नाला निर्माण पर भाकियू का प्रदर्शन, अधिशासी अधिकारी पर धन के दुरुपयोग का आरोप, तालाबंदी की चेतावनी बागपत में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका अधिशासी अधिकारी (ईओ) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने 27 लाख रुपये की लागत से बन रहे नाले के निर्माण में धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया है और ईओ कार्यालय पर तालाबंदी की चेतावनी दी है। भाकियू का कहना है कि शहर में पानी की निकासी के लिए पहले से ही एक अच्छी स्थिति वाला नाला मौजूद है। इसके बावजूद, अधिशासी अधिकारी ने कथित तौर पर अपने एक रिश्तेदार को ठेका देकर नए नाले का निर्माण शुरू कराया है, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। यूनियन ने यह भी आरोप लगाया कि नाला निर्माण के लिए 10 हरे पेड़ काटने की तैयारी है, जिसके लिए कोई अनुमति नहीं ली गई है। भाकियू ने चेतावनी दी है कि यदि एक भी पेड़ काटा गया, तो वे धरना प्रदर्शन करेंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी बागपत नगर पालिका और वन विभाग की होगी। भारतीय किसान यूनियन के दिल्ली-एनसीआर महासचिव प्रदीप धामा और अन्य कार्यकर्ता बागपत तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी (डीएम) अस्मिता लाल से मिले। उन्होंने डीएम से शिकायत की कि उनके सख्त निर्देशों के बावजूद अधिकारी धन के दुरुपयोग से बाज नहीं आ रहे हैं। इस पर डीएम ने वन विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजकर जांच के आदेश दिए हैं। स्थानीय निवासी सुंदरी ने बताया कि उनके मकान के बाहर 10 फीट गहरा गड्डा खोद दिया गया है, जिससे उनके कई मकान गिरने की कगार पर हैं और कभी भी कोई हादसा हो सकता है। भाकियू कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे ईओ बागपत नगरपालिका के कार्यालय पर तालाबंदी करेंगे।
नाला निर्माण पर भाकियू का प्रदर्शन, अधिशासी अधिकारी पर धन के दुरुपयोग का आरोप, तालाबंदी की चेतावनी बागपत में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका अधिशासी अधिकारी (ईओ) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने 27 लाख रुपये की लागत से बन रहे नाले के निर्माण में धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया है और ईओ कार्यालय पर तालाबंदी की चेतावनी दी है। भाकियू का कहना है कि शहर में पानी की निकासी के लिए पहले से ही एक अच्छी स्थिति वाला नाला मौजूद है। इसके बावजूद, अधिशासी अधिकारी ने कथित तौर पर अपने एक रिश्तेदार को ठेका देकर नए नाले का निर्माण शुरू कराया है, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। यूनियन ने यह भी आरोप लगाया कि नाला निर्माण के लिए 10 हरे पेड़ काटने की तैयारी है, जिसके लिए कोई अनुमति नहीं ली गई है। भाकियू ने चेतावनी दी है कि यदि एक भी पेड़ काटा गया, तो वे धरना प्रदर्शन करेंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी बागपत नगर पालिका और वन विभाग की होगी। भारतीय किसान यूनियन के दिल्ली-एनसीआर महासचिव प्रदीप धामा और अन्य कार्यकर्ता बागपत तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी (डीएम) अस्मिता लाल से मिले। उन्होंने डीएम से शिकायत की कि उनके सख्त निर्देशों के बावजूद अधिकारी धन के दुरुपयोग से बाज नहीं आ रहे हैं। इस पर डीएम ने वन विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजकर जांच के आदेश दिए हैं। स्थानीय निवासी सुंदरी ने बताया कि उनके मकान के बाहर 10 फीट गहरा गड्डा खोद दिया गया है, जिससे उनके कई मकान गिरने की कगार पर हैं और कभी भी कोई हादसा हो सकता है। भाकियू कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे ईओ बागपत नगरपालिका के कार्यालय पर तालाबंदी करेंगे।
- बागपत में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका अधिशासी अधिकारी (ईओ) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने 27 लाख रुपये की लागत से बन रहे नाले के निर्माण में धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया है और ईओ कार्यालय पर तालाबंदी की चेतावनी दी है। भाकियू का कहना है कि शहर में पानी की निकासी के लिए पहले से ही एक अच्छी स्थिति वाला नाला मौजूद है। इसके बावजूद, अधिशासी अधिकारी ने कथित तौर पर अपने एक रिश्तेदार को ठेका देकर नए नाले का निर्माण शुरू कराया है, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। यूनियन ने यह भी आरोप लगाया कि नाला निर्माण के लिए 10 हरे पेड़ काटने की तैयारी है, जिसके लिए कोई अनुमति नहीं ली गई है। भाकियू ने चेतावनी दी है कि यदि एक भी पेड़ काटा गया, तो वे धरना प्रदर्शन करेंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी बागपत नगर पालिका