चीन में अब मुस्लिमों पर बरसेगा कहर, नया जातीय एकता कानून पास क्या चीन का नया कानून देश में एकता लाएगा या अल्पसंख्यकों की पहचान पर असर डालेगा? चीन की संसद द्वारा पारित किए गए “जातीय एकता कानून” को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो गई है। चीन की संसद नेशनल पीपुल्स कांग्रेस ने गुरुवार को “एथनिक यूनिटी लॉ” यानी जातीय एकता कानून को मंजूरी दे दी है। चीनी सरकार का कहना है कि यह कानून देश में जातीय एकता और आधुनिक विकास को मजबूत बनाने के लिए लाया गया है। हालांकि मानवाधिकार संगठनों ने इस कानून को लेकर गंभीर चिंताएं जताई हैं। मानवाधिकार समूहों का आरोप है कि इस कानून के जरिए चीन सरकार जातीय अल्पसंख्यकों की पहचान और संस्कृति को कमजोर करने की कोशिश कर सकती है। इस मुद्दे को लेकर चीन के अंदर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कानून से चीन में रहने वाले अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकार और अवसर प्रभावित हो सकते हैं। चीन में कुल 55 जातीय अल्पसंख्यक समुदायों को आधिकारिक मान्यता प्राप्त है, जिनकी अपनी भाषाएं और सांस्कृतिक परंपराएं हैं। मंगोलियन ह्यूमन राइट्स इंफॉर्मेशन सेंटर की एक रिपोर्ट के अनुसार यदि मंदारिन भाषा को अनिवार्य बनाया जाता है तो मंगोलियन भाषा बोलने वाले लोगों के लिए रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से पिछड़ सकते हैं। इसी तरह अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के लिए भी अवसरों में कमी आने की आशंका जताई जा रही है। नए कानून के तहत जातीय एकता को केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी बताया गया है। इसमें प्रशासनिक संस्थानों, अभिभावकों और व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी इस प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया है। चीन में अल्पसंख्यकों की स्थिति पहले से ही अंतरराष्ट्रीय बहस का विषय रही है। उइगर मुस्लिमों के साथ कथित अत्याचार, तिब्बत में धार्मिक संस्थानों पर कड़ा नियंत्रण और मंगोलियाई भाषा की पढ़ाई पर प्रतिबंध जैसे मुद्दों को लेकर समय-समय पर विरोध सामने आता रहा है। ऐसे में चीन के इस नए कानून के बाद अल्पसंख्यकों के अधिकारों और सांस्कृतिक पहचान को लेकर वैश्विक स्तर पर बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
चीन में अब मुस्लिमों पर बरसेगा कहर, नया जातीय एकता कानून पास क्या चीन का नया कानून देश में एकता लाएगा या अल्पसंख्यकों की पहचान पर असर डालेगा? चीन की संसद द्वारा पारित किए गए “जातीय एकता कानून” को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो गई है। चीन की संसद नेशनल पीपुल्स कांग्रेस ने गुरुवार को “एथनिक यूनिटी लॉ” यानी जातीय एकता कानून को मंजूरी दे दी है। चीनी सरकार का कहना है कि यह कानून देश में जातीय एकता और आधुनिक विकास को मजबूत बनाने के लिए लाया गया है। हालांकि मानवाधिकार संगठनों ने इस कानून को लेकर गंभीर चिंताएं जताई हैं। मानवाधिकार समूहों का आरोप है कि इस कानून के जरिए चीन सरकार जातीय अल्पसंख्यकों की पहचान और संस्कृति को कमजोर करने की कोशिश कर सकती है। इस मुद्दे को लेकर चीन के अंदर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कानून से चीन में रहने वाले अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकार और अवसर प्रभावित हो सकते हैं। चीन में कुल 55 जातीय अल्पसंख्यक समुदायों को आधिकारिक मान्यता प्राप्त है, जिनकी अपनी भाषाएं और सांस्कृतिक परंपराएं हैं। मंगोलियन ह्यूमन राइट्स इंफॉर्मेशन सेंटर की एक रिपोर्ट के अनुसार यदि मंदारिन भाषा को अनिवार्य बनाया जाता है तो मंगोलियन भाषा बोलने वाले लोगों के लिए रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से पिछड़ सकते हैं। इसी तरह अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के लिए भी अवसरों में कमी आने की आशंका जताई जा रही है। नए कानून के तहत जातीय एकता को केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी बताया गया है। इसमें प्रशासनिक संस्थानों, अभिभावकों और व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी इस प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया है। चीन में अल्पसंख्यकों की स्थिति पहले से ही अंतरराष्ट्रीय बहस का विषय रही है। उइगर मुस्लिमों के साथ कथित अत्याचार, तिब्बत में धार्मिक संस्थानों पर कड़ा नियंत्रण और मंगोलियाई भाषा की पढ़ाई पर प्रतिबंध जैसे मुद्दों को लेकर समय-समय पर विरोध सामने आता रहा है। ऐसे में चीन के इस नए कानून के बाद अल्पसंख्यकों के अधिकारों और सांस्कृतिक पहचान को लेकर वैश्विक स्तर पर बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
