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jai Sri Ram

13 hrs ago
user_Raju.u.p.44
Raju.u.p.44
सुल्तानपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
13 hrs ago

jai Sri Ram

  • user_Raju.u.p.44
    Raju.u.p.44
    सुल्तानपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश
    Ram Ram ji
    13 hrs ago
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • क्या अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव में रूस भी किसी भूमिका में है? क्या व्लादिमीर पुतिन ईरान को समर्थन दे रहे हैं? अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के ताजा बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच डोनल्ड ट्रंप ने रूस को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ईरान की कुछ हद तक मदद कर रहे हो सकते हैं। ट्रंप ने यह बात एक रेडियो इंटरव्यू के दौरान कही। उन्होंने फॉक्स न्यूज के होस्ट ब्रायन किल्मीड से बातचीत में यह टिप्पणी की। बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि पुतिन ईरान की मदद कर रहे हैं, तो ट्रंप ने जवाब दिया कि “मुझे लगता है कि वह शायद थोड़ी मदद कर रहे होंगे।” हालांकि ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि रूस किस तरह की मदद कर रहा है या इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं। लेकिन उनके इस बयान के बाद वैश्विक राजनीति में अमेरिका, रूस और ईरान के संबंधों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान टकराव के बीच रूस की संभावित भूमिका को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में ट्रंप का यह बयान अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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    क्या अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव में रूस भी किसी भूमिका में है? क्या व्लादिमीर पुतिन ईरान को समर्थन दे रहे हैं? अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के ताजा बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच डोनल्ड ट्रंप ने रूस को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ईरान की कुछ हद तक मदद कर रहे हो सकते हैं।
ट्रंप ने यह बात एक रेडियो इंटरव्यू के दौरान कही। उन्होंने फॉक्स न्यूज के होस्ट ब्रायन किल्मीड से बातचीत में यह टिप्पणी की। बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि पुतिन ईरान की मदद कर रहे हैं, तो ट्रंप ने जवाब दिया कि “मुझे लगता है कि वह शायद थोड़ी मदद कर रहे होंगे।”
हालांकि ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि रूस किस तरह की मदद कर रहा है या इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं। लेकिन उनके इस बयान के बाद वैश्विक राजनीति में अमेरिका, रूस और ईरान के संबंधों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान टकराव के बीच रूस की संभावित भूमिका को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में ट्रंप का यह बयान अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
    user_E RADIO INDIA
    E RADIO INDIA
    Media house सुल्तानपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • इज़राइल-ईरान-अमेरिका तनाव पर डॉ. जिग्नेश जानी का शांति संदेश: “युद्ध नहीं, शांति ही समाधान”
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    इज़राइल-ईरान-अमेरिका तनाव पर डॉ. जिग्नेश जानी का शांति संदेश: “युद्ध नहीं, शांति ही समाधान”
    user_KHABREIN UTTAR PRADESH KI
    KHABREIN UTTAR PRADESH KI
    Newspaper publisher Sultanpur, Uttar Pradesh•
    2 hrs ago
