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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंततः एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें ईरान द्वारा लगाई गई 14 शर्तें शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता अमेरिका के सुपरपावर दर्जे को कम कर सकता है और एक नए विश्व व्यवस्था के उद्भव का संकेत है, जिसकी धुरी चीन होगा और रूस तथा ईरान उसके सहयोगी होंगे। हालांकि, ऐसी आशंका है कि इजरायल इस 'अपमानजनक' समझौते को सफल नहीं होने देगा। अपनी सुरक्षा के लिए इजरायल लगातार लेबनान पर हमले करता रहेगा। विदेशी मामलों के एक जानकार के अनुसार, इस स्थिति में अगस्त में एक और लड़ाई छिड़ सकती है, जो पहले हुई किसी भी लड़ाई से कहीं अधिक भीषण होगी।
Ahmed Siraj Farooqi
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंततः एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें ईरान द्वारा लगाई गई 14 शर्तें शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता अमेरिका के सुपरपावर दर्जे को कम कर सकता है और एक नए विश्व व्यवस्था के उद्भव का संकेत है, जिसकी धुरी चीन होगा और रूस तथा ईरान उसके सहयोगी होंगे। हालांकि, ऐसी आशंका है कि इजरायल इस 'अपमानजनक' समझौते को सफल नहीं होने देगा। अपनी सुरक्षा के लिए इजरायल लगातार लेबनान पर हमले करता रहेगा। विदेशी मामलों के एक जानकार के अनुसार, इस स्थिति में अगस्त में एक और लड़ाई छिड़ सकती है, जो पहले हुई किसी भी लड़ाई से कहीं अधिक भीषण होगी।
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- पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक डील साइन करने की घोषणा की है, जिसके बाद उन्होंने मीडिया से भी बातचीत की। इस खबर के साथ ही, ईरान पर थोपे गए युद्ध के बाद से अमेरिका को झेलने पड़े अपमानजनक हालात और आर्थिक नुकसान पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान युद्ध के कारण अमेरिका के कई आधुनिक एयरक्राफ्ट नष्ट हो गए और उसे भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी। इसमें टिप्पणी की गई है कि इस लड़ाई ने "शक्ति के अहंकार में चूर दुनिया के दारोगा" (दुनिया की एक बड़ी शक्ति) के घमंड को रेत की दीवार की तरह ढहा दिया। यह निष्कर्ष भी निकाला जा रहा है कि अमेरिका अब सुपर पावर नहीं रहा। पोस्ट में आशंका जताई गई है कि इस स्थिति के बाद मोसाद और आईएसआई का खेल शुरू हो सकता है, और डोनाल्ड ट्रंप को भी रास्ते से हटाया जा सकता है।1
- लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को राजस्थान के कोटा स्थित दशहरा मैदान में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों और युवाओं से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं के बढ़ते दबाव और पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह मंच छात्रों और युवाओं की आवाज उठाने के लिए है, न कि कोई राजनीतिक कार्यक्रम। अपने संबोधन में, राहुल गांधी ने देश की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था को छात्रों पर अत्यधिक दबाव डालने वाला बताया, जिससे युवा मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि देश में पांच प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर लगभग 5 लाख करोड़ रुपये खर्च होते हैं, जो कई केंद्रीय मंत्रालयों के संयुक्त बजट के बराबर है। राहुल गांधी ने पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित अव्यवस्थाओं का जिक्र करते हुए कहा कि लाखों छात्रों का भविष्य कुप्रबंधन और भ्रष्ट व्यवस्था के कारण दांव पर लगा है। उन्होंने युवाओं की इन समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का आश्वासन भी दिया। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने करीब 45 मिनट में केवल पांच छात्रों और उनके परिजनों से ही बातचीत की। नीट परीक्षा से संबंधित मुद्दों पर भी उनका वक्तव्य सीमित रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, लेकिन नीट अभ्यर्थियों और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों की संख्या कम रही, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की उपस्थिति अधिक थी।4
