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विश्व पर्यावरण दिवस हर साल 5 जून को पूरी दुनिया में मनाया जाता है। इसकी शुरुआत संयुक्त राष्ट्र द्वारा 1972 में की गई थी और पहला आयोजन 1973 में किया गया था। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। साथ ही, इसका लक्ष्य बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और वनों की कटाई जैसे गंभीर मुद्दों के समाधान के लिए वैश्विक स्तर पर कदम उठाना भी है।
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विश्व पर्यावरण दिवस हर साल 5 जून को पूरी दुनिया में मनाया जाता है। इसकी शुरुआत संयुक्त राष्ट्र द्वारा 1972 में की गई थी और पहला आयोजन 1973 में किया गया था। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। साथ ही, इसका लक्ष्य बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और वनों की कटाई जैसे गंभीर मुद्दों के समाधान के लिए वैश्विक स्तर पर कदम उठाना भी है।
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- स्थानीय निवासियों को पिछले लगभग 3 सालों से अधूरी सड़क के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां नाली का निर्माण तो किया जा चुका है, लेकिन सड़क नहीं बनाई गई है, जिसके चलते सड़क की हालत बेहद खराब है। खासकर बरसात के मौसम में यह स्थिति और बिगड़ जाती है, जिससे लोगों के घरों में पानी घुस रहा है। जानकारी के अनुसार, सड़क के दोनों छोर पर तो निर्माण कार्य हो चुका है, लेकिन बीच का लगभग 500 मीटर का हिस्सा अधूरा छोड़ दिया गया है। इस अधूरे काम के पीछे दो ठेकेदारों के बीच की खींचतान बताई जा रही है, जहां एक ठेकेदार दूसरे पर काम की जिम्मेदारी डालता है और दूसरा पहले पर, जिसके कारण दोनों आपस में लड़ते रहते हैं और काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। स्थानीय लोगों ने इस समस्या को लेकर कई बार अपने विधायक अनिल झा से भी संपर्क किया है, लेकिन उन्हें वहां से भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। इस वजह से नागरिकों की समस्या जस की तस बनी हुई है और वे जल्द से जल्द सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं ताकि उन्हें इस परेशानी से मुक्ति मिल सके।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार दोपहर 1 बजे मंगोलपुरी विधानसभा क्षेत्र में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व निगम पार्षद राकेश जाटव धर्मरक्षक ने किया, जिसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्रवासियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और उन्हें अधिक से अधिक पेड़ लगाने का संदेश देना था। इस अवसर पर पार्षद राकेश जाटव धर्मरक्षक ने जोर देकर कहा कि पर्यावरण को सुरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं हरित वातावरण देना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी उचित देखभाल करें। कार्यक्रम में स्थानीय निवासियों और कार्यकर्ताओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया तथा प्रकृति को हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाने का संकल्प लिया। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।1
- शकरपुर के G ब्लॉक के निवासी आवारा कुत्तों की समस्या से बेहद परेशान हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस गंभीर मुद्दे पर कई शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद, MCD केशवपुरम ज़ोन द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। निवासियों ने प्रशासन से इस समस्या का तत्काल समाधान निकालने की मांग की है, ताकि उन्हें इस परेशानी से राहत मिल सके।1
- जगत न्यूज़ 24 अपने दर्शकों के लिए देश और दुनिया भर की 10 बड़ी खबरें लेकर आया है। दर्शक इन प्रमुख समाचारों को जगत न्यूज़ 24 पर देख सकते हैं।1
- कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्रेट निकोबार परियोजना को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि सरकार इस परियोजना को ट्रांसशिपमेंट पोर्ट और रक्षा परियोजना के रूप में पेश कर रही है, लेकिन इसका वास्तविक उद्देश्य एक बड़े कारोबारी को लाभ पहुँचाना है। राहुल गांधी ने इस कदम को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बताया जाने के बावजूद देश की विरासत को बर्बाद करने वाला करार दिया। शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एक वीडियो में, जो उनके अप्रैल में किए गए अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के दौरे पर आधारित है, राहुल गांधी ने कहा कि ग्रेट निकोबार परियोजना से पर्यावरण को भारी नुकसान होगा। इसमें पेड़ों की कटाई और कोरल रीफ को क्षति पहुँचेगी, साथ ही इलाके में रहने वाले जनजातीय समुदायों को विस्थापित होना पड़ेगा। उनका आरोप है कि सरकार रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा का तर्क देकर अपने असली मकसद को छिपाने की कोशिश कर रही है। राहुल गांधी ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस भारतीय नौसेना के आईएनएस बाज़ बेस के विस्तार का पूरी तरह समर्थन करती है, क्योंकि यह सुरक्षा के लिए आवश्यक है और नौसेना कई सालों से इसकी मांग कर रही है। हालांकि, उनका कहना है कि सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही, बल्कि ऐसी परियोजना में ट्रांसशिपमेंट पोर्ट बनाने की जरूरत पर जोर दे रही है जब देश में पहले से ही इंटरनेशनल सी-पोर्ट विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रेट निकोबार परियोजना के तहत 1.5 करोड़ पेड़ काटे जाएंगे और कई महत्वपूर्ण कोरल रीफ्स को आधिकारिक दस्तावेजों से हटा दिया गया है। निकोबार के उन समुदायों को भी वहाँ से हटाया जाएगा जिन्हें कभी भारत सरकार ने बसाया था, ताकि वहाँ होटल, कैसीनो और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट बनाए जा सकें। राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा भी नहीं मिल रहा है। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि ग्रेट निकोबार भारत के सबसे संवेदनशील और समृद्ध क्षेत्रों में से एक है, लेकिन इस परियोजना से समुद्री जैव विविधता और आदिवासी संस्कृति को भारी नुकसान पहुँचेगा। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि ग्रेट निकोबार को नष्ट करने के बजाय इसे पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में काम किया जाए।1
- विश्व पर्यावरण दिवस हर साल 5 जून को पूरी दुनिया में मनाया जाता है। इसकी शुरुआत संयुक्त राष्ट्र द्वारा 1972 में की गई थी और पहला आयोजन 1973 में किया गया था। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। साथ ही, इसका लक्ष्य बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और वनों की कटाई जैसे गंभीर मुद्दों के समाधान के लिए वैश्विक स्तर पर कदम उठाना भी है।1
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित लंकामुरा बॉर्डर आउटपोस्ट पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों को संबोधित किया। अपने संबोधन में, उन्होंने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और BSF के सभी जवानों द्वारा बड़े मनोयोग से पेड़ों का जतन करने पर खुशी व्यक्त की। शाह ने कहा कि जवान एक वृक्ष को अपना भाई, बहन या बच्चा मानकर उसकी देखभाल कर रहे हैं। गृह मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यह कार्यक्रम केवल सरकारी आदेशों से प्रेरित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह सभी की स्वाभाविक आदत बननी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यही स्वाभाविक आदत हम सभी को बचा सकती है। शाह ने पुनरावृति करते हुए कहा कि पेड़ लगाने की आदत स्वाभाविक होनी चाहिए, न कि किसी सरकारी आदेश का पालन।1
- नागरिकों के लिए अब अपनी शिकायतें, सुझाव या महत्वपूर्ण विचार सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाना आसान हो गया है। इसके लिए NaMo App, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की आधिकारिक वेबसाइट, डाक सेवा और एक विशेष हेल्पलाइन जैसे कई माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं। NaMo App के ज़रिए नागरिक सीधे अपना संदेश भेज सकते हैं, जबकि CPGRAMS पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भेजने और हेल्पलाइन नंबर 011-23012312 पर संपर्क करने की सुविधा भी दी गई है। सरकार का दावा है कि आम जनता की आवाज़ को सीधे शीर्ष स्तर तक पहुंचाने के लिए ये सभी माध्यम सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।1