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1 hr ago
user_Bharatiya Jan KRANTI SENA
Bharatiya Jan KRANTI SENA
Political party office करोल बाग, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
1 hr ago

More news from दिल्ली and nearby areas
  • खोड़ा क्षेत्र में हिंदू संगठनों द्वारा दी गई चेतावनी के बाद, नमाज़ को पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदा किया गया। यह घटना क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं के बीच हुई, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन ने एहतियाती तौर पर भारी पुलिस बल तैनात किया था ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे और धार्मिक क्रिया निर्बाध रूप से संपन्न हो सके।
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    खोड़ा क्षेत्र में हिंदू संगठनों द्वारा दी गई चेतावनी के बाद, नमाज़ को पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदा किया गया। यह घटना क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं के बीच हुई, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन ने एहतियाती तौर पर भारी पुलिस बल तैनात किया था ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे और धार्मिक क्रिया निर्बाध रूप से संपन्न हो सके।
    user_न्यूज़ आइकॉन 24
    न्यूज़ आइकॉन 24
    Press advisory सीलमपुर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    7 hrs ago
  • शकरपुर के G ब्लॉक के निवासी आवारा कुत्तों की समस्या से बेहद परेशान हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस गंभीर मुद्दे पर कई शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद, MCD केशवपुरम ज़ोन द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। निवासियों ने प्रशासन से इस समस्या का तत्काल समाधान निकालने की मांग की है, ताकि उन्हें इस परेशानी से राहत मिल सके।
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    शकरपुर के G ब्लॉक के निवासी आवारा कुत्तों की समस्या से बेहद परेशान हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस गंभीर मुद्दे पर कई शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद, MCD केशवपुरम ज़ोन द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। निवासियों ने प्रशासन से इस समस्या का तत्काल समाधान निकालने की मांग की है, ताकि उन्हें इस परेशानी से राहत मिल सके।
    user_Gurvinder Grewal
    Gurvinder Grewal
    Media house सरस्वती विहार, उत्तर पश्चिमी दिल्ली, दिल्ली•
    7 hrs ago
  • कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्रेट निकोबार परियोजना को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि सरकार इस परियोजना को ट्रांसशिपमेंट पोर्ट और रक्षा परियोजना के रूप में पेश कर रही है, लेकिन इसका वास्तविक उद्देश्य एक बड़े कारोबारी को लाभ पहुँचाना है। राहुल गांधी ने इस कदम को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बताया जाने के बावजूद देश की विरासत को बर्बाद करने वाला करार दिया। शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एक वीडियो में, जो उनके अप्रैल में किए गए अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के दौरे पर आधारित है, राहुल गांधी ने कहा कि ग्रेट निकोबार परियोजना से पर्यावरण को भारी नुकसान होगा। इसमें पेड़ों की कटाई और कोरल रीफ को क्षति पहुँचेगी, साथ ही इलाके में रहने वाले जनजातीय समुदायों को विस्थापित होना पड़ेगा। उनका आरोप है कि सरकार रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा का तर्क देकर अपने असली मकसद को छिपाने की कोशिश कर रही है। राहुल गांधी ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस भारतीय नौसेना के आईएनएस बाज़ बेस के विस्तार का पूरी तरह समर्थन करती है, क्योंकि यह सुरक्षा के लिए आवश्यक है और नौसेना कई सालों से इसकी मांग कर रही है। हालांकि, उनका कहना है कि सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही, बल्कि ऐसी परियोजना में ट्रांसशिपमेंट पोर्ट बनाने की जरूरत पर जोर दे रही है जब देश में पहले से ही इंटरनेशनल सी-पोर्ट विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रेट निकोबार परियोजना के तहत 1.5 करोड़ पेड़ काटे जाएंगे और कई महत्वपूर्ण कोरल रीफ्स को आधिकारिक दस्तावेजों से हटा दिया गया है। निकोबार के उन समुदायों को भी वहाँ से हटाया जाएगा जिन्हें कभी भारत सरकार ने बसाया था, ताकि वहाँ होटल, कैसीनो और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट बनाए जा सकें। राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा भी नहीं मिल रहा है। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि ग्रेट निकोबार भारत के सबसे संवेदनशील और समृद्ध क्षेत्रों में से एक है, लेकिन इस परियोजना से समुद्री जैव विविधता और आदिवासी संस्कृति को भारी नुकसान पहुँचेगा। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि ग्रेट निकोबार को नष्ट करने के बजाय इसे पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में काम किया जाए।
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    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्रेट निकोबार परियोजना को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि सरकार इस परियोजना को ट्रांसशिपमेंट पोर्ट और रक्षा परियोजना के रूप में पेश कर रही है, लेकिन इसका वास्तविक उद्देश्य एक बड़े कारोबारी को लाभ पहुँचाना है। राहुल गांधी ने इस कदम को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बताया जाने के बावजूद देश की विरासत को बर्बाद करने वाला करार दिया।

शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एक वीडियो में, जो उनके अप्रैल में किए गए अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के दौरे पर आधारित है, राहुल गांधी ने कहा कि ग्रेट निकोबार परियोजना से पर्यावरण को भारी नुकसान होगा। इसमें पेड़ों की कटाई और कोरल रीफ को क्षति पहुँचेगी, साथ ही इलाके में रहने वाले जनजातीय समुदायों को विस्थापित होना पड़ेगा। उनका आरोप है कि सरकार रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा का तर्क देकर अपने असली मकसद को छिपाने की कोशिश कर रही है।

राहुल गांधी ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस भारतीय नौसेना के आईएनएस बाज़ बेस के विस्तार का पूरी तरह समर्थन करती है, क्योंकि यह सुरक्षा के लिए आवश्यक है और नौसेना कई सालों से इसकी मांग कर रही है। हालांकि, उनका कहना है कि सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही, बल्कि ऐसी परियोजना में ट्रांसशिपमेंट पोर्ट बनाने की जरूरत पर जोर दे रही है जब देश में पहले से ही इंटरनेशनल सी-पोर्ट विकसित किए जा रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रेट निकोबार परियोजना के तहत 1.5 करोड़ पेड़ काटे जाएंगे और कई महत्वपूर्ण कोरल रीफ्स को आधिकारिक दस्तावेजों से हटा दिया गया है। निकोबार के उन समुदायों को भी वहाँ से हटाया जाएगा जिन्हें कभी भारत सरकार ने बसाया था, ताकि वहाँ होटल, कैसीनो और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट बनाए जा सकें। राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा भी नहीं मिल रहा है।

राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि ग्रेट निकोबार भारत के सबसे संवेदनशील और समृद्ध क्षेत्रों में से एक है, लेकिन इस परियोजना से समुद्री जैव विविधता और आदिवासी संस्कृति को भारी नुकसान पहुँचेगा। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि ग्रेट निकोबार को नष्ट करने के बजाय इसे पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में काम किया जाए।
    user_Rekha Panchal
    Rekha Panchal
    Delhi Cantonment, New Delhi•
    8 hrs ago
  • विश्व पर्यावरण दिवस हर साल 5 जून को पूरी दुनिया में मनाया जाता है। इसकी शुरुआत संयुक्त राष्ट्र द्वारा 1972 में की गई थी और पहला आयोजन 1973 में किया गया था। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। साथ ही, इसका लक्ष्य बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और वनों की कटाई जैसे गंभीर मुद्दों के समाधान के लिए वैश्विक स्तर पर कदम उठाना भी है।
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    विश्व पर्यावरण दिवस हर साल 5 जून को पूरी दुनिया में मनाया जाता है। इसकी शुरुआत संयुक्त राष्ट्र द्वारा 1972 में की गई थी और पहला आयोजन 1973 में किया गया था।

इस दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। साथ ही, इसका लक्ष्य बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और वनों की कटाई जैसे गंभीर मुद्दों के समाधान के लिए वैश्विक स्तर पर कदम उठाना भी है।
    user_BCHANDEL
    BCHANDEL
    Social worker पंजाबी बाग, पश्चिम दिल्ली, दिल्ली•
    8 hrs ago
  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित लंकामुरा बॉर्डर आउटपोस्ट पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों को संबोधित किया। अपने संबोधन में, उन्होंने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और BSF के सभी जवानों द्वारा बड़े मनोयोग से पेड़ों का जतन करने पर खुशी व्यक्त की। शाह ने कहा कि जवान एक वृक्ष को अपना भाई, बहन या बच्चा मानकर उसकी देखभाल कर रहे हैं। गृह मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यह कार्यक्रम केवल सरकारी आदेशों से प्रेरित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह सभी की स्वाभाविक आदत बननी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यही स्वाभाविक आदत हम सभी को बचा सकती है। शाह ने पुनरावृति करते हुए कहा कि पेड़ लगाने की आदत स्वाभाविक होनी चाहिए, न कि किसी सरकारी आदेश का पालन।
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    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित लंकामुरा बॉर्डर आउटपोस्ट पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों को संबोधित किया। अपने संबोधन में, उन्होंने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और BSF के सभी जवानों द्वारा बड़े मनोयोग से पेड़ों का जतन करने पर खुशी व्यक्त की। शाह ने कहा कि जवान एक वृक्ष को अपना भाई, बहन या बच्चा मानकर उसकी देखभाल कर रहे हैं।

