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हरिद्वार में हाथी पुल के पास गंगा नदी के तेज बहाव में फंसे 26 वर्षीय युवक रोहताश, जो हरियाणा के चरखी दादरी जिले के उन गाँव निवासी दयाचंद के पुत्र हैं, को हरिद्वार पुलिस की रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पुलिस द्वारा समय रहते की गई त्वरित कार्रवाई से एक संभावित हादसा टल गया और युवक की जान बचाई जा सकी। जल पुलिस की तत्परता और हरिद्वार पुलिस की रेस्क्यू टीम ने अपने साहस, सूझबूझ और मुस्तैदी का परिचय देते हुए युवक को सुरक्षित बचाकर मानवता और सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।

10 hrs ago
user_Dpk Chauhan
Dpk Chauhan
Farmer हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
10 hrs ago

हरिद्वार में हाथी पुल के पास गंगा नदी के तेज बहाव में फंसे 26 वर्षीय युवक रोहताश, जो हरियाणा के चरखी दादरी जिले के उन गाँव निवासी दयाचंद के पुत्र हैं, को हरिद्वार पुलिस की रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पुलिस द्वारा समय रहते की गई त्वरित कार्रवाई से एक संभावित हादसा टल गया और युवक की जान बचाई जा सकी। जल पुलिस की तत्परता और हरिद्वार पुलिस की रेस्क्यू टीम ने अपने साहस, सूझबूझ और मुस्तैदी का परिचय देते हुए युवक को सुरक्षित बचाकर मानवता और सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।

