लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड के महसौरा गांव में मंगलवार को आयोजित बिहार सरकार का भंवरिया सहयोग शिविर विफल रहा, जिससे जनता में भारी नाराजगी है। भंवरिया पंचायत के उच्च विद्यालय प्रांगण में 17 विभागों के स्टॉल लगाए गए थे, लेकिन दिनभर में केवल 15 नए आवेदन ही जमा हुए, जिससे शिविर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ गए हैं। लोगों की सबसे बड़ी शिकायत यह रही कि प्रभारी सचिव शिविर में नहीं पहुंचे, जिसके कारण घंटों इंतजार के बाद ग्रामीण मायूस होकर लौट गए। शिविर का शुभारंभ सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी अतुल कुमार सहित बीडीओ अभिषेक कुमार, सीओ निशांत कुमार, बीसीओ निप्पु लाल वर्मा, बीएओ चंद्र प्रकाश मिश्रा, कल्याण पदाधिकारी सुधीर कुमार, मुखिया सुधा देवी और पैक्स अध्यक्ष रंजन कुमार मोहन ने दीप जलाकर धूमधाम से किया था। मुखिया और पैक्स अध्यक्ष ने अधिकारियों को गुलदस्ता देकर सम्मानित भी किया, लेकिन उद्घाटन के बाद शिविर का उत्साह ठंडा पड़ गया। बीडीओ अभिषेक कुमार के अनुसार, शिविर में कुल 118 आवेदन आए थे, जिनमें से 71 का निष्पादन किया गया और 47 लंबित हैं, जिन्हें 30 दिन में निपटाने का दावा किया गया है। हालांकि, हैरानी की बात यह है कि शिविर के दिन 17 विभागों के काउंटरों पर केवल 15 नए आवेदन ही जमा हुए। दरअसल, शिविर से पहले ही 15 जून तक पंचायत कार्यालय में काउंटर लगाकर 103 आवेदन लिए जा चुके थे, जिनमें से 71 का निपटारा पहले ही हो गया था। जनता को सबसे अधिक निराशा प्रभारी सचिव के न पहुंचने से हुई, क्योंकि बीडीओ ने पहले ही सूचना दी थी कि लखीसराय के प्रभारी सचिव आकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे, लेकिन व्यस्तता का हवाला देते हुए वे नहीं पहुंचे, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश फैल गया। नाराज ग्रामीणों को समझाते हुए बीडीओ अभिषेक कुमार ने आश्वासन दिया कि शिविर के बाद भी जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित किसी भी समस्या के लिए सीधे कार्यालय आ सकते हैं, जहाँ त्वरित समाधान किया जाएगा। इन सबके बावजूद, 17 विभागों के स्टॉल पर मात्र 15 नए आवेदनों का आना स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि इस सहयोग शिविर पर जनता का भरोसा डगमगा गया है।
लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड के महसौरा गांव में मंगलवार को आयोजित बिहार सरकार का भंवरिया सहयोग शिविर विफल रहा, जिससे जनता में भारी नाराजगी है। भंवरिया पंचायत के उच्च विद्यालय प्रांगण में 17 विभागों के स्टॉल लगाए गए थे, लेकिन दिनभर में केवल 15 नए आवेदन ही जमा हुए, जिससे शिविर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ गए हैं। लोगों की सबसे बड़ी शिकायत यह रही कि प्रभारी सचिव शिविर में नहीं पहुंचे, जिसके कारण घंटों इंतजार के बाद ग्रामीण मायूस होकर लौट गए। शिविर का शुभारंभ सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी अतुल कुमार सहित बीडीओ अभिषेक कुमार, सीओ निशांत कुमार, बीसीओ निप्पु लाल वर्मा, बीएओ चंद्र प्रकाश मिश्रा, कल्याण पदाधिकारी सुधीर कुमार, मुखिया सुधा देवी और पैक्स अध्यक्ष रंजन कुमार मोहन ने दीप जलाकर धूमधाम से किया था। मुखिया और पैक्स अध्यक्ष ने अधिकारियों को गुलदस्ता देकर सम्मानित भी किया, लेकिन उद्घाटन के बाद शिविर का उत्साह ठंडा पड़ गया। बीडीओ अभिषेक कुमार के अनुसार, शिविर में कुल 118 आवेदन आए थे, जिनमें से 71 का निष्पादन किया गया और 47 लंबित हैं, जिन्हें 30 दिन में निपटाने का दावा किया गया है। हालांकि, हैरानी की बात यह है कि शिविर के दिन 17 