्माण हेतु सामूहिक शपथ दिलाई। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए अत्यंत घातक है। उन्होंने युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखने और उन्हें सकारात्मक एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया, साथ ही सभी उपस्थित लोगों से नशा उन्मूलन के लिए जन-जागरूकता फैलाने और समाज में नशा के विरुद्ध वातावरण तैयार करने का आह्वान किया। पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने जोर देकर कहा कि नशे के खिलाफ अभियान केवल प्रशासनिक प्रयासों से सफल नहीं हो सकता; इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने लोगों से नशे के कारोबार और सेवन के विरुद्ध जागरूक रहने तथा प्रशासन को सहयोग करने की अपील की। कार्यक्रम में नशा मुक्ति केंद्र के संचालक, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (स्वास्थ्य), उत्पाद अधीक्षक तथा सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा ने नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों, इसके सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी नुकसानों, तथा नशा मुक्ति के उपायों पर विस्तार से अपने विचार प्रस्तुत किए। इस कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि पूर्व में नशे की लत का शिकार रहे और वर्तमान में उससे पूर्णतः मुक्त हो चुके व्यक्तियों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि दृढ़ इच्छाशक्ति, परिवार के सहयोग और नशा मुक्ति केंद्रों की सहायता से उन्होंने अपनी बुरी आदतों पर विजय प्राप्त की, जिससे उपस्थित लोगों को नशे से दूर रहने का प्रेरणादायक संदेश मिला। इस अवसर पर अपर समाहर्ता मुकेश रंजन, नशा मुक्ति केंद्र के संचालक, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (स्वास्थ्य), उत्पाद अधीक्षक विजय कुमार ठाकुर, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा नितेश पाठक, आंगनबाड़ी सेविकाएं, आशा कार्यकर्ता सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे। मधुबनी के जिलाधिकारी ने अंत में इस बात पर बल दिया कि नशा मुक्त समाज के निर्माण में जन भागीदारी ही सबसे बड़ी शक्ति है।4
- जयनगर में मुहर्रम के अवसर पर एक भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। इस दौरान श्रद्धा, अनुशासन और आपसी भाईचारे का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में जयनगर थाना अध्यक्ष रमन कुमार, डीएसपी सदानंद कुमार, बेलही पश्चिम पंचायत के सरपंच जहांगीर हाशमी, राजद के जिला सचिव जाकिर हुसैन और जयनगर लाइव के पत्रकार पप्पू पूर्वे सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। प्रशासन ने जुलूस को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। अधिकारियों ने लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील भी की। मुहर्रम का यह जुलूस आपसी एकता और भाईचारे का महत्वपूर्ण संदेश देता नजर आया।4
- दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखंड में पेयजल की स्वच्छता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक ओर जहां प्रखंड प्रशासन ने 23 पंचायतों को लोहिया स्वच्छता अभियान का पाठ पढ़ाने का जिम्मा उठाया है, वहीं दूसरी ओर बहादुरपुर प्रखंड में पीने का पानी भी स्वच्छ नहीं है। इस विरोधाभासी स्थिति से प्रशासन की घोर लापरवाही उजागर हुई है।1
- मधुबनी जिले के भैरवस्थान थानाक्षेत्र के नारायणपुर चौक पर एक अनोखे बाइक चोर को रंगे हाथों पकड़ा गया। यह घटना उस समय सामने आई जब एक युवक बाइक चुराने की कोशिश कर रहा था, जिसे खुद बाइक चलाना भी नहीं आता था। वाहन मालिक ने उस युवक को बाइक ले जाते हुए देख लिया और बिना आगे-पीछे देखे, उसे भागकर पकड़ लिया। इस मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि वह युवक कौन था, कहां का रहने वाला था, भैरवस्थान थानाक्षेत्र में क्यों आया था, और उसने भीड़-भाड़ वाले बाजार में किसी और दुकान की बजाय उसी दुकान से चोरी करने का प्रयास क्यों किया। इस पूरे मामले का माजरा जानने का प्रयास किया जा रहा है।1
- शुरू ऐप पर एक नए उपयोगकर्ता ने अपनी पहली उपस्थिति दर्ज कराते हुए दर्शकों से समर्थन और प्यार की अपील की है। उन्होंने बताया कि वे इस प्लेटफॉर्म पर खबरें आप तक पहुंचाने के लिए आए हैं और उन्होंने सभी से लाइक, कमेंट और शेयर के माध्यम से सहयोग करने का आग्रह किया है।1