  • सुल्तानपुर जिले के शिवगढ़ थाना क्षेत्र में एक युवक का शव नहर में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। जानकारी के अनुसार अवसानपुर गांव के पास शनिवार सुबह ग्रामीणों ने नहर में शव देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नहर से बाहर निकलवाया। मृतक की पहचान समर बहादुर पुत्र स्वर्गीय लालता प्रसाद मुसहर के रूप में हुई है। शव के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना पर क्षेत्राधिकारी लंभुआ ऋतिक कपूर ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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    सुल्तानपुर जिले के शिवगढ़ थाना क्षेत्र में एक युवक का शव नहर में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। जानकारी के अनुसार अवसानपुर गांव के पास शनिवार सुबह ग्रामीणों ने नहर में शव देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नहर से बाहर निकलवाया। मृतक की पहचान समर बहादुर पुत्र स्वर्गीय लालता प्रसाद मुसहर के रूप में हुई है। शव के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है।
घटना की सूचना पर क्षेत्राधिकारी लंभुआ ऋतिक कपूर ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
    user_Kamalpresh Kamal tiwari
    Kamalpresh Kamal tiwari
    सुल्तानपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • jai Sri Ram
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    jai Sri Ram
    user_Raju.u.p.44
    Raju.u.p.44
    सुल्तानपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • शुकुलुउमरी जनपद सुल्तानपुर की लम्भुआ विधानसभा से जुडा मामला
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    शुकुलुउमरी जनपद सुल्तानपुर की लम्भुआ विधानसभा से जुडा मामला
    user_Ashok verma
    Ashok verma
    Local News Reporter लंभुआ, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • अमेठी स्थानीय कस्वे के एक नर्सिंग होम में एक युवती के आप्रेशन में हीलाहवाली तथा उसके परिजनों में विवाद हुआ पुलिस पहुंचने पर मामला शांत हुआ दोनों पक्ष कोतवाली बुलाए गए हैं नर्सिंग होम का एक वीडियो वायरल हो रहा है ऐप वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है जिसमें संग्रामपुर थाना अंतर्गत जिरहा बड़गांव निवासी संजीव कुमार अपनी पत्नी मन्जू देवी नर्सिंग होम में आप्रेशन कराने शनिवार को लाए पति तथा परिजनो के मुताबिक डाक्टर उसकी पत्नी का आप्रेशन करते समय उसे बुला कर कहा कि उसके गांठ है एम आई आर करवाओ तब पुनः आप्रेशन होगा इस पर वे सब परेशान हो गए दोनों पक्षों में विवाद होने लगा पीड़ित पक्ष पीआरबी पुलिस बुला लिया मामले की जानकारी होते ही कोतवाली पुलिस पहुंची पीड़ित पक्ष को कोतवाली बुलाई समाचार लिखते समय तक दोनों पक्षों में बात चीत चल रही थी
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    अमेठी स्थानीय कस्वे के एक नर्सिंग होम में एक युवती के आप्रेशन में हीलाहवाली तथा उसके परिजनों में विवाद हुआ पुलिस पहुंचने पर मामला शांत हुआ दोनों पक्ष कोतवाली बुलाए गए हैं 
नर्सिंग होम का एक वीडियो वायरल हो रहा है ऐप वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है जिसमें संग्रामपुर थाना अंतर्गत जिरहा बड़गांव निवासी संजीव कुमार अपनी पत्नी मन्जू देवी नर्सिंग होम में आप्रेशन कराने शनिवार को लाए पति तथा परिजनो के मुताबिक डाक्टर उसकी पत्नी का आप्रेशन करते समय उसे बुला कर कहा कि उसके गांठ है  एम आई आर करवाओ तब पुनः आप्रेशन होगा इस पर वे सब परेशान हो गए दोनों पक्षों में विवाद होने लगा पीड़ित पक्ष पीआरबी पुलिस बुला लिया मामले की जानकारी होते ही कोतवाली पुलिस पहुंची पीड़ित पक्ष को कोतवाली बुलाई समाचार लिखते समय तक दोनों पक्षों में बात चीत चल रही थी
    user_Madusoodan
    Madusoodan
    अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • सुल्तानपुर-रसोई गैस के बढ़ते दाम, सिलेंडरों की कमी और कथित कालाबाजारी के विरोध में शनिवार को मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। कार्यकर्ताओं ने गैस की कीमतों में कमी और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की मांग उठाई। यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष शहजाद अहमद के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने कहा कि रसोई गैस की लगातार बढ़ती कीमतों से गरीब, मजदूर, किसान और मध्यम वर्गीय परिवारों की घरेलू बजट पर भारी असर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर गैस एजेंसियां कृत्रिम कमी दिखाकर सिलेंडरों की कालाबाजारी कर रही हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को समय पर गैस नहीं मिल पा रही है। ज्ञापन में मांग की गई कि एलपीजी सिलेंडर के बढ़े हुए दामों को तत्काल कम किया जाए। साथ ही गैस एजेंसियों द्वारा की जा रही कालाबाजारी और अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा गरीब, मजदूर और मध्यम वर्गीय परिवारों को रसोई गैस पर पर्याप्त सब्सिडी देने की मांग भी की गई। कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि प्रत्येक उपभोक्ता को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की जाए और बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण के लिए सरकार ठोस कदम उठाए। इस दौरान पवन यादव, शिव मंगल तिवारी, शनि यादव, ज़रताब रजा खान, कुलदीप वर्मा, सईद अहमद, सुल्तान खान, नूर आलम शानू, सुरेश कुमार, फहीम खान, साकिम अब्बास, मनोज यादव, योगेश यादव, सलमान खान, विनय मिश्रा, महफूज खान, अर्जुन, हरीश और अनिल सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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    सुल्तानपुर-रसोई गैस के बढ़ते दाम, सिलेंडरों की कमी और कथित कालाबाजारी के विरोध में शनिवार को मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। कार्यकर्ताओं ने गैस की कीमतों में कमी और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की मांग उठाई।
यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष शहजाद अहमद के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने कहा कि रसोई गैस की लगातार बढ़ती कीमतों से गरीब, मजदूर, किसान और मध्यम वर्गीय परिवारों की घरेलू बजट पर भारी असर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर गैस एजेंसियां कृत्रिम कमी दिखाकर सिलेंडरों की कालाबाजारी कर रही हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को समय पर गैस नहीं मिल पा रही है।
ज्ञापन में मांग की गई कि एलपीजी सिलेंडर के बढ़े हुए दामों को तत्काल कम किया जाए। साथ ही गैस एजेंसियों द्वारा की जा रही कालाबाजारी और अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा गरीब, मजदूर और मध्यम वर्गीय परिवारों को रसोई गैस पर पर्याप्त सब्सिडी देने की मांग भी की गई।
कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि प्रत्येक उपभोक्ता को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की जाए और बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण के लिए सरकार ठोस कदम उठाए।
इस दौरान पवन यादव, शिव मंगल तिवारी, शनि यादव, ज़रताब रजा खान, कुलदीप वर्मा, सईद अहमद, सुल्तान खान, नूर आलम शानू, सुरेश कुमार, फहीम खान, साकिम अब्बास, मनोज यादव, योगेश यादव, सलमान खान, विनय मिश्रा, महफूज खान, अर्जुन, हरीश और अनिल सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
    user_जनता की आवाज
    जनता की आवाज
    Voice of people लंभुआ, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • क्या चीन का नया कानून देश में एकता लाएगा या अल्पसंख्यकों की पहचान पर असर डालेगा? चीन की संसद द्वारा पारित किए गए “जातीय एकता कानून” को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो गई है। चीन की संसद नेशनल पीपुल्स कांग्रेस ने गुरुवार को “एथनिक यूनिटी लॉ” यानी जातीय एकता कानून को मंजूरी दे दी है। चीनी सरकार का कहना है कि यह कानून देश में जातीय एकता और आधुनिक विकास को मजबूत बनाने के लिए लाया गया है। हालांकि मानवाधिकार संगठनों ने इस कानून को लेकर गंभीर चिंताएं जताई हैं। मानवाधिकार समूहों का आरोप है कि इस कानून के जरिए चीन सरकार जातीय अल्पसंख्यकों की पहचान और संस्कृति को कमजोर करने की कोशिश कर सकती है। इस मुद्दे को लेकर चीन के अंदर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कानून