विभागों के काउंटरों पर केवल 15 नए आवेदन ही जमा हुए। दरअसल, शिविर से पहले ही 15 जून तक पंचायत कार्यालय में काउंटर लगाकर 103 आवेदन लिए जा चुके थे, जिनमें से 71 का निपटारा पहले ही हो गया था। जनता को सबसे अधिक निराशा प्रभारी सचिव के न पहुंचने से हुई, क्योंकि बीडीओ ने पहले ही सूचना दी थी कि लखीसराय के प्रभारी सचिव आकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे, लेकिन व्यस्तता का हवाला देते हुए वे नहीं पहुंचे, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश फैल गया। नाराज ग्रामीणों को समझाते हुए बीडीओ अभिषेक कुमार ने आश्वासन दिया कि शिविर के बाद भी जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित किसी भी समस्या के लिए सीधे कार्यालय आ सकते हैं, जहाँ त्वरित समाधान किया जाएगा। इन सबके बावजूद, 17 विभागों के स्टॉल पर मात्र 15 नए आवेदनों का आना स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि इस सहयोग शिविर पर जनता का भरोसा डगमगा गया है।
- जमुई जिले में तीन दिवसीय प्रखंड सहयोग-सह-जन कल्याण शिविर का विधिवत शुभारंभ हो गया है। इन शिविरों का आयोजन जिले के सभी 10 प्रखंडों के साथ-साथ 20 पंचायतों और 12 शहरी वार्डों में भी किया गया है, जहाँ हजारों लोगों ने विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया। शिविरों में आयुष्मान कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान सम्मान निधि, पीएम स्वनिधि, मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, छात्रवृत्ति और दिव्यांग कल्याण जैसी अनेक योजनाओं से संबंधित आवेदन स्वीकार किए गए और पात्र लाभार्थियों को लाभ प्रदान किया गया। जिला पदाधिकारी नवीन और पुलिस अधीक्षक ने गिद्धौर तथा लक्ष्मीपुर प्रखंडों में लगाए गए शिविरों का स्वयं निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने सीधे लाभुकों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों को उनके त्वरित समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए। जिला प्रशासन ने अभी तक शिविर में नहीं पहुंच पाए लोगों से अपील की है कि वे 17 और 18 जून को आयोजित होने वाले जन-कल्याण शिविर में पहुंचकर सरकारी योजनाओं का लाभ अवश्य प्राप्त करें।1
- माननीय लालू यादव जी को बचपन से देखने वाली एक महिला ने उनके प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की है, विशेषकर गरीबों के उत्थान में उनके योगदान के लिए। महिला ने बताया कि 'लालू चाचा' ने गरीब और वंचित लोगों के लिए बहुत काम किए हैं। उन्होंने उस समय को याद किया जब पहले कुछ लोग गरीबों को खटिया पर भी बैठने नहीं देते थे, और इस स्थिति को बदलने में लालू यादव जी की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।1
- इंडियन इंक्लूसिव पार्टी की प्रदेश स्तरीय विशेष बैठक बिहार राज्य पंचायत परिषद भवन, पटना में राष्ट्रीय अध्यक्ष और सहरसा विधायक ई० आई० पी० गुप्ता जी के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस आयोजन में बिहार के विभिन्न जिलों से पार्टी के जिलाध्यक्षों और प्रदेश पदाधिकारियों ने भाग लिया। इस बैठक के दौरान, शंभू कुमार को 'सर्वश्रेष्ठ जिलाध्यक्ष' के सम्मान से नवाजा गया।1
- पल्लवी सिंह के साथ काम करने के बाद पारुल माही ने क्या बयान दिया, यह जानने के लिए कहा गया है। इस संबंध में उनका पूरा बयान प्रस्तुत करने की बात कही गई है।1
- जमुई में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और लायंस क्लब ने मिलकर एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया। इस शिविर के दौरान कुल 15 यूनिट रक्त का दान किया गया, जिसके माध्यम से आयोजकों ने लोगों को रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूक किया। जिलाधिकारी (DM) ने इस रक्तदान शिविर का औपचारिक रूप से शुभारंभ किया।1
- लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड के महसौरा गांव में मंगलवार को आयोजित बिहार सरकार का भंवरिया सहयोग शिविर विफल रहा, जिससे जनता में भारी नाराजगी है। भंवरिया पंचायत के उच्च विद्यालय प्रांगण में 17 विभागों के स्टॉल लगाए गए थे, लेकिन दिनभर में केवल 15 नए आवेदन ही जमा हुए, जिससे शिविर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ गए हैं। लोगों की सबसे बड़ी शिकायत यह रही कि प्रभारी सचिव शिविर में नहीं पहुंचे, जिसके कारण घंटों इंतजार के बाद ग्रामीण मायूस होकर लौट गए। शिविर का शुभारंभ सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी अतुल कुमार सहित बीडीओ अभिषेक कुमार, सीओ निशांत कुमार, बीसीओ निप्पु लाल वर्मा, बीएओ चंद्र प्रकाश मिश्रा, कल्याण पदाधिकारी सुधीर कुमार, मुखिया सुधा देवी और पैक्स अध्यक्ष रंजन कुमार मोहन ने दीप जलाकर धूमधाम से किया था। मुखिया और पैक्स अध्यक्ष ने अधिकारियों को गुलदस्ता देकर सम्मानित भी किया, लेकिन उद्घाटन के बाद शिविर का उत्साह ठंडा पड़ गया। बीडीओ अभिषेक कुमार के अनुसार, शिविर में कुल 118 आवेदन आए थे, जिनमें से 71 का निष्पादन किया गया और 47 लंबित हैं, जिन्हें 30 दिन में निपटाने का दावा किया गया है। हालांकि, हैरानी की बात यह है कि शिविर के दिन 17 विभागों के काउंटरों पर केवल 15 नए आवेदन ही जमा हुए। दरअसल, शिविर से पहले ही 15 जून तक पंचायत कार्यालय में काउंटर लगाकर 103 आवेदन लिए जा चुके थे, जिनमें से 71 का निपटारा पहले ही हो गया था। जनता को सबसे अधिक निराशा प्रभारी सचिव के न पहुंचने से हुई, क्योंकि बीडीओ ने पहले ही सूचना दी थी कि लखीसराय के प्रभारी सचिव आकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे, लेकिन व्यस्तता का हवाला देते हुए वे नहीं पहुंचे, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश फैल गया। नाराज ग्रामीणों को समझाते हुए बीडीओ अभिषेक कुमार ने आश्वासन दिया कि शिविर के बाद भी जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित किसी भी समस्या के लिए सीधे कार्यालय आ सकते हैं, जहाँ त्वरित समाधान किया जाएगा। इन सबके बावजूद, 17 विभागों के स्टॉल पर मात्र 15 नए आवेदनों का आना स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि इस सहयोग शिविर पर जनता का भरोसा डगमगा गया है।1
- जमुई शहर के व्यस्त कचहरी चौक के समीप मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब तेज गर्मी के बीच खड़ी एक पल्सर बाइक में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते बाइक से धुआं निकलने लगा और कुछ ही देर में आग की लपटों ने उसे पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया, जिससे बाइक धू-धू कर जलने लगी और मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए तत्काल अग्निशमन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। दमकल कर्मियों की त्वरित कार्रवाई के कारण आग आसपास के वाहनों और दुकानों तक नहीं फैल सकी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क किनारे खड़ी बाइक से भीषण गर्मी के बीच अचानक धुआं निकलना शुरू हुआ और कुछ ही क्षणों में उसमें आग लग गई। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन बाइक पूरी तरह जलकर खाक हो गई। घटना के बाद कुछ समय के लिए कचहरी चौक पर लोगों की भीड़ जुट गई और यातायात भी प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों ने अग्निशमन विभाग की इस तत्परता की सराहना की है।1