परम् पूज्य परम् सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज ने मोतिहारी/उज्जैन, मध्य प्रदेश में अपने सतसंग में यह गहन संदेश दिया है कि भगवान की प्राप्ति केवल जीवित रहते हुए ही संभव है, क्योंकि मृत्यु के पश्चात् व्यक्ति को अपने कर्मों के अनुसार दण्ड भुगतना पड़ता है। उन्होंने इस बात पर खेद व्यक्त किया कि लोगों को यह समझ नहीं आता कि मनुष्य शरीर का वास्तविक उद्देश्य क्या है, जिसका मुख्य कारण सतसंगों का अभाव और आध्यात्मिक ज्ञान देने वाले सही मार्गदर्शकों की कमी है। सन्त महाराज ने बताया कि जहाँ व्यापार, दुकानदारी, खेती या नौकरी जैसे सांसारिक कार्यों के लिए तो लोग आसानी से मिल जाते हैं, वहीं मनुष्य शरीर, आत्मा और परमात्मा के गूढ़ रहस्यों को समझाने वाले विरले ही मिलते हैं। सन्त महाराज ने मनुष्य शरीर की नश्वरता को किराए के मकान से तुलना करते हुए समझाया कि जैसे एक किराए के मकान को कभी-न-कभी खाली करना पड़ता है, ठीक उसी तरह इस शरीर रूपी मकान को भी एक दिन छोड़ना ही पड़ेगा। उन्होंने बताया कि यह शरीर उसका है जिसने माँ के गर्भ में इसे नौ महीने में रचकर तैयार किया है, और जब वह चाहेगा, इसे वापस ले लेगा, जैसा कि भजन में भी कहा गया है: "रे मन मुसाफ़िर निकलना पड़ेगा, काया कुटी खाली करना पड़ेगा।" उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि यह मनुष्य शरीर विषय-वासनाओं की पूर्ति के लिए नहीं, बल्कि भगवान के भजन और उनकी प्राप्ति के लिए मिला है। बाबा उमाकान्त जी ने चेतावनी दी कि यदि इस शरीर को त्यागने से पहले आत्मा को परमात्मा तक नहीं पहुँचाया गया, तो वह आत्मा नरकों में जाएगी, कष्ट भोगेगी और चौरासी लाख योनियों के चक्कर में फँस जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनुष्य जीवन का ध्येय केवल खाना, शौच जाना और संतानोत्पत्ति करना नहीं है, बल्कि जीते-जी अपनी आत्मा को परमात्मा से जोड़ना है, क्योंकि तुलसीदास जी ने भी कहा है: "एहि तन कर फल विषय न भाई, स्वर्गउ स्वल्प अंत दुखदाई।" इसी परम सत्य के कारण देवी-देवता और ऊपरी लोकों के जीव भी इस दुर्लभ मनुष्य शरीर को प्राप्त करने की कामना करते रहते हैं।
परम् पूज्य परम् सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज ने मोतिहारी/उज्जैन, मध्य प्रदेश में अपने सतसंग में यह गहन संदेश दिया है कि भगवान की प्राप्ति केवल जीवित रहते हुए ही संभव है, क्योंकि मृत्यु के पश्चात् व्यक्ति को अपने कर्मों के अनुसार दण्ड भुगतना पड़ता है। उन्होंने इस बात पर खेद व्यक्त किया कि लोगों को यह समझ नहीं आता कि मनुष्य शरीर का वास्तविक उद्देश्य क्या है, जिसका मुख्य कारण सतसंगों का अभाव और आध्यात्मिक ज्ञान देने वाले सही मार्गदर्शकों की कमी है। सन्त महाराज ने बताया कि जहाँ व्यापार, दुकानदारी, खेती या नौकरी जैसे सांसारिक कार्यों के लिए तो लोग आसानी से मिल जाते हैं, वहीं मनुष्य शरीर, आत्मा और परमात्मा के गूढ़ रहस्यों को समझाने वाले विरले ही मिलते हैं। सन्त महाराज ने मनुष्य शरीर की नश्वरता को किराए के मकान से तुलना करते हुए समझाया कि जैसे एक किराए के मकान को कभी-न-कभी खाली करना पड़ता है, ठीक उसी तरह इस शरीर रूपी मकान को भी एक दिन छोड़ना ही पड़ेगा। उन्होंने बताया कि यह शरीर उसका है जिसने माँ के गर्भ में इसे नौ महीने में रचकर तैयार किया है, और जब वह चाहेगा, इसे वापस ले लेगा, जैसा कि भजन में भी कहा गया है: "रे मन मुसाफ़िर निकलना पड़ेगा, काया कुटी खाली करना पड़ेगा।" उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि यह मनुष्य शरीर विषय-वासनाओं की पूर्ति के लिए नहीं, बल्कि भगवान के भजन और उनकी प्राप्ति के लिए मिला है। बाबा उमाकान्त जी ने चेतावनी दी कि यदि इस शरीर को त्यागने से पहले आत्मा को परमात्मा तक नहीं पहुँचाया गया, तो वह आत्मा नरकों में जाएगी, कष्ट भोगेगी और चौरासी लाख योनियों के चक्कर में फँस जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनुष्य जीवन का ध्येय केवल खाना, शौच जाना और संतानोत्पत्ति करना नहीं है, बल्कि जीते-जी अपनी आत्मा को परमात्मा से जोड़ना है, क्योंकि तुलसीदास जी ने भी कहा है: "एहि तन कर फल विषय न भाई, स्वर्गउ स्वल्प अंत दुखदाई।" इसी परम सत्य के कारण देवी-देवता और ऊपरी लोकों के जीव भी इस दुर्लभ मनुष्य शरीर को प्राप्त करने की कामना करते रहते हैं।
