बबीना: गैस आपूर्ति में अनियमितता से उपभोक्ता त्रस्त, वितरण केंद्र पर हंगामे की स्थिति बबीना: गैस आपूर्ति में अनियमितता से उपभोक्ता त्रस्त, वितरण केंद्र पर हंगामे की स्थिति बबीना। क्षेत्र में इन दिनों रसोई गैस की किल्लत और वितरण व्यवस्था में भारी अव्यवस्थाओं ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है। स्थानीय गैस एजेंसी के वितरण केंद्र पर उपभोक्ताओं ने संचालकों और कुछ बेलगाम हॉकरों पर मनमानी और अभद्रता के गंभीर आरोप लगाए हैं। क्या है पूरा मामला? पिछले कई दिनों से गैस रिफिल के लिए उपभोक्ताओं को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। आरोप है कि गैस संचालक अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रहे हैं, जिसका फायदा उठाकर वितरण से जुड़े कुछ हॉकर स्वयं को मालिक समझकर पूरी व्यवस्था को नियंत्रित कर रहे हैं। अभद्रता और 'गुंडागर्दी' के आरोप उपभोक्ताओं का कहना है कि जब वे अपनी बारी या गैस की देरी के बारे में सवाल करते हैं, तो वहां मौजूद हॉकर उनके साथ बदसलूकी करते हैं। विशेष रूप से महिलाओं और बुजुर्गों ने शिकायत की है कि: गैस की किल्लत का बहाना बनाकर घंटों इंतजार कराया जाता है। सवाल पूछने पर हॉकरों द्वारा धमकी भरा लहजा और अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है। नियमों को ताक पर रखकर चहेतों को गैस की सप्लाई प्राथमिकता पर दी जा रही है। "हम सुबह से काम छोड़कर लाइन में लगते हैं, लेकिन यहाँ मौजूद कर्मचारी हमसे ऐसे बात करते हैं जैसे हम गैस मुफ्त में मांग रहे हों। महिलाओं के साथ भी यहाँ कोई तमीज नहीं बरती जाती।" — एक स्थानीय उपभोक्ता प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग वितरण केंद्र पर बढ़ते इस तनाव और 'हॉकर राज' के कारण कभी भी विवाद बड़ा रूप ले सकता है। स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि: गैस वितरण की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उपभोक्ताओं के साथ अभद्रता करने वाले हॉकरों और लापरवाह संचालकों पर कठोर कार्रवाई हो। वितरण केंद्र पर सुरक्षा और सुचारू व्यवस्था के लिए पुलिस बल या सरकारी पर्यवेक्षक की नियुक्ति की जाए। अब देखना यह है कि प्रशासन इस 'मनमानी' पर कब तक लगाम लगा पाता है या फिर जनता इसी तरह सिस्टम और दबंगई के बीच पिसती रहेगी।
बबीना: गैस आपूर्ति में अनियमितता से उपभोक्ता त्रस्त, वितरण केंद्र पर हंगामे की स्थिति बबीना: गैस आपूर्ति में अनियमितता से उपभोक्ता त्रस्त, वितरण केंद्र पर हंगामे की स्थिति बबीना। क्षेत्र में इन दिनों रसोई गैस की किल्लत और वितरण व्यवस्था में भारी अव्यवस्थाओं ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है। स्थानीय गैस एजेंसी के वितरण केंद्र पर उपभोक्ताओं ने संचालकों और कुछ बेलगाम हॉकरों पर मनमानी और अभद्रता के गंभीर आरोप लगाए हैं। क्या है पूरा मामला? पिछले कई दिनों से गैस रिफिल के लिए उपभोक्ताओं को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। आरोप है कि गैस संचालक अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रहे हैं, जिसका फायदा उठाकर वितरण से जुड़े कुछ हॉकर स्वयं को
मालिक समझकर पूरी व्यवस्था को नियंत्रित कर रहे हैं। अभद्रता और 'गुंडागर्दी' के आरोप उपभोक्ताओं का कहना है कि जब वे अपनी बारी या गैस की देरी के बारे में सवाल करते हैं, तो वहां मौजूद हॉकर उनके साथ बदसलूकी करते हैं। विशेष रूप से महिलाओं और बुजुर्गों ने शिकायत की है कि: गैस की किल्लत का बहाना बनाकर घंटों इंतजार कराया जाता है। सवाल पूछने पर हॉकरों द्वारा धमकी भरा लहजा और अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है। नियमों को ताक पर रखकर चहेतों को गैस की सप्लाई प्राथमिकता पर दी जा रही है। "हम सुबह से काम छोड़कर लाइन में लगते हैं, लेकिन यहाँ मौजूद कर्मचारी हमसे ऐसे बात करते हैं जैसे हम गैस मुफ्त में मांग रहे