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  • भंडारी हत्याकांड से जुड़े वायरल ऑडियो मामले में पूर्व विधायक सुरेश राठौर को गिरफ्तार कर लिया गया है। राठौर को भाजपा से निष्कासित किया जा चुका है। इस मामले में पूर्व विधायक ने एक बड़े भाजपा नेता का नाम लेने का दावा किया था, जिसके बाद यह गिरफ्तारी हुई है। बताया गया है कि यह ऑडियो उनकी कथित पत्नी उर्मिला सनावर के साथ बातचीत का था, जो वायरल हुआ था। इस प्रकरण में देहरादून और बहादराबाद में मुकदमे भी दर्ज किए गए थे।
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    भंडारी हत्याकांड से जुड़े वायरल ऑडियो मामले में पूर्व विधायक सुरेश राठौर को गिरफ्तार कर लिया गया है। राठौर को भाजपा से निष्कासित किया जा चुका है। इस मामले में पूर्व विधायक ने एक बड़े भाजपा नेता का नाम लेने का दावा किया था, जिसके बाद यह गिरफ्तारी हुई है। बताया गया है कि यह ऑडियो उनकी कथित पत्नी उर्मिला सनावर के साथ बातचीत का था, जो वायरल हुआ था। इस प्रकरण में देहरादून और बहादराबाद में मुकदमे भी दर्ज किए गए थे।
    user_Dpk Chauhan
    Dpk Chauhan
    Farmer हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    9 min ago
  • धर्म की राजधानी हरिद्वार में सोमवती अमावस्या के अवसर पर आस्था का एक अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां देश के कोने-कोने से आए लाखों श्रद्धालुओं ने माँ गंगा में पुण्य की डुबकी लगाई। शनिवार रात से ही शुरू हुआ स्नान रविवार सुबह तक हरिद्वार की गलियों, पार्किंग स्थलों, राष्ट्रीय राजमार्गों और गंगा के घाटों को श्रद्धालुओं से भर चुका था। हालाँकि सीमित संसाधनों के बावजूद जिला और पुलिस प्रशासन ने इस विशाल स्नान पर्व को सफलतापूर्वक संपन्न कराया, फिर भी जाम, गंदगी, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं की कमी ने बड़े सवाल खड़े किए और श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ाई। हर की पैड़ी के साथ-साथ कुशावर्त घाट, सुभाष घाट, गऊघाट, रामघाट, श्रवणनाथ घाट, विष्णुघाट, बिरला घाट, दक्ष घाट, सतीघाट, नीलधारा, लोकनाथ घाट, शालिग्राम घाट, नारायण स्वामी घाट, शिव की पैड़ी, सप्तऋषि घाट, परमार्थ निकेतन घाट और ठोकर नंबर एक से दस तक के सभी स्नान घाटों पर लाखों लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने पीपल पूजन, तर्पण, पिंडदान, नारायणी शिला पूजा, तीर्थ पुरोहितों से संकल्प, दान-दक्षिणा कर अपने और पूर्वजों के मोक्ष तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। सुहागिन महिलाओं ने पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य के लिए व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गंगा स्नान और दान-पुण्य से अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। लाखों की भीड़ के बावजूद, जिला और पुलिस प्रशासन की यह बड़ी उपलब्धि रही कि उन्होंने सीमित संसाधनों में इस विशाल स्नान पर्व को सकुशल संपन्न कराया और कोई बड़ी अप्रिय घटना सामने नहीं आई। हालाँकि, इस सफल आयोजन के बीच कई ऐसी कमियाँ भी उजागर हुईं, जिनसे भविष्य के लिए महत्वपूर्ण सबक लेना आवश्यक है। सबसे बड़ी समस्या नेशनल हाईवे पर ई-रिक्शा, थ्री-व्हीलर और भारी वाहनों के कारण उत्पन्न हुई, जहां ई-रिक्शा चालक बीच सड़क पर सवारियां भरते और यू-टर्न लेते दिखे, जिससे बुजुर्ग श्रद्धालुओं को सिर पर सामान ढोकर लंबी दूरी तक पैदल चलने पर मजबूर होना पड़ा। इसके समाधान के लिए ई-रिक्शा को निर्धारित पार्किंग तक सीमित करने और भारी वाहनों को रात्रि में निकालने जैसे सुझाव दिए गए हैं। दूसरा, हर की पैड़ी सहित कई घाटों पर सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं दिखी, जहां पॉलिथीन और कूड़े के ढेर दिखाई दिए, जिससे गंगा में गंदगी जाने का खतरा बना रहा; इसके लिए विशेष सफाई कर्मचारियों की तैनाती और त्वरित कूड़ा एकत्रण की वकालत की गई। तीसरा, इतने बड़े स्नान पर्व के दौरान भी हर की पैड़ी क्षेत्र में लगभग 50 से 60 अवैध फड़ और कैनी भीड़ के बीच अवरोध बने रहे, जिससे श्रद्धालुओं को निकलने में कठिनाई हुई और हादसे की आशंका बनी रही; ऐसे में स्नान घाटों को पूर्णतः अतिक्रमण मुक्त रखने की आवश्यकता महसूस की गई। चौथी कमी समाजसेवा के दावों की परीक्षा में थी, क्योंकि बैठकों में दिखने वाले कई लोग आयोजनों में सहयोग करते नहीं दिखे; प्रशासन को अखाड़ों के स्वयंसेवकों, ट्रस्टों, वास्तविक समाजसेवियों, एनसीसी और भारत स्काउट गाइड जैसे संगठनों को बैरिकेडिंग व घाटों पर जिम्मेदारी सौंपने का सुझाव दिया गया है। पांचवीं बड़ी परेशानी पानी की भारी कमी थी, जहां पार्किंग स्थलों पर और नेशनल हाईवे पर पैदल चल रहे श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त पानी के टैंकर और पेयजल व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी। अंत में, महिलाओं को शौचालय व्यवस्था की अपर्याप्तता के कारण सर्वाधिक परेशानी उठानी पड़ी, जिससे उन्हें खुले में जाने के लिए विवश होना पड़ा और उन्हें शर्म व असुविधा का सामना करना पड़ा; भविष्य के आयोजनों में महिलाओं की गरिमा और सुविधा को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया है। इन चुनौतियों के बीच, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित स्वयं पूरी रात और तड़के सुबह तक स्नान व्यवस्था की निगरानी करते हुए बेहद गंभीर और सतर्क दिखाई दिए। हर की पैड़ी पुलिस चौकी से उन्होंने लगातार प्रमुख स्नान घाटों पर नजर बनाए रखी और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उनके इस समर्पण को कई लोगों ने "मां गंगा के दरबार में एक सेवक की मौन प्रार्थना" के रूप में देखा, जिसका परिणाम यह रहा कि सीमित संसाधनों, रिकॉर्ड तोड़ भीड़ और भारी दबाव के बावजूद प्रशासन इस विशाल स्नान पर्व को सकुशल संपन्न करा पाया। हालाँकि यातायात, पेयजल, सफाई, शौचालय और अतिक्रमण जैसी कमियां भविष्य के लिए गंभीर चिंतन का विषय बनी हुई हैं, जिला प्रशासन के शीर्ष नेतृत्व की मैदानी मौजूदगी ने हालात को नियंत्रित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह महापर्व करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रतीक तो बना, पर साथ ही इसने प्रशासन के सामने कई महत्वपूर्ण प्रश्न भी खड़े किए। माँ गंगा के दरबार में आने वाला श्रद्धालु केवल पुण्य कमाने नहीं आता, बल्कि वह व्यवस्था, सम्मान, स्वच्छता और सुरक्षा की अपेक्षा भी रखता है। यदि जाम पर नियंत्रण, अतिक्रमण पर अंकुश, पेयजल, शौचालय और सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाए, तो हरिद्वार वास्तव में धर्म, आस्था और उत्कृष्ट प्रबंधन का आदर्श उदाहरण बन सकता है। स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ के अनुसार, "तीर्थ की पवित्रता बनाए रखना केवल प्रशासन का नहीं, हम सभी का सामूहिक दायित्व है।" यह महापर्व इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि प्रशासनिक संवेदनशीलता, माँ गंगा की कृपा और श्रद्धालुओं का सहयोग मिलकर करोड़ों की भीड़ को भी अनुशासन और शांति के साथ पुण्य स्नान पूर्ण करा सकते हैं।
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    धर्म की राजधानी हरिद्वार में सोमवती अमावस्या के अवसर पर आस्था का एक अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां देश के कोने-कोने से आए लाखों श्रद्धालुओं ने माँ गंगा में पुण्य की डुबकी लगाई। शनिवार रात से ही शुरू हुआ स्नान रविवार सुबह तक हरिद्वार की गलियों, पार्किंग स्थलों, राष्ट्रीय राजमार्गों और गंगा के घाटों को श्रद्धालुओं से भर चुका था। हालाँकि सीमित संसाधनों के बावजूद जिला और पुलिस प्रशासन ने इस विशाल स्नान पर्व को सफलतापूर्वक संपन्न कराया, फिर भी जाम, गंदगी, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं की कमी ने बड़े सवाल खड़े किए और श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ाई।