से चीन में रहने वाले अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकार और अवसर प्रभावित हो सकते हैं। चीन में कुल 55 जातीय अल्पसंख्यक समुदायों को आधिकारिक मान्यता प्राप्त है, जिनकी अपनी भाषाएं और सांस्कृतिक परंपराएं हैं। मंगोलियन ह्यूमन राइट्स इंफॉर्मेशन सेंटर की एक रिपोर्ट के अनुसार यदि मंदारिन भाषा को अनिवार्य बनाया जाता है तो मंगोलियन भाषा बोलने वाले लोगों के लिए रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से पिछड़ सकते हैं। इसी तरह अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के लिए भी अवसरों में कमी आने की आशंका जताई जा रही है। नए कानून के तहत जातीय एकता को केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी बताया गया है। इसमें प्रशासनिक संस्थानों, अभिभावकों और व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी इस प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया है। चीन में अल्पसंख्यकों की स्थिति पहले से ही अंतरराष्ट्रीय बहस का विषय रही है। उइगर मुस्लिमों के साथ कथित अत्याचार, तिब्बत में धार्मिक संस्थानों पर कड़ा नियंत्रण और मंगोलियाई भाषा की पढ़ाई पर प्रतिबंध जैसे मुद्दों को लेकर समय-समय पर विरोध सामने आता रहा है। ऐसे में चीन के इस नए कानून के बाद अल्पसंख्यकों के अधिकारों और सांस्कृतिक पहचान को लेकर वैश्विक स्तर पर बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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    क्या चीन का नया कानून देश में एकता लाएगा या अल्पसंख्यकों की पहचान पर असर डालेगा? चीन की संसद द्वारा पारित किए गए “जातीय एकता कानून” को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो गई है।
चीन की संसद नेशनल पीपुल्स कांग्रेस ने गुरुवार को “एथनिक यूनिटी लॉ” यानी जातीय एकता कानून को मंजूरी दे दी है। चीनी सरकार का कहना है कि यह कानून देश में जातीय एकता और आधुनिक विकास को मजबूत बनाने के लिए लाया गया है। हालांकि मानवाधिकार संगठनों ने इस कानून को लेकर गंभीर चिंताएं जताई हैं।
मानवाधिकार समूहों का आरोप है कि इस कानून के जरिए चीन सरकार जातीय अल्पसंख्यकों की पहचान और संस्कृति को कमजोर करने की कोशिश कर सकती है। इस मुद्दे को लेकर चीन के अंदर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस कानून से चीन में रहने वाले अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकार और अवसर प्रभावित हो सकते हैं। चीन में कुल 55 जातीय अल्पसंख्यक समुदायों को आधिकारिक मान्यता प्राप्त है, जिनकी अपनी भाषाएं और सांस्कृतिक परंपराएं हैं।
मंगोलियन ह्यूमन राइट्स इंफॉर्मेशन सेंटर की एक रिपोर्ट के अनुसार यदि मंदारिन भाषा को अनिवार्य बनाया जाता है तो मंगोलियन भाषा बोलने वाले लोगों के लिए रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से पिछड़ सकते हैं। इसी तरह अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के लिए भी अवसरों में कमी आने की आशंका जताई जा रही है।
नए कानून के तहत जातीय एकता को केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी बताया गया है। इसमें प्रशासनिक संस्थानों, अभिभावकों और व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी इस प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया है।
चीन में अल्पसंख्यकों की स्थिति पहले से ही अंतरराष्ट्रीय बहस का विषय रही है। उइगर मुस्लिमों के साथ कथित अत्याचार, तिब्बत में धार्मिक संस्थानों पर कड़ा नियंत्रण और मंगोलियाई भाषा की पढ़ाई पर प्रतिबंध जैसे मुद्दों को लेकर समय-समय पर विरोध सामने आता रहा है।
ऐसे में चीन के इस नए कानून के बाद अल्पसंख्यकों के अधिकारों और सांस्कृतिक पहचान को लेकर वैश्विक स्तर पर बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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    Media house सुल्तानपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
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