झांसी गुरसराय अस्पताल में जनऔषधि केंद्र पर सवाल झांसी जिले के गुरसराय से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। झांसी गुरसराय अस्पताल में जनऔषधि केंद्र पर सवाल झांसी जिले के गुरसराय से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। जहां गरीबों को सस्ती दवाएं देने के लिए खोला गया जनऔषधि केंद्र ही अब सवालों के घेरे में है। आरोप है कि यहां मरीजों को सस्ती जनऔषधि दवाएं देने के बजाय महंगी अंग्रेजी दवाएं थमाई जा रही हैं। क्या गरीबों की सुविधा के नाम पर हो रहा है खेल? देखिए ये खास रिपोर्ट? मामला झांसी जिले के गुरसराय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है। जहां सरकार द्वारा गरीब और असहाय लोगों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जनऔषधि केंद्र खोला गया था। लेकिन अब आरोप है कि केंद्र संचालक अपने निजी लाभ के लिए मरीजों को जनऔषधि की सस्ती दवाएं न देकर महंगी अंग्रेजी दवाएं बेच रहा है… स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाओं के बावजूद जनऔषधि केंद्र से उन्हें वैकल्पिक महंगी दवाएं लेने के लिए मजबूर किया जाता है… जिससे गरीब मरीजों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है और सरकार की मंशा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि चिकित्सा प्रभारी डॉ. ओ.पी. राठौर ने कहा मामले की जानकारी मिली है। जांच कराई जाएगी अगर कोई अनियमितता पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री जनऔषधि योजना का उद्देश्य ही यह है कि आम जनता को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराई जाएं। लेकिन अगर इसी योजना के तहत संचालित केंद्रों में इस तरह की अनियमितताएं सामने आती हैं। तो यह न सिर्फ योजना की साख पर सवाल खड़े करता है बल्कि जरूरतमंद लोगों के साथ अन्याय भी है। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है। और क्या गरीबों को उनका हक मिल पाएगा या नहीं।
झांसी गुरसराय अस्पताल में जनऔषधि केंद्र पर सवाल झांसी जिले के गुरसराय से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। झांसी गुरसराय अस्पताल में जनऔषधि केंद्र पर सवाल झांसी जिले के गुरसराय से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। जहां गरीबों को सस्ती दवाएं देने के लिए खोला गया जनऔषधि केंद्र ही अब सवालों के घेरे में है। आरोप है कि यहां मरीजों को सस्ती जनऔषधि दवाएं देने के बजाय महंगी अंग्रेजी दवाएं थमाई जा रही हैं। क्या गरीबों की सुविधा के नाम पर हो रहा है खेल? देखिए ये खास रिपोर्ट? मामला झांसी जिले के गुरसराय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य
केंद्र का है। जहां सरकार द्वारा गरीब और असहाय लोगों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जनऔषधि केंद्र खोला गया था। लेकिन अब आरोप है कि केंद्र संचालक अपने निजी लाभ के लिए मरीजों को जनऔषधि की सस्ती दवाएं न देकर महंगी अंग्रेजी दवाएं बेच रहा है… स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाओं के बावजूद जनऔषधि केंद्र से उन्हें वैकल्पिक महंगी दवाएं लेने के लिए मजबूर किया जाता है… जिससे गरीब मरीजों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है और सरकार की मंशा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि चिकित्सा प्रभारी डॉ. ओ.पी.
राठौर ने कहा मामले की जानकारी मिली है। जांच कराई जाएगी अगर कोई अनियमितता पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री जनऔषधि योजना का उद्देश्य ही यह है कि आम जनता को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराई जाएं। लेकिन अगर इसी योजना के तहत संचालित केंद्रों में इस तरह की अनियमितताएं सामने आती हैं। तो यह न सिर्फ योजना की साख पर सवाल खड़े करता है बल्कि जरूरतमंद लोगों के साथ अन्याय भी है। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है। और क्या गरीबों को उनका हक मिल पाएगा या नहीं।
- Post by Hemant Kumar Gupta1
- jhansi police ssp jhansi bbgtsmurthy ips के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही- थाना नवाबाद पुलिस द्वारा कूटरचित दस्तावेजो से फर्जी कम्पनी का रजिस्ट्रेशन कराकर जीएसटी टैक्स / लाभ प्राप्त करके करीब 01 करोड़ रू0 की राजकीय क्षति करने वाले गैंग का पर्दाफाश (1/2) व एक अभियुक्त गिरफ्तार प्रकरण में की जा रही अग्रेतर कार्यवाही के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक साइबर श्रीमती अरीबा नोमान की वीडियो बाइट1
- Post by S News1
- Post by Abhishek Jain1
- झांसी। महानगर के थाना शहर कोतवाली क्षेत्र से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। आरोप है कि एक सिपाही ने पड़ोसी किराएदार के साथ मारपीट की। जब मकान मालकिन वीडियो बनाने लगी तो सिपाही भड़क उठा और मोबाइल छीनकर महिला को थप्पड़ जड़ दिया। अब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अब बड़ा सवाल ये हैं कि क्या इस वर्दीधारी पर कार्रवाई होगी।1
- Post by Mohammad Irshad2
- झांसी गुरसराय अस्पताल में जनऔषधि केंद्र पर सवाल झांसी जिले के गुरसराय से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। जहां गरीबों को सस्ती दवाएं देने के लिए खोला गया जनऔषधि केंद्र ही अब सवालों के घेरे में है। आरोप है कि यहां मरीजों को सस्ती जनऔषधि दवाएं देने के बजाय महंगी अंग्रेजी दवाएं थमाई जा रही हैं। क्या गरीबों की सुविधा के नाम पर हो रहा है खेल? देखिए ये खास रिपोर्ट? मामला झांसी जिले के गुरसराय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है। जहां सरकार द्वारा गरीब और असहाय लोगों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जनऔषधि केंद्र खोला गया था। लेकिन अब आरोप है कि केंद्र संचालक अपने निजी लाभ के लिए मरीजों को जनऔषधि की सस्ती दवाएं न देकर महंगी अंग्रेजी दवाएं बेच रहा है… स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाओं के बावजूद जनऔषधि केंद्र से उन्हें वैकल्पिक महंगी दवाएं लेने के लिए मजबूर किया जाता है… जिससे गरीब मरीजों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है और सरकार की मंशा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि चिकित्सा प्रभारी डॉ. ओ.पी. राठौर ने कहा मामले की जानकारी मिली है। जांच कराई जाएगी अगर कोई अनियमितता पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री जनऔषधि योजना का उद्देश्य ही यह है कि आम जनता को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराई जाएं। लेकिन अगर इसी योजना के तहत संचालित केंद्रों में इस तरह की अनियमितताएं सामने आती हैं। तो यह न सिर्फ योजना की साख पर सवाल खड़े करता है बल्कि जरूरतमंद लोगों के साथ अन्याय भी है। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है। और क्या गरीबों को उनका हक मिल पाएगा या नहीं।3
- Post by Abhishek Jain1