हों। महिलाओं के साथ भी यहाँ कोई तमीज नहीं बरती जाती।" — एक स्थानीय उपभोक्ता प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग वितरण केंद्र पर बढ़ते इस तनाव और 'हॉकर राज' के कारण कभी भी विवाद बड़ा रूप ले सकता है। स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि: गैस वितरण की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उपभोक्ताओं के साथ अभद्रता करने वाले हॉकरों और लापरवाह संचालकों पर कठोर कार्रवाई हो। वितरण केंद्र पर सुरक्षा और सुचारू व्यवस्था के लिए पुलिस बल या सरकारी पर्यवेक्षक की नियुक्ति की जाए। अब देखना यह है कि प्रशासन इस 'मनमानी' पर कब तक लगाम लगा पाता है या फिर जनता इसी तरह सिस्टम और दबंगई के बीच पिसती रहेगी।
- झांसी के मऊरानीपुर में अवैध खनन करते हुए बालू घाट से तीन ट्रैक्टरों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई एंकर -झांसी जिले की मऊरानीपुर तहसील के ग्राम सितौरा और निमोनी घाट के बीच लंबे समय से ट्रैक्टरों द्वारा अवैध खनन किया जा रहा था। इस मामले की सूचना लगातार तहसील प्रशासन को दी जा रही थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही थी। बताया जा रहा है कि मामला मे जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लिया। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और मऊरानीपुर कोतवाली पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान नदी में अवैध खनन करते हुए तीन ट्रैक्टरों को जब्त किया गया, जबकि मौके से चार से पांच ट्रैक्टर चालक वाहन छोड़कर फरार हो गए। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है और सभी के खिलाफ खनन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस अवैध खनन को लेकर क्षेत्र में पहले से ही चर्चाओं का माहौल था। स्थानीय लोगों में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर किसके संरक्षण में बालू माफिया दिन-रात इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे थे। फिलहाल प्रशासन की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और आगे भी सख्ती जारी रहने के संकेत दिए जा रहे हैं।4
- झांसी में गूंजा 4 मई ममता गई का नारा, बीजेपी कार्यकर्ताओं का जोरदार जश्न। पश्चिम बंगाल में शानदार प्रदर्शन के बाद झांसी में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। पार्टी कार्यालय में छालपुरी बनाकर बांटी गई, वहीं पदाधिकारियों ने एक दूसरे को छालपुरी खिलाकर खुशी जताई। बंगाल की सियासी गूंज अब झांसी तक साफ सुनाई दे रही है।4
- झांसी के जिलाधिकारी गौरांग राठी ने आज जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान व्यवस्थाओं की पोल खुलती नजर आई। निरीक्षण के दौरान कई खामियां सामने आईं मरीजों की लंबी कतारें, साफ-सफाई में लापरवाही और दवाओं की उपलब्धता को लेकर सवाल खड़े हुए। जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद डॉक्टरों और स्टाफ को कड़ी फटकार लगाई। ओपीडी और नेत्र विभाग में खामियां मिलीं, जहां मरीजों ने बाहर की दवाएं लिखने की शिकायत की। DM ने संबंधित चिकित्सक पर कार्रवाई के निर्देश दिए। CT स्कैन व्यवस्था सुधारने और गंदगी पर नोटिस जारी करने के भी आदेश दिए। जिला अस्पताल में दलालों का बोल बाला ज्यादा है डीएम ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप मरीजों को बेहतर और नि शुल्क उपचार मिलना चाहिए। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इस निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।1
- Post by Bablu Ramaiya1