हर की पैड़ी के साथ-साथ कुशावर्त घाट, सुभाष घाट, गऊघाट, रामघाट, श्रवणनाथ घाट, विष्णुघाट, बिरला घाट, दक्ष घाट, सतीघाट, नीलधारा, लोकनाथ घाट, शालिग्राम घाट, नारायण स्वामी घाट, शिव की पैड़ी, सप्तऋषि घाट, परमार्थ निकेतन घाट और ठोकर नंबर एक से दस तक के सभी स्नान घाटों पर लाखों लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने पीपल पूजन, तर्पण, पिंडदान, नारायणी शिला पूजा, तीर्थ पुरोहितों से संकल्प, दान-दक्षिणा कर अपने और पूर्वजों के मोक्ष तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। सुहागिन महिलाओं ने पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य के लिए व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गंगा स्नान और दान-पुण्य से अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फल प्राप्त होता है।

लाखों की भीड़ के बावजूद, जिला और पुलिस प्रशासन की यह बड़ी उपलब्धि रही कि उन्होंने सीमित संसाधनों में इस विशाल स्नान पर्व को सकुशल संपन्न कराया और कोई बड़ी अप्रिय घटना सामने नहीं आई। हालाँकि, इस सफल आयोजन के बीच कई ऐसी कमियाँ भी उजागर हुईं, जिनसे भविष्य के लिए महत्वपूर्ण सबक लेना आवश्यक है।

