Shuru
Apke Nagar Ki App…
चंडी पुल पर तेज रफ्तार गाड़ी पलटी थाना सहावर क्षेत्र में तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर चांडी नहर में जा गिरी सभी लोग सकुशल निकाल लिए गए।
FURKAN AHMAD
चंडी पुल पर तेज रफ्तार गाड़ी पलटी थाना सहावर क्षेत्र में तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर चांडी नहर में जा गिरी सभी लोग सकुशल निकाल लिए गए।
More news from Uttar Pradesh and nearby areas
- Post by SNN न्यूज़1
- बदायूं जिले में बरेली कासगंज रेलमार्ग की उझानी रेलवे स्टेशन के समीप एक युवक की मालगाड़ी से कट कर मौत हो गई । युवक गोपाल पुत्र महावीर जिले के थाना जरीफनगर के गांव शादीपुर का रहने वाला है, वह रेल से मथुरा जाने को उझानी आया मगर हादसे क्या शिकार हो गया।1
- कार के नीचे घसीटता रहा शव, देखकर उडे होश, पुलिस जांच मे जुटी बदायूं। शहर के लालपुल पर शुक्रवार शाम को लोगों ने एक कार के नीचे शव को देखा, जिसे देखकर क्षेत्र मे सनसनी फैल गई, सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार के नीचे से शव निकाला। शव की शिनाख्त आधार कार्ड मिलने पर हुई, शव बिल्सी क्षेत्र का घलेंद्र बताया जा रहा है। पुलिस कार चालक से पूछताछ कर रही है।1
- 🚨 दिल दहला देने वाली घटना | #Badaun उत्तर प्रदेश सरकार लिखी एक कार के नीचे एक शख़्स की डेड बॉडी फंसी मिली, जो कई किलोमीटर तक सड़क पर घसीटती हुई बदायूं शहर पहुंची। कार के पीछे चल रहे स्कॉर्पियो सवारों ने वीडियो बनाकर कार को रोका, तब जाकर इस भयावह सच्चाई का खुलासा हुआ। 👉 शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है 👉 मृतक की जेब से आधार कार्ड मिला 👉 मृतक की पहचान घलेंद्र के रूप में हुई 👉 घटना का वीडियो सामने आया है ❓ सवाल ये है — इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई? जिम्मेदार कौन है? 📌 पुलिस जांच में जुटी #BreakingNews #UPNews #BadaunNews #DeadBody #ShockingVideo #JusticeForGhalendra #UPPolice #GroundReport #ViralVideo1
- सरकारी नाली पर कब्जा किया हुआ है नाली पर बैठने के लिए चौतरा बना रखा है नाली का पानी दूसरे के खेत में जा रहा है दूसरे व्यक्ति को निकालने में दिक्कत होती है कोई भी सुनवाई नहीं हो रही है ग्राम धुमरी पोस्ट धुमरी थाना जैथरा तहसील अलीगंज जिला एटा रहने वाला हूं2
- Post by Mohit kumar1
- एक अधिकारी की सनक, एक हस्ताक्षर, और एक परिवार की आजीविका मिट्टी में मिल जाती है। उस पानीपुरी वाले ने शायद वर्षों में अपने हाथों की मेहनत से कुछ पैसे जोड़े होंगे। उसी रेहड़ी से उसने अपने बच्चों को पढ़ाया होगा, बूढ़े माता-पिता की दवाइयाँ खरीदी होंगी, और अपने घर का चूल्हा जलाया होगा। उसकी रेहड़ी सिर्फ लकड़ी और लोहे का ढांचा नहीं थी—वह उसकी जिंदगी थी। लेकिन सत्ता की नजर में वह सिर्फ “अवैध अतिक्रमण” था। न कोई चेतावनी, न कोई पुनर्वास, न कोई वैकल्पिक व्यवस्था—सीधा बुल्डोज़र। यह विकास नहीं, यह संवेदनहीनता है। सरकारें अक्सर गरीबों के कल्याण की बात करती हैं, रोजगार देने के वादे करती हैं। लेकिन जब गरीब खुद अपने हाथों से रोजगार पैदा करता है, तो उसे कुचल दिया जाता है। क्या यही सुशासन है? क्या यही न्याय है? एक सभ्य समाज की पहचान यह होती है कि वह अपने सबसे कमजोर नागरिकों के साथ कैसा व्यवहार करता है। अगर विकास के नाम पर गरीबों की रोज़ी छिनी जाए, तो वह विकास नहीं, बल्कि विनाश है। आज पानीपुरी वाले की रेहड़ी गिरी है, कल किसी सब्ज़ीवाले की ठेली गिरेगी, परसों किसी मोची की दुकान। और हर बार सत्ता कहेगी—“कानून अपना काम कर रहा है।” लेकिन सच यह है कि कानून तब तक अधूरा है, जब तक उसमें करुणा और इंसानियत न हो। सवाल सिर्फ एक पानीपुरी वाले का नहीं है। सवाल यह है—आखिर कब तक गरीबों का हक, उनकी मेहनत और उनका आत्मसम्मान बुल्डोज़र के नीचे कुचला जाता रहेगा?1
- बदायूं जिले में बरेली - कासगंज रेलमार्ग की उझानी स्टेशन के आउटर पर कटा युवक, जरीफनगर थाने के गांव शादीपुर का रहने वाला गोपाल पुत्र महावीर मथुरा जाने के लिए उझानी रेलवे स्टेशन पर पहुंचा था लेकिन हादसे का शिकार हो गया1
- Post by Shyam Ji1