- Jhansi : मेरे साथ कई बार छेड़छाड़ हुई है थाने गए तो सबूत मांग रहे हैं में आत्म@हत्या कर लूँगी तब भरोसा होगा दिया ज्ञापन.... #thenewstantra #news #jhansinews1
- *स्मार्ट मीटर बदलने की मांग को लेकर अपना दल एस ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन* *झांसी।* अपना दल एस के प्रतिनिधिमंडल ने जिला अध्यक्ष विजय कछवारे के नेतृत्व में महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपमाला कुशवाहा की अगुवाई में मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि झांसी व बुंदेलखंड में लगाए गए स्मार्ट मीटर एवं प्रीपेड मीटरों को हटाकर दूसरे मीटर लगाए जाएं तथा अघोषित विद्युत कटौती बंद की जाए। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिलों में तीन गुना से अधिक बढ़ोतरी हो गई है। उपभोक्ताओं को गलत बिल भेजे जा रहे हैं और समय से निस्तारण भी नहीं हो रहा है, जिससे आम जनता परेशान है। इस मौके पर जिला अध्यक्ष विजय कछवारे, राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला मंच दीपमाला कुशवाहा , राष्ट्रीय सचिव व्यापार मंच शिवकुमार सोलंकी,धर्मपाल पटेल, मनोज गोतिया विधानसभा अध्यक्ष झांसी, संजीव झसीया विधानसभा अध्यक्ष बबीना,ज्ञानमणी सिरोठिया महानगर अध्यक्ष व्यापार मंच, शुभम शुक्ला मुख्य उपाध्यक्ष व्यापार मंच, शोभा कुशवाहा जिला अध्यक्ष महिला मंच, विशाल वर्मा महासचिव महानगर, सचिन भारती उपाध्यक्ष महानगर,अरविंद पटेल उपाध्यक्ष महानगर,दक्ष वर्मा सचिव महानगर,सहित पार्टी के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- Post by S News1
- बबीना: गैस आपूर्ति में अनियमितता से उपभोक्ता त्रस्त, वितरण केंद्र पर हंगामे की स्थिति बबीना। क्षेत्र में इन दिनों रसोई गैस की किल्लत और वितरण व्यवस्था में भारी अव्यवस्थाओं ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है। स्थानीय गैस एजेंसी के वितरण केंद्र पर उपभोक्ताओं ने संचालकों और कुछ बेलगाम हॉकरों पर मनमानी और अभद्रता के गंभीर आरोप लगाए हैं। क्या है पूरा मामला? पिछले कई दिनों से गैस रिफिल के लिए उपभोक्ताओं को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। आरोप है कि गैस संचालक अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रहे हैं, जिसका फायदा उठाकर वितरण से जुड़े कुछ हॉकर स्वयं को मालिक समझकर पूरी व्यवस्था को नियंत्रित कर रहे हैं। अभद्रता और 'गुंडागर्दी' के आरोप उपभोक्ताओं का कहना है कि जब वे अपनी बारी या गैस की देरी के बारे में सवाल करते हैं, तो वहां मौजूद हॉकर उनके साथ बदसलूकी करते हैं। विशेष रूप से महिलाओं और बुजुर्गों ने शिकायत की है कि: गैस की किल्लत का बहाना बनाकर घंटों इंतजार कराया जाता है। सवाल पूछने पर हॉकरों द्वारा धमकी भरा लहजा और अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है। नियमों को ताक पर रखकर चहेतों को गैस की सप्लाई प्राथमिकता पर दी जा रही है। "हम सुबह से काम छोड़कर लाइन में लगते हैं, लेकिन यहाँ मौजूद कर्मचारी हमसे ऐसे बात करते हैं जैसे हम गैस मुफ्त में मांग रहे हों। महिलाओं के साथ भी यहाँ कोई तमीज नहीं बरती जाती।" — एक स्थानीय उपभोक्ता प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग वितरण केंद्र पर बढ़ते इस तनाव और 'हॉकर राज' के कारण कभी भी विवाद बड़ा रूप ले सकता है। स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि: गैस वितरण की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उपभोक्ताओं के साथ अभद्रता करने वाले हॉकरों और लापरवाह संचालकों पर कठोर कार्रवाई हो। वितरण केंद्र पर सुरक्षा और सुचारू व्यवस्था के लिए पुलिस बल या सरकारी पर्यवेक्षक की नियुक्ति की जाए। अब देखना यह है कि प्रशासन इस 'मनमानी' पर कब तक लगाम लगा पाता है या फिर जनता इसी तरह सिस्टम और दबंगई के बीच पिसती रहेगी।3