पटना जिले के बाढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत गौरक्षिणी के पास शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां स्कूल जा रही एक शिक्षिका को तेज रफ्तार पिकअप ने जोरदार टक्कर मार दी। इस घटना के बाद आरोपी चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया, जिससे स्थानीय स्तर पर भारी अफरा-तफरी मच गई। घायल शिक्षिका की पहचान बनारसीघाट दुर्गास्थान निवासी वंदना कुमारी के रूप में हुई है, जो गोपाल पंडित की पत्नी हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने फौरन शिक्षिका को बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल पहुँचाया। वहां प्राथमिक उपचार के उपरांत उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया है। इस हादसे के बाद परिजनों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक बाढ़ थाना में इस मामले को लेकर कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं की गई है। थाना अध्यक्ष ने बताया कि उन्हें घटना की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है, लेकिन शिकायत प्राप्त होते ही मामले की जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पटना जिले के बाढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत गौरक्षिणी के पास शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां स्कूल जा रही एक शिक्षिका को तेज रफ्तार पिकअप ने जोरदार टक्कर मार दी। इस घटना के बाद आरोपी चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया, जिससे स्थानीय स्तर पर भारी अफरा-तफरी मच गई। घायल शिक्षिका की पहचान बनारसीघाट दुर्गास्थान निवासी वंदना कुमारी के रूप में हुई है, जो गोपाल पंडित की पत्नी हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने फौरन शिक्षिका को बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल पहुँचाया। वहां प्राथमिक उपचार के उपरांत उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया है। इस हादसे के बाद परिजनों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक बाढ़ थाना में इस मामले को लेकर कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं की गई है। थाना अध्यक्ष ने बताया कि उन्हें घटना की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है, लेकिन शिकायत प्राप्त होते ही मामले की जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल अंतर्गत बेलछी गांव में शुक्रवार को हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में अंचल प्रशासन ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान गैरमजरूआ जमीन पर बने कई मकानों को जेसीबी मशीनों से ध्वस्त कर दिया गया। मौके पर किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल और महिला पुलिस बल की तैनाती की गई थी। कार्रवाई के दौरान अपने आशियाने उजड़ते देख स्थानीय परिवारों में कोहराम मच गया। प्रभावित महिलाओं और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल रहा और उन्होंने प्रशासन से बुलडोजर की कार्रवाई रोकने की गुहार लगाई, लेकिन प्रशासन हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए अभियान में जुटा रहा। कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने विरोध भी जताया, जिसे पुलिस बल की मौजूदगी में नियंत्रित किया गया। प्रभावित परिवारों का आरोप है कि वे पिछले 60 से 70 वर्षों से इस जमीन पर बसे हुए थे और सरकार की ओर से पहले यह कहा गया था कि 40 वर्षों से अधिक समय से रह रहे लोगों के घरों पर ऐसी कार्रवाई नहीं होगी। अब बरसात के मौसम में परिवार के सामने रहने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बेघर हुए लोगों ने मानवीय आधार पर सरकार से राहत और पुनर्वास की मांग करते हुए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है।1
- मोकामा रेफरल अस्पताल में पहली ही बारिश ने विकास के दावों की पोल खोल दी है। अस्पताल की इमारत के भीतर पानी इस कदर रिस रहा है कि वार्डों और गलियारों में जलभराव की स्थिति बन गई है। मरीज इलाज के बजाय बारिश से बचने के लिए मजबूर हैं, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सवाल यह है कि क्या जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार विभागों ने कभी इस अस्पताल की बदहाली को देखा है। मानसून की शुरुआत में ही यह स्थिति तब है, जबकि अभी पूरा मानसून बाकी है। मरीजों और उनके परिजनों की चिंता है कि आखिर इलाज के साथ-साथ उन्हें कब तक टपकती छतों और जलभराव के बीच समय बिताना पड़ेगा। अब जनता की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि केवल बयानबाजी करेंगे या इस व्यवस्था को सुधारने के लिए कोई ठोस कदम उठाएंगे।1
- वैशाली जिले के महनार अंतर्गत बांकीपुर में नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थानीय चुनावी समीकरण पूरी तरह से बदल गए हैं। इस राजनीतिक हलचल के कारण क्षेत्र में सरगर्मी काफी बढ़ गई है।1