गृह मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यह कार्यक्रम केवल सरकारी आदेशों से प्रेरित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह सभी की स्वाभाविक आदत बननी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यही स्वाभाविक आदत हम सभी को बचा सकती है। शाह ने पुनरावृति करते हुए कहा कि पेड़ लगाने की आदत स्वाभाविक होनी चाहिए, न कि किसी सरकारी आदेश का पालन।
    user_Mohit Badtiya
    Mohit Badtiya
    Civil Lines, Central Delhi•
    9 hrs ago
  • स्थानीय लोगों के अनुसार, पूर्वी रोहतास नगर की लुधियाना बिल्डिंग में स्थित एक पुरानी इमारत में आज भी एक डिस्पेंसरी संचालित की जा रही है, जिसे नगर निगम ने वर्षों पहले लीज पर लिया था। हाल ही में, तेज आंधी और बारिश के दौरान इस भवन के छज्जे की दीवार अचानक नीचे गिर गई, जिससे नीचे खड़ी दो गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। गनीमत रही कि हादसे के समय वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, वरना एक बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि जब भवन की हालत जर्जर बताई जा रही है, तो क्या नगर निगम ने समय रहते इसकी सुरक्षा जांच कराई थी? आम लोगों और वहां कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा, यह बड़ा प्रश्न बना हुआ है।
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    स्थानीय लोगों के अनुसार, पूर्वी रोहतास नगर की लुधियाना बिल्डिंग में स्थित एक पुरानी इमारत में आज भी एक डिस्पेंसरी संचालित की जा रही है, जिसे नगर निगम ने वर्षों पहले लीज पर लिया था। हाल ही में, तेज आंधी और बारिश के दौरान इस भवन के छज्जे की दीवार अचानक नीचे गिर गई, जिससे नीचे खड़ी दो गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। गनीमत रही कि हादसे के समय वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, वरना एक बड़ा हादसा हो सकता था।

इस घटना के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि जब भवन की हालत जर्जर बताई जा रही है, तो क्या नगर निगम ने समय रहते इसकी सुरक्षा जांच कराई थी? आम लोगों और वहां कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा, यह बड़ा प्रश्न बना हुआ है।
    user_Rtn.1 News
    Rtn.1 News
    Local News Reporter यमुना विहार, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    10 hrs ago
  • खोड़ा कॉलोनी में शुक्रवार की नमाज़ के मद्देनज़र सुरक्षा व्यवस्था के लिए मुख्य इंतज़ाम किए गए हैं। इसी क्रम में, क्षेत्र में भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है।
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    खोड़ा कॉलोनी में शुक्रवार की नमाज़ के मद्देनज़र सुरक्षा व्यवस्था के लिए मुख्य इंतज़ाम किए गए हैं। इसी क्रम में, क्षेत्र में भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है।
    user_न्यूज़ आइकॉन 24
    न्यूज़ आइकॉन 24
    Press advisory सीलमपुर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    10 hrs ago
  • नागरिकों के लिए अब अपनी शिकायतें, सुझाव या महत्वपूर्ण विचार सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाना आसान हो गया है। इसके लिए NaMo App, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की आधिकारिक वेबसाइट, डाक सेवा और एक विशेष हेल्पलाइन जैसे कई माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं। NaMo App के ज़रिए नागरिक सीधे अपना संदेश भेज सकते हैं, जबकि CPGRAMS पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भेजने और हेल्पलाइन नंबर 011-23012312 पर संपर्क करने की सुविधा भी दी गई है। सरकार का दावा है कि आम जनता की आवाज़ को सीधे शीर्ष स्तर तक पहुंचाने के लिए ये सभी माध्यम सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
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    नागरिकों के लिए अब अपनी शिकायतें, सुझाव या महत्वपूर्ण विचार सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाना आसान हो गया है। इसके लिए NaMo App, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की आधिकारिक वेबसाइट, डाक सेवा और एक विशेष हेल्पलाइन जैसे कई माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं।

NaMo App के ज़रिए नागरिक सीधे अपना संदेश भेज सकते हैं, जबकि CPGRAMS पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भेजने और हेल्पलाइन नंबर 011-23012312 पर संपर्क करने की सुविधा भी दी गई है। सरकार का दावा है कि आम जनता की आवाज़ को सीधे शीर्ष स्तर तक पहुंचाने के लिए ये सभी माध्यम सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
    user_Ragini Garg
    Ragini Garg
    Civil Lines, Central Delhi•
    11 hrs ago
  • ballamgarh thoda majbut
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    ballamgarh
thoda majbut
    user_Raushan Kumar
    Raushan Kumar
    सिविल लाइन्स, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    11 hrs ago
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