सबसे बड़ी समस्या नेशनल हाईवे पर ई-रिक्शा, थ्री-व्हीलर और भारी वाहनों के कारण उत्पन्न हुई, जहां ई-रिक्शा चालक बीच सड़क पर सवारियां भरते और यू-टर्न लेते दिखे, जिससे बुजुर्ग श्रद्धालुओं को सिर पर सामान ढोकर लंबी दूरी तक पैदल चलने पर मजबूर होना पड़ा। इसके समाधान के लिए ई-रिक्शा को निर्धारित पार्किंग तक सीमित करने और भारी वाहनों को रात्रि में निकालने जैसे सुझाव दिए गए हैं। दूसरा, हर की पैड़ी सहित कई घाटों पर सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं दिखी, जहां पॉलिथीन और कूड़े के ढेर दिखाई दिए, जिससे गंगा में गंदगी जाने का खतरा बना रहा; इसके लिए विशेष सफाई कर्मचारियों की तैनाती और त्वरित कूड़ा एकत्रण की वकालत की गई। तीसरा, इतने बड़े स्नान पर्व के दौरान भी हर की पैड़ी क्षेत्र में लगभग 50 से 60 अवैध फड़ और कैनी भीड़ के बीच अवरोध बने रहे, जिससे श्रद्धालुओं को निकलने में कठिनाई हुई और हादसे की आशंका बनी रही; ऐसे में स्नान घाटों को पूर्णतः अतिक्रमण मुक्त रखने की आवश्यकता महसूस की गई।

चौथी कमी समाजसेवा के दावों की परीक्षा में थी, क्योंकि बैठकों में दिखने वाले कई लोग आयोजनों में सहयोग करते नहीं दिखे; प्रशासन को अखाड़ों के स्वयंसेवकों, ट्रस्टों, वास्तविक समाजसेवियों, एनसीसी और भारत स्काउट गाइड जैसे संगठनों को बैरिकेडिंग व घाटों पर जिम्मेदारी सौंपने का सुझाव दिया गया है। पांचवीं बड़ी परेशानी पानी की भारी कमी थी, जहां पार्किंग स्थलों पर और नेशनल हाईवे पर पैदल चल रहे श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त पानी के टैंकर और पेयजल व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी। अंत में, महिलाओं को शौचालय व्यवस्था की अपर्याप्तता के कारण सर्वाधिक परेशानी उठानी पड़ी, जिससे उन्हें खुले में जाने के लिए विवश होना पड़ा और उन्हें शर्म व असुविधा का सामना करना पड़ा; भविष्य के आयोजनों में महिलाओं की गरिमा और सुविधा को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया है।

इन चुनौतियों के बीच, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित स्वयं पूरी रात और तड़के सुबह तक स्नान व्यवस्था की निगरानी करते हुए बेहद गंभीर और सतर्क दिखाई दिए। हर की पैड़ी पुलिस चौकी से उन्होंने लगातार प्रमुख स्नान घाटों पर नजर बनाए रखी और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उनके इस समर्पण को कई लोगों ने "मां गंगा के दरबार में एक सेवक की मौन प्रार्थना" के रूप में देखा, जिसका परिणाम यह रहा कि सीमित संसाधनों, रिकॉर्ड तोड़ भीड़ और भारी दबाव के बावजूद प्रशासन इस विशाल स्नान पर्व को सकुशल संपन्न करा पाया। हालाँकि यातायात, पेयजल, सफाई, शौचालय और अतिक्रमण जैसी कमियां भविष्य के लिए गंभीर चिंतन का विषय बनी हुई हैं, जिला प्रशासन के शीर्ष नेतृत्व की मैदानी मौजूदगी ने हालात को नियंत्रित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

