जिले के 10 सेंटरो पर आयोजित की जा रही है एस आई भर्ती परीक्षा 36 सौ अभ्यर्थी देंगे परीक्षा सेंटरो पर 370 पुलिसकर्मी तैनात अमेठी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दो दिनों तक चलने वाले एसआई भर्ती परीक्षा शुरू हो गई। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जिले के 10 सेंटरों पर इस परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है जिसमें 3600 अभ्यर्थी अपनी परीक्षा देंगे। दो पालियों में आयोजित होने वाली इस परीक्षा की पहली पॉली सुबह 10 बजे से 12।बजे तक जबकि दूसरी पाली शाम 3 बजे से 5 बजे तक आयोजित की जाएगी। दरसअल जिले में में आज और कल दो दिनों तक होने वाले एस आई भर्ती परीक्षा की शुरुवात हो गई।कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अभ्यर्थी अपने सेंटरो तक पहुँच रहे है।जिले के 10।सेंटरो पर आयोजित होने वाले इस परीक्षा में सुरक्षा को लेकर 370।पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।जबकि सीओ अपने अपने सर्किल क्षेत्र में भ्रमणशील रहेंगे।शहर से दूर बने सेंटरो तक अभ्यर्थियों को पहुँचाने के लिए एसपी के निर्देश पर ई रिक्शा को भी लगाया गया है।इसके साथ ही पीआरवी कि गाड़ी भी अपने अपने परीक्षा केंद्रों के बाहर भ्रमणशील है।पहली पाली सुबह 10 बजे शुरू होगी जो 12 बजे तक चलेगी जबकि दूसरी पाली दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक चलेगी।पूरे जिले में 3600 अभ्यर्थी अपनी परीक्षा देंगे।परीक्षा को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए 10 स्टेटिक और 10 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए है।एएसपी ज्ञानेंद्र सिंह को परीक्षा का नोडल अधिकारी बनाया गया है।
जिले के 10 सेंटरो पर आयोजित की जा रही है एस आई भर्ती परीक्षा 36 सौ अभ्यर्थी देंगे परीक्षा सेंटरो पर 370 पुलिसकर्मी तैनात अमेठी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दो दिनों तक चलने वाले एसआई भर्ती परीक्षा शुरू हो गई। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जिले के 10 सेंटरों पर इस परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है जिसमें 3600 अभ्यर्थी अपनी परीक्षा देंगे। दो पालियों में आयोजित होने वाली इस परीक्षा की पहली पॉली सुबह 10 बजे से 12।बजे तक
जबकि दूसरी पाली शाम 3 बजे से 5 बजे तक आयोजित की जाएगी। दरसअल जिले में में आज और कल दो दिनों तक होने वाले एस आई भर्ती परीक्षा की शुरुवात हो गई।कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अभ्यर्थी अपने सेंटरो तक पहुँच रहे है।जिले के 10।सेंटरो पर आयोजित होने वाले इस परीक्षा में सुरक्षा को लेकर 370।पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।जबकि सीओ अपने अपने सर्किल क्षेत्र में भ्रमणशील रहेंगे।शहर से दूर बने सेंटरो तक अभ्यर्थियों को पहुँचाने के लिए एसपी
के निर्देश पर ई रिक्शा को भी लगाया गया है।इसके साथ ही पीआरवी कि गाड़ी भी अपने अपने परीक्षा केंद्रों के बाहर भ्रमणशील है।पहली पाली सुबह 10 बजे शुरू होगी जो 12 बजे तक चलेगी जबकि दूसरी पाली दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक चलेगी।पूरे जिले में 3600 अभ्यर्थी अपनी परीक्षा देंगे।परीक्षा को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए 10 स्टेटिक और 10 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए है।एएसपी ज्ञानेंद्र सिंह को परीक्षा का नोडल अधिकारी बनाया गया है।