और वन विभाग की होगी। भारतीय किसान यूनियन के दिल्ली-एनसीआर महासचिव प्रदीप धामा और अन्य कार्यकर्ता बागपत तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी (डीएम) अस्मिता लाल से मिले। उन्होंने डीएम से शिकायत की कि उनके सख्त निर्देशों के बावजूद अधिकारी धन के दुरुपयोग से बाज नहीं आ रहे हैं। इस पर डीएम ने वन विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजकर जांच के आदेश दिए हैं। स्थानीय निवासी सुंदरी ने बताया कि उनके मकान के बाहर 10 फीट गहरा गड्डा खोद दिया गया है, जिससे उनके कई मकान गिरने की कगार पर हैं और कभी भी कोई हादसा हो सकता है। भाकियू कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे ईओ बागपत नगरपालिका के कार्यालय पर तालाबंदी करेंगे।1
- राजधानी दिल्ली में आतंकी हमले का अलर्ट जारी हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिला है कि लश्कर-ए-तैयबा लाल किला के सामने धमाके की साजिश रच रहा है। वहीं, अलर्ट के बाद दिल्ली पुलिस हरकत में आ गई है और लाल किला समेत मंदिरों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है। इनपुट मिला है कि लश्कर-ए-तैयबा भारत की राजधानी दिल्ली में हमले की साजिश रच रहा है। बताया जा रहा कि चांदनी चौक के पास स्थित मंदिर समेत देश कई धार्मिक स्थल आतंकियों के निशाने पर है। बता दें कि दिल्ली में पिछले साल ही 10 नवंबर 2025 को लाल किला के पास आतंकी ब्लास्ट हुआ था, जिसमें 10 से ज्यादा लोग मारे गए थे। इस आतंकी हमले में 25 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।1
- नंद नगरी में 18 फरवरी को हुई हत्या के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है इस मामले में पुलिस ने सुनील सरदार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है1
- बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद तस्करी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. किशनगंज में कुर्सी बेचने वाला एक व्यक्ति शराब तस्कर निकला. बताया जा रहा है कि आरोपी फर्नीचर की आड़ में शराब की खेप सप्लाई करता था. जांच के दौरान कुर्सियों के अंदर छिपाकर रखी गई शराब बरामद की गई. इस कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.1
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- ऑटो में बैठी लड़की से छेड़खानी1
- Aai mukandpur Me Ek baar phir Accident @1
- दिल्ली में 10 किमी का ‘डार्क कॉरिडोर’: बुराड़ी पुश्ता रोड पर पांच साल से बुझी हैं 150 स्ट्रीट लाइटें। राजधानी दिल्ली में विकास के दावों के बीच बुराड़ी का पुश्ता रोड अंधेरे में डूबा हुआ है। वजीराबाद से हिरंकी तक करीब 10 किलोमीटर लंबा यह मार्ग शाम ढलते ही ‘डार्क कॉरिडोर’ में बदल जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह संभवतः दिल्ली का सबसे लंबा डार्क स्पॉट है। करीब पांच साल पहले इस पूरे मार्ग पर लगभग 150 स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थीं। शुरुआती कुछ महीनों तक सड़क रोशन रही, लेकिन उसके बाद लाइटें एक-एक कर खराब होती चली गईं। पिछले चार वर्षों से स्थिति यह है कि पूरी लाइन की सभी लाइटें बंद पड़ी हैं और संबंधित विभाग ने अब तक स्थायी समाधान नहीं किया है। यह सड़क जगतपुर, संत नगर, बुराड़ी, बख्तावरपुर, नाथूपुरा और इब्राहिमपुर जैसे इलाकों को जोड़ते हुए हरियाणा की ओर निकलती है। दिन में यह मार्ग सामान्य दिखता है, लेकिन सूरज ढलते ही यहां घना अंधेरा छा जाता है। हजारों वाहन चालक और स्थानीय निवासी रोजाना जोखिम उठाकर इस रास्ते से गुजरते हैं। सड़क के एक ओर आबादी है, तो दूसरी ओर झाड़ियां और खेत। अंधेरे के कारण सड़क पर गड्ढे और अचानक सामने आने वाले लोग या वाहन देर से दिखाई देते हैं, जिससे हादसों की आशंका बनी रहती है। कई वाहन चालकों का कहना है कि उन्हें अचानक ब्रेक लगानी पड़ती है, जिससे पीछे चल रहे वाहनों से टक्कर का खतरा बढ़ जाता है। महिलाओं और कामकाजी लोगों के लिए यह रास्ता और भी ज्यादा असुरक्षित माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व यहां लूटपाट और स्नैचिंग जैसी वारदातों की कोशिश करते हैं।शाम के बाद इस मार्ग से गुजरना लोगों के लिए भय का कारण बन गया है। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि स्ट्रीट लाइटों की तकनीकी जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय किया जाएगा कि लाइटें कब तक दुरुस्त की जा सकेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जानकारी क्षेत्रीय विधायक को दे दी गई है। स्थानीय निवासियों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द इस 10 किलोमीटर लंबे अंधेरे को खत्म करे, ताकि बुराड़ी पुश्ता रोड फिर से सुरक्षित और रोशन बन सके।1