पीजी कॉलेज ग्राउंड में “जानलेवा पेड़” का खतरा, प्रशासन बेखबर अंबिकापुर। शहर के पीजी कॉलेज परिसर में खड़ा एक सूखा पेड़ अब लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। ग्राउंड में मॉर्निंग वॉक और अन्य गतिविधियों के लिए आने वाले लोगों पर इस पेड़ की सूखी टहनियां कभी भी गिर सकती हैं, जिससे बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। 👉 जानकारी के अनुसार, पेड़ पूरी तरह सूख चुका है और उसकी कमजोर टहनियां आए दिन टूटकर नीचे गिर रही हैं। 👉 हाल ही में एक व्यक्ति के ऊपर टहनी गिरने से उसके सिर पर गहरी चोट लग चुकी है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। 📌 शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कॉलेज प्रबंधन द्वारा प्राचार्य के माध्यम से एसडीएम अंबिकापुर को आवेदन दिया गया था। लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी न वन विभाग ने कोई कदम उठाया और न ही नगर निगम ने। 📌 प्रशासनिक लापरवाही उजागर स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह मामला अब विभागीय लापरवाही का स्पष्ट उदाहरण बन चुका है। यदि समय रहते इस सूखे पेड़ को नहीं हटाया गया, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
पीजी कॉलेज ग्राउंड में “जानलेवा पेड़” का खतरा, प्रशासन बेखबर अंबिकापुर। शहर के पीजी कॉलेज परिसर में खड़ा एक सूखा पेड़ अब लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। ग्राउंड में मॉर्निंग वॉक और अन्य गतिविधियों के लिए आने वाले लोगों पर इस पेड़ की सूखी टहनियां कभी भी गिर सकती हैं, जिससे बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। 👉 जानकारी के अनुसार, पेड़ पूरी तरह सूख चुका है और उसकी कमजोर टहनियां आए दिन टूटकर नीचे गिर रही हैं। 👉 हाल ही में एक व्यक्ति के ऊपर टहनी गिरने से उसके सिर पर गहरी चोट लग चुकी है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। 📌 शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कॉलेज प्रबंधन द्वारा प्राचार्य के माध्यम से एसडीएम अंबिकापुर को आवेदन दिया गया था। लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी न वन विभाग ने कोई कदम उठाया और न ही नगर निगम ने। 📌 प्रशासनिक लापरवाही उजागर स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह मामला अब विभागीय लापरवाही का स्पष्ट उदाहरण बन चुका है। यदि समय रहते इस सूखे पेड़ को नहीं हटाया गया, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
- Post by Shoaib Siddiqui1
- बलरामपुर जिले में आंधी और तूफान से कई घर उजड़ खुले आसमान के नीचे रहने के लिए मजबूर हुए ग्रामीण प्रशासन से गुहार लगाई लेकिन अभी तक कोई मदद नहीं1
- Post by Manoj shrivastav1
- कोरबा के दर्री थाना क्षेत्र स्थित पावर सिटी कॉलोनी में एक ही रात में दो घरों में चोरी की वारदात हुई है। चोर ठेकेदार और सीएसईबी के रिटायर्ड कर्मी के मकानों से सोने के बिस्कुट, जेवरात और नकदी सहित लाखों रुपये का सामान लेकर फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।दर्री थाना प्रभारी आशीष सिंह ने बताया कि चोरी की घटना सामने आई है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने मौके पर फॉरेंसिक विशेषज्ञों को भी बुलाया था और घटनाक्रम की जानकारी लेकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।सीएसईबी के रिटायर्ड कर्मी एच. एस. पटेल का परिवार कुछ दिनों पहले रायगढ़ गया हुआ था। घर पर ताला लगा था। उनकी बेटी, जो दर्री क्षेत्र में रहती है, जब किसी काम से पावर सिटी कॉलोनी स्थित घर आई तो उसने ताला टूटा हुआ देखा। उसने तुरंत अपने पिता को इसकी सूचना दी। पटेल अगले दिन कोरबा पहुंचे और चोरी की पुष्टि हुई।1
- Post by OM PRAKASH CHAUHAN1
- बडी खबर जशपुर के बगीचा से आ रही है। महादेवडांड के पास एक तालाब में 2 बच्चों की लाश मिली है। बच्चों की पहचान गोल्डी टोप्पो 8 वर्ष एवं अनीस टोप्पो 7 वर्ष के रूप मे हुई है । दोनों बिसबहरी गांव के बच्चेहैं। दोनों बच्चेशनिवार से लापता थ1
- बलरामपुर जिले में1
- एंकर: बलरामपुर जिले में एक किसान की लंबी कानूनी लड़ाई आखिरकार रंग लाई है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद आज किसान का धान बैंड-बाजे के साथ खरीदी केंद्र में धान बेचने पहुंचा। यह मामला ग्राम चितविश्रामपुर बनोर के किसान राजदेव मिंज से जुड़ा है, जिनका धान प्रशासनिक प्रक्रिया में फंस गया था। वीओ: दरअसल ग्राम चितविश्रामपुर बनोर निवासी किसान राजदेव मिंज का करीब 525 बोरा धान समय पर ऑनलाइन टोकन नहीं कट पाने की वजह से सरकारी खरीदी केंद्र में नहीं बिक पाया था। समय सीमा समाप्त होने का हवाला देते हुए प्रशासन ने धान खरीदी पर रोक लगा दी थी। किसान ने कई बार अधिकारियों के चक्कर लगाए लेकिन जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने मामला छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट पहुंचाया, मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने किसान के पक्ष में फैसला सुनाते हुए प्रशासन को धान खरीदी कराने का आदेश दिया, कोर्ट के आदेश के बाद आज किसान गांव के लोगों के साथ बरदर धान खरीदी केंद्र पहुंचा, जहां बैंड-बाजे के साथ धान की तौल कराई गई। इस दौरान गांव के कई लोग भी मौजूद रहे। किसान ने भावुक होकर कहा कि यह बाजा-गाजा माननीय न्यायालय के सम्मान में बजाया जा रहा है, क्योंकि न्यायालय की वजह से ही उन्हें न्याय मिल पाया है। सलग्न: बाइट- राजदेव मिंज (किसान)2
- Post by Manoj shrivastav1