मध्य प्रदेश के शुजालपुर में स्मैक और एविल इंजेक्शन के अवैध कारोबार का पर्दाफाश होने के बाद जनता का आक्रोश भड़क उठा है। इसे लेकर शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के करीब 100 कार्यकर्ताओं ने एसडीओपी कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लंबे समय से नशीले पदार्थों का अवैध धंधा चल रहा था, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने समय रहते इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए एबीवीपी ने ड्रग इंस्पेक्टर, शुजालपुर सिटी थाना प्रभारी और शुजालपुर मंडी थाना प्रभारी को तत्काल हटाने की मांग की है। प्रदर्शन के दौरान एसडीओपी कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। एबीवीपी पदाधिकारियों ने एसडीओपी को एक ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई और नशे के कारोबार पर अंकुश नहीं लगा, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
मध्य प्रदेश के शुजालपुर में स्मैक और एविल इंजेक्शन के अवैध कारोबार का पर्दाफाश होने के बाद जनता का आक्रोश भड़क उठा है। इसे लेकर शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के करीब 100 कार्यकर्ताओं ने एसडीओपी कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लंबे समय से नशीले पदार्थों का अवैध धंधा चल रहा था, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने समय रहते इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए एबीवीपी ने ड्रग इंस्पेक्टर, शुजालपुर सिटी थाना प्रभारी और शुजालपुर मंडी थाना प्रभारी को तत्काल हटाने की मांग की है। प्रदर्शन के दौरान एसडीओपी कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। एबीवीपी पदाधिकारियों ने एसडीओपी को एक ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई और नशे के कारोबार पर अंकुश नहीं लगा, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
- मध्य प्रदेश के शुजालपुर में स्मैक और एविल इंजेक्शन के अवैध कारोबार का पर्दाफाश होने के बाद जनता का आक्रोश भड़क उठा है। इसे लेकर शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के करीब 100 कार्यकर्ताओं ने एसडीओपी कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लंबे समय से नशीले पदार्थों का अवैध धंधा चल रहा था, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने समय रहते इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए एबीवीपी ने ड्रग इंस्पेक्टर, शुजालपुर सिटी थाना प्रभारी और शुजालपुर मंडी थाना प्रभारी को तत्काल हटाने की मांग की है। प्रदर्शन के दौरान एसडीओपी कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। एबीवीपी पदाधिकारियों ने एसडीओपी को एक ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई और नशे के कारोबार पर अंकुश नहीं लगा, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।1
- मध्य प्रदेश के शाजापुर में पांच घंटे तक चले चक्काजाम के बाद पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला ने मृतक के पिता को सात दिनों के भीतर सीआईडी जांच की प्रक्रिया शुरू कराने का लिखित आश्वासन दिया है। इस लिखित आश्वासन के मिलने के बाद उग्र आंदोलन कर रहे परिजन और ग्रामीण शांत हुए और उन्होंने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। आंदोलन खत्म होने के बाद बाधित हुआ यातायात सड़क पर फिर से सुचारु हो गया है।1
- राजगढ़ जिले के तलेन क्षेत्र में चोरों की 'सर्जिकल स्ट्राइक' देखने को मिली है, जहां उन्होंने एक बार फिर वारदात को अंजाम दिया है। इस क्षेत्र में ठीक 10 दिन पहले भी चोरों ने 1 लाख रुपये का कांड किया था और अब फिर से चोरी की घटना को अंजाम देकर चुनौती खड़ी कर दी है।1
- मध्यप्रदेश के राजगढ़ में लोकायुक्त ने एक पंचायत सह सचिव को रिश्वत लेते हुए दबोचा है। इस ट्रैप की कार्रवाई के बाद लोकायुक्त अधिकारियों ने पकड़े गए पंचायत कर्मी को लेकर अपनी बात रखी और मामले की जानकारी दी है।1
- सीहोर के आष्टा में पार्वती थाना पुलिस द्वारा अपने क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली झुग्गी-झोपड़ियों में 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' नशामुक्ति जन जागरूकता अभियान के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान आयोजित व्याख्यान के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी देकर शपथ दिलाई गई। साथ ही, नशा मुक्ति पुनर्वास और सामाजिक न्याय विभाग के माध्यम से उपलब्ध कराए जाने वाले परामर्श व चिकित्सकीय सहायता के बारे में भी लोगों को जागरूक किया गया।3
- मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया में शनिवार को किसान कांग्रेस ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान दोपहर करीब 12 बजे आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मौजूद किसान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान जैसे ही कार्यकर्ताओं ने पुतले में आग लगाई, मोहन बड़ोदिया थाने में पदस्थ सूचना संकलन आरक्षक सुरेश राठौर ने तत्परता दिखाते हुए पुतले को घसीटकर पास ही स्थित पानी की टंकी की ओर ले जाकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक पुतला पूरी तरह जल चुका था। किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष कमल चौधरी ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश का किसान इस वक्त भारी संकट से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की सोयाबीन की फसलें बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं और उन्हें समय पर खाद तथा बीज उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। चौधरी ने भाजपा सरकार की नीतियों को किसान विरोधी करार दिया, जिसके कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध नहीं कराया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर केवल सांकेतिक रूप से पुतला दहन किया गया है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन किया जाएगा।1
- शाजापुर जिले के सुजालपुर में लगातार बढ़ रहे अवैध नशे के कारोबार को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ आक्रोश जताते हुए एसडीओपी कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर की और "पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद" के नारे लगाए।1
- मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के कालापीपल में हुए नांदनी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर और तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस मामले में पुलिस के रवैये को कटघरे में खड़ा किया है। कांग्रेस नेता कुणाल चौधरी ने मामले की पूरी तरह से निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस दुखद समय में पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं।1