यह महापर्व करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रतीक तो बना, पर साथ ही इसने प्रशासन के सामने कई महत्वपूर्ण प्रश्न भी खड़े किए। माँ गंगा के दरबार में आने वाला श्रद्धालु केवल पुण्य कमाने नहीं आता, बल्कि वह व्यवस्था, सम्मान, स्वच्छता और सुरक्षा की अपेक्षा भी रखता है। यदि जाम पर नियंत्रण, अतिक्रमण पर अंकुश, पेयजल, शौचालय और सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाए, तो हरिद्वार वास्तव में धर्म, आस्था और उत्कृष्ट प्रबंधन का आदर्श उदाहरण बन सकता है। स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ के अनुसार, "तीर्थ की पवित्रता बनाए रखना केवल प्रशासन का नहीं, हम सभी का सामूहिक दायित्व है।" यह महापर्व इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि प्रशासनिक संवेदनशीलता, माँ गंगा की कृपा और श्रद्धालुओं का सहयोग मिलकर करोड़ों की भीड़ को भी अनुशासन और शांति के साथ पुण्य स्नान पूर्ण करा सकते हैं।
    user_रामेश्वर गौड़ स्वतंत्र पत्रकार
    रामेश्वर गौड़ स्वतंत्र पत्रकार
    हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    2 hrs ago
  • हरिद्वार के बढ़ेड़ी राजपूताना क्षेत्र में चोरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में नेशनल हाईवे के पास स्थित एक दुकान को चोरों ने रात के अंधेरे में निशाना बनाया और हजारों रुपये के सामान व नकदी पर हाथ साफ कर दिया। सुबह जब दुकानदार दुकान पर पहुंचा तो शटर और सामान की स्थिति देखकर उसके होश उड़ गए, जिसके बाद क्षेत्र में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कुछ दिन पहले भी नेशनल हाईवे स्थित एक दूध डेयरी से चोर भैंसें चुरा ले गए थे, जिसका अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। इन लगातार हो रही वारदातों से व्यापारियों और ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। घटना की सूचना मिलने पर आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। पीड़ित दुकानदार ने पुलिस को चोरी की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। चोरों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। ग्रामीणों और व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने और चोरी की घटनाओं का शीघ्र खुलासा करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते चोरों पर अंकुश नहीं लगाया गया तो क्षेत्र में अपराध की घटनाएं और बढ़ सकती हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर इस घटना का खुलासा किया जाएगा।
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    हरिद्वार के बढ़ेड़ी राजपूताना क्षेत्र में चोरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में नेशनल हाईवे के पास स्थित एक दुकान को चोरों ने रात के अंधेरे में निशाना बनाया और हजारों रुपये के सामान व नकदी पर हाथ साफ कर दिया। सुबह जब दुकानदार दुकान पर पहुंचा तो शटर और सामान की स्थिति देखकर उसके होश उड़ गए, जिसके बाद क्षेत्र में दहशत फैल गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कुछ दिन पहले भी नेशनल हाईवे स्थित एक दूध डेयरी से चोर भैंसें चुरा ले गए थे, जिसका अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। इन लगातार हो रही वारदातों से व्यापारियों और ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।

घटना की सूचना मिलने पर आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। पीड़ित दुकानदार ने पुलिस को चोरी की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। चोरों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। ग्रामीणों और व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने और चोरी की घटनाओं का शीघ्र खुलासा करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते चोरों पर अंकुश नहीं लगाया गया तो क्षेत्र में अपराध की घटनाएं और बढ़ सकती हैं।

पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर इस घटना का खुलासा किया जाएगा।
    user_A Bharat News 10
    A Bharat News 10
    Local News Reporter हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    11 hrs ago
  • हरिद्वार के बहादराबाद ब्लॉक के पीतपुर गांव में सड़क पर लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है, जिसे लेकर क्षेत्र पंचायत सदस्य कुमारी आरती ने प्रशासन को एक शिकायत पत्र सौंपा है। इस शिकायत में बताया गया है कि गोबर गैस केंद्र से आगे जाने वाले मार्ग पर पानी जमा होने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क पर जमा गंदे पानी के कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। विशेष रूप से स्कूल जाने वाले बच्चों को रोजाना इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है, जिससे उन्हें आने-जाने में अत्यधिक कठिनाई हो रही है। इस गंभीर स्थिति के मद्देनजर, कुमारी आरती और शिकायतकर्ता प्रतिनिधि राम भाई, जो पीतपुर गांव के ही निवासी हैं, ने प्रशासन से जल्द से जल्द जल निकासी की व्यवस्था करने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। राम भाई ने यह भी आगाह किया है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और पीतपुर गांव के निवासियों को इस जलभराव की समस्या से कब तक राहत मिल पाती है।
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    हरिद्वार के बहादराबाद ब्लॉक के पीतपुर गांव में सड़क पर लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है, जिसे लेकर क्षेत्र पंचायत सदस्य कुमारी आरती ने प्रशासन को एक शिकायत पत्र सौंपा है। इस शिकायत में बताया गया है कि गोबर गैस केंद्र से आगे जाने वाले मार्ग पर पानी जमा होने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, सड़क पर जमा गंदे पानी के कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। विशेष रूप से स्कूल जाने वाले बच्चों को रोजाना इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है, जिससे उन्हें आने-जाने में अत्यधिक कठिनाई हो रही है। इस गंभीर स्थिति के मद्देनजर, कुमारी आरती और शिकायतकर्ता प्रतिनिधि राम भाई, जो पीतपुर गांव के ही निवासी हैं, ने प्रशासन से जल्द से जल्द जल निकासी की व्यवस्था करने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। राम भाई ने यह भी आगाह किया है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और पीतपुर गांव के निवासियों को इस जलभराव की समस्या से कब तक राहत मिल पाती है।
    user_Rajesh kumar
    Rajesh kumar
    लक्सर, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    21 min ago
  • Post by Ashutosh
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    Post by Ashutosh
    user_Ashutosh
    Ashutosh
    ऋषिकेश, देहरादून, उत्तराखंड•
    1 hr ago
  • देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में पुलिस ने "ऑपरेशन प्रहार" के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चोरी की घटना का सफल खुलासा किया है। डोईवाला पुलिस ने इस दौरान एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से चोरी किए गए सोने-चांदी के सभी आभूषण शत-प्रतिशत बरामद कर लिए हैं। यह मामला तब सामने आया जब जौलीग्रांट निवासी सुरेंद्र सिंह ने 11 जून को शिकायत दर्ज कराई कि परिवार सहित चमोली जाने के दौरान उनके बंद घर से अज्ञात चोर अलमारी में रखे मंगलसूत्र, हार, नथ, झुमके, पायल और अन्य आभूषण चोरी कर ले गए थे। इस शिकायत के आधार पर डोईवाला कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान, पुलिस ने 14 जून को जौलीग्रांट स्थित इंडिगो कार्गो कार्यालय मार्ग से 18 वर्षीय मिर्जानाथ, निवासी भानियावाला को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से चोरी किए गए आभूषणों के साथ एक मोटरसाइकिल भी बरामद हुई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह नशे का आदी है और अपनी शराब व मादक पदार्थों की लत को पूरा करने के लिए बंद घरों की रेकी कर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। डोईवाला पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है, और इस कार्रवाई से क्षेत्रवासियों में सुरक्षा को लेकर विश्वास बढ़ा है।
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    देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में पुलिस ने "ऑपरेशन प्रहार" के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चोरी की घटना का सफल खुलासा किया है। डोईवाला पुलिस ने इस दौरान एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से चोरी किए गए सोने-चांदी के सभी आभूषण शत-प्रतिशत बरामद कर लिए हैं।

यह मामला तब सामने आया जब जौलीग्रांट निवासी सुरेंद्र सिंह ने 11 जून को शिकायत दर्ज कराई कि परिवार सहित चमोली जाने के दौरान उनके बंद घर से अज्ञात चोर अलमारी में रखे मंगलसूत्र, हार, नथ, झुमके, पायल और अन्य आभूषण चोरी कर ले गए थे। इस शिकायत के आधार पर डोईवाला कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से जांच आगे बढ़ाई।