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- एक संदेश के अनुसार, काम शुरू हो चुका है और जो लोग काम करने के इच्छुक हैं, वे संपर्क कर सकते हैं। संपर्क करने के लिए 7428406319 नंबर उपलब्ध कराया गया है।1
- एक भावनात्मक प्रश्न उठाया गया है कि उस लड़की पर क्या बीतती होगी, जिसे सुबह के समय 'चोर' जैसा संबोधित किया जाता है।1
- युवा नेता राकेश रौशन ने 'नया सोच' के विचार के साथ अपनी राजनीतिक पहचान स्थापित की है और वे स्वयं को भावी जिला परिषद उम्मीदवार के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं। उनके प्रचार में 'युवा नेता' और 'युवा जिला परिषद' की अवधारणा पर विशेष जोर दिया जा रहा है। राकेश रौशन पूर्व में पिपरा विधानसभा क्षेत्र संख्या 42 से प्रत्याशी रह चुके हैं।1
- आज दिनाँक 29/5/26 को बिहार ग्रामीण बैंक की रहटा शाखा ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) के अंतर्गत दो मृत्यु दावों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया। पहला दावा रजनी जीविका स्वयं सहायता समूह की सदस्या स्वर्गीय अनिता देवी, पति नंदलाल पंडित, से संबंधित था। वहीं, दूसरा दावा कोसी जीविका स्वयं सहायता की सदस्या स्वर्गीय उमेश चौधरी, जिनकी पत्नी भारती देवी हैं, से जुड़ा था। PMJJBY योजना के तहत मृतक के आश्रित को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाती है। इस कार्यक्रम में बिहार ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक अजित कुमार झा ने उपस्थित जीविका दीदियों को बीमा के महत्व के बारे में जानकारी दी। जीविका के BPM मनोज कुमार ने बताया कि जीविका अपने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी शतप्रतिशत दीदियों को बीमा करवाने हेतु प्रेरित करती है। उन्होंने बीमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समझाया कि जीविका से जुड़कर महिलाएं विभिन्न प्रकार की जीविकोपार्जन गतिविधियों से अपनी आमदनी बढ़ाती हैं, और यदि किसी कारणवश उनकी अकाल मृत्यु हो जाती है, तो बीमा मृतक के परिवार को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर उन्हें पुनः गरीबी के दुष्चक्र में जाने से बचाता है। इस महत्वपूर्ण आयोजन में BGB RO सहरसा के FI हेड अच्युत आनंद, शाखा प्रबंधक आनंद कुमार, कैशियर अभिजीत कुमार और ऑफिसर निखिल कुमार उपस्थित रहे। जीविका की ओर से किरण CLF की अध्यक्ष रंजू देवी और कोषाध्यक्ष रीता देवी के साथ-साथ बैंक मित्र सहाना खातून भी मौजूद थीं। लाभार्थियों के समूहों से संबंधित जीविका कैडर संदीप कुमार, अखिलेश कुमार, परबेज आलम और हदीस आलम ने भी उपस्थित होकर कार्यक्रम के संचालन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1
- पटना से 30 मई 2026 को मिली जानकारी के अनुसार, बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने सरकारी आवास को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए स्पष्ट किया है कि वह आवास खाली नहीं करेंगी। उनके इस घोषणा के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज़ हो गई है। राबड़ी देवी ने अपने बयान में इस आवास को केवल एक भवन नहीं, बल्कि लंबे राजनीतिक संघर्ष और जनता के विश्वास का प्रतीक बताया है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वह किसी भी प्रकार के दबाव में आकर आवास खाली करने का फैसला नहीं लेंगी। इस मुद्दे पर हाल ही में मुख्यमंत्री बने सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी में तेजी आई है, वहीं राजद के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी राबड़ी देवी के समर्थन में अपनी आवाज़ बुलंद की है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है।1
- सोनारपुर इलाके में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी पर कथित तौर पर हमला किए जाने की खबर सामने आई है। बताया गया है कि सांसद बनर्जी यहां हिंसा से प्रभावित पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों से मिलने पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि यह हमला पुलिस की मौजूदगी में हुआ। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है और राजनीतिक गलियारों में बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। TMC नेताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला करार दिया है, वहीं विपक्ष ने इस मामले को लेकर सरकार और प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं।1