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कानपुर ब्यूरो रिपोर्ट कानपुर में शनिवार को तेज आंधी और बारिश के बाद पेड़ और बिजली के पोल गिर गए
द कहर न्यूज़ एजेंसी
कानपुर ब्यूरो रिपोर्ट कानपुर में शनिवार को तेज आंधी और बारिश के बाद पेड़ और बिजली के पोल गिर गए
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- विधायक के साथ उनके समर्थकों ने बिल्हौर थाने को घेरा! अपना दल के कार्यकर्ता के साथ मारपीट के मामले में भाजपा विधायक राहुल बच्चा के द्वारा बिल्हौर कोतवाली में पहुंचकर पूरे प्रकरण की जानकारी ली तथा आरोपी दारोगा के द्वारा कार्यकर्ता के साथ जो मारपीट की बात आई है उसे पर उच्च अधिकारियों से बात कर तत्काल कार्रवाई की मांग की है बिल्हौर कोतवाली में तैनात शिवम सिँह तोमर नाम के दरोगा पर अभद्रता का आरोप लगाया गया है बिल्हौर कस्बे में कई थाने का फोर्स मौजूद है और थाने में अपना दल के समर्थकों का जमावड़ा भी है!1
- कानपुर ब्रेकिंग , उत्तर प्रदेश कानपुर के रावतपुर में दो पक्षों में जमकर हुई मारपीट खूब चले लाठी डंडे | एक पक्ष गली में लाठी-डंडे लेकर प्रहार कर रहा है और जबकि दूसरा पक्ष घर की बालकनी से डंडा फेंककर मार रहा है |1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- carvaan mathmatics class - 5th sub maths exercise - 1(c)1
- तेज अंधी के चलते बिजली के पोल गिर गये और दुकानों की टीन उड़कर रोड पर आ गयी तो वाही दुकान के ऊपर बने चैनल गते टूटकर निचे गिर गया जिससे दुकान वा निचे खड़ी कार क्षत्रिग्रस्त हो गयी लोगो की माने तो ऐसा नजारा पहले कभी देखने को नहीं मिला था किसी को अंदाजा हि नही था की इतनी तेज हवा अंधी आ सकती है लोगी को समझने का भी मौका नहीं मिला और देखते देखते सब तहस नहस हो गया खराब हालत और पेड़ गिरने से रोड जाम घंटो लगा रहा विजय नगर नमक फकट्री काकदेव मरियमपुर फजलगंज कल्याणपुर नवाबगंज रावतपुर हैलेट हॉस्पिटल आदि दिक्कतों का सामना देखने को मिला4
- सीतापुर/लखनऊ: राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-30 (लखनऊ-सीतापुर सेक्शन) पर कथित अनाधिकृत कब्जे को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा प्रबंधक छीता पासी पार्क को नोटिस जारी किए जाने के बाद पासी समाज और कई सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया है। यह नोटिस 25 मार्च 2026 को राजमार्ग प्रशासक, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण लखनऊ द्वारा जारी किया गया है, जिसमें ग्राम वैदेही वाटिका, तहसील सदर, जनपद सीतापुर में 600 वर्गमीटर भूमि पर कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस के अनुसार, संबंधित पक्ष को सात दिनों के अंदर कब्जा हटाने और तीन दिनों के भीतर अपना अभ्यावेदन परियोजना निदेशक, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, गोमतीनगर लखनऊ के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा गया है। पासी समाज में भारी नाराजगी इस नोटिस के बाद पासी समाज के संगठनों और स्थानीय लोगों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई और कहा कि जिस स्थान को अतिक्रमण बताया जा रहा है, वह ऐतिहासिक धरोहर और महाराजा छीता पासी जी के किले से जुड़ा क्षेत्र है, जो पासी समाज की आस्था और इतिहास का प्रतीक है। समाज के लोगों का कहना है कि सरकार को पहले महाराजा छीता पासी जी के किले का सौंदर्यीकरण, संरक्षण और विकास करना चाहिए, उसके बाद यदि सड़क निर्माण की आवश्यकता हो तो किले के एक साइड से रोड निकाली जाए, ताकि ऐतिहासिक स्थल को नुकसान न पहुंचे। पासी समाज के नेताओं और संगठनों ने चेतावनी देते हुए कहा: “अगर सरकार ने पासी समाज की आस्था और इतिहास को नजरअंदाज करके जबरन कार्रवाई की, तो पूरा पासी समाज सड़क पर उतरकर बड़ा धरना-प्रदर्शन करेगा।” उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार ने समाज की मांग नहीं मानी, तो 2027 के चुनाव में पासी समाज अपनी वोट की ताकत से जवाब देगा। पासी समाज और संगठनों ने सरकार के सामने निम्न मांगें रखी हैं: महाराजा छीता पासी जी के किले का सौंदर्यीकरण कराया जाए। किले को ऐतिहासिक धरोहर घोषित किया जाए। सड़क निर्माण किले के एक साइड से किया जाए। छीता पासी पार्क और ऐतिहासिक स्थल को न हटाया जाए।2
- दोनों तरफ से हुए लोग हुए गंभीर रूप से घायल मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल लाठी डंडे से मारपीट का वीडियो हुआ वायरल पुलिस ने दोनों पक्षों का कराया मेडिकल घटना रावतपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत।1
- युद्ध के वातावरण में अचानक किसी खेत में एक बड़े ड्रोन के, गेहूँ के खेत में गिरने से इटावा ज़िले के सैफई इलाके के नंदपुर गाँव में दहशत और अफ़रातफ़री मच गयी। लोगों ने सोचा कहीं कोई मिसाइल तो नहीं, जो युद्ध क्षेत्र से भटक कर यहाँ आ गिरी है। अगर ये किसी सरकारी परीक्षण-टेस्ट या एक्सपेरिमेंट का हिस्सा है तो प्रदेश के नागरिकों को पहले से सूचना देकर आगाह करना था। जब ये विश्वास ही नहीं है कि ड्रोन उड़ेगा कि नहीं तो आम लोगों के इलाके में इसे उड़ाने का जोखिम क्यों उठाया गया। कहीं ये खेत की बजाय आस-पास की किसी बस्ती पर गिर जाता तो इस दुर्घटना से किसी भी तरह की जान-माल की हानि हो सकती थी। सरकार इस मामले में जाँच बिठाए और किसान के खेत में हुई आर्थिक हानि और मानसिक आघात का आंकलन-मूल्यांकन करके किसान को यथोचित मुआवज़ा दे। भविष्य में ऐसे सभी टेस्ट-एक्सपेरिमेंट निर्धारित निर्जन क्षेत्रों में ही किये जाएं। भाजपा सरकार में कोई भी परीक्षण सफल क्यों नहीं हो पाता है। सैफई की जनता कह रही है जब भाजपाई ड्रोन नहीं उड़ा पा रहे हैं तो सैफई की उस हवाई-पट्टी से जहाज़ क्या उड़ाएँगे, भाजपा ने जिस रनवे को राजनीतिक विद्वेषवश बिना रखरखाव के उपेक्षित छोड़ दिया है।1