जांच के दौरान, पुलिस ने 14 जून को जौलीग्रांट स्थित इंडिगो कार्गो कार्यालय मार्ग से 18 वर्षीय मिर्जानाथ, निवासी भानियावाला को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से चोरी किए गए आभूषणों के साथ एक मोटरसाइकिल भी बरामद हुई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह नशे का आदी है और अपनी शराब व मादक पदार्थों की लत को पूरा करने के लिए बंद घरों की रेकी कर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। डोईवाला पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है, और इस कार्रवाई से क्षेत्रवासियों में सुरक्षा को लेकर विश्वास बढ़ा है।
    user_राजकुमार अग्रवाल डोईवाला रिपोर
    राजकुमार अग्रवाल डोईवाला रिपोर
    Lawyer डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड•
    2 hrs ago
  • सोमवती अमावस्या स्नान के पावन अवसर पर हरिद्वार में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा है। इस दौरान, भक्तों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पूरे क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
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    सोमवती अमावस्या स्नान के पावन अवसर पर हरिद्वार में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा है। इस दौरान, भक्तों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पूरे क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
    user_Dpk Chauhan
    Dpk Chauhan
    Farmer हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    8 hrs ago
  • कुमार दुष्यंत ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि हरिद्वार में बड़े मेलों और स्नान पर्वों के लिए अब जगह कम पड़ने लगी है। बढ़ती भीड़ के कारण सड़कें, बाजार और गलियां तो विस्फोटक स्थिति में पहुंच ही जाती हैं, कई बार हरकी पैड़ी भी छोटी पड़ जाती है। पिछले चार दशकों में हरकी पैड़ी का अनेक बार विस्तार हुआ है, लेकिन इसके बावजूद इस दौरान भीड़ कई गुना बढ़ गई है, जो हर मेले में पिछले रिकॉर्ड तोड़ती जा रही है। हाल ही में हुए सोमवती अमावस्या स्नान पर्व पर भी हरकी पैड़ी पर कुछ ऐसा ही नजारा दिखाई दिया। लेखक के अनुसार, आगामी अर्धकुंभ में, जिसे शासन-प्रशासन कुंभ के रूप में प्रचारित कर रहा है, हरकी पैड़ी का विस्तार प्रस्तावित है, लेकिन इसके होने पर अभी संशय बना हुआ है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए, हरिद्वार में यातायात के लिए सड़कों और फ्लाईओवर के बाद अब अन्य विकल्पों पर सोचने का वक्त आ गया है। पाड टैक्सी और मिनी मेट्रो जैसे विकल्पों का सुझाव दिया गया है, वरना आने वाले समय में महामेलों में अव्यवस्थाओं को नियंत्रित करना बेहद मुश्किल हो जाएगा।
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    कुमार दुष्यंत ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि हरिद्वार में बड़े मेलों और स्नान पर्वों के लिए अब जगह कम पड़ने लगी है। बढ़ती भीड़ के कारण सड़कें, बाजार और गलियां तो विस्फोटक स्थिति में पहुंच ही जाती हैं, कई बार हरकी पैड़ी भी छोटी पड़ जाती है। पिछले चार दशकों में हरकी पैड़ी का अनेक बार विस्तार हुआ है, लेकिन इसके बावजूद इस दौरान भीड़ कई गुना बढ़ गई है, जो हर मेले में पिछले रिकॉर्ड तोड़ती जा रही है। हाल ही में हुए सोमवती अमावस्या स्नान पर्व पर भी हरकी पैड़ी पर कुछ ऐसा ही नजारा दिखाई दिया।

लेखक के अनुसार, आगामी अर्धकुंभ में, जिसे शासन-प्रशासन कुंभ के रूप में प्रचारित कर रहा है, हरकी पैड़ी का विस्तार प्रस्तावित है, लेकिन इसके होने पर अभी संशय बना हुआ है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए, हरिद्वार में यातायात के लिए सड़कों और फ्लाईओवर के बाद अब अन्य विकल्पों पर सोचने का वक्त आ गया है। पाड टैक्सी और मिनी मेट्रो जैसे विकल्पों का सुझाव दिया गया है, वरना आने वाले समय में महामेलों में अव्यवस्थाओं को नियंत्रित करना बेहद मुश्किल हो जाएगा।
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    Journalist हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    10 hrs ago
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