- Sultanpur Sarkari School ki Badhaali 2. Na Boundary Wall, Na Peene ke Pani ki Vyavastha खबरें उत्तर प्रदेश की khabrein Uttar Pradesh ki1
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- शिवगढ़ कोतवाली अंतर्गत अवयत कारणों से 60 वर्षीय की हत्या कर दी गई सूचना पर मौके पर पुलिस पहुँच कर शव को कब्जे में लेकर जाँच शुरू कर दी है1
- सुल्तानपुर जिले के लंभुआ नगर पंचायत क्षेत्र में रमजान के पाक महीने के आखिरी जुमे, यानी जुम्मा अलविदा के मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पूरे अकीदत और एहतराम के साथ नमाज अदा की। इस अवसर पर नगर की जामा मस्जिद लंभुआ, गौसिया मस्जिद सहित आसपास की अन्य मस्जिदों में सुबह से ही नमाजियों की भारी भीड़ देखने को मिली। दूर-दराज के इलाकों से भी बड़ी संख्या में रोजेदार और नमाजी मस्जिदों में पहुंचकर अल्लाह की इबादत में मशगूल रहे। जुम्मा अलविदा को लेकर लोगों में खास उत्साह और धार्मिक आस्था देखने को मिली। मस्जिदों में नमाज अदा करने के लिए नमाजी समय से पहले ही पहुंचने लगे थे, जिससे कई स्थानों पर मस्जिदों के अंदर और बाहर तक नमाजियों की कतारें लग गईं। रमजान के इस पाक मौके पर लोगों ने पूरे मनोयोग और श्रद्धा के साथ अल्लाह की इबादत की और रोजे रखकर इबादत में अपना समय बिताया। नमाज से पहले मौलाना ने अपने बयान में जुम्मा अलविदा की अहमियत और रमजान महीने की फजीलत पर विस्तार से रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि रमजान का महीना सब्र, रहमत और बरकत का महीना होता है। इस महीने में अल्लाह अपने बंदों पर खास रहमत और बरकत नाजिल करता है। इसलिए हर मुसलमान को चाहिए कि वह इस पाक महीने में ज्यादा से ज्यादा इबादत करे, गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करे तथा समाज में भाईचारा और इंसानियत का संदेश फैलाए। इस मौके पर गुलाम दस्तगीर कादरी ने बताया कि रमजान का महीना बेहद बरकत और सवाब का महीना है। उन्होंने कहा कि इस महीने में की गई इबादत का सवाब कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए लोगों को चाहिए कि वे ज्यादा से ज्यादा नमाज, रोजा, कुरआन की तिलावत और जरूरतमंदों की मदद करें, ताकि समाज में अमन और मोहब्बत कायम रह सके। नमाज अदा करने के बाद नमाजियों ने देश और दुनिया में अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली के लिए खास दुआएं मांगी। लोगों ने अल्लाह से यह भी दुआ की कि समाज में भाईचारा बना रहे और हर इंसान को सुख-शांति और तरक्की नसीब हो। जुम्मा अलविदा के मौके पर मस्जिदों के आसपास सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए लंभुआ पुलिस भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आई। पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में नमाज शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल और आपसी भाईचारे की झलक साफ देखने को मिली।4
- संकट ने बिगाड़ी शादी की तैयारियां, अमेठी में सिलेंडर के लिए भटकता रहा दुल्हन का पिता अमेठी में गैस सिलेंडर की किल्लत ने शादी वाले घर की परेशानी बढ़ा दी. बेटी की शादी से पहले पिता घंटों लाइन में लगे रहे, सिलेंडर नहीं मिला तो लकड़ी के चूल्हे पर मिठाई बनवाई. खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के असर से देश के कई हिस्सों में एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत की खबरें सामने आ रही हैं. इसका असर अब छोटे जिलों और कस्बों तक पहुंच गया है. उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में भी गैस एजेंसियों पर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. सहालग के इस मौसम में गैस सिलेंडर की कमी ने खासकर शादी-ब्याह वाले घरों की परेशानी बढ़ा दी है.1