- अमेठी जनपद में आगामी त्योहारों और जुमा की नमाज़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो चुका है।। जिले में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अमेठी पुलिस लगातार पैदल गश्त कर रही है और संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी भी की जा रही है। दरअसल, एसपी अमेठी सरवणन टी. के निर्देशन में जिले के सभी थानों की पुलिस टीम अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार पैदल गश्त कर रही है। इस दौरान सीओ और थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ बाजारों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पुलिस द्वारा विशेष रूप से ऐसे संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई जहां त्योहारों के दौरान अधिक भीड़ होने की संभावना रहती है। इन क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए ड्रोन कैमरों के माध्यम से भी लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। गश्त के दौरान पुलिस अधिकारी आम लोगों से संवाद भी कर रहे हैं और उनसे अपील कर रहे हैं कि सभी लोग मिलजुलकर आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ त्योहार मनाएं। साथ ही किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने और सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक या अपुष्ट खबरों को बिना पुष्टि के आगे न बढ़ाने की भी सलाह दी जा रही है। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से यह भी अनुरोध किया है कि यदि कहीं कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे या कोई व्यक्ति शांति व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश करता नजर आए, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस का कहना है कि आमजन के सहयोग से ही त्योहारों को सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जा सकता है। अमेठी पुलिस का कहना है कि जनपद में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है और पुलिस की टीमें लगातार क्षेत्र में मौजूद हैं। प्रशासन की कोशिश है कि सभी लोग त्योहारों का आनंद सुरक्षित माहौल में ले सकें और जिले में भाईचारा और शांति का माहौल बना रहे।4
- संग्रामपुर विकास खंड के कालिकन धाम में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन प्रवाचक उमेश त्रिपाठी जी महाराज ने श्रद्धालुओं को भक्ति का महत्व बताते हुए कहा कि मनुष्य का शरीर भगवान की भक्ति और सेवा के लिए मिला है। यदि मनुष्य अपने हाथ, पैर, आंख, कान और जिह्वा का उपयोग भगवान की पूजा, भजन और सत्संग में नहीं करता है। तो यह शरीर व्यर्थ माना जाता है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा के अनुसार जिस मनुष्य के हाथ भगवान की सेवा और पूजा में नहीं जुड़ते। वे हाथ केवल शरीर का बोझ है। जो पैर तीर्थ, मंदिर और सत्संग तक नहीं जाते है। उनका भी सही उपयोग नहीं हो पाता। इसी प्रकार जो आंखें भगवान के स्वरूप और संतों का दर्शन नहीं करतीं और जो कान भगवान की कथा व कीर्तन नहीं सुनते। वे भी अपने वास्तविक उद्देश्य से दूर रह जाते है।प्रवाचक ने कहा कि मनुष्य की जिह्वा का सर्वोत्तम उपयोग भगवान का नाम लेने, भजन-कीर्तन करने और सत्संग का गुणगान करने में है। जब मनुष्य अपने शरीर के प्रत्येक अंग को भगवान की भक्ति में लगाता है। तब उसका जीवन सफल हो जाता है और उसे आत्मिक शांति व परम सुख की प्राप्ति होती है। इस अवसर पर रामफेर शर्मा, नन्द कुमार शर्मा, सोनू शर्मा, मोनू शर्मा, रवि दूबे, धीरज शुक्ल, पिंटू मिश्र, रामराज पांडेय, मधु दूबे, पूनम शर्मा, बबीता शर्मा, रोली शर्मा सहित महिलाएँ एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- Post by Rakesh Rawat1
- क्या अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव में रूस भी किसी भूमिका में है? क्या व्लादिमीर पुतिन ईरान को समर्थन दे रहे हैं? अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के ताजा बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच डोनल्ड ट्रंप ने रूस को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ईरान की कुछ हद तक मदद कर रहे हो सकते हैं। ट्रंप ने यह बात एक रेडियो इंटरव्यू के दौरान कही। उन्होंने फॉक्स न्यूज के होस्ट ब्रायन किल्मीड से बातचीत में यह टिप्पणी की। बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि पुतिन ईरान की मदद कर रहे हैं, तो ट्रंप ने जवाब दिया कि “मुझे लगता है कि वह शायद थोड़ी मदद कर रहे होंगे।” हालांकि ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि रूस किस तरह की मदद कर रहा है या इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं। लेकिन उनके इस बयान के बाद वैश्विक राजनीति में अमेरिका, रूस और ईरान के संबंधों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान टकराव के बीच रूस की संभावित भूमिका को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में ट्रंप का यह बयान अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।1