- कोटा के दशहरा मैदान स्थित श्रीराम रंगमंच पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का छात्र संवाद कार्यक्रम 'छात्रों की गूंज' शुरू हो गया है। कार्यक्रम की शुरुआत रैप सॉन्ग के साथ लश्करी बैंड की प्रस्तुतियों से हुई, जिसमें स्टूडेंट्स और युवा बड़ी संख्या में पहुंचे हैं, जिससे श्रीराम रंगमंच लगभग पूरा भर गया है। थोड़ी देर में राहुल गांधी छात्रों के साथ सीधा संवाद शुरू करेंगे।2
- बूंदी के जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव ने मानसून के दौरान शहर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नालों की सफाई और हुडको ऋण से प्रस्तावित कार्यों का जायजा लिया। उनके इस 'नायक' फिल्म जैसे अंदाज को लोग पसंद कर रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने पैदल ही दौरा शुरू किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सफाई कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला कलेक्टर ने आयुक्त को अगले 10 दिनों में नालों से प्लास्टिक कचरा साफ करने और 2 दिन के भीतर नालों से निकले कचरे को उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने सिविल कार्य वाले स्थानों पर व्यवस्थाएं भी जल्द पूरी करने को कहा। कलेक्टर ने नगर परिषद से छत्रपुरा तक पैदल दौरा कर छत्रपुरा नाले का जायजा लिया और सफाई निरीक्षक को लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे कचरा नालों में न डालकर कचरा गाड़ी में ही डालें। उनके निरीक्षण के बाद जेसीबी से नालों की सफाई शुरू हो चुकी है। इस दौरान उपखंड अधिकारी लक्ष्मीकांत मीणा, आयुक्त ब्रजेश राय, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल, कनिष्ठ अभियंता जोधराज मीणा और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।1
- पीपल्दा में स्वच्छ भारत कि उड़ती दिखाई दीं धज्जियां जगह-जगह गंदगी के ढेर मोड़क के पीपल्दा पंचायत में स्वच्छ अभियान सिर्फ मज़ाक बनकर रह गया हर महीने लाखों रुपए खर्च करने के बावजूद गांव कि गली मोहल्ले सड़क किनारे बने नालियों में गंदगी भरी हुई है वहीं जगह जगह कचरे के ढेर लगे जिन्हें उठाने वाला कोई नहीं महिलाएं खुले में कचरा डालने को मजबूर बारिश का दौर शुरू हो गया और नालियों कि अब तक नहीं हुएं जिसके कारण सड़क किनारे पर गंदगी के ढेर लगें पड़े हैं4
- धौलपुर में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 24 अवैध आरा मशीनें जब्त,#rajasthan #dholpur_news #latestupdate धौलपुर में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 24 अवैध आरा मशीनें जब्त,#rajasthan #dholpur_news #latestupdate1
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंततः एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें ईरान द्वारा लगाई गई 14 शर्तें शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता अमेरिका के सुपरपावर दर्जे को कम कर सकता है और एक नए विश्व व्यवस्था के उद्भव का संकेत है, जिसकी धुरी चीन होगा और रूस तथा ईरान उसके सहयोगी होंगे। हालांकि, ऐसी आशंका है कि इजरायल इस 'अपमानजनक' समझौते को सफल नहीं होने देगा। अपनी सुरक्षा के लिए इजरायल लगातार लेबनान पर हमले करता रहेगा। विदेशी मामलों के एक जानकार के अनुसार, इस स्थिति में अगस्त में एक और लड़ाई छिड़ सकती है, जो पहले हुई किसी भी लड़ाई से कहीं अधिक भीषण होगी।1
- आज शाम कोटा के दशहरा रंगमंच पर कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों से संवाद किया। उन्होंने राजनीति से हटकर पूरी तरह छात्रों की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया और 'जेन ज़ी' के साथ बातचीत की। इस दौरान राहुल गांधी ने छात्रों के भावी भविष्य और आज के मौजूदा हालातों पर विस्तृत चर्चा की।1
- कोटा में राहुल गांधी द्वारा आयोजित छात्र संवाद कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ी। इस रैली में छात्रों और अन्य लोगों की बड़ी संख्या में उपस्थिति दर्ज की गई, जिससे कार्यक्रम स्थल पर काफी गहमागहमी देखने को मिली।3