- अमेठी। संग्रामपुर क्षेत्र के ग्रामसभा सहजीपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का समापन शुक्रवार को विधि-विधान से हवन-पूजन के साथ संपन्न हुआ। कथा व्यास पूज्य स्वामी ओमानंद जी महाराज के सान्निध्य में क्षेत्र की सुख-शांति और समृद्धि के लिए वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-यज्ञ कराया गया। हवन में उपस्थित श्रद्धालुओं ने आहुति देकर समाज और क्षेत्र के कल्याण की कामना की। कथा के दौरान महाराज जी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि सत्संग से जहां ज्ञान में वृद्धि होती है, वहीं एक अच्छे और संस्कारित समाज का निर्माण भी होता है। उन्होंने कहा कि ज्ञान और धन ऐसी संपत्ति हैं जिन्हें बांटने से उनमें वृद्धि होती है, लेकिन इन्हें सदैव सत्पात्र को ही देना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि हवन-यज्ञ से 33 कोटि देवी-देवता प्रसन्न होते हैं और वातावरण शुद्ध होता है, जिससे प्रकृति संतुलित रहती है तथा समय-समय पर वर्षा होती है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। कथा समापन के उपरांत भव्य ब्राह्मण भोज का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में ब्राह्मणों एवं श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। इस दौरान स्वामी परमहंस आश्रम टीकरमाफी के बटुकों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम को विधिपूर्वक संपन्न कराया। इसके बाद ब्राह्मणों को आदरपूर्वक भोजन कराया गया। इस पावन धार्मिक आयोजन के मुख्य यजमान श्रीमती गीता तिवारी एवं श्री बालकृष्ण तिवारी रहे। वहीं पारिवारिक सदस्य सुधांश तिवारी जी ने भी पूरे आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई और श्रद्धा एवं समर्पण के साथ व्यवस्था में सहयोग किया। इस अवसर पर श्यामकृष्ण, राधेकृष्ण, राम कृष्ण तिवारी, त्रियुगी तिवारी, कल्लू पांडेय, शैलेंद्र तिवारी, सुधांशु, कुलदीप, संदीप, अभिनव, शुभम, सत्यम शुक्ला, आदित्य मिश्र, सौरभ, अनूप, अनिल तिवारी, उत्कर्ष, शिवांशु, दीपांशु, विवेक दुबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- Israel-Iran-America Tension पर Dr. Jignesh Jani का Peace Message: ‘War नहीं, Peace ही Solution’”1
- अमेठी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दो दिनों तक चलने वाले एसआई भर्ती परीक्षा शुरू हो गई। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जिले के 10 सेंटरों पर इस परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है जिसमें 3600 अभ्यर्थी अपनी परीक्षा देंगे। दो पालियों में आयोजित होने वाली इस परीक्षा की पहली पॉली सुबह 10 बजे से 12।बजे तक जबकि दूसरी पाली शाम 3 बजे से 5 बजे तक आयोजित की जाएगी। दरसअल जिले में में आज और कल दो दिनों तक होने वाले एस आई भर्ती परीक्षा की शुरुवात हो गई।कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अभ्यर्थी अपने सेंटरो तक पहुँच रहे है।जिले के 10।सेंटरो पर आयोजित होने वाले इस परीक्षा में सुरक्षा को लेकर 370।पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।जबकि सीओ अपने अपने सर्किल क्षेत्र में भ्रमणशील रहेंगे।शहर से दूर बने सेंटरो तक अभ्यर्थियों को पहुँचाने के लिए एसपी के निर्देश पर ई रिक्शा को भी लगाया गया है।इसके साथ ही पीआरवी कि गाड़ी भी अपने अपने परीक्षा केंद्रों के बाहर भ्रमणशील है।पहली पाली सुबह 10 बजे शुरू होगी जो 12 बजे तक चलेगी जबकि दूसरी पाली दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक चलेगी।पूरे जिले में 3600 अभ्यर्थी अपनी परीक्षा देंगे।परीक्षा को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए 10 स्टेटिक और 10 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए है।एएसपी ज्ञानेंद्र सिंह को परीक्षा का नोडल अधिकारी बनाया गया है।3
- अमेठी में अलविदा की नमाज ll सकुशल संपन्न ll ड्रोन कैमरा करता रहा निगरानी। चप्पे चप्पे पर पुलिस रही तैनात1