- इज़राइल-ईरान-अमेरिका तनाव पर डॉ. जिग्नेश जानी का शांति संदेश: “युद्ध नहीं, शांति ही समाधान”1
- Post by Lalit Kumar Singh1
- क्या चीन का नया कानून देश में एकता लाएगा या अल्पसंख्यकों की पहचान पर असर डालेगा? चीन की संसद द्वारा पारित किए गए “जातीय एकता कानून” को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो गई है। चीन की संसद नेशनल पीपुल्स कांग्रेस ने गुरुवार को “एथनिक यूनिटी लॉ” यानी जातीय एकता कानून को मंजूरी दे दी है। चीनी सरकार का कहना है कि यह कानून देश में जातीय एकता और आधुनिक विकास को मजबूत बनाने के लिए लाया गया है। हालांकि मानवाधिकार संगठनों ने इस कानून को लेकर गंभीर चिंताएं जताई हैं। मानवाधिकार समूहों का आरोप है कि इस कानून के जरिए चीन सरकार जातीय अल्पसंख्यकों की पहचान और संस्कृति को कमजोर करने की कोशिश कर सकती है। इस मुद्दे को लेकर चीन के अंदर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कानून से चीन में रहने वाले अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकार और अवसर प्रभावित हो सकते हैं। चीन में कुल 55 जातीय अल्पसंख्यक समुदायों को आधिकारिक मान्यता प्राप्त है, जिनकी अपनी भाषाएं और सांस्कृतिक परंपराएं हैं। मंगोलियन ह्यूमन राइट्स इंफॉर्मेशन सेंटर की एक रिपोर्ट के अनुसार यदि मंदारिन भाषा को अनिवार्य बनाया जाता है तो मंगोलियन भाषा बोलने वाले लोगों के लिए रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से पिछड़ सकते हैं। इसी तरह अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के लिए भी अवसरों में कमी आने की आशंका जताई जा रही है। नए कानून के तहत जातीय एकता को केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी बताया गया है। इसमें प्रशासनिक संस्थानों, अभिभावकों और व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी इस प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया है। चीन में अल्पसंख्यकों की स्थिति पहले से ही अंतरराष्ट्रीय बहस का विषय रही है। उइगर मुस्लिमों के साथ कथित अत्याचार, तिब्बत में धार्मिक संस्थानों पर कड़ा नियंत्रण और मंगोलियाई भाषा की पढ़ाई पर प्रतिबंध जैसे मुद्दों को लेकर समय-समय पर विरोध सामने आता रहा है। ऐसे में चीन के इस नए कानून के बाद अल्पसंख्यकों के अधिकारों और सांस्कृतिक पहचान को लेकर वैश्विक स्तर पर बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।1
- Sultanpur Sarkari School ki Badhaali 2. Na Boundary Wall, Na Peene ke Pani ki Vyavastha खबरें उत्तर प्रदेश की khabrein Uttar Pradesh ki1
- *आज दिनांक 14.03.2026 को उ0नि0 सीधी भर्ती परीक्षा–2025 के दृष्टिगत अपर पुलिस महानिदेशक, प्रयागराज जोन श्री ज्योति नारायन द्वारा जनपद प्रतापगढ़ में भ्रमणशील रहकर परीक्षा केन्द्रों का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था एवं ड्यूटी में तैनात पुलिस बल की जांच की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अपर पुलिस महानिदेशक महोदय ने बताया कि परीक्षा को सकुशल, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने हेतु सभी केन्द्रों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है तथा अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं।* *इस संबंध में अपर पुलिस महानिदेशक, प्रयागराज जोन श्री ज्योति नारायन की बाइट ।*1