- समस्तीपुर के समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा की अध्यक्षता में एक जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए आम नागरिकों ने अपनी समस्याओं और मांगों से संबंधित आवेदन जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए। जन संवाद के दौरान भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, अतिक्रमण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और राजस्व से जुड़े विभिन्न जनहित के मामलों को सुना गया। जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने सभी आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को मामलों का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का स्पष्ट निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जन समस्याओं का त्वरित समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे प्राप्त आवेदनों का नियमित अनुश्रवण करें और की गई कार्रवाई की जानकारी आवेदकों को भी उपलब्ध कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि जो मामले स्थानीय स्तर पर हल हो सकते हैं, उनका तत्काल निष्पादन किया जाए और जटिल मामलों में विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। इस अवसर पर अपर समाहर्ता ब्रजेश कुमार, जिला पंचायत राज पदाधिकारी विष्णु देव मंडल और राजस्व प्रभारी धर्मराज सहित अन्य विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। उपस्थित सभी संबंधित अधिकारियों ने प्राप्त आवेदनों के त्वरित निष्पादन हेतु आवश्यक कार्रवाई शुरू करने का आश्वासन दिया है।3
- पटना जिले के बाढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत गौरक्षिणी के पास शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां स्कूल जा रही एक शिक्षिका को तेज रफ्तार पिकअप ने जोरदार टक्कर मार दी। इस घटना के बाद आरोपी चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया, जिससे स्थानीय स्तर पर भारी अफरा-तफरी मच गई। घायल शिक्षिका की पहचान बनारसीघाट दुर्गास्थान निवासी वंदना कुमारी के रूप में हुई है, जो गोपाल पंडित की पत्नी हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने फौरन शिक्षिका को बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल पहुँचाया। वहां प्राथमिक उपचार के उपरांत उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया है। इस हादसे के बाद परिजनों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक बाढ़ थाना में इस मामले को लेकर कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं की गई है। थाना अध्यक्ष ने बताया कि उन्हें घटना की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है, लेकिन शिकायत प्राप्त होते ही मामले की जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- मोकामा बाजार चौक और वहां से शंकरवार टोला जाने वाली सड़क पर हल्की बारिश के बाद ही गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। सड़क तालाब में तब्दील हो जाने के कारण स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और लोग घुटनों तक भरे पानी से होकर गुजरने को मजबूर हैं। इस जलभराव ने विकास कार्यों की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि हाल ही में मोकामा में करीब 47 करोड़ रुपये की लागत से नाले का निर्माण कार्य कराया गया था। इतनी बड़ी राशि खर्च किए जाने के बावजूद शहर के कई इलाकों में जल निकासी की समस्या जस की तस बनी हुई है। स्थानीय लोगों के बीच अब यह आक्रोश है कि भारी बजट के बाद भी व्यवस्था इतनी बदहाल क्यों है। स्थिति यह है कि नाला निर्माण के बाद भी जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह अप्रभावी साबित हो रही है। अब यह प्रश्न उठ रहा है कि क्या निर्माण कार्य में खामियां हैं या फिर रखरखाव और संचालन में बड़ी लापरवाही बरती जा रही है, जिसके चलते पहली बारिश में ही शहर के मुख्य मार्ग जलमग्न हो गए हैं।1
- समस्तीपुर के समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिलाधिकारी श्री रोशन कुशवाहा की अध्यक्षता में जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में नागरिक अपनी समस्याएं और मांगें लेकर पहुंचे और जिलाधिकारी के समक्ष अपने आवेदन प्रस्तुत किए। जन संवाद के दौरान जिलाधिकारी ने भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, अतिक्रमण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सुनवाई की। इसके अलावा राशन कार्ड, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और राजस्व से जुड़े अन्य जनहित के मामलों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इन सभी समस्याओं के त्वरित निष्पादन के लिए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।1
- समस्तीपुर जिले के विद्यापति नगर थाना क्षेत्र के बंगराहा से एक महीने पहले अपह्रत हुए छोटू यादव का शव मोहिउद्दीन नगर प्रखंड के लखनपुर चौर से बरामद हुआ है। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में भारी तनाव व्याप्त हो गया। आक्रोशित परिजन और ग्रामीण शव को लेकर सीधे आरोपित के घर पहुंच गए। इस दौरान स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को होने से टाल दिया।1